Aadhar Card Virtual ID क्या है और कब से लागू होगा?

क्या आपने Aadhar Card के नए Virtual ID के बारे में सुना है? जबसे सरकार ने aadhar card को और ज्यादा सुरक्षित करने के लिए एक कदम लेने की सोची है तब से आजकल जिसे देखो वो Aadhar Card के इस Virtual ID के बारे में ही बात कर रहा है. लेकिन बहुत ही कम लोगों को इस Virtual ID के बारे में पूरी जानकारी है.

जबसे Aadhar Card के information का misuse होने लगा है तबसे लोगों में अपने Aadhar Card की safety को लेकर चिंता बनी हुई है. बस इसी परेशानी से निपटने के लिए सरकार ने Virtual ID को इस्तमाल करने पर जोर दिया है. तो अगर आप Aadhar नंबर को share नहीं करना चाहते हैं तो आप इस 16 Digit की Virtual ID का इस्तेमाल के बेहतर option के तौर पर KYC के लिए कर सकते हैं. सुत्रों के हिसाब से इस नई प्रणाली का उद्देश्य Aadhar संख्या के लीक होने और उसके दुरुपयोग के मामलों को कम करने के लिए है और इसके साथ हमारे देश के 119 करोड़ लोगों की पहचान संख्या की गोपनीयता को बढ़ावा देना भी है.

अगर आपके पार इसके बारे में जानकारी मेह्जुद है तब तो ये बहुत ही अच्छी बात है लेकिन अगर आपको इसके विषय में पूरी जानकारी नहीं है तो फिर घबराने की कोई बात नहीं है क्यूंकि आज हम Government के इस नए कदम के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे. आज हम जानेंगे की आखिर ये 16 अंकों वाला Virtual Aadhar ID क्या है और ये कैसे Aadhar Card को सुरक्षित रख सकता है. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

Aadhar Card Virtual ID क्या है?

Aadhar Card Virtual ID Kya Hai Hindi

Virtual ID एक तरह से information वाला आधार का एक क्लोन होगा. जिसमें User की सिर्फ कुछ Basic Details जैसे की नाम, पता और photo ही share की जा सकेंगी. इस Virtual ID को कोई दूसरा व्यक्ति नहीं केवल Card Holder (कार्ड धारक) ही UIDAI की वेबसाइट, aadhar app या aadhar centre या केंद्र के माध्यम से इसे generate कर सकेगा. ध्यान रहे की इस ID को एक से ज़्यादा बार generate किया जा सकता है लेकिन ये एक limited समय के लिए ही valID रहेगा और नया code generate होते ही पुराना वाला invalid हो जाएगा. इसकी और एक खास बात ये भी है कि इसकी नकल या duplicacy नहीं की जा सकेगी, ऐसा इसे बनाने वालों का दावा है.

UIDAI (Unique IDentification Authority of India) की ओर से जारी एक खबर में कहा गया है कि हाल में Aadhar से जुड़े Data की Safety को लेकर बहुत सारे सवाल उठाये गए हैं. इसी चीज़ को ध्यान में रखते हुए Aadhar System को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए इसमें कुछ ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जो की आगे चलकर कारगर सिद्ध हो. एक report के अनुसार अभी तक हमारे देश में करीब 119 करोड़ लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं. और तो और पहचान के लिए aadhar card को स्कूल, बैंक, phone company, नौकरी (services) से लेकर तकरीबन सभी जगहों में इसे अनिवार्य किया जा रहा है. 1 March से Virtual ID को बनाने की सुविधा शुरू हो जाएगी और 1 June से सभी संस्थानों (institutions) में आधार कार्ड की जगह Virtual ID का इस्तमाल compulsary कर दिया जाएगा.

