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Jumper

Jumper एक छोटा metal connector होता है जो की एक on/off switch के तरह कम करता है. Multiple jumpers का अक्सर इस्तमाल मिलाकर की जाती है settings को configure करने के लिए एक hardware device का.

कुछ jumpers को encase किया जाता है एक plastic switch में, जिसे की On या Off toggle किया जा सके. वहीँ दुसरे jumpers होते हैं plastic sleeves metal linings के साथ जिसमें lining के मदद से दो metallic prongs आपस में connect हुए होते हैं.

इसमें जब sleeve को apply किया जाता है, तब connection On होता है और जब उसे निकाल दिया जाता है तब Connection Off हो जाता है. Jumpers आपको देखने को मिल जायेंगे computer hardware के साथ साथ दुसरे प्रकार के electronic devices में भी.

एक motherboard में बहुत से jumpers होते हैं जिनका इस्तमाल होता है अलग अलग प्रकार के components को enable करने के लिए. Hard drives में भी काफी सारे jumpers होते हैं जो की काफी सारे features को enable और disable करते हैं.

उदाहरण के लिए, एक jumper setting से spread spectrum clocking (SSC) को enable किया जा सकता है, वहीँ दुसरे से PHY या “physical layer” mode को enable किया जा सकता है.

इन settings की जरुरत hard drive में हो सकती है, उन्हें काम करने के लिए कुछ specific types के hardware के साथ.

वहीँ Jumpers का इस्तमाल आप common household electronics में भी देख सकते हैं, जैसे की remote controls.

वहीँ एक garage door remote में आपको एक row of jumpers स्तिथ हुए दिखाई पड़ जायेंगे. ये jumpers जरुर से match करनी चाहिए garage door receiver के setting के साथ जिससे की ये ठीक तरीके से काम कर सके.

Ceiling fan remotes में शामिल होते हैं jumpers जिन्हें की customize किया जा सकता है एक specific fan के settings के साथ match करने के लिए.

एक remote की jumper settings को Modify करने के लिए एक remote typically change करता है उस frequency को जिसमें की वो communicate करता है. ये आपको allow करता है अलग अलग frequencies का इस्तमाल करने के लिए अलग अलग devices में.

वैसे दिखने में भले ही Jumpers की altering करना काफी बड़ा high-tech process प्रतीत होता है, लेकिन असल में ये बहुत ही आसान होता है.

उदाहरण के लिए Remotes, इसमें typically jumpers मेह्जुद होते हैं ठीक battery के बग़ल में ही जिससे इसे आसानी से switched on या off किया जा सके.

इसमें बस आपको ये ध्यान देना होता है की आप सही तरीके से jumper settings को modify करें. ऐसा इसलिए क्यूंकि क्यूंकि अगर आप गलत jumpers को modify करते हैं तब आपकी device शायद काम भी न करे.

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