NIFTY क्या है और ये SENSEX से कैसे अलग है?

कभी आपने निफ्टी क्या है (What is NIFTY in Hindi) के बारे में सुना है? क्या आपने कभी ये गौर किया है की बहुत सारे लोग NIFTY से जुडी बात करते रहते है. पर आप उनकी बातों को समझ नहीं पाते क्योंकि आप नहीं जानते की NIFTY क्या होता है? तो आज हम अपनी इस पोस्ट के माध्यम से आपको NIFTY से जुडी सारी जानकारी प्रदान करेंगे.

जब जब शेयर मार्किट से जुडी बात होती है तब तब NIFTY का नाम अवश्य लिया जाता है. हम अक्सर सुनते रहते है की NIFTY आज इतने अंक ऊपर गया या आज NIFTY इतने अंक गिरकर बंद हुआ. NIFTY क्यों ऊपर गया या फिर क्यों नीचे आया आज हम जानेंगे की निफ्टी के ऊपर नीचे होने से मार्किट पर क्या क्या प्रभाव पढ़ सकते है तो आइये शुरू करते है निफ्टी क्या होता है से.

निफ्टी क्या है (NIFTY in Hindi)

NIFTY Kya Hai Hindi

NIFTY का Full Form है National Stock Exchange Fifty यह नेशनल और फिफ्टी दो शब्दों से मिलकर बना हुआ शब्द है. इसको NIFTY 50 भी कहा जाता है पर आमतौर पर ज्यादातर लोग इसको NIFTY के नाम से ही प्रयोग में लाते है.

NIFTY, National Stock Exchange of India का एक मत्वपूर्ण Benchmark होता है. यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड 50 प्रमुख Shares का सूचकांक होता है. यह देश की 50 प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर नजर रखता है . और इसमें सिर्फ वही 50 कंपनी के शेयरों को देखा जा सकता है जो की लिस्टेड है.

ये उन 50 शेयर्स जो की लिस्टेड है उनके भाव में होने वाली तेज़ी या मंदी का भी ध्यान रखता है और उनकी भी सूचना प्रदान करता है. NIFTY 50 भारत का सबसे प्रमुख और मत्वपूर्ण Stock Index है. यह देश में सबसे ज्यादा Trend होता है. दुसरे नंबर पर BSE सेंसेक्स है.

आसान शब्दों में कहें तो NIFTY एक तरह एक स्टॉक इंडेक्स (Stock Index) है जो की 50 प्रमुख (Main) कंपनियों के स्टॉक को इंडेक्स करे हुए होता है. NIFTY में 50 से ज्यादा कंपनियो के स्टॉक लिस्ट नहीं किये जा सकते.
NIFTY में 12 अलग अलग सेक्टरों की 50 कंपनियां indexed है.

NIFTY का क्या काम है

NIFTY का काम हमें उन 50 कंपनियों और बजार की चाल के बारे में जानकारी प्रदान करने का होता है.

NIFTY से हमें पता चलता है जिन कंपनियों के शेयर लिस्टेड है वो कंपनी किस तरह काम कर रही है अगर कम्पनी अच्छा काम कर रही होती है तो उसका सीधा असर कंपनी के शेयरों के भाव में दिखता है और उस कंपनी के शेयर्स के भाव बढ़ जाते है. और जब किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर्स के भाव ऊपर जाते है या बढ़ जाते है तो फिर इसकी वजह से निफ्टी में भी तेजी आ जाती है.

ठीक इसी तरह अगर इंडेक्स में लिस्टेड कंपनियों को लाभ कम हो रहा है या नहीं हो रहा होता है तो इसका असर भी सीधा उस कंपनी के शेयर्स के भाव पर पड़ता है और शेयर्स के भाव में कमी आने लगती है. और जब शेयर्स के भाव में कमी आती है तो NIFTY में गिरावट देखी जा सकती है.

NIFTY और अर्थव्यवस्था

अब आप सोच रहे होंगे NIFTY और अर्थव्यवस्था का क्या सम्बन्ध हो सकता है. तो हम आपको बताना चाहेंगे की NIFTY और देश की अर्थव्यवस्था का गहरा समबन्ध है.

जैसे निफ्टी का ऊपर जाना हमें बताता है कि कोई कंपनी अच्छा लाभ कमा रही है और मुनाफा कर रही है. वेसे ही जब कंपनी अच्छा काम कर के अच्छा पैसा कमा रही होती है तो इसके पीछे देश की अर्थव्यवस्था भी अच्छा काम रही होती है. क्योंकि जितना ज्यादा भारतीय कंपनियां capital gain करेंगी उतना ही ज्यादा टैक्स आदि भारत की अर्थव्यवस्था में जोड़ा जायेगा जो की भारत की अर्थव्यवस्था को कहीं न कहीं मजबूत अवश्य बनाएगा.

NIFTY एक तरह से हमें कंपनी के शेयर्स के भाव में होने वाली तेजी और मंदी की तो जानकारी देता ही है इसके साथ साथ हमें पूरे बाजार की चाल क्या है यह भी समझाता है. अगर कोई बाजार की चाल को समझना चाहता है तो उसे NIFTY को समझना चाहिए.

NIFTY किस प्रकार बनता है?

NIFTY किस तरह बनता है या इस की गणना किस तरह की जाती है इससे तात्पर्य है उन 50 लिस्टेड कंपनियों के शेयर्स की गणना करना . निफ्टी में जहां सिर्फ 50 कंपनियां लिस्टेड होती है वहीँ NSE में लगभग 6000 के आसपास Comapanies listed होती है. अब उन 6000 कंपनियों में से 50 सबसे बड़ी कंपनियों को निफ्टी में रखा जाता है जिससे बाजार की चाल का अनुमान लगाया जा सके.

