Teachers Day क्यों मनाया जाता है?

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क्या आप जानते है 5 September Teachers Day क्यों मनाया जाता है? शायद आप लोगों शिक्षक दिवस के विषय में जानकारी हो. बहुतों का जवाब शायद हाँ हो, जो की जायज सी बात है। लेकिन अब सवाल उठता है की आप जानते हैं Teachers Day क्यों मानते है यदि नहीं तब आज का यह article आपके लिए काफी जानकारी भरा होने वाला है. देखा जाए तो शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान में पर्व के रूप में मनाया जाने वाला एक दिवस है।

शिक्षक दिवस दुनिया के 100 से भी अधिक देशों में अलग अलग दिन मनाया जाता है. सभी देशों में शिक्षक दिवस मनाने के पीछे कोई न कोई कारण जुड़ा हुआ है. भारत में शिक्षक दिवस मनाने के पीछे डॉक्टर सर्वपल्ली राधा कृष्णन से जुड़ी हुई है. जिन्होंने अपने जीवनकाल का लगभग आधा समय अध्ययन – अध्यापन में दिया था। वहीँ इस लेख टीचर्स डे के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको इसे पूरी तरह से पढ़ना होगा. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं।

शिक्षक दिवस क्या है – What is Teachers Day in Hindi

शिक्षक दिवस शिक्षकों (गुरुओं) के सम्मान में मनाया जाने वाला एक दिन है जो कि बहुत से देशों में अलग अलग तारीखों को शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है। इसे अंग्रेजी में टीचर्स डे कहा जाता है. जैंसे डॉक्टर्स के सम्मान में डॉक्टर्स डे, इंजीनियर्स के सम्मान में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है वैंसे ही शिक्षकों के सम्मान में टीचर्स डे (शिक्षक दिवस) मनाया जाता है।

Teacher's Day Kyu Manaya Jata Hai Hindi

जितने भी देशों में शिक्षक दिवस मनाया जाता है सभी देशों में शिक्षक दिवस मनाने की अलग अलग वजह हैं. सभी देशों में शिक्षक दिवस मनाने के अलग अलग तौर तरीके हैं। वैंसे भारत देश में प्राचीनकाल से गुरुओं को अलग महत्व दिया गया है. भारत देश में गुरु को देवता तुल्य माना जाता है. भारत में हिन्दू धर्म के लोगों के द्वारा शिक्षक दिवस के अलावा गुरुओं के सम्मान के लिए गुरु पूर्णिमा भी मनाई जाती है।

शिक्षक हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण लोग हैं। वे हमें सिखाते हैं, वे हमें प्रेरित करते हैं और वे आकार देते हैं कि हम कौन हैं. तो यह स्वाभाविक है कि शिक्षक दिवस के अवसर पर हम उन्हें अपना प्यार और प्रशंसा दिखाते हैं।

शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों को उनकी कड़ी मेहनत और भविष्य की पीढ़ी को ज्ञान प्रदान करने के लिए समर्पित करने के लिए सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। यह देखा गया है कि समय के साथ विभिन्न कारकों जैसे प्रौद्योगिकी, माता-पिता की भागीदारी आदि के कारण शिक्षण पेशे में कई बदलाव हुए हैं। हालांकि, एक चीज जो नहीं बदली है वह है शिक्षक दिवस समारोह का महत्व।

नामशिक्षक दिवस
आधिकारिक नामशिक्षक दिवस
प्रकारराष्ट्रीय
महत्वशिक्षकों को सम्मान और प्रोत्साहन देने का अवसर
तिथि5 सितम्बर (भारत)
पहली बार मनाया गया1962 (भारत)
मुख्य कार्यक्रमशिक्षकों को पुरस्कार, कार्ड, फूल, सम्मान पत्र, आदि की प्रस्तुति, कवि सम्मेलन, सेमिनार, वर्कशॉप, आदि
संबंधितसर्वपल्ली राधाकृष्णन, कन्फ्यूशियस, UNESCO

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षा के बिना इंसान को अधूरा माना गया है. जीवन में शिक्षा का होना बहुत जरूरी है और शिक्षा के लिए एक शिक्षक का होना अत्यंत आवश्यक है. शिक्षक ही है जो अपने शिष्यों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं और सही मार्गदर्शन देते हैं।

बिना शिक्षा के कोई भी मनुष्य अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकता इसीलिए जीवन में एक शिक्षक का होना जरूरी माना गया है। किसी भी मनुष्य के सबसे पहले शिक्षक उसके माता पिता होते हैं। शिक्षक दिवस के दिन अपने माता पिता को भी सम्मान व्यक्त करना चाहिए।

भारत में गुरु शिष्य की परंपरा सदियों से चली आ रही है. गुरु और शिष्य के रिश्ते को बहुत ही अनोखा और पवित्र माना गया है. चूंकि शिक्षक दिवस शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान के लिए मनाया जाता है, शिक्षक दिवस मनाने से शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता मजबूत होता है।

शिक्षक दिवस मनाने का महत्व बहुत अधिक है. शिक्षक दिवस मनाने से लोगों में शिक्षा के लिए जागरूकता और रुचि बढ़ती है. शिक्षक दिवस में विद्यार्थी शिक्षकों का सम्मान करते हैं जिससे शिक्षकों की रुचि अपने विद्यार्थियों के लिए और भी बढ़ जाती है शिक्षकों का महत्व विद्यार्थियों के लिए और भी बढ़ जाता है।

Teachers Day कब मनाया जाता है?