Virtual ID के कुछ HIGHLIGHTS

  • UIDAI’s के इस Virtual ID की मदद से करीब 119 crore Aadhaar holders को आसानी होगी इस 16-digit temporary number को generate करने के लिए.
  • इस Temporary Number को हम Aadhar Card Number के बदले आसानी से और सुरक्षित ढंग से अपने bank, insurance company or telecom service provIDer के साथ Share कर सकते हैं.
  • Officials का कहना है की इस Virtual ID को इस्तमाल कर किसी के पक्ष में ये मुमकिन नहीं है की वो किसी दुसरे नागरिक के Aadhar Number को ढूंड सके. जिस करना इसका इस्तमाल Aadhar Card को और भी ज्यादा Safe बना देता है.

Virtual ID के कुछ Safety Features

अगर हम Virtual ID के कुछ दुसरे safety features की अगर बात करें तब information की limited sharing प्रमुख है जहाँ की Aadhar Card में स्थित data का misuse होने से इसे रोकना है. क्यूंकि अक्सर जगहों पर इन्ही data को चोरी कर लिया जाता है. अभी के System को बात करें तब इसमें Service provIDer के साथ Authentication के दोरान पांच चीज़ें share की जाती थी जो की है – name, date of birth, photo, address और mobile number, लेकिन अभी के नए system के अनुसार केवल उन्ही चीज़ों के विषय में जानकारी share की जाएगी जो की उसी समय में जरुरत है.

उदहारण के तोर पे अगर आपको एक नया mobile connection लेना है तब आप केवल अपने service provIDer के साथ जरुरत के information जैसे की name, photo और address ही share करेंगे. इससे आपके data का misuse नहीं हो पायेगा.

क्यूँ Virtual ID को लाया गया है

अब सवाल उठता है की आखिर ये Virtual ID को क्यूँ लाया गया है? इसका आसान सा जवाब है की Aadhar Card को और ज्यादा सुरक्षित करने के लिए.

हाल फिलहाल ही बहुत से लोगों के Aadhar Cards details leak होने की घटना सामने आई थी. तो इन घटनाओं से सरकार अब चेत गई है. इसलिए Aadhar Card की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच Unique IDentification Authority of India (UIDAI) या भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इसकी security को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए एक बहुत ही बड़ा कदम उठाया है. इस दिशा में UIDAI ने एक नया concept पेश किया है जिसका नाम है ‘Virtual ID’.

अब हमारे देश के नागरिकों को government के विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अपना Aadhar Number देना अनिवार्य नहीं होगा. अब Aadhar Card Holder UIDAI के Website से अपना 16 अंकों का Virtual ID बना सकेगा जिसे वो Banks, Government Offices, Government Schemes, Schools, Colleges, SIM Verification जैसे विभिन्न जगह दे सकता है. यदि में आसान भाषा में कहूँ तो अब हमें और अपना 12 अंकों का Aadhar Number देने की जरूरत नहीं होगी.

कब से Virtual ID की सुविधा को लागु की जाएगी

Aadhaar Card Virtual ID Security

UIDAI के अनुसार 1 March 2018 से Virtual ID को इस्तमाल में लाया जायेगा और 1 June 2018 से इसे पूर्ण रूप से कार्यक्षम कर दिया जायेगा और इसे अनिवार्य भी कर दिया जायेगा.

Virtual Aadhar ID कितना Safe है

User जितनी बार चाहे उतनी बार Virtual ID generate कर सकता है. यह ID सिर्फ कुछ समय के लिए ही valID रहेगी, और दूसरा ID बनते ही पहला ID invalID बन जायेगा.

UIDAI (यूआईडीएआई) के मुताबिक यह सीमित KYC होगी. इससे संबंधित Agencies को भी Aadhar Details की excess नहीं होगी. ये agencies भी सिर्फ Aadhar Virtual ID के आधार पर सब काम निपटा सकेंगी. UIDAI ने virtual ID की जो व्यवस्था लाई है, इसके तहत user जितनी बार चाहे उतनी बार virtual ID generate कर सकेगा. लेकिन यह ID सिर्फ कुछ समय के लिए ही valID रहेगी.

