Resistor क्या है और कैसे काम करता है?

क्या आपने कभी ये सुना है की रेसिस्टर क्या है (Resistor in Hindi), इस सवाल का आसान सा जवाब यह है की यह एक ऐसा passive electrical component होता है जो की Electric current के flow में रुकावट पैदा करता है. इसी रुकावट को resistance कहते हैं और इस component को Resistor कहते है. जब आपने electricity के विषय में जाना होगा तब आपको ये पता चला होगा की सभी materials मुख्य रूप से दो basic categories के अंतर्गत आते हैं वो हैं conductors और insulators. जहाँ Conductors (जैसे की metals) electricity को उनके माध्यम से flow होने को देती हैं; ठीक वैसे ही insulators (जैसे की plastics या लकड़ी) से electricity pass नहीं होता है.

इसका जो scientific कारण होता है वो ये की Conductor में resistance level न के बराबर होता है वहीँ Insulator में ये बहुत ही ज्यादा high होता है. इसमें resistance का मतलब है रुकावट पैदा करना ,ऐसी कोन सी चीज़ होती है जो की electricity को allow करती है बिना कोई रुकावट के. जितनी ज्यादा resistance मतलब की उतनी ही ज्यादा रुकावट. कुछ ऐसे भी devices होते हैं की electrical circuits में इस resistance को precisely control भी करते हैं, ऐसे devices को resistor कहा जाता है. यदि आपको इन resistor के विषय में और अधिक जानना हैक की ये काम कैसे करते हैं, इनके प्रकार क्या है इत्यदि तब आपको यह लेख रेसिस्टर क्या होता है हिंदी में जरुर से पढना चाहिए. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

रेसिस्टर क्या है (What is Resistor in Hindi)

Resistor Kya Hai Hindi

Resistor एक passive electrical component होता है जो की resistance create करता है electric current के flow में. इन्हें आप आसानी से किसी भी electrical networks और electronic circuits में देख सकते हैं. Resistance को ohms में measure किया जाता है . Ohm उस resistance को कहा जाता है जो तब occur होता है जब एक current one ampere की किसी एक resistor के माध्यम से pass करती है जिसके दोनों terminal के across 1 volt drop होता है. ये current हमेशा ही voltage के साथ proportional होता है इसके दोनों terminal ends के across. इस ratio को Ohm’s law कहा जाता है :

R = V / I

अगर हम बात करें की Resistors की खोज किसने की, तो वोह है Otis Boykin. उन्होंने 1959 इसकी खोज किया था. Resistors का इस्तमाल बहुत से कार्यों में होता है. कुछ उदाहरण जैसे की delimit electric current, voltage division, heat generation, matching और loading circuits, control gain, और fix time constants. ये commercially available होते हैं resistance values के साथ जिसमें एक बड़ी range की magnitude को ये cover कर सकते हैं, करीब nine orders of magnitude तक. साथ में इनका इस्तमाल electric brakes के तोर पर होता है trains की kinetic energy को dissipate करने के लिए, या किसी electronics के लिए इसकी छोटे से छोटी value का भी इस्तमाल किया जाता है.

Resistor की Definition और Symbol

एक resistor ऐसा passive electrical component होता है जिसकी primary function होती है electric current की flow को limit करना. इसकी international IEC symbol होती है एक rectangular shape. वहीँ इसकी ANSI standard बहुत ही common होती है, जो की एक zigzag line ही होती है.

रेसिस्टर के प्रकार

Resistors को बहुत से प्रकार में divide किया जा सकता है. जिसमें construction type से लेकर एक resistance material तक सब सम्मिलित हैं. चलिए resistor type के विषय में और अधिक जानते हैं.

  • Fixed resistors (इनकी resistance value fixed होती है )
  • Variable resistors (इनकी resistance value को ऊपर निचे किया जा सकता है), जैसे की :
    1. Potentiometer
    2. Rheostat
    3. Trimpot
  • Resistance जो की physical quantity के ऊपर dependent होती हैं :
    1. Thermistors (NTC और PTC) temperature change के वजह से
    2. Photo resistor (LDR) changing light level के वजह से
    3. Varistor (VDR) changing voltage के वजह से
    4. Magneto resistor (MDR) changing magnetic field के वजह से
    5. Strain Gauges mechanical load के वजह से

Resistor के Applications

Resistors के बहुत ही ज्यादा application होते हैं फिर चाहे वो precision components के तोर पर digital electronics से, या एक measurement devices में physical quantities के लिए. चलिए इनके resistors के कुछ महत्वपूर्ण application के विषय में और अधिक जानते हैं.

Resistors in Series और Parallel में

Electronic circuits में, resistors का इस्तमाल अक्सर किया जाता है. इन्हें या तो series में connect किया जाता है या फिर parallel में. एक circuit designer चाहे तो कुछ resistor को combine का एक specific resistance value प्राप्त कर सकता है.

Series connection में, सभी resistor से same current ही flow होनी चाहिए और equivalent resistance equal होती है सभी individual resistors के sum के साथ.