NIFTY में लिस्टेड 50 कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा खरीदे अथवा बेचे जाते है. निफ्टी में लिस्टेड ये 50 कंपनियां अलग अलग सेक्टरों से चुनी हुयी होती है. ये अपने क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियां होती है. इनका Market Capitalization पूरे बाजार का लगभग 60% होता है. जब भी इन कंपनियों के शेयर्स ज्यादा खरीदे जाने लगते है तो NIFTY ऊपर जाने लगता है और जब मंदी आती है तो निफ्टी वहीँ रुक जाता है या फिर नीचे आने लगता है.

निफ्टी में Listed 50 Companies को चुनने का index committee का होता है इस committee में बड़े बड़े अर्थशास्त्री आदि शामिल होते है.

NIFTY और सेंसेक्स में क्या अंतर है

निफ्टी और सेंसेक्स वेसे तो दोनों ही स्टॉक इंडेक्स यानी की संवेदी सूचकांक हैं. पर दोनों में कुछ अंतर है जो इन्हें एक दुसरे से अलग और एक को दुसरे से बेहतर बनाते है आइये जानते है क्या अंतर है सेंसेक्स और NIFTY में- निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है जबकि सेंसेक्स बॉंबे स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है.

जहाँ एक और BSE यानी की Bombay Stock Exchange के अंदर मात्र 30 कंपनियां ही listed (सूचीबद्ध) होती हैं वहीं NIFTY के अंतर्गत 50 कंपनियां listed होती है. इसलिए निफ्टी को शेयर बाजार के लिए ज्यादा विश्वासरुपी माना जाता रहा है. 50 कंपनियां 30 कंपनियों के मुक़ाबले में market capitalization का आंकलन बाजार की ज्यादा वास्तविक स्थिति दिखाने में कर पाएंगी.

दोनों का काम वेसे एक ही है. दोनों ही सूचकांक है और दोनों का ही वास्तविक मकसद शेयर बाजार की स्थिति बताना होता है.

NIFTY के फायदे

वेसे तो NIFTY के कई सारे फायदे है पर इनमे से कुछ प्रमुख फायदे जो आपकी जानकारी में होना आवश्यक है वो कुछ इस प्रकार है-

1. NSE किस प्रकार का काम कर रहा है NSE की performance के बारे में एक नजर में ही पता चल जाना.

2. बाजार में चल रही या फिर बाजार में होने वाली तेजी और मंदी की सूचना आसानी से मिल जाना. अगर NIFTY नीचे जाता है तो बाजार में मंदी आने वाली है. बाजार की चाल का सटीक अनुमान निफ्टी के माध्यम से लगाया जा सकता है.

3. NIFTY के माध्यम से हमें देश की अर्थव्यवस्था की जानकारी आसानी से मिल जाती है. हमें पता लग जाता है अगर बाजार में तेज़ी बानी हुयी है और निफ्ट ऊपर की तरफ जा रहा है तो इसका मतलब है की देश की अर्थव्यवस्था भी ऊपर की और जा रही है.

तो ये था हमारा पोस्ट की निफ्टी क्या है (What is NIFTY in Hindi) हमने इस पोस्ट के जरिये आपको निफ्टी से जुडी सारी जानकारी बांटने की कोशिश की है. मैं आशा करता हूँ आप लोगों को निफ्टी के बारे में समझ आ गया होगा. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

पर अगर आपको हमारी इस पोस्ट में कहीं कोई कमी दिखाई दे तो कृपया कमेंट बॉक्स में अपनी राय दे और हमें उस कमी को सुधारने में मदद करें ,धन्यवाद.

47 COMMENTS

  1. Good, you explain this topic. thank u, & im sharing something about Updates for Traders and Investors In Our Infini Trading Platform

    Updates to infini power Updates for Traders and Investors In Our Infini Trading Platform

    Dear Infini Power Users,

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    OI Change has been added to the Options Chain window

    We have added the “Open interest change” column in the option chain window. This helps the option traders to track the liquidity of the options contract without any difficulty.

      • Hello Pooja ji, SIP yani ki Systematic Investment Plan. ismein aapko ek sath amount deposit nahi karna hota balki aapko prati mahine ke hisab se paise fund mein deposit karna hota hai. ek baar aap apne bank account ko fund ke sath link kar dene ke baad ye automatically hi aapke account se mahine ke SIP amount ko katkar le jayega aur fund mein deposit kar dega.

        • SIP ko aap EMI ki tarah bi dekh skti h jisme apke linked bank account se monthly basis pe pesa katega …
          For Example :-
          As a SIP aapne kisi fund m investment kiya h aur apne monthly SIP1000 h. aur bank ko apne 10000 tak automatic SIP Ki payment karne ki permission diya h…fr bank har mahine apke behalf pe 1000 rs deduct kake fund m invest kar dega …
          Ye process har10 mahine tak chalta rah jab tak aap SIP ko cancel nhi karti …10 mahine isliye kyunki bank ko apne 10000 tak ki limit di thi …

  2. aapse 1 information chhahiye jo list me change aur % of change likha hota hai uska mtlb ky hai …..and 2nd ki jo company name ke side me rs cr likha hota hai uska company se ky connection hai…plz reply me sir in my mail..

  3. आपने नेफिटी की अच्छी जानकारी दी,please आप मुझे neafity , BSC और सेंसेक्स का अंदर आने वाली टॉप कंपनियों का नाम जानकारी प्राप्त करने हैं

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