एमएलए का फुल फॉर्म क्या है?

शायद आप में से बहुत से लोगों को ये पता होगा की MLA का Full Form क्या होता है? जो की बहुत ही अच्छी बात है, लेकिन ऐसे भी कुछ लोग होंगे जिन्हें इस विषय में कोई भी जानकारी नहीं है. ये सवाल अक्सर बहुत से प्रतियोगिता परीक्षा में आमतोर से पूछे जाते हैं. ऐसे में अगर आपको इसका जवाब पता हो तो आप आसानी से exam को crack कर सकते हैं.

इसलिए मैंने सोचा की की क्यूँ न आप लोगों को MLA Full Form in Hindi के विषय में जानकारी प्रदान की जाये जिससे की आपको इस Full Form के बारे में जानें. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की आखिर MLA का फुल फॉर्म in hindi क्या होता है.

एमएलए का पूरा नाम क्या है

MLA Ka Full Form Kya Hai Hindi

MLA का पूरा नाम होता है Member of the Legislative Assembly. MLA एक ऐसा representative होता है की जिसे की elect या जाता है voters के द्वारा वो भी एक constituency की legislature में State government in India की. Member of the Legislative Assembly (MLA) का हनव किया जाता है आम नागरिकों के द्वारा.

MLA क्या है?

MLA को विधायक भी कहा जाता है. एमएलए एक निर्वाचक जिले (निर्वाचन क्षेत्र) के मतदाताओं द्वारा निर्वाचित एक प्रतिनिधि होता है जो कि भारत की सरकार की व्यवस्था में एक राज्य का विधानमंडल होता है. उत्तर प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा MLA (403) हैं जबकि पुडुचेरी में सबसे कम विधायक(MLA)(30) हैं.

जम्मू और कश्मीर के संविधान के तहत, पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र के लिए निर्धारित 24 सीटों को छोड़कर उस राज्य की विधान सभा में सीटों की संख्या 87 है, जिसमें से 7 सीटें जम्मू और कश्मीर के अनुसरण में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई हैं.

एमएलए का फुल फॉर्म हिंदी में – Full form of MLA in Hindi

MLA का Full Form होता है Members of the Legislative Assembly. ये असल में Representative होते हैं legislative assembly की. इन members को elect किया जाता है voters के द्वारा एक constituency की. वहीँ इनकी काफी अलग अलग responsibilities होती है उनके positions के हिसाब से.

M – Member of
L – Legislative
A – Assembly

एमएलए का क्या भूमिका है?

चार अलग-अलग भूमिकाओं को पूरा करने के लिए विधायक की आवश्यकता हो सकती है:

1. विधायक की भूमिका में मौजूदा कानूनों की भावना को समझना, नए कानूनों की योजना बनाना और अध्ययन करना, चर्चा करना और फिर नए कानूनों को लागू करने का समर्थन या विरोध करना शामिल है.

2. अपने या अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में, एक सदस्य की ओर से आवाज उठा सकता है, दृष्टिकोण या अंतर का प्रतिनिधित्व कर सकता है और समस्या को हल करने में सहायता कर सकता है.

3. एक विधायक एक निर्वाचित पार्टी का सदस्य भी होता है. इस समारोह में, वह सदन की योजना और रणनीति में शामिल हो सकता है और दिए गए विषय क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित कर सकता है.

4. अपनी पार्टी के राजनीतिक भाग्य के आधार पर, विधायक कैबिनेट मंत्री या विपक्षी आलोचक के रूप में कार्य कर सकता है.

विधायक (MLA) बनने के लिए योग्यताए – MLA Eligibility in Hindi

एक निर्वाचित जिले का विधायक बनने के लिए अनेक योग्यताओं का होना मान्य रखता है| एक स्वस्थ व्यक्ति को MLA बनने के लिए निम्न योग्यताएं होनी आवश्यक है –

1. विधायक के पद पर उमीदवार बनने के लिए आपके पास देश की राष्ट्रीयता होनी आवश्यक है, अर्थात आप भारतिय नागरिक होने चाहिए|

2. आपकी उम्र 25वर्ष से उपर होनी चाहिए|

3. यदि आप MLA के पद के लिए उम्मीवार बनना चाहते है, तो आपका मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्य्क है, अर्थात कोई पागल व्यक्ति MLA के पद के लिए उमीदवार नहीं बन सकता है|

4. MLA उमीदवार को अपने राज्य का मतदाता होना आवश्यक है|

एमएलए का वेतन कितना होता है?

राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए सभी विधायकों को रुपये के तौर पर ‘विधायक निधि’ दी जाती है. प्रत्येक राज्य विधानसभा में 1 करोड़ से 4 करोड़ प्रतिवर्ष दी जाती है. यह फंड हर राज्य में अलग है .

क्या आप जानते हैं कि हर विधायक को विधायक निधि के अलावा हर महीने एक निश्चित वेतन मिलता है? यह वेतन राज्य से अलग-अलग होता है. भारत में, उच्चतम वेतन रु. तेलंगाना राज्य के विधायकों को प्रति माह 2.5 लाख रुपये दिए जाते हैं, जबकि त्रिपुरा विधानसभा के विधायकों को सबसे कम वेतन 30000 रुपये दिए जाते हैं.

आइए जानते हैं कि भारत में विभिन्न विधानसभाओं के विधायकों को कितना वेतन और फंड दिया जाता है?

