GPS क्या है और इसकी परिभासा

क्या आप भी जानना चाहते हैं की आखिर ये GPS क्या है? तब आप सही जगह पहुँच चुके हैं. ऐसा इसलिए क्यूंकि यहाँ पर आपको जीपीएस सिस्टम से सम्बंधित पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी. जिससे आगे आपको कहीं और इसके विषय में पढने की कोई भी जरुरत नहीं होगी. पुराने समय से ही हम इन्सान आसमान के तारों की मदद से सही रास्ते के बारे में जाना करते थे. पहले समय के नाविक इन तारों के समूह (Constellations) का इस्तमाल कर अपने location के बारे में जाना करते थे और साथ में उन्हें कहाँ जाना है उसके विषय में भी जान पाते थे.

लेकिन अब समय काफ़ी बदल चूका है, आज के समय में हमें एक केवल एक simple hand-held GPS (short for Global Positioning System) receiver की ही जरुरत होती है अपने location की जानकारी प्राप्त करने के लिए, फिर चाहे हम दुनिया के किसी भी स्थान में मेह्जुद क्यूँ न हो. लेकिन फिर में हमें ऐसे चीज़ों की जरुरत है जो की आसमान में रहकर हमें हमारी जगहों की बारे में जानकारी प्रदान कर सके. अब हम तारों के स्थान पर satellites या उपग्रह का इस्तमाल करते हैं. ऐसे बहुत से navigation satellites है जो की हमारे पृथ्वी की चारों और परिक्रमा कर रहे हैं. ये वही satellites है जो की हमें ये जानकारी प्रदान करते हैं हम कहाँ पर स्थित है.

इसलिए आज मैंने सोचा की क्यों न आप लोगों को जीपीएस कितने का आता है इस विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये. जिससे आपको GPS Meaning in Hindi के विषय में विस्तार में जानने को मिलेगा. तो फिर चलिए शुरू करते हैं जीपीएस के बारे में जानकारी.

जीपीएस क्या होता है – What is GPS in Hindi

gps kya hai hindi

जीपीएस एक अंतरिक्ष-आधारित उपग्रह नेविगेशन प्रणाली होता है जो की सभी मौसम की स्थिति में स्थान और समय की जानकारी प्रदान करता है. फिर चाहे वो धरती के किसी भी जगह में क्यूँ न स्तिथ हो. ये प्रणाली पुरे दुनिया भर के सैन्य, नागरिक और वाणिज्यिक उपयोगकर्ता को महत्वपूर्ण क्षमता प्रदान करता है.

ये GPS एक ऐसी satellite-based navigation system होती है जो की बनी हुई होती है 24 Satellites के network समूह के द्वारा जिन्हें की धरती के orbit में रखा गया होता है U.S. Department of Defense के द्वारा. GPS को मुख्य रूप से बनाया गया हुआ था military applications में इस्तमाल करने के लिए, लेकिन सन 1980s में, सरकार ने इस system को आम लोगों के इस्तमाल के लिए उपलब्ध करवा दिया. GPS किसी भी मौसम में काम कर सकता है, वो भी दुनिया के किसी भी जगह में, दिन के 24 घंटे तक. वहीँ सबसे बढ़िया बात ये की GPS को इस्तमाल करने के लिए किसी भी प्रकार का subscription fees या setup charges का भुक्तान नहीं करना पड़ता है.

जीपीएस का परिभाषा

Global Positioning System (GPS) एक ऐसा system है जो की बना हुआ होता है तीन चीज़ों से जो की हैं satellites, ground stations, और receivers.

इसमें Satellites कार्य करते हैं तारों के तरह जो की constellations में होते हैं. वहीँ ground stations इस्तमाल करता है radar का जिससे की ये पता चल सके की वो असल में कहाँ पर अवास्तिथ है ये जानने के लिए.

एक receiver, जो की आपके Phone के receiver के तरह होता है, वो हमेशा सुन रहा होता है उन signals को जिन्हें की इन satellites के द्वारा भेजा जाता है. ये receiver ही तय करता है की वो असल में कितनी दूर है एक दुसरे से. एक बार receiver calculate कर लेता है उसकी distance को चार या उससे ज्यादा satellites से, तब वो पूर्ण रूप से ये जान पाता है की वो असल में कहाँ पर अवास्तिथ है.

जीपीएस का फुल फॉर्म

जीपीएस का फुल फॉर्म होता है Global Positioning System. इसका इस्तमाल कर कोई भी अपनी खुदकी position की information कभी भी और कहीं भी प्राप्त कर सकता है.

जीपीएस का इतिहास – History of GPS in Hindi)

GPS का इस्तमाल सबसे पहले U.S. Department of Defense के द्वारा की गयी थी. GPS अक्सर refer करता है American navigation system को जिसे की NAVSTAR कहा जाता है. इसे आप term global navigation satellite system (GNSS), GLONASS, या एक GPS receiver के साथ confuse न हों.

सन 1957 में, Soviet Union ने launch किया Sputnik I satellite, जिससे की इसकी Satellite के मदद से बेहतर geolocation technology प्राप्त किया जा सके. सन 1960 में, U.S. Navy ने शुरुवात की submarines को वो भी satellite navigation के साथ, जिससे की बाद में TRANSIT system का invention हुआ.

