BS4 और BS6 Engine में क्या अंतर है?

BS4 Engine के बारे में आप में से बहुत लोगो को पता होगा, पर क्या आप जानते है BS6 Engine क्या है? इन दोनों में क्या अंतर है? ऐसी क्या नयी चीज़ें है BS6 Engine में जो की अभी के BS4 Engine में मेह्जुद नहीं है?

यदि आपको इसके बारे में पूरी तरह जानकारी लेनी है तो आपको मेरा article Difference between BS4 and BS6 Engine in Hindi को पूरा पढना पड़ेगा.

आप ये सोच रहे होंगे की अभी अभी तो BS4 को भारत सरकार ने अपनाया है और अभी BS6 क्यूँ. तो में आपको बता दूँ कुछ दिन पहले हमारे Road और Transport minister ने BS6 को 2020 तक लागु करने के बारे में बताया है. लेकिन सूत्रों से पता चला है की BS6 Engine वाली पहली two-wheeler Honda Activa 125 को हाल ही में launch कर दिया गया है.

वहीँ अभी India में Bharat Stage 4 (BS4) emission norm लागु है और इसे बदलने में अभी काफी वक़्त लगेगा. मुख्य plan Bharat Stage 5 (BS5) engine को 2019 तक लाने का था जिससे की 80% तक Particulate Matter (ऐसी चीज़ें जिससे की हमें lungs diseases हो सकती है) को रोका जा सकता था. और BS6 engines को 2024 तक लाने का प्लान था.

लेकिन जैसे जैसे Pollution level दिनप्रतिदिन बढ़ता चला गया इसी वजह से Government ने BS5 engine वाला प्लान को छोड़कर BS6 Engine को अपनाने का सोच रहे हैं. जिससे की pollution को काफी हद तक रोका जा सके. तो बिने देरी किये चलिए जानते हैं की आखिर ये BS4 और BS6 Engine क्या है? इन दोनों में क्या अंतर है? और क्यूँ सरकार इसे खूब शीघ्र अपनाना चाहती है पुरे विस्तार में.

BS Norms क्या है?

BS6 Engine Kya Hai

Bharat Stage Emission Standards को सन 2000 में introduce किया गया था, ये वो emission standard हैं जिसे की केंद्र सरकार द्वारा set up किया गया है engines से निकलने वाले pollutants को नियंत्रित करने के लिए.

ऐसे बहुत से विभिन्न प्रकार के Norms हैं जिसे की समय के साथ लागु किया गया है Central Pollution Control Board के द्वारा जो की Ministry of Environment and Forest and Climate Change के अंतर्गत आता है.

Bharat Stage Norms european regulations के ऊपर आधारित हैं. और BS4 norms को April 2017 से हमारे देश में लागु कर दिया गया है.

Bharat Emmission Standards क्या है?

  • Euro Norms जिसे की Bharat Stage ने अपनाया है के हिसाब से सभी यानों की pollutant छोड़ने की एक maximum limit होनी चाहिए. Pollutant जैसे CO2, nitrogen oxide, sulphur और suspended particulate matter.
  • यदि कोई यान अपने निर्धारित limit से ज्यादा pollutant त्याग करता है तब उसे Europe में बेचा नहीं जा सकता.
  • हमारे देश में हम Euro Norms को Bharat Stage Norms के नाम से follow करते हैं. जिसे धीरे धीरे हम अपने देश के सभी सहरों में impliment कर रहे हैं.

Difference in BS-IV and BS-VI standards

अगर हम दोनों की Bharat Stage Standards की तुलना करें तो हमें इन दोनों में स्तिथ अंतर का पता चलेगा.

Petrol Emission Norms (All figures in g/km)

Emission NormCOHCNOxHC+NOxPM
BS-III2.300.200.15
BS-IV1.000.100.08
Euro 61.000.100.060.005

Diesel Emission Norms (All figures in g/km)

Emission NormCOHCNOxHC+NOxPM
BS-III0.640.500.560.05
BS-IV0.500.250.300.025
Euro 60.500.060.170.005

CO emission या Carbon Monoxide emission मुख्यतः पेट्रोल engine में पाया जाता है. और ज्यादा समय इनके संपर्क में आने से oxygen का transfer कम भी हो सकता है जिससे की सिरदर्द और nausea भी हो सकता है.