राज्य विधान सभाविधायक का वेतन और निधि (रु. में)
 1. तेलंगाना 2.5 लाख रु.
 2. दिल्ली 2.10 लाख रु.
 3. उत्तर प्रदेश 1.87 लाख रु.
 4. महाराष्ट्र 1.70 लाख रु.
 5. जम्मू और कश्मीर 1.60 लाख रु.
 6. उत्तराखंड 1.60 लाख रु.
 7. आंध्र प्रदेश 1.30 लाख रु.
 8. हिमाचल प्रदेश 1.25 लाख रु.
 9. राजस्थान 1.25 लाख रु.
 10. गोवा 1.17 लाख रु.
 11. हरियाणा 1.15 लाख रु.
 12. पंजाब 1.14 लाख रु.
 13. झारखंड 1.11 लाख रु.
14. मध्य प्रदेश 1.10 लाख रु.
 15. छत्तीसगढ़ 1.10 लाख रु.
 16. बिहार 1.14 लाख रु.
 17. पश्चिम बंगाल 1.13 लाख रु.
 18. तमिलनाडु 1.05 लाख रु.
 19. कर्नाटक 98 हजार रु.
20. सिक्किम 86.5 हजार रु.
 21. केरल 70 हजार रु.
 22. गुजरात 65 हजार रु.
23. ओडिशा 62 हजार रु.
 24. मेघालय 59 हजार रु.
 25. पुडुचेरी 50 हजार रु.
 26. अरुणाचल प्रदेश49 हजार रु.
 27. मिजोरम 47 हजार रु.
 28. असम 42 हजार रु.
 29. मणिपुर 37 हजार रु.
 30. नागालैंड 36 हजार रु.
 31. त्रिपुरा 34 हजार रु.

विधायकों को वेतन के अलावा और कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?

आइए नजर डालते हैं उत्तर प्रदेश के एक विधायक को मिलने वाली सुविधाओं पर:

उत्तर प्रदेश में एक विधायक को 5 साल के भीतर विधायक निधि के रूप में 7 करोड़ रुपये मिलते हैं . इसके अलावा; विधायक को रु. वेतन के रूप में 75,000 प्रति माह , रु. डीजल खर्च के लिए 24000, व्यक्तिगत सहायक के लिए 6000, रु. मोबाइल खर्च के लिए 6000 और रु. चिकित्सा व्यय के लिए 6000 रु.

इन खर्चों के अलावा, उन्हें सरकार के गेस्ट हाउसों में मुफ्त भोजन और रहने की सुविधा और अपने निर्वाचन क्षेत्र की यात्रा के लिए अलग से खर्च मिलता है. सभी खर्चों को जोड़ने के बाद MLA को हर महीने कुल लगभग 1 लाख 7 लाख रुपये मिलते हैं.

विधायक को पांच वर्षों में अपने निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए 200 हैंड पंप आवंटित करने का भी अधिकार है. इसके अलावा; एक व्यक्ति ट्रेन में एमएलए के साथ मुफ्त यात्रा कर सकता है.

विधायक बनने के लिए आपके पास क्या योग्यता होनी चाहिए?

विधायक बनने के लिए आपके पास निम्न योग्यता होनी चाहिए,

1. आपको एक भारतीय नागरिक होना चाहिए.

2. आपका उम्र 25 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए.

3. आप राज्य के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से मतदाता होना चाहिए जिसमें आप चुनाव लड़ रहे हैं.

यदि आप एक विधायक बनना चाहते हैं तो आपको अपने राज्य के किसी विधानसभा क्षेत्र से या किसी अन्य राज्य में पार्टी के टिकट से या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना होगा. लेकिन आपके पास किसी भी राज्य का वोटर आईडी कार्ड होना जरूरी है.

एमएलए के चुनाव की प्रक्रिया

विधायक, निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं. विधायक के चुनाव की प्रक्रिया निम्नलिखित है:-

1. चुनाव वर्तमान विधानसभा के कार्यकाल की समाप्ति के बाद होते हैं, आमतौर पर हर पांच साल की अवधि के बाद.

2. प्रत्येक राज्य जनसंख्या के आधार पर विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों या विशिष्ट क्षेत्रों में विभाजित है.

3. इन निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित उम्मीदवारों को 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों द्वारा वोट दिया जाता है.

4. जब तक उनमें से प्रत्येक पात्रता मानदंड को पूरा करता है, तब तक कोई भी उम्मीदवार एक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव के लिए खड़ा हो सकता है.

5. उम्मीदवार या तो एक विशिष्ट राजनीतिक दल से संबद्ध हो सकते हैं या स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं.

6. उम्मीदवारों को अपनी योजनाओं और अपने निर्वाचन क्षेत्र की चिंताओं को दूर करके खुद के लिए रैली करना आवश्यक है.

7. मतदान एक गुप्त मतदान द्वारा किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वह मतदाता जानता है जिसके लिए उसने मतदान किया है.

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख एमएलए का फुल फॉर्म क्या है जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को MLA Full Form in Hindi के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

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2 COMMENTS

  1. bhai ye post padhkar bada ajeeb sa laga, kayi jagah hindi k kayi mistakes dikhayi diye hai. aap bhut achha post likhte h lekin is post me kayi galtiya dikhayi di..

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