Email क्या है, इसके प्रकार और विशेषताएं

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  • ईमेल का मतलब इलेक्ट्रॉनिक मेल है।
  • यह एक डिजिटल संदेश है जो टेक्स्ट, फाइलों, चित्रों या अटैचमेंट को भेजने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • इसे नेटवर्क के माध्यम से भेजा जाता है।

ये सवाल eMail Kya Hai का जवाब शायद हम से सभी को मालूम ही होगा। क्यूंकि इन emails का इस्तमाल हम जैसे बहुत से लोग अपने रोजमर्रा के जिंदगी में करते हैं। बहुत से लोग email का इस्तमाल हर दिन अपने दोस्तों को, family members को message भजने के लिए करते हैं।

Email ज्यादा professionally इस्तमाल किया जाता है phones और postal mail के स्थान पर। इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों Email क्या है के समबन्ध में सभी जानकारी प्रदान की जाये इससे यदि आपका कोई doubts रह गया हो तब article के ख़त्म होने तक ये solve भी हो जाएगी। तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की eMail Address क्या होता है हिंदी में।

ईमेल क्या है – What is Email in Hindi

Email का Full Form होता है Electronic mail। इसे लोग e-mail, email या Electronic Mail भी कहते हैं। यह एक प्रकार का digital message होता है जिसे की एक user दुसरे user के साथ communicate करने के लिए इस्तमाल करता है।

Email Kya Hai Hindi

इस email में text, files, images, या कोई attachments भी हो सकता है, जिसे की network के माध्यम से किसी specific individual या group of individuals को भेजा जा सकता है।

यह email को pen और paper की जगह keyboards से type किया जाता है और Email Client के माध्यम से भेजा जाता है। Email addresses में एक custom username होता है beginning में उसके बाद email service provider का domain name, जिसमें एक @ sign होता है जिसे की दोनों को separate किया जाता है। उदाहरण के लिए : name@gmail.com

ईमेल के प्रकार

आज की दुनिया में आपको कई तरह के ईमेल मिल सकते हैं। यहाँ सबसे आम हैं:

  • Welcome Emails: वे आपकी ईमेल सूची में एक नए सदस्य के शामिल होने के 24 घंटे के भीतर भेजे जाते हैं और भविष्य के पत्राचार के लिए टोन सेट करने के शानदार तरीके हैं।
  • Newsletter Emails: आप इन ईमेल का उपयोग अपने ग्राहकों को अपने व्यवसाय, उत्पादों और उद्योग समाचारों के बारे में अप-टू-डेट रखने के लिए कर सकते हैं।
  • Promotional Emails: वे बिक्री उत्पन्न करने और आपकी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक लाने में बहुत प्रभावी हो सकते हैं।
  • Transactional Emails: एक पुष्टिकरण ईमेल एक विशिष्ट क्रिया द्वारा ट्रिगर किया जाता है, जैसे खरीदारी की पुष्टि, एक पासवर्ड रीसेट, या एक खाता निर्माण।
  • Product Release Emails: इन ईमेल में नए उत्पादों या अपडेट की घोषणा की जाती है, लेकिन बहुत अधिक विवरण में न जाएं।
  • Milestone Emails: वे विशेष अवसरों या मील के पत्थर का जश्न मनाने के लिए महान हैं, जैसे कि एक वर्षगांठ या ग्राहकों की एक निश्चित संख्या तक पहुंचना।
  • Survey Emails: आप इन ईमेल का उपयोग अपने ग्राहकों से अपने व्यवसाय, उत्पादों या सेवाओं के बारे में प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।
  • User Account Emails: आप उनका उपयोग अपने उपयोगकर्ताओं को उनके खातों में पासवर्ड बदलने या किसी नए उपकरण जैसे परिवर्तनों के बारे में बताने के लिए कर सकते हैं।

ईमेल का इतिहास

क्या आप जानते है के ईमेल का आविष्कार किसने किया? दुनिया का सबसे पहला e-mail Ray Tomlinson के द्वारा सन 1971 में सबसे पहली बार भेजा गया था। Tomlinson ने उस e-mail को खुदको ही भेजा था एक test e-mail message के तोर पर, जिसमें उन्होंने कुछ text लिखे थे, जो की थे “QWERTYUIOP“।

