Xerox Machine क्या है और कैसे काम करता है?

क्या आपको पता है की ये Xerox Machine क्या है? मुझे पूरा यकीन है की आपने कभी न कभी जरुर ही ज़ेरॉक्स मशीन का यूज़ किया होगा. शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने आज तक ज़ेरॉक्स मशीन का प्रयोग नहीं किया हो. इसे आम भाषा में फोटोकॉपी मशीन भी कहा जाता है. किसी भी डॉक्यूमेंट की हुबहू प्रिंट निकालने के लिए जिस मशीन को प्रयोग में लेते है उसे Xerox Machine कहा जाता है.

बिज़नस सेक्टर हो, Education Sector हो या गवर्मेंट सेक्टर हो ज़ेरॉक्स मशीन मशीन का यूज़ हर जगह होता है. ज़ेरॉक्स मशीन यानी फोटोकॉपी मशीन की सहायता से कुछ ही सेकंड में आप आसानी से कितने ही डॉक्यूमेंट की बहुत सारी प्रतियाँ निकाल सकते है. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को ज़ेरॉक्स मशीन मीनिंग इन हिंदी के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की जाये, जिससे आपको ये पता चल सके की ये काम कैसे करती है, इसके फायदे क्या है और यह कितने प्रकार की होती है? तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

ज़ेरॉक्स मशीन क्या है (What Is Xerox Machine in Hindi)

Xerox Machine Kya Hai Hindi

Xerox Machine एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो की किसी भी डॉक्यूमेंट की कॉपी निकालने का काम करती है. ‘Xerox’ ये शब्द derives हुआ है xerography से, यह एक ऐसी technology है जिसका इस्तमाल images और documents को duplicate करने के लिए किया जाता है. इस मशीन के द्वारा आप ड्राइंग या कागज पर लिखे शब्दों की हुबहू प्रतियाँ निकाल सकते है. दिखने में यह मशीन बहुत बड़ी होती है लेकिन यह सारे काम को बड़ी ही आसानी से और जल्दी करती है, क्योंकि इसके अंदर की काफी साधारण सी है.

ज़ेरॉक्स मशीन एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है इसलिए यह सिर्फ बिजली से चलती है. आपने देखा होगा जब भी आप फोटोकॉपी की शॉप पर जाते है तो आपके डॉक्यूमेंट देने के बाद सामने वाला आदमी ज़ेरॉक्स मशीन पर कुछ बटन पुश करता है और आपके डॉक्यूमेंट की हुबहू प्रतियाँ निकल कर आ जाती है, यह सब काम इतनी तेजी से होता है की आप सोच भी नहीं सकते.

ज़ेरॉक्स मशीन का इतिहास

Chester Carlson, जो की एक American patent lawyer था, उन्होंने xerography को सन 1930 में invent किया था. उस समय बड़े companies जैसे की General Electric, IBM, Kodak और RCA ने Carlson को मना कर दिया था, बाद में Battelle Memorial Institute ने उनके research में invest किया था और उसके बाद उन्होंने इसे license किया एक company के नाम से जिसका नाम था Haloid. Battelle और Haloid दोनों ने collaborate किया इस research में और इस technique को सन 1948 में demonstrate किया. Haloid ने ये term xerography को सबसे पहले नामित किया था, जिसे Greek में “dry” और “writing” कहा जाता है.

Haloid, जिसे की सन 1910 में founded किया गया था, बाद में इसका नाम बदल कर रखा गया Haloid Xerox सन 1958 में और फिर बाद में इसे Xerox Corporation के नाम से पहचान मिली सन 1961 में.

ज़ेरॉक्स मशीन कैसे काम करता है

किसी भी डॉक्यूमेंट को कॉपी करना बहुत ही आसान है. Xerography की technique का असल में basis होता है electrostatic charges. असल में होता यह है की मशीन में सबसे उपर एक ग्लाश बना होता है उस पर जिस भी document की कॉपी करनी होती है उसे रख दिया जाता है. फिर निचे से एक लाइट आती है जो की पुरे कागज को स्कैन करती है और कागज के उपर रिफ्लेक्ट होकर निचे एक ड्रम होता है उस पर जाती है.

अब ड्रम सिर्फ उन्ही पार्ट को स्कैन करता है जिसमे कुछ लिखा हो या बना हो. लाइट के साथ-साथ निचे से ड्रम भी घूमना स्टार्ट होता है और कागज पर लिखे शब्द का पूरा पैटर्न ड्रम पर तैयार होता है. अब मशीन में एक टोनर लगा होता है, इस टोनर में प्रिंट के लिए पाउडर भरा होता है.