HC emission या Hydrocarbon मुख्यतः पेट्रोल engine में पाया जाता है. और कम समय इनके संपर्क में आने से सिरदर्द, vomiting और disorientation भी हो सकता है.

NOx emission या Nitrogen Oxide emission मुख्यतः diesel engine में पाया जाता है. और ज्यादा समय इनके संपर्क में आने से कान और आँखों में ज्वलन हो सकती है और इससे हमारा Lung tissue damage भी हो सकता है.

PM या Particulate Matter मुख्यतः diesel engine में पाया जाता है. और ज्यादा समय इनके संपर्क में आने से patients के स्वास नाली और lung का function होना बंद भी ओ सकता है.

BS6 Engine वाली पहली मोटर साइकिल का क्या नाम है ?
BS6 Engine वाली सबसे पहली Motor Cycle का नाम है Honda Activa 125.

BS6 की वजह से क्या बदलाव आने वाले हैं

वैसे देखा जाये तो BS6 की वजह से काफी बदलाव देखने हो मिलेंगे Automobiles में. जिसे मैंने निचे लिख दिया है.

1. यानों में DPF (diesel particulate filter) fit होगी जिससे की Particulate Matter की reduction होगी. ये एक cylinder के आकार का वस्तु है जिसे की engine के compartment में vertically लगाया जाता है.

2. यानों में Nitrogen Oxide को कम करने के लिए SCR (Selective Catalytic Reduction) Module को लगाया जायेगा.

3. बहुत ही low emission को प्राप्त करने के लिए सभी reaction को precise मात्रा में होना आवश्यक है जिसे करने के लिए Microprocessor का इस्तमाल किया जाता है.

4. गाड़ी निर्माताओं को ऐसे Petrol Engines बनाने होंगे जिससे की CO emission कम हो और उसे control में रखा जा सके. इसके लिए उन्हें gasoline direct injection engines का भी इस्तमाल करना पड़ सकता है.

5. Engines को ज्यादा efficient बनाने के लिए उन्हें छोटा करना पड़ सकता है जिससे की engines की कम से कम fuel consumption होगी.

6. Hybrid Engines की demand काफी बढ़ जाएगी क्यूंकि इससे emission को कम किया जा सकता है, Performance Level को बजाय रखा जा सकता हैं और Fuel Economy को boost भी किया जा सकता है.

7. Cars ज्यादा costly भी हो सकता है क्यूंकि Emission को रोकने वाले यन्त्र ज्यादा costly होते है.

8. इससे alternate fuel की चाहिदा बढ़ सकती है. जैसे Electic car, Ethanol blends, LPG and Petro-electric और Diesel- electic cars जैसे hybrid cars.

BS6 Norms का हमारे Indian Automobile Industry में क्या effect पड़ता है :-

1. यदि BS6 को अपनाया जाता है तब हमारे Oil Refining infrastructure को बदलने के लिए लगभग 80,000 crore की जरुरत पड़ेगी. जिसके लिए सरकार को एक नए cess की जरुरत पड़ेगी.

2. सबसे बड़ा challenge होगा BS6 Engine के लिए उसके मुताबिक इंधन जो की Petrol और diesel दोनों.

3. हमारे देश में जहाँ लोगों की पसंद छोटी कारें है वहां DPF को फिट करने के लिए car के design में काफी बदलाव लाना पड़ेगा, जिससे इसके कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है.

4. SCR module को भी फिट करने में काफी design का बदलाव करना पड़ सकता है जिसके लिए काफी वक़्त लगेगा और उसके बाद उसे optimize करने में भी ज्यादा वक़्त लग सकता है.

सरकार इतनी ज्यादा हड़बड़ी क्यूँ दिखा रही है

इस सवाल का एक बिलकुल ही आसान सा जवाब है की वायु प्रदुसन. भारत पुरे विश्व में 9 वें स्थान में आता है अगर हम वायु प्रदुसन की बात करें तब. और ये धीरे धीरे हमारे लोगों के स्वस्थ्य के साथ भी खेल रहा है.

ये बहुत ही ज्यादा सोचने वाली बात है की कैसे इस विपदा से अपने आपको और हमरे देश को बचाएँ. ऐसे में सरकार ने BS6 Engines को अपनाने का रास्ता चुना है जिससे की बहुत हद तक इस परिस्तिथि का मुकाबले किया जा सकता है.

