गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है – 26 जनवरी का इतिहास

26 जनवरी गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? भारत में मनाये जाने वाले मुख्य दिवसों में गणतंत्र दिवस बहुत ही प्रमुख है. ऐसा शायद इसलिए क्यूंकि इस दिन हमारा देश एक गणतंत्र राष्ट्र बनकर उभरा था.

गणतंत्र दिवस प्रतिवर्ष बहुत ही हर्शुल्लाश के साथ मनाया जाता है. चूँकि यह एक राष्ट्र दिवस है इसलिए इस दिन को मनाने की तैयारियां बहुत पहले से शुरू हो जाती हैं.

ऐसे बहुत से लोग होंगे जो की ये जानते होंगे कि गणतंत्र दिवस क्या है? जो की जानना बहुत ही जरुरी है. फिर भी आपके मन में ये सवाल उठता होगा की आखिर में ये गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है? आखिर गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है?

यदि आपके मन में ही ऐसे ही सवाल उत्पन्न हो रहे हैं, तब चिंता की कोई भी जरुरत नहीं, इन सारे सवालों के जवाब आपको इस पोस्ट के अंत तक आपको मिल जाएंगे. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं गणतंत्र दिवस पर दो शब्द.

गणतंत्र दिवस क्या है – What is Republic Day 2022 in Hindi

गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है जो प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है. गणतंत्र दिवस को Republic day भी कहा जाता है.

Ganatantra Divas Kyu Manaya Jata Hai Hindi
भारतीय गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर सेना के जवान परेड पर निकलते हैं और सुंदर और सुसंस्कृत झांकी के साथ परेड निकाली जाती है. इस परेड में भारत के संस्कारों की विरासत को दर्शाया गया है.

वहीँ इस परेड के मुख्य आकर्षण होते हैं सैन्य परेड, सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन और राष्ट्रीय ध्वज. ये सभी इस तिथि के महत्वपूर्ण प्रतीक होते हैं.

भारत का राष्ट्रीय ध्वज शीर्ष पर गहरे केसरिया रंग का एक क्षैतिज तिरंगा होता है, जो बीच में सफेद और बराबर अनुपात में होता है जिसका निचला हिस्सा गहरे हरे रंग का होता है.

गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है?

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को हर साल मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस का क्या महत्व है?

26 जनवरी हमारे देश के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है. इस दिवस का महत्व इतना ज्यादा है की हर साल 26 जनवरी को हमारा देश स्वतंत्र भारत गणराज्य की स्थापना को न्याय और समानता और विचारधारा के सिद्धांतों के आधार पर मनाया जाता है.

क्यों गणतंत्र दिवस 2022 मनाया जाता है?

भारतीय गणतंत्र दिवस को 26 जनवरी को ही इसलिय मनाया जाता है क्यूंकि भले ही 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली, लेकिन संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. भीम राव अंबेडकर के नेतृत्व में भारतीय संविधान का प्रारूप 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे पूर्ण रूप से लागू किया गया.

यही मुख्य कारण है की हर साल, 26 जनवरी को ही हम क्यूँ गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं.

26 जनवरी का इतिहास हिंदी में

यदि आप 26 जनवरी के इतिहास को देखें, तो यह 26 जनवरी थी, जिस दिन 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता और स्वतंत्रता की घोषणा की. विदेशी संप्रभुता के उन्मूलन के बाद, 26 जनवरी 1950 को स्वतंत्रता भारत ने “संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य” नाम अपनाया.

यह वायसराय के नाम पर एक स्टेडियम में मनाया गया और फिर देश का पहला राष्ट्रपति बनाए गए.

मुक्ति आंदोलन के बाद एक स्वतंत्र देश के रूप में भारत की स्थापना के बारे में घटनाओं की श्रृंखला भी बहुत दिलचस्प है. 10 बजकर 18 मिनट पर, गवर्नमेंट हाउस की रोशनी से सजी गुंबददार कोर्ट-हॉल में, भारत को एक संप्रभु गणराज्य घोषित किया गया. लगभग छह मिनट बाद, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.

