DSLR Camera क्या है और कैसे यूज़ करे?

DSLR Camera क्या है (What is DSLR in Hindi)? आज मॉडर्न जमाने और फैशन के दौर में शायद ही कोई ऐसा हो जिसे फोटो खिंचवाने का शौक ना हो. मोबाइल कैमरे ने भले ही सेल्फी को बढ़ावा दिया हो लेकिन आज रॉयल फोटोग्राफी के लिए DSLR कैमरा आज भी लोगों की पहली पसंद है. शादी-फंक्शन, समारोह आदि में DSLR कैमरा ही काम में आता है.

लोगों ने DSLR कैमरा का यूज़ किया भी होगा लेकिन इसके बारे में वे अच्छे से नहीं जानते है. वे सिर्फ यह जानते है की DSLR कैमरा अच्छी फोटोग्राफी में काम आता है लेकिन वे यह नहीं जानते की यह कैमरा कैसे काम करता है. इस कैमरे के क्या-क्या फंक्शन है और कैसे यह दुसरे डिजिटल कैमरों से अलग है.

आज भले ही बहुत से नए-नए सेल्फी फ़ोन आये है लेकिन DSLR कैमरे से ली गई फोटोज में और फ़ोन के फोटो में रात-दिन का अंतर होता है. DSLR के फीचर स्मार्टफोन के कैमरे से बहुत से अलग होते है. आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की DSLR कैमरा क्या होता है, यह कैसे काम करता है और इसके फंक्शन क्या-क्या है?

DSLR कैमरा क्या है (What is DSLR in Hindi)

DSLR Camera Kya Hai

DSLR Camera एक डिजिटल सिंगल लैंस रिफ्लेक्स कैमरा है जो की Digital Format में फोटोज और विडियो Capture करता है तथा उसे इलेक्ट्रॉनिक इमेज सेंसर की मदद से रिकॉर्ड करता है. इस कैमरे में आप फोटो लेने के तुरंत बाद उसे देख सकते है, उसे डिलीट कर सकते है और उसकी जगह नया फोटो ले सकते है.

इसके लैंस भी बहुत एडवांस होते है और यह हमारे फ़िल्मी कैमरे से बहुत अलग होता है. इसके फीचर ही इसे यूनिक बनाते है. इसके लैंस और एडवांस फीचर आपको एक परफेक्ट पिक्चर लेने में मदद करते है. आईये जानते है DSLR कैमरा के पार्ट्स कैसे काम करते है?

DSLR Cameras कैसे काम करती है?

जब हम एक DSLR के viewfinder / eyepiece से देखते हैं जो की Camera के back में स्तिथ होता है, तब हमें जो भी दृश्य सामने देखते हैं lens के माध्यम से, इसका मतलब होता है की आप वो सारी चीज़ों को capture करने वाले हैं जो की आपको नज़र आता है. उस scene से Light आपके camera के lens के माध्यम से relex mirror तक आता है जप की camera chamber के ऊपर स्तिथ होता है 45 degree angle बनाकर, जो की फिर light को forward करता है vertically एक optical element को जिसे की एक “pentaprism” कहते हैं. ये pentaprism फिर उस vertical light को convert करता है horizontal में जिसके लिए वो light को दो separate mirrors में redirect करता है सीधी viewfinder में.

जब आप एक picture लेते हैं, तब reflex mirror upward swing करता है, जिससे वो vertical pathway को block करता है और light को अन्दर आने को allow करता है. फिर shutter opens up हो जाता है और light reach करता है image sensor तक. ये shutter तब तक open रहता है जब तक की image sensor, record कर न ले image को, फिर shutter close हो जाता है और reflex mirror drops back करता है 45 degree angle में फिर ये light को आने देना चालू कर देता है viewfinder में.

ये तो जायज सी बात है की, ये process यहाँ पर बंद नहीं हो जाता है. वैसे आगे बहुत ही complicated image processing होने लगती है camera में. ये camera processor information को लेता है image sensor से, और उसे convert करता है एक appropriate format में, फिर उसे एक memory card में write करता है. ये पूरी process को होने में बहुत ही कम समय लगता है और कुछ professional DSLRs तो इस काम से भी ज्यादा और भी चीज़ों को 1 second के भीतर करीब 11 गुना अधिक कर सकते हैं.

ये केवल एक आसान भाषा में मैंने आप लोगों को DSLR कैसे काम करता है के विषय में जानकारी प्रदान करी है.

DSLR कैमरे के Parts कौन-कौन से है?

dslr camera kaise use kare

  • Lens
  • Reflex Mirror
  • Image Sensor
  • Condenser Lens
  • Eyepiece / View Finder
  • Shutter
  • Focusing Screen
  • Pentaprism

DSLR Camera से फोटो कैसे खिचे यह तो सभी को पता होगा, पर क्या आपको इसके सारे पार्ट्स कैसे काम करता है पता है? अगर नहीं तो चलिए जानते है.

