Eco-Friendly दिवाली क्या है और कैसे मनाई जाती है?

क्या आप जानते हैं Eco Friendly Diwali क्या है? आप सभी को दिवाली के बारे में पता ही होगा लेकिन शायद ही कोई ऐसे लोग हो जिसे की ईको-फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाई जाती है के विषय में पता हो. साल का सबसे प्रतीक्षित त्यौहार Diwali बहुत ही जल्द आने वाला है. यह त्यौहार शुभ अवसर खुशी को फैलाने, जीवन को उजागर करने और मानवीय बंधन को पूरा करने के बारे में है. लेकिन इस त्यौहार को हम लोगों ने बड़ा का खतरनाक बना दिया है जिसमें हवा, noise pollution जैसे बहुत से तकलीफें पैदा करता है. इन दिनों में लोगों को fresh हवा मिलना बहुत मुस्किल होता है.

ख़ास ऐसे ही कारणों के लिए यह सलाह दी जाती है की इस दिवाली आप भी Eco friendly Diwali मनाएं. इन environmentally friendly तरीकों का पालन करने से न केवल ये आपके लिए अच्छा है बल्कि इससे दुसरे सभी को भी फायेदा होता है. तो चलिए ऐसे कुछ तरीकों के बारे में जानते हैं जिससे की हम सभी इस वर्ष eco-friendly Diwali मना सकें.

उत्सव, रौशनी, मिठाई, उपहार, प्यार, स्नेह, परिवार और पडोसी – ये वही चीज़ें हैं जो की Diwali को सही माईने में व्याख्या करते हैं. इस समय पुरे देश में एक अलग ही वातावरण रहता है जहाँ इसे हर्ष और उल्लाश से सभी इसे celebrate करते हैं. लेकिन जैसे जैसे हम develop कर रहे हैं हम chemicals का ज्यादा इस्तमाल करते हैं, ऐसे में हम फटाके, फुलझड़ी जैसे कई रासायनिक पदार्थ शामिल हैं. इनका हमारे पर्यावरण में काफी ख़राब impact होता है. इसलिए Eco-friendly diwali का चारों तरफ बड़ा craze हैं, लेकिन लोगों को इसके विषय में बिलकुल ही अंदाजा नहीं है और साथ में ये भी नहीं पता की कैसे Eco Friendly दिवाली मनायें. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को Eco Friendly दिवाली कैसे मनाएं के विषय में कुछ जानकारी प्रदान की जाये. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

ईको-फ्रेंडली दिवाली क्या है

Diwali kaise manai jati hai

Eco Friendly दिवाली उसे कहते हैं जिसमें की दिवाली को Environmentally friendly तरीके से मनाया जाता है. इसका मतलब है की दिवाली को कुछ ऐसे रूप से मनाये जिससे की पर्यावरण को कोई भी क्ष्यति न पहुचें. इसमें कोई भी chemicals, फटाके और ऐसे चीज़ों का इस्तमाल नहीं होता है जो की प्रदुषण फैलाते हैं. इससे हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है. आजकल सभी Eco Friendly Diwali मनाने की सलाह देते हैं.

ईको-फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाई जाती है

तो फिर जानते हैं कुल 12 तरीके जिनका इस्तमाल कर हम इस दिवाली को और भी बेहतरीन ढंग से noiseless, प्रदुषण मुक्त (pollution free) और यादगार दिवाली कैसे मनाते है.

1. सबसे पहले बड़ा ‘नहीं’ बोलें फटाकों (crackers) को

वैसे देखा जाये तो फटाकों में कुछ भी अच्छा नहीं होता है, क्यूंकि वे शोर मचाने वाले, loud, खतरनाक होते हैं और साथ में वो मेह्जुदा प्रदुषण को अपना व्यर्थ योगदान देते हैं. इन्ही बातों को गौर करके और इनकी ख़राब impact पर्यावरण को नज़र में रखते हुए Supreme Court ने फटाकों की बिक्री में रोक लगायी हैं November 1 तक Delhi-NCR के इलाके में.

2. मिटटी से बने दीयों का इस्तमाल करे

हमारे परंपरा में इस्तमाल होने वाली मिटटी के दिए से बढ़िया और कोई भी दिया नहीं है. भले ही हम इन्हें पुराने रीती रिवाज के नाम पर और इस्तमाल न कर रहे हों. लेकिन ऐसा करने से आप न केवल इस धरती माँ के लिए और हमारे पर्यावरण के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, बल्कि इनका इस्तमाल करने से आप local कारीगरों को उनके रोजगार में सहायता प्रदान करे हैं. साथ में दिया paintings जैसे बहुत से fun activities भी आप organize कर सकते हैं अपने पास के schools और colleges में. इससे बच्चों को मिटटी के दिए की अहमियत मालूम पड़ेगी.

3. रंगोली बनायें Organic Colours के इस्तमाल से

इस दिवाली अपने घर पर और आसपास के इलाकों में आप chemical colors के बदले में organic colors के इस्तमाल से रंगोली बना सकते हैं. इसमें आप कई प्रकार के फूल, scenaries, लक्ष्मी माता के चित्र इत्यादि बना सकते हैं जो की आपको आनंद प्रदान करें.