इस अवसर पर, लगभग 10.30 बजे, 31 बंदूकें खोली गईं और गणतंत्र दिवस घोषित किया गया. गवर्नर-जनरल सी. राजगोपाल, जो शपथग्रहण समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे थे, ने भारत गणराज्य की घोषणा को पढ़ा.

तब राष्ट्रपति ने अपना संक्षिप्त भाषण पहले हिंदी और फिर अंग्रेजी में दिया. देश के इतिहास में पहली बार, देश की भूमि पूरे उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में केप कोमोरिन तक, पश्चिम में काठियावाड़ से लेकर पश्चिम में कोकणडा और पूर्व में कामरूप तक देखी गई है और एक संविधान और एक संघ बन गई है.

जो उस समय देश की पूरी आबादी के लगभग 32 मिलियन लोगों के कल्याण के लिए जिम्मेदार था. दोपहर करीब 2.30 बजे, राष्ट्रपति सरकारी घर (अब राष्ट्रपति भवन) में 35 वर्षीय सजावट से सजे एक विशेष घर में आए.

छह ऑस्ट्रेलियाई कैब को खींच रहे थे और राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्ड उसे एस्कॉर्ट कर रहे थे. इस अवसर पर इरविन स्टेडियम (अब नेशनल स्टेडियम) जय-जयकार के नारों से गूंजता रहा और लोग जयकार कर रहे थे और राष्ट्रपति-चुनाव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भीड़ के जयकारे का जवाब दे रहे थे.

ठीक 3.45 बजे, वे इरविन स्टेडियम पहुंचे, जहां 3,000 अधिकारी और दो भारतीय सेना के सिपाही और पुलिसकर्मी औपचारिक प्रवास के लिए तैयार थे. सात जन-पुलिस और ओजी बलों ने उस समय एक शानदार दृश्य प्रस्तुत किया.

गणतंत्र दिवस कैसे मनाया जाता है?

परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ‘अमर जवान ज्योति‘ पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं. राष्ट्रपति 14 घोड़ों की कैब में अपने अंगरक्षकों के साथ इंडिया गेट पर पहुंचते हैं, जहां प्रधानमंत्री उनका स्वागत करते हैं.

राष्ट्रीय गान के साथ तिरंगा आंदोलनों के साथ, फूलों को हवाई जहाज से उड़ाया जाता है. आकाश में त्रिकोणीय गुब्बारे और सफेद कबूतर रहते हैं. बैंड की धुन पर जल, फल और हवाई मार्च पुलिसकर्मी अपने हथियारों, मिसाइलों, हवाई जहाजों आदि को प्रदर्शित करते हुए देश के राष्ट्रपति को सलामी देते हैं.

इस शानदार दृश्य को देखकर हर देशवासी के दिल में देशभक्ति और उत्साह बढ़ता है. छात्र एन.सी.सी. अमेरिका की वर्दी में कदम से कदम मिलाकर चलने के बाद, वे हमें विश्वास दिलाते हैं कि हमारी दूसरी सुरक्षा लाइन अपने कर्तव्य से अच्छी तरह वाकिफ है. सैन्य और स्कूल बैंड देशभक्ति और देशभक्ति की भावना से गूंजते हैं.

विभिन्न राज्यों की झांकी में उनके सांस्कृतिक जीवन, खान-पान, रीति-रिवाजों, औद्योगिक और सामाजिक क्षेत्रों में बदलाव को दर्शाया गया है. राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और अन्य सरकारी कार्यालयों में प्रकाश व्यवस्था की जाती है.

हर साल, गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न देशों के नेता विशेष रूप से उपस्थित होते हैं, जिसमें 1950 में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति सुकर्णो, 1955 में पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद, 1962 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ, 1962 की एलिजाबेथ एलियाबाकी और 1962 में एलिजाबेथ शामिल हैं.

