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Gamma Correction

Gamma correction का मतलब होता है की Gamma की correction करना. यानि की gamma correction का इस्तमाल किया जाता है एक monitor के output levels को alter (बदलाव) करने के लिए.

Gamma refer करता है उस brightness को जो की होता है आपनी monitor या computer display पर. ये एक प्रकार का setting होता है जो की ये निर्धारित करता है की आपका display का output कितना bright होने वाला है.

वैसे gamma setting से एक display के brightness पर जरुर से affect पड़ता है, पर ये पूरी तरह से identical नहीं होता है brightness के.

इसका कारण ये है की gamma adjustments linear नहीं होते हैं, जैसे की brightness levels होते हैं. वहीँ gamma setting apply करती है एक function को input levels पर, जो की उत्पन्न करता है final output level.

आप इस function को visualize कर सकते हैं एक curved line के रूप में न की एक straight लाइन के. इसका ये भी मतलब है की extreme dark और light points ज्यादा affected नहीं होते है जैसे की midtones, जिन्हें की ज्यादा enhanced किया जाता है ज्यादा क्यूंकि ये non-linear function होते हैं. वहीँ gamma setting affect करती है दोनों brightness और contrast को एक display की.

एक मुख्य कारण क्यूँ gamma correction को इस्तमाल किया जाता है वो ये की input signal, या voltage, जिसे की भेजा जाता है एक monitor को वो उतना ज्यादा नहीं होती है एक bright image पैदा करने के लिए.

इसलिए अगर gamma को alter नहीं किया जाये, तब images आपके screen पर dark हो जायेंगे और उन्हें देख पाना काफी कठिन हो जायेगा. वहीँ अगर gamma correction apply किया जाये, तब डिस्प्ले की brightness और contrast enhance हो जाती है, जो की images को brighter बनाते है और सह में ज्यादा natural looking भी शो करते हैं.

Common gamma settings होती है 2.2 PC monitors के लिए और 1.8 Macintosh monitors के लिए. ये gamma settings apply करती हैं एक inverse luminance curve display की native gamma पर, जो की पैदा करता है natural brightness और contrast levels.
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