वहीँ email को अपने पास भेजने के वाबजूद ही उस e-mail message को ARPANET के माध्यम से transmit किया गया। इसीलिए उन्हें ईमेल का जन्मदाता भी कहा जाता है। वहीँ 1996 तब ज्यादा electronic mail भेजे जाते थे postal mail के जगह में।

ईमेल के बारे में बेसिक जानकारी

चलिए email की कुछ basic functions के विषय में जानते है..।

1. Sending the Email

एक बार आपका email finish हो जाये और आपने recipient का email address भी लिख लिया, तब अगर आप उसे send करते हो तब आपके निर्देशित recipient या recipients को email प्राप्त हो जाता है।

2. Email Transport

Email servers messages को transmit करते हैं sender से recipient तक। SMTP उस protocol का नाम है जिसे की इस्तमाल किया जाता है email messages send करने के लिए, और POP, IMAP servers की जरुरत होती है ये समझने के लिए की कैसे download किया जाये electronic mail को आपके email client में।

3. Fetching New Mail

अगर आपके mailbox में एक नया mail आता है, तब आपको simply उसके ऊपर tap करना होगा या click करना होगा उसे open करने के लिए और इससे आप message को read कर सकते हैं, साथ में उसमें attached files को view भी कर सकते हैं।

ई-मेल भेजने और प्राप्त करने की प्रक्रिया

Email भेजने के दो तरीके हैं। चलिए जानते है कैसे…

E-mail Program

क्या आप ईमेल भेजना और प्राप्त करना चाहते है? Email Messages को send और receive करने के लिए आप एक e-mail program का इस्तमाल कर सकते हैं, जिसे की एक e-mail client भी कहा जाता है। उदाहरण के लिए Microsoft Outlook और Mozilla Thunderbird।

जब आप एक e-mail client का इस्तमाल करते हैं, तब आपके पास एक server होना चाहिए जो की store और deliver करता है आपके messages को, जिन्हें की आपके ISP के द्वारा प्रदान किया जाता है और कुछ cases में दुसरे companies के द्वारा भेजा जाता है।

एक e-mail client को server के साथ connect होना पड़ता है नए e-mail को download करने के लिए, वहीँ email जो की online ही stored होते हैं खुदबखुद update हो जाते हैं जब आप site visit करते हैं।

E-mail Online

यह एक alternative राष्ट है email को send और receive करने के लिए। इसे लोग online e-mail service या webmail भी कहते हैं। इसके उदाहरण हैं Outlook.com, Gmail, और Yahoo Mail। ज्यादातर online e-mail services अक्सर free होते हैं, और इन्हें इस्तमाल करने के लिए आपको बस एक free account बनाना होता है।

ईमेल में क्या लिखा जाता है?

जब एक e-mail message लिखा जाता है, तब उसके कुछ criteria हैं, इसके साथ में email में बहुत से technical terms का भी इस्तमाल होता है, जिसके विषय में जानना बहुत ही जरुरी होता है। चलिए उन्हें parameters के विषय में और अधिक जानते हैं :-

1.  सबसे पहला होता हिया To field ये वही जगह होता है जहाँ की आपको उस व्यक्ति का e-mail address type करना होता है जिसे आप message भेज रहे हैं।

2.  दूसरा होता है From field जिसमें की आपका e-mail address होना चाहिए।

3.  अगर आप किसी email को reply भेज रहे हैं, तब तो To और From fields automatically ही filled out हो जाते हैं; वहीँ अगर यह एक new message होता है, तब आपको manually सभी चीज़ों को भरना पड़ता है।

4.  वहीँ Subject में आपको email के content के विषय में कुछ लिखना होता है जो की email content को describe करे। यह Subject ही है जो की recipient को ये याद दिलाता है की e-mail किस चीज़ के विषय में है बिना ईमेल को open किये ही और full e-mail को पढ़े ही। वैसे ये field optional होता है।

5.  एक field होता है CC (“Carbon Copy”) field जो की user को allows करता है उन recepients को specify करने के लिए जिन्हें वो direct तो email नहीं भेजता है लेकिन जब वो कोई email भेजता है तब एक copy उन लोगों तक भी पहुँच जाती है। ये field भी optional होता है।

6.  फिर होता है BCC (“blind carbon copy”) field, ये भी similar होता है CC के तरह ही, लेकिन इसमें recipients secret रहते हैं। सभी BCC recipient को email तो मिलेगा लेकिन वो ये नहीं देख पाएंगे की और किन्हें भी इसकी copy मिली है। वैसे सभी की addressees का email जरुर show होगा, जिसे की original email भेजा गया है। ये field भी optional होती है।

7.  आखिर में Message Body वो location होती है जहाँ की आप अपना mail message type करते हैं। इसमें bottom में आपकी signature स्तिथ होती है जैसे की एक hand-written letter में होता है।

एक eMail Address कब Valid होती है?