4. अपने पालतू जानवरों की रक्षा करे

दिवाली जैसे त्यौहार बहुत ही भयानक हो सकते हैं आपके पालतू जीवों के लिए. क्यूंकि उन्हें इतने भयानक आवाज की experience नहीं होती है जिसके कारन उन्हें बहुत तकलीफ हो सकता है इन आवाजों को सुनकर. वे इससे डर भी सकते हैं और इधर उधर भाग दौड़ भी कर सकते हैं जिससे उनके साथ कोई हादसा भी होने की संभावनाएं हैं. ऐसे में न खुद कोई फटाका जलाएं और साथ में अपने पड़ोसियों को भी फटाके न जलाने के लिए कहें, या हो सके तो कम शोर वाले जलाएं.

5. अपने घर को सही तरीके से सजाएं

केवल बाहर से कीमती चीज़ें लाने से ही घर को सजाया जा सकता है ऐसा सोचना बिलकुल ही गलत बात है. क्यूँ आप अपने पुराने चीज़ों को सही इस्तमाल कर उन्हें एक नया look दे सकते हैं. ऐसे में Internet आपको काफी मदद कर सकता है क्यूंकि internet में ऐसे बहुत से DIY ideas उपलब्ध हैं जिन्हें कोई भी आसानी से काम में ला सकता है. आपको बस उन्हें खोजकर अपने घर में सजाने की देरी है.

6. अपने पुराने चीज़ों को जरुरतमंदों को दान करे

दिवाली में तो सभी अपने घरों की साफ़ सफाई जरुर से करते हैं. ऐसे में अगर आपने भी किया तो हो सकता है की आपके घर में भी ऐसी कुछ वास्तुवें निकले जो की पुरानी हो और आप उनका इस्तमाल न करते हों. हो सकता है की ये आपके काम की चीज़ न हो लेकिन कईयों के भाग्य में वो भी नहीं होता है. इसलिए इस दीपावली चलिए ऐसे चीज़ों को बाहर नहीं फेक कर चलिए किसी ऐसे व्यक्ति को उन्हें दें जिससे उनकी यह दिवाली अच्छे ढंग से बीते.

7. किसी NGO में जाकर Volunteer करे

सबसे best तरीका है diwali को मानाने का की आप किसी ऐसे NGO में जाकर register ही जाएँ जो की दुसरे ऐसे स्थानों में जाता हो जहाँ की उनके पास पैसे नहीं होते हैं दिवाली मानाने के लिए. ऐसे में अगर आप इन NGO का हिस्सा बन जाएँ तब आप जरुर ही इन सभी का आनंद उठा सकते हैं और लोगों को बड़े करीब से जान सकते हैं.

8. मिठाई और उपहारों के लिए Plastic का इस्तमाल न करे

इस दिवाली चलिए प्रण करते हैं की हाथों से बने paper wrapping का इस्तमाल करेंगे उपहारों और खाद्य पदार्थो को pack करने के लिए.

9. Waste को ठीक से Discard करे

कोई भी त्यौहार हो उसके ख़त्म होने के बाद बहुत से waste products निकलते हैं. चाहे तो फटाके हों या कोई home decor हों, सभी बहुत सारे waste पैदा करते हैं. इसलिए इस दिवाली चलिए Waste को सही रूप से discard करते हैं और उन्हें separate bio-degradable और non-bio degradable waste में बाँट कर रखते हैं. इससे उनके disposal में कोई भी तकलीफ नहीं होगी और गन्दगी भी इधर उधर नहीं फैलेगी.

10. घर पर मिटाई बनाइये और बांटें

पैसे हों तो आप बाज़ार से मिठाई आसानी से खरीद सकते हैं. लकिन उसमें मजा नहीं है क्यूंकि जो मज़ा उसे घर में खुद परेशान होकर परिवार वर्गों के साथ हँसी मजाक कर उसे करने में हैं वो बाज़ार से खरीदने में कहाँ. इसलिए सभी सामग्री लाकर घर में ही मिठाई बनायें और अपने पास पड़ोसियों के साथ मिल बांटकर खाएं. इससे प्यार और स्नेह बढ़ता है.

11. अपने समान को Recycle करे

अपने दीयों को इस्तमाल के बाद बाहर फेक न दें इससे गन्दगी बढती है. बल्कि आप उन्हें साफ़ करके दुबारा इस्तमाल कर सकते हैं. इससे आपका पैसा भी save होगा और ज्यादा गन्दगी भी नहीं फैलेगी.

12. अपने उपहारों को Innovate करे

अपने Diwali के उपहारों को इस दिवाली Innovate करें और मिठाई के डब्बे के जगह में कुछ ऐसा उपहार प्रदान करें जो की लोगों के लिए सही हो. जहाँ मिठाई के ज्यादा खाने से cholesterol और diabetes के risk बढ़ जाते हैं, इसलिए यह उचित है की आप कुछ healthier options की खोज करें जैसे की हवा को purify करने वाले पौधे, feng shui के पौधे , kitchen के पौधे, solar power gadgets, खादी के कपडे, या मिठाई के जगह में बादाम इत्यदि.

Conclusion

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को ईको-फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाई जाती है? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को ईको-फ्रेंडली दिवाली क्या है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post Eco-Friendly Diwali क्या होता है हिंदी मेंसे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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