बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस का आतंक दिनबदिन बढ़ता ही जा रहा है. कुछ दिनों के भीतर ही दुनियाभर के करीब 4 लाख से भी ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं. ऐसे में इस कोरोना वायरस को रोकने से पहले आपको इनके लक्षण के विषय में जरुर से जानना चाहिए. वहीँ ये भी काफी ज्यादा जरुरी हैं की हमें ये पता हो की बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं, ऐसा इसलिए क्यूंकि हम तो इन लक्षणों को पहचान जायेंगे आसानी से लेकिन बच्चे खुद इन Coronavirus के लक्षण को नहीं पहचान सकते हैं.

कोरोना वायरस की इंफेक्शन की सबसे ख़तरनाक बात यह हैं की इसके शुरुआती लक्षण मामूली ज़ुकाम जैसे लगते हैं, लेकिन कुछ दिनों के अन्तराल के बाद श्वसन संबंधी समस्या का गंभीर रूप ले लेती है. वहीँ ऐसे में कुछ दुसरे लक्षण ऐसे ही भी हैं जिनके विषय में हमें परिचित होना चाहिए. इसलिए मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण के विषय में पूरी जानकारी प्रदान करूँ. इससे आपको भी पता चल सकेगा की आप कैसे बच्चों में इस बीमारी की लक्षण ढूंड सकते हैं. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं?

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यदि आप भी ये जानना चाहते हैं की आखिर बच्चों में कोरोना वायरस के क्या लक्षण हैं तब मैं आपको ये बता देना चाहता हूँ की, इस बीमारी के लक्षण सामान्य सर्दी जुकाम या निमोनिया जैसा होता है. लेकिन कुछ दिनों के बाद जब इस वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है, तब बच्चों के शरीर में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या दिखाई पड़ती है.

यदि हम इस वायरस की फैलने की बात करें तब, यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक छूने से फैलता है. यही कारण हैं इसे लेकर हमें बहुत सावधानी बरतनी चाहिए. यदि ये वायरस किसी के शरीर में मेह्जुद भी हो तब भी इसके लक्षण 2 से 14 दिनों बाद सामने आते हैं.

चलिए आप गौर करते हैं की बच्चों में आपको इस बीमारी के होने की क्या लक्षण आमतौर पर नज़र आयेंगे :

खांसी और ज़ुकाम

बुख़ार ( कम से कम 2-3 से लगातार)

सांस लेने में तकलीफ

नाक बहना

गले में ख़राश

उल्टी

सांस की बीमारी

बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण को कैसे पहचानें ?

यदि आपको बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण को पहचानना है तब ऐसे में आपको इस वायरस के सामान्य लक्षण को ध्यान से समझना होगा. बच्चों में यदि आपको सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों दिखाई पड़ें तब तुरंत उन्हें जांच के लिए डॉक्टर के पास लें जाएं और उनका इलाज करवाएं. वहीँ यदि उन्हें खांसी और छींक की बीमारी लग जाये तब ऐसे में बच्चों को भी मास्क पहनने की सलाह जरुर दें.

कोरोना वायरस बच्चों पर कैसे और कितना असर डालता है ?

ये तो हमने बहुत सुना हुआ है की कैसे COVID-19 बुजुर्गों और बीमार लोगों पर असर डालता है, लेकिन क्या आप जानते हैं की

कोरोना वायरस बच्चों पर कितना असर डालती है ?

इसका जवाब है की बच्चों को Coronavirus से काफ़ी कम risk होता है. वहीँ इस वायरस से उनमें severe illness या मरने की संभावनाएं भी काफी कम पाई गयी हैं, जो की सच में बेहद खुशी वाली बात है.

बच्चे और COVID-19

बच्चों पर COVID-19 की काफी कम Risk पाया गया है. फिर चाहे वो बच्चे किसी भी age group के क्यूँ न हो. COVID-19 से पीड़ित बच्चों की मरने की संख्या न के बराबर है.

जानकारों का मानना है की, COVID-19 से पीड़ित होने के संख्या और मरने की संख्या काफी कम हैं. वहीँ बच्चे इस वायरस से काफी ज्यादा संख्या में infected भी नहीं होते हैं. अक्सर ये पाया गया है की respiratory viruses से बच्चे ज्यादा पीड़ित होते हैं लेकिन COVID-19 के case में ऐसा बिलकुल भी नहीं पाया गया है.

वहीँ पूरी दुनियाभर में भी बच्चे काफी कम मात्रा में इस वायरस से पीड़ित हैं. एक study जब की गयी 1,391 बच्चों के ऊपर जो की confirmed COVID-19 cases के आसपास ही मेह्जुद थे, उनमें केवल 12 per cent बच्चों में ही यह infection पाया गया.

कोरोना वायरस गर्भवती महिलाओं पर कैसे और कितना असर डालता है?

Pregnancy के दौरान Immune System (रोग प्रतिरोध) में काफ़ी बदलाव आता हैम जो की उनके infections के average risk को काफी हद तक बढ़ा देता है. इससे ये मालूम पड़ता है की गर्भवती महिलाएं ज्यादा risk में होते हैं इस Covid-19 से वो भी आम महिलाओं की तुलना में.

बच्चों पर कम असर करता है कोरोनावायरस

अंतराष्ट्रीय जर्नल में एक नए अध्ययन से पता चला है कि कोरोनावायरस संक्रमित बीमारी (कोविड-19) बच्चों पर काफी कम घातक होता है. लेकिन ये बात भी नकारा नहीं जा सकता है की बच्चों से यह संक्रमण आसानी से दूसरों में फैल सकता है.

इससे काफी लोगों को जरुर राहत मिली होगी जो की चिंतित थे की उनके बच्चों को यह COVID-19 वायरस से पीड़ित होने की संभावना कितनी है. लेकिन फिर भी दुनियाभर के School और Coleges को बंद कर दिया गया है इस बीमारी के चलते. वहीँ कुछ जगहों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है .शोध के अनुसार बच्चों में इस वायरस का बहुत कम असर देखा गया है, हालांकि अपने स्वस्थ होने के काफी समय के बाद भी वो दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं.

लेकिन इन सबके होने के बावजूद भी इन बच्चों से दूसरे व्यक्तियों, विशेषकर बुजुर्गों में संक्रमण के फैलने का खतरा कहीं अधिक पाया गया. शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि बच्चों से इस संक्रमण का दूसरों तक फैलने का खतरा लम्बे समय तक बना रहता है. और यही कारण हैं की उन्हें इस वायरस से बचाना अत्यंत जरुरी है.

बच्चों में कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण  जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को बच्चों पर Coronavirus का कहर in hindi के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

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