बहुत से rules होते हैं जिन्हें की e-mail address follow करने पर ही वो valid बनते हैं :

1.  जैसे की मैंने पहले ही कहा है की, एक e-mail में एक username होना जरुरी है जिसके बाद @ (at sign) होना चाहिए और उसके पश्चात domain name जिसमें एक domain suffix।

2.  इसमें username 64 characters long से लम्बा नहीं होना चाहिए, और domain name 254 characters से लम्बा नहीं होना चाहिए।

3.  एक @ sign होना चाहिए e-mail address में।

4.  Email में space और special characters: ( ) , : ; < > \ [ ] को allow किया जाता है। कभी कभी space, backslash, और quotation mark भी काम कर जाता है लेकिन इसके पहले एक forward slash जरुर से होना चाहिए। ये valid होने के वाबजूद भी, कुछ e-mail providers इन characters को allow नहीं करते हैं।

5.  ये username और e-mail addresses एक whole के तोर से begin या end नहीं हो सकते हैं एक period के साथ।

6.  वहीँ e-mail में दो या उससे ज्यादा consecutive periods नहीं होना चाहिए।

Alternate Email क्या है?

उम्मीद है के आपको ईमेल आईडी क्या होती है समझ आ गया होगा। अक्सर हमें Forms भरने के दौरान Alternate Email का option जरुर दिखाई पड़ता है।

Alternate Email का मतलब है main email के साथ साथ अगर आपके पास कोई दूसरा email id हैं तब आप उसे भी यहाँ mention कर सकते हैं। जैसे Alternate Phone number होता है ठीक वैसे ही Alternate email address भी होता है।

ईमेल लेखन का Format

अब चलिए ईमेल लेखन के Format को जानते हैं…

Fromप्रेषक का ईमेल पता
ToReceiver का ईमेल पता
CCकार्बन कॉपी
BCCBlind Carbon Copy
विषययहाँ अपने विषय रखो
अभिवादनयहाँ अपना खुद का शब्द डालें जैसे प्रिय
मुख्य विषय वस्तुविषय से संबंधित विषय
समापनकथन समाप्त करना
अटैचमेंट ज्वाइन करेंपीडीएफ, इमेज जैसी फाइल अटैच करें
हस्ताक्षरप्रेषक का नाम, संकेत, आदि

ईमेल की विशेषताएं

जैसे हमारा एक physical address होता हिया जहाँ पर हम रहते हैं, ठीक वैसे ही Email Address हमारा virtual address होता है। यदि कोई हमें Online Contact करना चाहता है तब वो हमें कोई message ईमेल के द्वारा भेज सकता है, जो की तुरंत हम तक पहुँच जायेगा। इसलिए आजकल सभी Email Services का इस्तमाल करते हैं।

1. Speed होती है

इन ईमेल की delivery speed बहुत ही Fast होती है। इससे लोगों को information तुरंत प्राप्त हो जाता है। वहीँ लोग एक दुसरे के साथ आसानी से communicate कर सकते हैं।

2. Convenience प्रदान करती हैं

Emails बहुत ही ज्यादा Convenient method हैं quick communication के लिए। जहाँ Phone में आपको कुछ समय था phone को hold करना पड़ता है और साथ में आपको lengthy conversation होने के लिए बाध्य होना पड़ता है। वहीँ Email में आप तुरंत ही अपने मुद्दे की बात कर सकते हैं और reply भी प्राप्त कर सकते हैं।

3. Attachments भेज सकते हैं

इसमें attachment का feature होने के कारण आप ईमेल के साथ कुछ भी file attach कर सकते हैं। इससे आपको अलग से उस चीज़ को भेजने की जरुरत ही नहीं होती है।

4. Accessibility होती हैं

Email accounts large folders के तरह होते हैं, ये केवल private messages के लिए ही नहीं बल्कि files और दुसरे important information के लिए भी होते हैं। इसलिए अच्छे email clients users के लिए उन्हें organize, archive, और search through करने के लिए emails में आसान बना देते हैं, वहीँ कोई भी information जो की email में होती है वो हमेशा readily accessible होती है।

