Short Stories in Hindi with Moral for Kids

Hindi short stories with moral for Kids: जब कभी भी कहानियों का जिक्र होता है तब बच्चो का भी जिक्र जरुर से किया जाता है, ऐसा इसलिए क्यूंकि कहानियाँ मुख्य रूप से बच्चों को ही सबसे ज्यादा पसदं होता है. ये कहानियां ही वो माध्यम हैं जिससे यक़ीनन उन्हें नयी प्रेरणा मिलती है और साथ ही जीवन को सही तरीके से जीने का सिख मिलता है.

जिससे की वो भविष्य में बेहतर इंसान बनाने में मदद करता है. सच में ये छोटे बड़े Moral Stories in Hindi काफी ज्यादा प्रेरणादायक होते हैं सभी बच्चों के लिए. वहीँ इनमें हमेशा कुछ सीख जरुर से मिलती है अंत में.

इन बच्चों की कहानियों में भी आपको काफी भिन्नता देखने को मिलेंगी. मेरे कहने का मतलब है की इन कहानियों के लेखक बहुत से अलग अलग प्रकार के कहानियां बच्चों के लिए लिखते हैं. जैसे की राजा रानी की कहानी, जानवरों की कहानी, भूतों की कहानी, पक्ष्यों की कहानी और ऐसे बहुत कुछ. लेकिन सभी कहानियों में कुछ न कुछ सिख अवस्य से दिया गया होता है.

अक्सर आपने अपने बड़े बुजुर्गों को यह कहते हुए जरुर सुना होगा की उनके समय में उन्हें ये कहानियां (Short Moral Stories in Hindi) उनके दादी, नानी या परिवार के बड़े बुजुर्ग ही सोते समय सुनाया करते थे. लेकिन समय के साथ साथ सब कुछ बदलने लगा है.

अब बच्चों को आप गाँव जाते हुए काफी कम ही देखते होंगे और वो ज्यादा समय अपने Mobile या computer में ही व्यतीत करते हैं. ऐसे में उन्हें कहानी सुनने के मज़ा नहीं मिल पाता है जो की पहले के लोगों ने अनुभव किया होगा.

Short Stories in Hindi for Kids (2021)

Short Stories in Hindi with Moral for Kids
Short Stories in Hindi with Pictures

बच्चों को इन बेहतरीन Short Stories of Hindi से रूबरू कराने के लिए लिए ही आज मैंने आप लोगों के लिए यह लेख “Short Inspirational Stories in Hindi” प्रस्तुत किया है. ये कहानियां सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए हैं, लेकिन ख़ासकर इन्हें बच्चों के लिए लिखा गया है. यदि आप भी अपने बच्चों को कुछ ऐसे ही अनोखी और रोचक हिंदी कहानियां सुनना चाहते हैं तब आप यहाँ से उन कहानिओं को पढकर जरुर सुना सकते हैं. तो बिना देरी किये एक बढ़िया सी कहानी सुनते हैं.

1. शेर और चूहे की कहानी: Short Hindi Story with Moral

sher chuha Short Moral Story in Hindi

एक बार की बात है जब एक शेर जंगल में सो रहा था उस समय एक चूहा उसके शरीर में उछल कूद करने लगा अपने मनोरंजन के लिए. इससे शेर की नींद ख़राब हो गयी और वो उठ गया साथ में गुस्सा भी हो गया.

वहीँ फिर वो जैसे ही चूहे को खाने को हुआ तब चूहे ने उससे विनती करी की उसे वो आजाद कर दें और वो उसे कसम देता है की कभी यदि उसकी जरुरत पड़े तब वो जरुर से शेर की मदद के लिए आएगा. चूहे की इस साहसिकता को देखकर शेर बहुत हँसा और उसे जाने दिया.

कुछ महीनों के बाद एक दिन, कुछ शिकारी जंगल में शिकार करने आये और उन्होंने अपने जाल में शेर को फंसा लिया. वहीँ उसे उन्होंने एक पेड़ से बांध भी दिया. ऐसे में परेशान शेर खुदको छुड़ाने का बहुत प्रयत्न किया लेकिन कुछ कर न सका. ऐसे में वो जोर से दहाड़ने लगा.