Limited KYC की सुविधा Aadhar Users के लिए नहीं बल्कि Agencies के लिए है. Agencies KYC के लिए आपका aadhar detail लेती हैं और उसे store करती हैं. Limited KYC के सुविधा के बाद अब Agencies आपके आधार नंबर को store नहीं कर सकेंगी. इस सुविधा के तहत एजेंसियों को बिना आपके आधार नंबर पर निर्भर हुए अपना खुद का KYC करने की इजाजत होगी. Agencies Tokens के जरिए Users की पहचान करेंगी. KYC के लिए Aadhar की जरूरत कम होने पर उन Agencies की तादाद भी घट जाएगी जिनके पास आपके आधार की डिटेल होगी. इससे लोगों के Aadhar Details का misuse नहीं हो पायेगा.

Agencies को दो श्रेणियों में बांटी जाएँगी

UIDAI सभी agencies को दो श्रेण‍ियों में बांट देगी. इसमें एक स्थानीय और दूसरी वैश्वि क श्रेणी होगी. इनमें से सिर्फ वैश्वि क agencies को आधार नंबर के साथ ईकेवाईसी की excess होगी. वहीं, दूसरी तरफ स्थानीय agencies को सीमित KYC की सुविधा मिलेगी.

Aadhar Virtual ID बनाने वालों का क्या कहना है

पूर्व UIDAI chief “Nandan Nilekani” ने बुधवार को tweet करके कहा की Aadhar यहाँ रहने के लिए आया है. मुझे बहुत खुशी हो रही है की UIDAI ने Virtual ID और Limited KYC जैसे उपायों के बारे में सोचा जिससे Aadhar Card की जानकारी को और भी ज्यादा Secure और Safe रखा जा सकता है.

UIDAI के CEO “Ajay Bhushan Pandey” जी का कहना है की ये एक ऐतिहाशिक कदम है हमारे 119 crore लोगों के Aadhar Cards को safe रखने का, ये एक ऐसा unique innovation है जो की पुरे विस्व में आप कहीं नहीं देख सकते हैं और जो Aadhar को और ज्यादा Safe रख सकता है.

एक Official का कहना है की Agencies को बहुत समय प्रदान किया जा रहा है ताकि वो जल्द से जल्द इस नए technology को अपने software में update कर लें जिससे की लोगों को इस नए option को इस्तमाल करने में आसानी हो. इसके साथ उन्होंने ये भी कहा है की Departments हमें उनके जरुरत के data के बारे में बताए जिनके उनके साथ Share किया जाये ताकि वो अपना काम ठीक से कर सकें और उसी हिसाब से हम अपने protocol बना लेंगे.

Aadhar Card Virtual ID का भविष्य क्या है

Aadhar Card के data का misuse होने से रोकने के लिए UIDAI के द्वारा Virtual ID को कार्य में लाया गया है. इससे लोगों को अब अपने Aadhar Card का number share करने की जरुरत नहीं है बल्कि इसके बदले वो Virtual ID का इस्तमाल कर सकते हैं. इससे उनका data safe रहेगा. Virtual ID का concept तो अभी अभी आया है अब देखने की बात ये है की ये concept कितने हद तक सफल होगा. दूर से तो ये सही लग रहा है लेकिन इसकी असली परीक्षा तभी होगी जब से हमारे देश के 119 crore लोगों के details को सही तरीके से safe रखे. अगर सरकार इसी प्रकार के नए नए security measures समय समय पर लती रही तब बहुत हद तक Aadhar Card जैसे महत्वपूर्ण documents को hackers से बचाया जा सकता है.

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को Aadhar Virtual ID क्या है के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Virtual ID के बारे में समझ आ गया होगा. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा. आपको यह लेख Virtual Aadhar ID in Hindi क्या है कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

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