शिक्षक दिवस सभी देशों में अलग अलग तिथियों में मनाया जाता है. भारत देश में शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाने के पीछे एक कहानी है जो कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी से जुड़ी हुई है।

शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के ऊपर समर्पित है. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म 5 सितंबर 1888 तमिलनाडु के तिरुतनी गांव में हुआ था और हर वर्ष डॉ राधाकृष्णन के जन्मदिन के दिन ही शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का शिक्षा और राजनीति में काफी ज्यादा योगदान रहा है. राजेन्द्र प्रसाद जी भारत के पहले राष्ट्रपति थे उनके बाद दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे।

राजेन्द्र प्रसाद जी का कार्यकाल 1962 में समाप्त होने के बाद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को राष्ट्रपति बनाया गया था. 17 अप्रैल वर्ष 1975 में लंबे समय की बीमारी के चलते डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का निधन हो गया था।

टीचर्स डे कैसे मनाया जाता है?

शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है. सभी देशों में शिक्षक दिवस अलग तरीके से मनाई जाती है. आमतौर पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को बधाइयां दी जाती हैं वहीं बहुत से विद्यार्थी इस दिन सम्मान व्यक्त करने के लिए शिक्षकों को उपहार भेंट करते हैं. यह दिन शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूती प्रदान करता है।

भारत देश में शिक्षक दिवस के दिन विद्यालयों का अवकाश नहीं रहता है लेकिन इस दिन विद्यालयों में पढ़ाई नहीं होती है. शिक्षक दिवस के दिन विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं और बहुत सी सांस्कृतिक गतिविधियां की जाती हैं. इन कार्यक्रमों में शिक्षक एवं विद्यार्थी दोनों शामिल होते हैं।

इस दिन विद्यालयों में शिक्षकों के सम्मान से जुड़ी भाषण प्रतियोगिता, स्पीच, गायन प्रतियोगिता आदि आयोजित की जाती है. विद्यार्थी इस दिन शिक्षकों को सम्मान व्यक्त करते हैं एवं उपहार भेंट करते हैं।

वर्तमान के तकनीकी युग में अधिकतर लोग इस दिन सोशल मीडिया में पोस्ट व मैसेज के माध्यम से शिक्षकों के लिए कृतज्ञता व सम्मान व्यक्त करते हैं।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन कौन थे?

भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुतानी गांव के एक गरीब परिवार में हुआ था. वह एक महान विद्वान, शिक्षक, राजनयिक थे. उनकी पढ़ाई तिरुवल्लुवर में गौड़ी स्कूल और तिरुपति मिशन स्कूल में हुई।

पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में  सहायक प्रोफेसर का पद ग्रहण किया. वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में लेक्चरर भी थे. कोलकाता विश्वविद्यालय (जॉर्ज वी कॉलेज) में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया. वह आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति भी थे।

Teachers Day क्यों मानते है?

शिक्षक दिवस डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को समर्पित है और उनके जन्मदिवस के दिन ही हर वर्ष शिक्षक दिवस मनाया जाता है. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी बहुत बड़े दार्शनिक थे और शिक्षा में अत्यंत विश्वास रखते थे. भारत में शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है. राधाकृष्णन जी स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरित थे और उन्हें किताबों से गहरा प्रेम था।

राजनीति में आने से पहले डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने अपना योगदान अध्यापन को दिया था. इस तरीके से देखा जाए तो अपने जीवन का आधे से ज्यादा समय डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने अध्ययन और अध्यापन को दिया था. डॉ सर्वपल्ली जी को एक आदर्श शिक्षक माना गया है।

कहा जाता है डॉ सर्वपल्ली जी के विद्यार्थी और मित्रों ने जब उन्हें उनका जन्मदिवस मनाने के लिए कहा तो जवाब में डॉ राधाकृष्णन जी का कहना था कि उनका जन्मदिवस शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो उन्हें बहुत गर्व होगा. शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में हर वर्ष मनाया जाने लगा।

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भारत में Teachers Day मनाने की शुरुआत कब हुई?

यह समारोह पूरे देश में लोकप्रिय हो गया और अक्तूबर 15 को आधिकारिक रूप से 1963 में शिक्षक घोषित किया गया था।

5 सितंबर को Teachers Day के रूप में क्यों मनाया जाता है?

भारत हर साल 5 सितंबर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को चिह्नित करने के लिए शिक्षक दिवस मनाता है।

आज आपने क्या सीखा?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख Teachers Day क्यों मनाया जाता है जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को शिक्षक दिवस का महत्व के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है।

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं।

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