उसकी दहाड़ बहुत दूर तक सुनाई देने लगी. वहीँ पास के रास्ते से चूहा गुजर रहा था और जब उसने शेर की दहाड़ सुनी तब उसे आभास हुआ की शेर तकलीफ में है. जैसे ही चूहा शेर के पास पहुंचा वो तुरंत अपनी पैनी दांतों से जाल को कुतरने लगा और जिससे शेर कुछ देर में आजाद भी हो गया और उसने चूहे को धन्यवाद दी. बाद में दोनों साथ मिलकर जंगल की और चले गए.

सिख

इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की उदार मन से किया गया कार्य हमेशा फल देता है.

2. लालची शेर की कहानी: Short Stories in Hindi for Kids

lalchi sher Hindi short story

गर्मी के एक दिन में, जंगल के एक शेर को बहुत जोरों से भूख लगी. इसलिए वो इधर उधर खाने की तलाश करने लगा. कुछ देर खोजने के बाद उसे एक खरगोश मिला, लेकिन उसे खाने के बदले में उसे उसने छोड़ दिया क्यूंकि उसे वो बहुत ही छोटा लगा.

फिर कुछ देर धुंडने के बाद उसे रास्ते में एक हिरन मिला, उसने उसका पीछा किया लेकिन चूँकि वो बहुत से खाने की तलाश कर रहा था ऐसे में वो थक गया था, जिसके कारण वो हिरन को पकड़ नहीं पाया.

अब जब उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला तब वो वापस उस खरगोश को खाने के विषय में सोचा. वहीँ जब वो वापस उसी स्थान में आया था उसे वहां पर कोई भी खरगोश नहीं मिला क्यूंकि वो वहां से जा चूका था. अब शेर काफ़ी दुखी हुआ और बहुत दिनों तक उसे भूखा ही रहना पड़ा.

सिख

इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की अत्यधिक लोभ करना कभी भी फलदायक नहीं होता है.

3. सुई देने वाली पेड़ की कहानी : Hindi Short Stories with Moral

sui dene wala ped hindi short story

एक जंगल के पास दो भाई रहा करते थे. इन दोनों में से जो भाई बड़ा था वो बहुत ही ख़राब बर्ताव करता था छोटे भाई के साथ. जैसे की वो प्रतिदिन छोटे भाई का सब खाना ख लेता था और साथ में छोटे भाई के नए कपड़े भी खुद पहन लेता था.

एक दिन बड़े भाई ने तय किया की वो पास के जंगल में जाकर कुछ लकड़ियाँ लायेगा जिसे की वो बाद में बाज़ार में बेच देगा कुछ पैसों के लिए.

जैसे ही वह जंगल में गया वहीं वो बहुत से पेड़ काटे, फ़िर ऐसे ही एक के बाद एक पेड़ काटते हुए, वह एक जादुई पेड़ पर ठोकर खाई.

ऐसे में पेड़ ने कहा, अरे मेहरबान सर, कृपया मेरी शाखाएं मत काटो. अगर तुम मुझे छोड़ दो तब, मैं तुम्हें एक सुनहरा सेब दूंगा. वह उस समय सहमत हो गया, लेकिन उसके मन में लालच जागृत हुआ. उसने पेड़ को धमकी दी कि अगर उसने उसे ज्यादा सेब नहीं दिया तो वह पूरा धड़ काट देगा. ऐसे में जादुई पेड़, बजाय बड़े भाई को सेब देने के, उसने उसके ऊपर सैकड़ों सुइयों की बौछार कर दी. इससे बड़े भाई दर्द के मारे जमीन पर लेटे रोने लगा.

अब दिन धीरे धीरे ढलने लगा, वहीँ छोटे भाई को चिंता होने लगी. इसलिए वह अपने बड़े भाई की तलाश में जंगल चला गया. उसने उस पेड़ के पास बड़े भाई को दर्द में पड़ा हुआ पाया, जिसके शरीर पर सैकड़ों सुई चुभी थी. उसके मन में दया आई, वह अपने भाई के पास पहुंचकर, धीरे धीरे हर सुई को प्यार से हटा दिया.