एक बहुत ही लम्बे समय के लिए, GPS केवल available हुआ करता था governmental इस्तमाल के लिए. वहीँ बाद में GPS को आम लोगों के लिए भी उपलब्ध करवाया गया.

GPS को कब Public किया गया था?

GPS को सन 1983 के बाद ही Public कर दिया गया था. सन 1990 के शुरुवाती दौर में,
GPS services को originally partitioned किया गया था Standard Positioning Service (SPS) में जो की मुख्य रूप से public के लिए ही बनाया गया था. वहीँ अब Precise Positioning Service (PPS) का इस्तमाल military use में होने लगा.

GPS की Basic Structure क्या है?

अब चलिए जानते हैं की GPS की Basic Structure क्या है? इस Structure के विषय में ज्यादा जानकारी प्राप्त करते हैं.

GPS की Three-block Configuration

GPS में मेह्जुद होती है ये तीन प्रमुख segments. चलिए इसके विषय में जानते हैं.

Space segment (GPS Satellites)

बहुत से GPS satellites को deploy किया जाता है six orbits में धरती के चारों तरफ वो भी altitude approximately 20,000 km (चार GPS satellites per one orbit) में, और ये move करती हैं धरती के चारों तरफ वो भी 12-hour-intervals में.

Control segment (Ground Control Stations)

Ground control stations का role होता है monitoring, controlling और maintaining करना satellite orbit का जिससे की वो ये ध्यान रख सकें की Satellite की deviation orbit से और साथ में GPS timing से वो tolerance level के अंतर्गत हो.

User segment (GPS Receivers)

User segment (GPS receivers), इनका काम होता है की Satellites के द्वारा भेजी गयी signals को ये receive करते हैं. इसलिए इन्हें GPS Receivers कहा जाता है.

GPS का महत्व

GPS, या Global Positioning System, एक global navigation satellite system होती है जो की प्रदान करती है location, velocity और time synchronization.

GPS, या Global Positioning System, एक global navigation satellite system होती है जो की इस्तमाल करती है कम से कम 24 satellites, एक receiver और algorithms जिससे की ये प्रदान करती है location, velocity और time synchronization वो भी air, sea और land travel के लिए. ये satellite system में मेह्जुद होते हैं six earth-centered orbital planes, जिसमें प्रत्येक में four satellites मेह्जुद होते हैं. GPS कार्य करता है सभी समय और करीब सभी प्रकार के weather conditions (मौसम) में भी.

जीपीएस के उपयोग

वैसे तो GPS के बहुत से Uses हैं, लेकिन यहाँ पर हम प्रमुख पांच key uses के विषय में जानेंगे.

1. Location — एक Position को पहचानना.

2. Navigation — एक Location से दुसरे में तक जाना.

3. Tracking — Monitoring करना object या personal movement को.

4. Mapping — दुनियाभर की Maps Create करना.

5. Timing — इसकी मदद से मुमकिन करना precise time measurements को.

GPS आज के समय में काफ़ी ज्यादा उपयोगी चीज़ है, वहीँ इसका इस्तमाल बहुत से industries में किया जाता है वो भी accurate surveys और maps तैयार करने के लिए, precise time measurements लेने के लिए, position या location को track करने के लिए, और साथ में navigating करने के लिए हमारे transportation vehicles से.

जीपीएस क्या काम आता है?

1. Emergency Response में : जब कहीं पर emergency या प्राकृतिक विपदा होती है, तब पहले responders इस्तमाल करती हैं GPS का वो भी मौसम की mapping, following और predicting करने के लिए, और साथ में इसकी मदद से emergency personnel के ऊपर नज़र रखा जा सकता है उनकी safety के लिए.

2. Entertainment: GPS का इस्तमाल काफी सारे activities और games जैसे की Pokemon Go और Geocaching में किया जाता है.

3. Health और Fitness Technology में : Smartwatches और wearable technology का इस्तमाल किया जाता है track करने के लिए आपके fitness activity को (जैसे की कितने miles आपने run किया).

4. Construction: इसका इस्तमाल locating equipment में किया जाता है, जिससे की measuring और improving asset allocation को बेहतर किया जा सके, GPS tracking मदद करती है companies की उनकी return on assets को बढ़ाने के लिए.

5. Transportation: Logistics companies भी implement करती हैं telematics systems को जिससे की वो improve कर सकें driver productivity और safety को.

दुसरे industries जहाँ पर GPS का इस्तमाल किया जाता है उनमें शामिल हैं : कृषि, autonomous vehicles, sales और services, military, mobile communications, security, drones, और fishing.

जीपीएस का भविष्य

वैसे तो GPS ने काफी ज्यादा बेहतरीन perform किया है पिछले वर्षों में, लेकिन जैसे जैसे technology बढ़ रही है ऐसे में इन GPS Technology में भी significant improvements की काफी जरुरत है. यदि आप investigate करें आजकल के system की जरूरतों को तब आप पाएंगे की हमें पहले की मुकाबले ज्यादा बेहतर capabilities और features की जरुरत हैं आने वाले future GPS में जिससे की हम पूर्ण कर सकें दोनों military और civil users की जरूरतों को

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख जीपीएस क्या है (What is GPS in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को जीपीएस का परिभाषा के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

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