इसे बदलना इतना आसान क्यूँ नहीं है

वाकई इसे बदलना बहुत ही मुस्किल सा काम है क्यूंकि ऐसे करने के से दो Industry को इससे बहुत हानि होने की संभावनाएं है. पहला Oil Refineries जिन्हें खुद को बदलने के लिए काफी investment करने की जरुरत है.

ऐसे upgrade होने से ये Oil Refineries ऐसे इंधन supply कर सकते हैं जिससे की BS6 की गाड़ियाँ चल सकें.

दूसरा Industry जो इससे ज्यादा प्रवित है वो है Automobile Manufacturers जिन्हे अपने manufacturing के काम को और ज्यादा बेहतर बनाना होगा ताकि ये BS6 जैसे engine का तैयार कर सकें.

इस बदलाव को अमल करने के लिए अभी के BS4 technology को BS6 engine में बदलने के लिए लगभग 50,000 crore से 80,000 crore तक की लागत Petroleum Industry को लग सकती है.

ये इतना जरुरी क्यूँ है

ऐसे में BS6 engine में upgrade होना एक बहुत ही strict action है लेकिन इसे लेना उतना ही जरुरी है क्यूंकि हमें वायु प्रदुसन को नियंत्रण में भी रखना है. Global automakers को भारत के बहुत ही अच्छा option नज़र आ रहा है जहाँ ये बहुत ही तेजी से विकास की राह में आगे बढ़ रहा है.

क्यूंकि भारत में हाल ही में ही BS4 को पूर्ण रूप से लागु कर दिया गया है और देश में ज्यादा BS4 engine वाली गाड़ियाँ मेह्जुद नहीं है.

इसके साथ साथ Delhi को हल ही में ही सबसे ज्यादा प्रदुषित सहरों की तालिका में स्थान मिला है. जो की सरकार के लिए एक सोचने वाला विषय है.

अभी कुछ महीने पहले की china ने Euro V emission norm को लागु किया है, और इसमें भारत काफी पीछे है. तो इसलिए यदि हमारे देश को दुसरे देशों के साथ टक्कर लेना है तब तो हमें BS6 emission norm को जल्द से जल्द लागु करना पड़ेगा और इसी में ही सबकी भलाई है.

हमें इसके बारे में क्यूँ सोचना चाहिए

किसी ने सच ही कहा है की स्वस्थ्य ही सम्पद है. अगर BS6 norms को पुरे तरीके से लागु कर दिया गया तब आप और मैं हम सब स्वच्छ वायु अपने अन्दर लेंगे. वायु प्रदुसन की मात्रा काफी हद तक समाप्त हो जाएगी.

नए गाड़ियाँ जो की सन 2020 में बिक्री होगी उसमें BS6 की engine लगी रहेगी जिससे की वायु प्रदुसन बहुत ही कम होगी और इसके साथ इंधन की खपत भी कम होगी.

ये तो मान के चलिए की BS6 engines की कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है लेकिन यदि उस कीमत में हमें अच्छा स्वस्थ्य मिल रहा हो तब तो ऐसे कीमत की कोई मूल्य ही नहीं रह जाती है. यदि बहुतों के भलाई के लिए थोडा ज्यादा कर्च करना भी पड़े तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए.

BS6 engine वाली पहली two-wheeler हुई लांच

Honda Motorcycle और Scooter India (HMSI) ने भारत में देश का पहला mass market two-wheeler को launch आर दिया है जिसमें की Bharat Stage – VI (BS6) emission regulations Engine क इस्तमाल किया गया है.

यह नयी Honda Activa 125 पूरी तरह से तैयार है BS6 Engine के साथ और साथ ही इसमें भी complete update शामिल की गयी है एक fuel-injected 124 cc engine, वहीँ इसके साथ आपको इसमें नयी features और cosmetic updates भी मिलेगा.

यह नयी scooter customers को उपलब्ध deliveries के September 28, 2019 से.

आज आपने क्या सीखा

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को BS4 और BS6 Engine क्या है? इन दोनों में क्या अंतर है? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को BS4 और BS6 Engine क्या है (Difference Between BS4 and BS6 Engine in Hindi)? के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा. आपको यह लेख BS6 Engine क्या है (What is BS6 Engine in Hindi)? इन दोनों में क्या अंतर है? कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

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