इसी के द्वारा कागज पर लिखे शब्द ड्रम पर छप जाते. जब सादा कागज ज़ेरॉक्स मशीन में जाता है ड्रम से इंक कागज़ पर चिपक जाती है. यहां हीट की मदद से इंक को कागज परमानेंट चिपका दिया जाता है और इसके बाद प्रिंट होकर बाहर निकलता है. इस सारी प्रोसेस में बस कुछ ही सेकंड लगते है.

ज़ेरॉक्स मशीन के प्रकार

चलिए Xerox Machine के अलग अलग प्रकार के विषय में जानते हैं.

1. Analog Xerox Machine

इस तरह की मशीन में पहले हाई पॉवर लाइट बल्ब के द्वारा स्कैन किया जाता है और लाइट रिफ्लेक्शन के द्वारा कागज के इमेज को टोनर की मदद से ड्रम पर एक पैटर्न तैयार किया जाता है. इसके बाद ड्रम पर बने पैटर्न को कागज पर प्रिंट कर दिया जाता है. इसके बाद भारी हीट के द्वारा इसे कागज पर परमानेंट चिपका दिया जाता है.

2. Digital Xerox Machine

डिजिटल मशीन में सेंसर का इस्तेमाल किया जाता है जो आपके कागज का एक फोटो लेता है और जिसे आप स्टोर भी कर सकते है. इस तरह की मशीन में पहले डॉक्यूमेंट को स्कैन कर लिया जाता है और उसके बाद उनका प्रिंट निकाल दिया जाता है. इसमें फोटोकॉपी की ब्राइटनेस और आउटपुट की साइज़ को कण्ट्रोल किया जा सकता है. आजकल बाजार में इस तरह की मशीन का काफी यूज़ होने लगा है.

ज़ेरॉक्स मशीन के फायदे

चलिए जानते हैं Xerox Machine के benefits के विषय में जो की इसे दूसरों से बेहतर बनाते हैं.

1. Multiple Coping कर सकते हैं
ज़ेरॉक्स मशीन का सबसे बड़ा फायदा यह है की इसमें आप एक समय में एक से अधिक प्रतियाँ निकाल सकते है. आप प्रिंटेड डॉक्यूमेंट की जितनी चाहे उतनी प्रतियाँ सेम टाइम में निकाल सकते है.

2. Cost Effective होती है
ज़ेरॉक्स मशीन से फोटोकॉपी करने की लागत भी कम आती है. 50 पैसे में आप एक कॉपी प्रिंट ले सकते है. कुछ फोटोकॉपी मशीन वाले एक कॉपी का 1 रुपया तक लेते है. फिर भी बल्क में इसकी लागत कम आती है.

3. Fast Speed
ज़ेरॉक्स मशीन से कॉपी करने में बहुत कम टाइम लगता है. बड़ी ही तेजी से आपको आपके कागज की फोटोकॉपी मिल जाती है. इसके अलावा इसके कागज की क्वालिटी भी अच्छी होती है.

4. Environment Friendly होती है
ज़ेरॉक्स मशीन से कॉपी निकालने के लिए ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं है तथा इसके अलावा यह मशीन पूरी तरह से Environment फ्रेंडली है. इसमें किसी भी तरह का प्रदूषण नहीं होता है.

Conclusion

जब मशीन शुरुआत में आई तो किसी को यकीन नहीं था की इसकी जरूरत पड़ेगी, लेकिन आज यह दैनिक जीवन का हिस्सा बन चूका है. आज हर जगह फोटोकॉपी की जरूरत पड़ती है. ऐसी कोई जगह नहीं है जहां फोटोकॉपी की जरूरत ना पड़े. इसलिए Xerox Machine की जरुरत बहुत बढ़ गयी है. यहां तक की आदमी के मरने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी ओरिजनल डॉक्यूमेंट की कॉपी चाहिए होती है. सुनकर आपको थोडा आश्चर्य जरुर लगा होगा.

अब तक आप अच्छे से समझ ही गए होंगे की ये ज़ेरॉक्स मशीन क्या है (What Is Xerox Machine in Hindi) और ये काम कैसे करता है. ज़ेरॉक्स मशीन आज के टाइम में कैसे हर किसी की जरूरत है और यह हमेशा आगे भी हर किसी की जरूरत ही रहेगी. यदि आपको मेरी यह लेख ज़ेरॉक्स मशीन मीनिंग इन हिंदी अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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