वहीँ parallel connection में, सभी resistor के across समान voltage होता है, और equivalent resistance की inverse समान होती है सभी parallel resistors की inverse values के sum के साथ.

Measure electrical current (shunt resistor)

Electrical current को calculate किया जाता है, एक precision resistor के voltage drop के over, जहाँ इसी value पहले से पता होती है, साथ में इसे circuit के साथ series में connect किया गया होता है. इस current को calculate किया जाता है Ohm’s law के इस्तमाल से. इसे एक ammeter या shunt resistor भी कहा जाता है. Usually यह एक high precision manganin resistor होता है जिसकी एक low resistance value होती है.

Resistors का इस्तमाल LEDs में

LED lights तो सभी रूप से operate करने के लिए specific current की जरुरत होती है. ज्यादा low current के होने से LED light up ही नहीं होगी, वहीँ ज्यादा high current के होने से device burn भी हो सकती है. इसलिए उन्हें resistors के साथ series में लगाया जाता है. इन resistors को ballast resistors कहते हैं और ये passively regulate करते हैं current को पुरे circuit में.

Blower motor resistor

Cars में air ventilation system को actuate किया जाता है एक fan के माध्यम से जिसे की एक blower motor से drive किया जाता है. Fan Speed को control करने के लिए एक special resistor का इस्तमाल किया जाता है. इसे ही blower motor resistor कहा जाता है.

Resistance क्या है?

Electricity को किसी material में flow होने के लिए electrons की जरुरत होती है. ये electrons छोटे charged particles को कहा जाता है जो की atoms के अन्दर होते हैं. आसान भाषा में कहें तो जो materials electricity को conduct करते हैं उनमें electrons freely move कर रहे होते हैं. उदाहरण के लिए metals, इसमें इसके crystalline structure के होने से electrons freely move करते हैं. इसलिए इनकी resistance value बहुत ही कम होती है. वहीँ अगर हम plastic की बात करें तब इसका body crystalline structure का नहीं होता है, जिसके कारन इसमें electrons freely move नहीं कर पाते, जिससे इनकी resistance value बहुत ही अधिक होती है.

Resistance उसे कहते हैं जहाँ voltage in volts की जरुरत होती है जिससे 1 amp की current को circuit से flow कराया जा सके.

उदाहरण के लिए अगर 500 volts की जरुरत होती है 1 amp को flow करने के लिए, तब इसकी resistance होगी 500 ohms (जिसे 500 Ω भी लिखा जाता है). आप इसे नीचे लिखे mathematical equation से समझ सकते हैं :
V = I × R

इसे Ohm’s Law भी कहा जाता है, German physicist Georg Simon Ohm (1789–1854) के उपरांत.

Resistors कैसे काम करता है

ऐसे लोग जिन्हें की resistance की कोई particular वैल्यू चाहिए होती हैं अपने किसी electric या electronic circuit के लिए तब उनको resistors का इस्तमाल करना होता है. एक resistor, छोटे package की resistance होती है, जिसे की circuit के साथ इसलिए जोड़ा जाता है जिससे current की value को कम किया जा सके. बाहर से सभी resistors समान दीखते हैं.

लेकिन Resistor के भीतर ये अलग होते हैं. अगर आपने कभी कोई resistor को खोला होगा, तब आपको पहले इसके ऊपरी outer coating जो की insulating paint है उसे निकालना होता है, ऐसे करने से आपको एक insulating ceramic rod देखने को मिलेगी जो की middle में होती है और इसके चारों तरफ copper wire wrapped होती है. इस प्रकार के resistor को wire-wound भी कहा जाता है. Copper turns की number से ये पता चलता है की resistance में कितनी value होती है. Copper जितनी ही पतली हो और जितनी ज्यादा copper turns हो उसकी उतनी ही ज्यादा resistance होती हैं. Smaller-value resistors को lower-power circuits के लिए designed किया गया होता है, लेकिन इसमें copper winding को spiral pattern of carbon से replace किया जाता है. ऐसे Resistors बहुत ही सस्ते होते हैं बनाने के लिए और इन्हें carbon-film कहा जाता है. वहीँ wire-wound resistors ज्यादा precise होते हैं और ज्यादा stable भी होते हैं higher operating temperatures में.

Resistance और Temperature

किसी भी resistor की resistance constant नहीं होती है, फिर चाहे वो fixed length और area की क्यूँ न हो : ये steadily increase होती है जैसे जैसे temperature increase होती है. क्यूँ ? Material जितनी ज्यादा hotter होती जाती है, तब ज्यादा atoms या ions jiggle होते हैं और तब electrons के लिए move करना उतनी की difficult होता है, जिससे electrical resistance बढ़ जाती है. ज्यादातर materials की resistivity linerly increase होती है temperature के साथ. अगर आप किसी material को cool करते हैं तब उसकी resistivity भी कम होती हैं. अगर आप और भी ज्यादा cool करें तब एक समय के बाद resistivity disappear होती है , इसलिए इसके superconductivity कहा जाता है.

Conclusion

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को रेसिस्टर क्या है (What is Resistor in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Resistor क्या होता है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post रेसिस्टर हिंदी में अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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