ये सभी चीज़ें बड़ा भाई देख रहा था और उसे अपने पर गुस्सा आ रहा था. अब बड़े भाई ने उसके साथ बुरा बर्ताव करने के लिए छोटे भाई से माफी मांगी और बेहतर होने का वादा किया. पेड़ ने बड़े भाई के दिल में आए बदलाव को देखा और उन्हें वह सब सुनहरा सेब दिया जितना की उन्हें आगे चलकर जरुरत होने वाली थी.

सिख

इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की हमेशा सभी को दयालु और शालीन बनना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोगों को हमेशा पुरस्कृत किया जाता है.

4. लकड़हारा और सुनहरी कुल्हाड़ी की कहानी : Moral Stories in Hindi in Short

lakadhara short story in Hindi

एक समय की बात है जंगल के पास एक लकड़हारा रहता था. वो जंगल में लकड़ी इकठ्ठा करता था और उन्हें पास के बाज़ार में बेचता था कुछ पैसों के लिए.

एक दिन की बात है वो एक पेड़ काट रहा था, तभी हुआ ये की गलती से उसकी कुल्हाड़ी पास की एक नदी में गिर गई. नदी बहुत ज्यादा गहरी थी और वास्तव में तेजी से बह रही थी- उसने बहुत प्रयत्न किया अपने कुल्हाड़ी को खोजने की लेकिन उसे वो वहां नहीं मिली. अब उसे लगा की उसने कुल्हाड़ी खो दी है, वहीँ दुखी होकर वो नदी के किनारे बैठकर रोने लगा.

उसके रोने की आवाज सुनकर नदी के भगवान उठे और उस लकड़हारे से पूछा कि क्या हुआ. लकड़हारा ने उन्हें अपनी दुखद कहानी बताई. नदी के भगवान को उस लकड़हारे के ऊपर दया आई और वो उसकी मेहनत और सच्चाई देखकर उसकी मदद करने की पेशकश की.

वो नदी में गायब हो गए और एक सुनहरी कुल्हाड़ी वापस लाया, लेकिन लकड़हारे ने कहा कि यह उसका नहीं है. वो फिर से गायब हो गए और अब की बार उन्होंने चांदी की कुल्हाड़ी लेकर वापस आये, लेकिन इस बार भी लकड़हारे ने कहा कि ये कुल्हाड़ी उसका भी नहीं है. अब नदी के भगवान पानी में फिर से गायब हो गए और अब की बार वो एक लोहे की कुल्हाड़ी के साथ वापस आ गए – लकड़ी का कुल्हाड़ी देखकर लकड़हारा मुस्कुराया और कहा कि यह उसकी कुल्हाड़ी है.

नदी के भगवान ने लकड़हारे की ईमानदारी से प्रभावित होकर उसे सोने और चांदी की दोनों कुल्हाड़ियों से भेंट किया.

सिख

इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है.

5. हाथी और उसके दोस्तों की कहानी : Short Moral Stories in Hindi for Class 1

hathi ke dost Moral hindi story

बहुत समय पहले की बात है, एक अकेला हाथी एक अजीब जंगल में बसने आया.. यह जंगल उसके लिए नया था, और वह दोस्त बनाने के लिए देख रहा था.

वो सबसे पहले एक बंदर से संपर्क किया और कहा, “नमस्ते, बंदर भैया ! क्या आप मेरे दोस्त बनना चाहेंगे? ” बंदर ने कहा, तुम मेरी तरह झूल नहीं सकते क्यूंकि तुम बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता.

इसके बाद हाथी एक खरगोश के पास गया और वही सवाल पूछा. खरगोश ने कहा, तुम मेरे बिल में फिट होने के लिए बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता.

फिर हाथी तालाब में रहने वाले मेंढक के पास गया और वही सवाल पूछा. मेंढक ने उसे जवाब दिया, तुम मेरे जितना ऊंची कूदने के लिए बहुत भारी हो, इसलिए मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता. अब हाथी वास्तव में उदास था क्योंकि वह बहुत कोशिशों के वाबजूद दोस्त नहीं बना सका.

फिर, एक दिन, सभी जानवरों को जंगल में इधर उधर दौड़ रहे थे, ये देखकर हाथी ने दौड़ रहे एक भालू से पूछा कि इस उपद्रव के पीछे का कारण क्या है.

