म्यूचुअल फंड के नुकसान जानकर करें निवेश

म्यूचुअल फंड के नुकसान क्या है? हमारे पिछले लेख में आपने म्यूचुअल फंड के सभी फायदों के बारे में तो जान ही लिया है कि कैसे आप अपने पैसे को दोगुना कर सकते है और अच्छी खासी रकम प्राप्त कर सकते हैं।

अब हम आपको म्यूचुअल फंड के नुकसान के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे ताकि आप सभी चीजों को अच्छी तरह समझ कर ही म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करें और आपको किसी भी जोखिम का सामना ना करना पड़े। तो फिर चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं की आख़िर में क्या सच में म्यूचुअल फंड के नुकसान है भी या नहीं?

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के नुकसान

जिस प्रकार म्यूच्यूअल फंड मे पैसे लगाने के फायदे है उसी प्रकार म्यूचुअल फंड के नुकसान भी है जो निम्न प्रकार है.

mutual fund ke nuksan hindi

1. रिटर्न की गारंटी नहीं

बाजार में कई ऐसे इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस मौजूद है जो आपको एक निश्चित रिटर्न देते हैं। लेकिन म्यूच्यूअल फंड में ऐसा नहीं होता है म्यूच्यूअल फंड का फायदा सीधे स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव से जुड़ा होता है। स्टॉक मार्केट में हमेशा रिस्क बना रहता है। यही कारण है कि म्यूचुअल फंड के फायदे में भी उतार-चढ़ाव लगा रहता है।

अगर आपको लगता है कि आप कम समय में म्यूचुअल फंड से बहुत अधिक मुनाफा प्राप्त कर लेंगे तो यह आपकी गलतफहमी है। क्योंकि कम समय में म्यूचुअल फंड में आपको मुनाफा नहीं हो सकता इसके लिए आपको अपना निवेश लंबे समय तक के लिए म्यूचुअल फंड में लगाना होगा तभी आप बड़ा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं।

2. म्यूच्यूअल फंड की लागत

म्यूच्यूअल फंड को संभालने के लिए हमारे द्वारा निवेश किए गए फंड में  कुछ पैसा expense ratio के रूप में फंड हाउस को दिया जाता है। अगर आप कम अवधि के लिए निवेश करते हैं तो यह खर्चा आपको कम लगेगा परंतु वही जब आप लंबे समय के लिए निवेश करते हैं तो यह बहुत अधिक हो जाता है। इसलिए जब भी आप म्यूचुअल फंड में निवेश करें तो उससे पहले म्यूचुअल फंड के खर्चों से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर लें।

3. एग्जिट लोड (Exit Load) लेना

अगर आप म्यूचुअल फंड के निवेश को 1 वर्ष के भीतर ही निकाल लेते हैं तो आपको उस पर 1% Exit Load देना होगा यह NAV का बहुत छोटा सा हिस्सा है। Exit Load को लगाने का मकसद है कि निवेशक बहार न जाये क्योकि कई लोग स्कीम्स मे एंट्री व एग्जिट करते है। यह उन लोगो के लिए बेकार है जो म्यूच्यूअल फंड से अपना पैसा जल्दी निकलना चाहते है।

कुल एग्जिट लोड = एग्जिट लोड प्रतिशत * निकली जाने वाली राशि
= 0.01 * 200000
= 2000 रुपए

4. लॉक इन अवधि

लॉक इन अवधि से तात्पर्य है कि आपको अपना निवेश किया गया पैसा एक निश्चित समय के लिए जमा करना होगा और उस दौरान आप उस पैसे को निकाल नहीं सकते है। अगर आप उस पैसे को निकालते हैं तो आपको अपने निवेश पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 वैसे तो सभी स्कीमों पर लॉक इन अवधि नहीं लगाई जाती है लेकिन क्लोज एंडेड स्कीम और elss स्कीम मे लॉक इन अवधि जरूर होता है। इसलिए आपको हमेशा उस पैसे का निवेश करना चाहिए जिसकी जरूरत आपको तुरंत ना पढ़े नहीं तो आपको जब पैसों की जरूरत होगी तो आप को परेशानियों का सामना करना ही पड़ेगा।

5. म्यूच्यूअल फंड रिटर्न पर टैक्स

म्यूच्यूअल फंड स्कीम पर भी आपको टैक्स देना होता है जिससे कि आप के मुनाफे का कुछ प्रतिशत कम हो जाता है। अगर आप 12 महीने से कम अवधि के लिए इक्विटी में निवेश करते है तो आपको short term capital gain के रूप में 15% टैक्स।