मंत्री राणा अब्दुल हमीद, 1995 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, 2017 में अबू धाबी नेशनल प्रतिनिधि शेख मोहम्मद बिन ज़ियाद अल निहान गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे.

इस बार, दुनिया भर के 10 एशियाई देशों के नेताओं में कंबोडियाई प्रधानमंत्री हंट्समैन, म्यांमार के राष्ट्रपति हतिन क्याया, सिंगापुर के राष्ट्रपति हलीमा जैकब, मलेशियाई प्रधान मंत्री नजीब रजाक और अन्य शामिल हैं. हमें विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने पर गर्व है.

गणतंत्र दिवस समारोह

हम हर साल 26 जनवरी को देशभक्तों को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के हर कोने में बड़े उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय दिवस मनाते हैं. यह भारत की राजधानी, दिल्ली सहित हर राज्य और विदेशों में भारतीय दूतावासों में उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाता है.

26 जनवरी का मुख्य कार्यक्रम भारत की राजधानी दिल्ली में मनाया जाता है, जिसमें विभिन्न राज्य भाग लेते हैं और देखने आते हैं. परेड विजय चौक पर शुरू होती है और राजपथ और दिल्ली के कई इलाकों से गुजरते हुए लाल किले पर समाप्त होती है.

क्या सही माईने में भारत को एक गणतांत्रिक राष्ट्र कहा जा सकता है?

हालांकि हमारा देश दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन हमारे देश में कई भ्रष्ट राजनेताओं और नौकरशाहों ने देश को भ्रष्टाचार और उन घोटालों के लिए जिम्मेदार ठहराया है जिन्होंने हमारे देश को दयनीय बना दिया है.

संविधान के लागू होने के बाद बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा, जाति जैसी समस्याओं को समाप्त किया जाना चाहिए था, लेकिन ये समस्याएं कई गुना बढ़ गई हैं और देश के लिए एक चुनौती बन गई हैं. हमारा समाज बदल रहा है. मीडिया जागरूक हो रहा है, लोग जागरूक हो रहे हैं, युवा विकसित हो रहे हैं, शिक्षा बढ़ रही है.

इस सब के साथ, देश का राजनीतिक विकास अब हो रहा है. लंबे समय तक भ्रष्टाचार और अपराध और शासन और प्रशासन में अक्षमता अब संभव नहीं होगी. केवल 26 जनवरी को बैंड बजाना और परेड खेलना देश के लोगों को खुश नहीं करेगा.

देश तभी अच्छा लोकतंत्र बन सकता है, जब देश से गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, जाति और कई अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाया जाए ताकि लोकतंत्र में लोगों का विश्वास बहाल हो सके और हमारा गणतंत्र दिवस लोकतांत्रिक हो. और देश वास्तव में विकसित राष्ट्रों की संख्या में शामिल हो सकता है.

गणतंत्र दिवस पर झंडा कौन फहराता है?

गणतंत्र दिवस पर झंडा भारत के राष्ट्रपति फहराते हैं। वहीं इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है।

गणतंत्र दिवस कब लागू हुआ?

भारत में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ था।

राज्यों की राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज कौन फहराता है?

राज्यों के राज्यपाल राज्य की राजधानियों में गणतंत्र दिवस समारोह के मौक़े पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं.

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को गणतंत्र दिवस के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह post गणतंत्र दिवस क्यों मनाई जाती है हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये.

पिछला लेखYouTube Shorts क्यों बनाया गया है?
अगला लेखiTop VPN Review – Free, Fast, and Secure
नमस्कार दोस्तों, मैं Prabhanjan, HindiMe(हिन्दीमे) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Enginnering Graduate हूँ. मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे. :) #We HindiMe Team Support DIGITAL INDIA

3 COMMENTS

  1. Nyc information
    26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here