भालू ने कहा, जंगल का शेर शिकार पर निकला है – वे खुद को उससे बचाने के लिए भाग रहे हैं. ऐसे में हाथी शेर के पास गया और कहा कि कृपया इन निर्दोष लोगों को चोट न पहुंचाओ. कृपया उन्हें अकेला छोड़ दें.

शेर ने उसका मजाक उड़ाया और हाथी को एक तरफ चले जाने को कहा. तभी हाथी को गुस्सा आ गया और उसने शेर को उसकी सारी ताकत लगाकर धक्का दे दिया, जिससे वह घायल हो गया और वहां से भाग खड़ा हुआ.

अब बाकी सभी जानवर धीरे-धीरे बाहर आ गए और शेर की हार को लेकर आनंदित होने लगे. वे हाथी के पास गए और उससे कहा, “तुम्हारा आकार एकदम सही है हमारा दोस्त बनने के लिए !”

सिख

इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की एक व्यक्ति का आकार उनके मूल्य का निर्धारण नहीं करता है.

बच्चों को कहानी कैसे सुनते हैं

चाहे कहानी कितनी भी मज़ेदार और रोचक न हो, फिर भी आपके कहानी सुनाने के अंदाज के ऊपर निर्भर करता है की वो कहानी आपके बच्चे को कितनी पसदं आने वाली है. क्यूंकि आपके बताने के ढंग पर सबकुछ निर्भर करता है.
अगर आप भी अपने कहानियों को ज्यादा मज़ेदार बनाने के लिए नीचे दिए गए tips का जरुर से पालन करें.

1. आपको बहुत ज्यादा creative बनना होगा जब आप किसी बच्चे को कहानी सुना रहे हैं. अक्सर देखा गया है की एक personality या character किसी कहानी का एक बच्चे की interest को अपनी और खींचती है. ऐसे में आप अलग अलग प्रकार के आवाजों का इस्तमाल कर सकते हैं, जिससे की बच्चों को कहानी सुनने में आनंद आये.

2. अगर आप किसी किताब या चित्र से कहानी सुना रहे हैं तब आपको उसे बच्चों के सामने रखना चाहिए जिससे की बच्चों को भी आपके कहानी और किताब में स्तिथ चित्र के विषय में मालूम पड़े. वो ऐसे में अच्छे ढंग से कहानी समझ पाते हैं.

3. एक बार जब आपने कहानी ख़त्म कर दी तब आप बच्चों से उस कहानी के विषय में सवाल करें. जैसे की इससे उन्हें क्या शिक्षा मिलती है और साथ में उन्हें उस विषय में समझाएं भी. इससे आपको ये भी मालूम पड़ेगा की आखिर उन्हें आपकी कहानी समझ में आई भी या नहीं.

4. खुद कहानी पढने के साथ साथ अपने बच्चों को भी आपके साथ दोहराने के लिए प्रेरित करें. इससे उनके भीतर पढने की कला उत्पन्न होने लगेगी.

6. कहानी सुनाने के लिए दिन के अलग अलग समय का इस्तमाल करें. इससे आपको ये मालूम होगा की आपके बच्चे किस समय सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं कहानी सुनने के लिए.

मुझे आशा है की मेरे द्वारा लिखी ये “Short Stories in Hindi” लेख आपको पसदं आई होगी. इसके साथ ही इससे आपको और आपके बच्चों को इसमें से खूब सारी सिख भी मिली होगी. ऐसी सिख बच्चों को उनके जीवन में आगे बढ़ने में काफ़ी मदद प्रदान करती है. उन्हें सही गलत के बीच के अंतर से रूबरू कराती है.

यदि आपको थोडा सा भी लगा की यह लेख अच्छा लगा हो तब इसे सभी के साथ ज्यादा से ज्यादा share करिये और यदि आपके मन में किसी भी प्रकार की कोई राय हो तो निचे कमेंट जरुर करें.

बच्चों की कहानियां

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Short Stories in Hindi with Moral for Kids जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को ख़ास कर छोटे बच्चों को प्रेरणादायक कहानियों के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी कहानियां भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह लेख Short Moral Stories in Hindi पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये.

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नमस्कार दोस्तों, मैं Prabhanjan, HindiMe(हिन्दीमे) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Enginnering Graduate हूँ. मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे. :) #We HindiMe Team Support DIGITAL INDIA

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