और अगर आप 12 महीनों से अधिक समय के लिए निवेश करते है तो long term capital gain के रूप में 10% टैक्स देना होता है इसलिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आप कोशिश करें कि आप अपनी निवेश की गई राशि को लंबे समय तक स्टॉक बाजार में लगा पाए।

6. नियंत्रण की कमी

जैसा की आप सभी जानते है म्यूचुअल फंड में जो पैसा निवेश किया जाता है उस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता है, बल्कि उसे फंड मैनेजर के द्वारा नियंत्रित किया जाता है। वही अपनी इच्छा के अनुसार हमारे निवेश को स्टॉक मार्केट या अन्य बाजार में लगाता है।

यह सभी निवेशकों के लिए निर्धारित है कि उनका निवेश किया गया पैसा फंड मैनेजर के द्वारा ही संचालित किया जाएगा, इसके अलावा आपसे ही कुछ पैसा लेकर फंड मैनेजर की सुविधा दी जाती है।

7. डायरेक्ट निवेश से हानि

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए निवेशक को तकनीकी जानकारी होना आवश्यक है इसका अर्थ है कि निवेशक बाजार की स्थिति के बारे में जानता हो और उसे पता हो की म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है।

अगर निवेशक को इन बातों की समझ नहीं होगी तो डायरेक्ट निवेश करने में गलतियों की संभावना रहती है। अधिक रिटर्न पाने के लिए डायरेक्ट निवेश बेहतर विकल्प है परंतु बिना समझ के इस में हाथ डालना बेवकूफी भरा हो सकता है।

8. स्कीम चुनने में गलती

भारत के अलग-अलग म्युचुअल फंड हाउस कई स्कीमों की पेशकश करते हैं। निवेशकों के द्वारा एक सही स्कीम  का चयन करना आसान बात नहीं है। अधिकतर निवेशक भविष्य के प्रदर्शन को ध्यान में न रखते हुए पिछले प्रदर्शन को देखकर स्कीम का चुनाव कर देते है। 

इस तरह से वह संभावित रिटर्न पाने से वंचित हो जाते हैं जिसे किसी दूसरे स्कीम में निवेश करके प्राप्त कर सकते थे इसलिए इस बात का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिये कि आप बेहतरीन रिटर्न वाले म्यूच्यूअल फण्ड मे निवेश करे ताकि उसका फायदा आपको मिले।

9. विविधीकरण

म्यूचुअल फंड में विविधीकरण (Diversification) से फायदा तो होता है लेकिन कई बार इससे आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

जब किसी स्टॉक का दाम दोगुना हो जाता है तब भी आपके म्यूच्यूअल फंड में निवेश की कीमत दोगुनी नहीं होती है, क्योंकि आपका निवेश फंड मैनेजर के द्वारा अलग-अलग शेयर में किया जाता है और जिस स्टॉक का दाम दोगुना होता है वह आपके म्यूचुअल फंड के निवेश का एक छोटा सा हिस्सा होता है जिसे आप बदल नहीं सकते है।

क्या आप Mutual Fund में निवेश करना चाहते हैं?

यदि आप Mutual Funds में अपने पैसे निवेश करना चाहते हैं तब ऐसे में आप Discount Broker “Groww” पर अपना account बना सकते हैं. इसमें आप बहुत ही जल्द और आसानी से Mutual Fund Account खोल उसमें अपने पैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं। निचे इसकी link दी गयी है.

Groww Account

Exit Load क्या है?

1 वर्ष के भीतर निवेश की गई राशि पर लगने वाला टैक्स।

म्यूच्यूअल फण्ड के नुक्सान क्या है?

कई निवेश पर रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

सिप से निवेश का फायदा क्या है?

सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करके आप अपने पूरे निवेश को एक बार जोखिम में नहीं डालते।

आज आप ने क्या सीखा?

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को म्यूचुअल फंड के नुकसान के बारे में पूरी जानकारी दी। और में आशा करता हूँ आप लोगों को Mutual Fund में निवेश करने के नुकसान के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

आपको यह लेख म्यूचुअल फंड के होने वाले नुकसान क्या है इन हिंदी कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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नमस्कार दोस्तों, मैं Prabhanjan, HindiMe(हिन्दीमे) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Enginnering Graduate हूँ. मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे. :) #We HindiMe Team Support DIGITAL INDIA

8 COMMENTS

  1. म्यूचल फंड में लगाया हुआ प्रिंसिपल अमाउंट हमेशा सेफ रहेगा क्या

  2. kiya aap mujhe bata sakte hai main kitne paiso se stating kar sakti hu or kiya ek fix amount hume har sal jama karani padti hain ya ek bar se hi ho jata hain

    main isme documents ke bare main bhi jana chaungi

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