5. A Record

Email आपके सभी conversation को record करती हैं। इसलिए आप उन conversation को एक record के तरह कभी भी देख सकते हैं। हो सके तो आप उनका print out भी निकाल सकते हैं। साथ में वो online तब तक रहेगा जब तक आप intentionally उन्हें delete नहीं कर देते हैं।

6. Unlimited space और time

Texting के विपरीत इसमें आपको unlimited space मिलता है कुछ लिखने के लिए जितना आप चाहें एक email में। इसके साथ आप जितना समय लेना चाहें उतना लेकर ये email लिख सकते हैं, उन्हें revise कर सकते हैं भेजने के पहले।

7. Free communication होती है

दुसरे forms of communication के विपरीत, जैसे की long distance calling और physical mail messages, ज्यादातर email providers users को free access प्रदान करती है एक email account के लिए।

आप अपना email address pick कर सकते हैं, और उस email id से आप send और receive कर सकते हैं सभी electronic mail जो की आपको भेजे जाते हैं। साथ ही इसके लिए आपको एक भी पैसा खर्चा नहीं करना पड़ता है।

8. Security

Physical Mails से तो ये email services लाख गुना safe होते हैं। इसे specifically privacy और security के लिए ही बनाया गया होता है, इसें login id और password होता है email खोलने के लिए। जिन्हें केवल correct email password से ही खोला जा सकता है।

Email में क्या भेजा जा सकता है?

वैसे Email का इस्तमाल text messages भेजने के लिए हुआ था। लेकिन आज के समय में हम Email के साथ कुछ files को attach कर भी भेज सकते हैं। उदाहरण के लिए हम email के साथ picture, PDF, word processor document, video, program या कोई दूसरा file भी भेज सकते हैं।

लेकिन कुछ security issues के होने से केवल कुछ प्रकार के Files को ही भेजा जा सकता है। उदाहरण के तोर पर .exe files को कुछ companies block करते हैं। जिसके कारण आपको .exe file को भेजने के लिए उन्हें पहले .zip file में convert करना होगा कहीं तभी जाकर आप उन्हें e-mail के द्वारा भेज सकते हैं।

वहीँ Emails में Files size के ऊपर restriction भी होता है। जैसे की Gmail में 25 Mb से ज्यादा बड़ी Files को भेज नहीं सकते हैं।

हम ईमेल क्यों भेजते है?

म ईमेल को एक दूसरे से बात करने के लिए भेजते है। संचार जगत में ‘ई-मेल’ की लोकप्रियता धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है। ‘ईमेल में हम दुनिया के किसी भी कोने से एक दूसरे से बात कर सकते है। ईमेल के जरिए हम अपने निजी और सरकारी काम के दस्तावेज भी आसानी से भेज सकते है। ईमेल के उपयोग या इससे होने वाले लाभ बहुआयामी है।

ई मेल की स्थापना कब हुई?

साल 1978 में अय्यदुरई ने कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया जिसे ‘ईमेल’ कहा गया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स आदि सभी कुछ था। आज ये फीचर हर ई-मेल सिस्टम के हिस्से हैं.

ईमेल के जनक कौन है?

ईमेल का जनक जनक रे टॉमलिंसन को माना जाता है।

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख ईमेल क्या है (What is Email in Hindi) जरुर पसंद आई होगी। मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को ईमेल का इतिहास के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्धर्व में खोजने की जरुरत ही नहीं है।

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे। यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं।

यदि आपको यह post ईमेल भेजने का तरीका हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये।

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Comments (12)

  1. sir m apne gmail ka password bhul gya or recovery mobile or email dala dono ki OTP bhi daali baad me Google couldn’t verify that this account belongs to you aa gya ab kya kru please help

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  2. क्या हम अपना ई-मेल आईडी को खोलने के लिए दूसरा आईडी बना सकते हैं कृपया बताने की कृपा करेगें ?कयोंकि ई-मेल आईडी का पासवर्ड भूल गये हैं

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  3. e mail patta agar galat hai to kaise pata chalega bhejne se bad pata chalta hai indian neta saukh ke lica e mail rakhte hai par kam nahi kar rahe hai details hindi mai de sarkari adhikar janta ko murkh bana ke rakhe hai

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