1. Lens

DSLR कैमरे में कुल तीन लेंस होते है. सबसे पहला “स्टैण्डर्ड लेंस” जो की अब यूज़ नहीं किये जाते. इन लेंसेज का इस्तेमाल फिल्म कैमरे में किया जाता था जो की 50MM रेंज की होती थी. इन लेंस को स्टैण्डर्ड लेंस इसलिए कहते थे क्योंकि यह पहले कैमरे के साथ आते थे और आप इनमे कोई Adjustment नहीं कर सकते थे.

उसके बाद आया “किट लेंस” जो की अब DSLR कैमरे में यूज़ होते है. इन लेंस को रोज की शूटिंग के लिए डिजाईन किया गया था ताकि लोग daily basis पर इससे फोटो क्लिक कर सके. तीसरा लेंस है “प्राइम लेंस” इनमे Focal Length fixed होता है, इसलिए इन्हें Fixed Lens भी कहा जाता है. साथ में इसमें zoom in या zoom out की कोई भी option नहीं होती है. Prime lenses बहुत ही sharper होते हैं zoom lenses की तुलना में. ऐसा इसलिए क्यूंकि उनके पास extra glass अन्दर में नहीं होता है zoom (in या out) करने के लिए. इससे ये बेहतर quality की Photographs प्रदान करती है कम diffraction के होने से.

2. Reflex Mirror

कैमरे का वो भाग जहां पर किसी इमेज की Reflex दिखाई देती है. यह कैमरे का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है. यह मिरर लेंस के ठीक पीछे लगा होता है जिससे लेंस से आने वाली लाइट इसपे पड़ती है और यह उसे एब्जार्व कर लेती है.

3. Shutter

यह पार्ट हर तरह के कैमरे में होता है. इसका काम कैमरे में जा रही लाइट को कण्ट्रोल करना होता है. शतर जितना जल्दी बंद होगा उतना ही कम लाइट इमेज को मिलेगा और शटर जितना स्लो बंद होगा उतना ही ज्यादा लाइट इमेज को मिलेगा. ज्यादा लाइट से फोटो ज्यादा Bright दिखती है और कम लाइट से फोटो Dark दिखती है. आपको इन दोनों के बीच का कॉम्बिनेशन यूज़ करना होता है ताकि फोटो परफेक्ट और अच्छे से आ सके.

4. Image Sensor

शटर जब एक बार बंद हो जाता है तो इमेज सेंसर उस इमेज को कैप्चर कर लेता है. जितना सेंसर बड़ा होगा उतनी ही डिटेल में फोटो आएगी. इमेज सेंसरो अगर छोटा होगा तो इमेज छोटी आएगी और दिखने में भी Clear नहीं आएगी. DSLR जैसे कैमरे में बहुत बड़े सेंसर का यूज़ होता है जिसके कारण आपको एक बहुत ही अच्छी और परफेक्ट इमेज मिलती है.

5. Focusing Camera

यह DSLR कैमरे का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है. यह आपको फोटो का Preview दिखा सकता है की आप किस चीज की फोटो लेने जा रहे है. इसमें आप सामने दिख रही इमेज को View Finder में देख सकते है की इमेज सही से आ रही हा या नहीं.

6. Condenser Lens

इसमें 2 Convex लेंस होते है और इन लेंसेज को डिजाईन करने का मतलब सिर्फ इतना है की जो लाइट लेंस पर पड़े वो सीधी रहे और एक पाथ पर चले.

7. Pentaprism

यह पांच कोनो वाला एक Reflecting Prism होता है जो किसी भी लाइट को 90 डिग्री पर मोड़ देता है चाहे वो लाइट 90 डीग्री के Prism में आई हो या नहीं. ऐसा करने से लाइट इमेज पर सीधी पड़ती है और फोटो Clear आती है.

8. Eyepiece / View Finder

कैमरे का वो भाग जहां से आप इमेज को देखते है वह View Finder होता है. यह एक LED ग्लास जैसा होता है जिसमे आप जो फोटो लेने जा रहे है उसे देख सकते है. View Finder की मदद से फोटो पर अच्छे से फोकस सेट किया जा सकता है.

Mobile Camera और DSLR कैमरा में क्या अंतर है?

मोबाइल के कैमरे और DSLR के कैमरे में वही अंतर है जो की एक प्रोफेशन और अनप्रोफेशनल चीज में होता है. DSLR में इमेज सेंसर बहुत बड़ा होता है जबकि मोबाइल के कैमरे में यह बहुत छोटा होता है. जितना बड़ा सेंसर होता है उतनी ही अच्छी पिक्चर आती है. ज्यादा मेगापिक्सेल का कैमरा होने से कुछ नहीं होता फोटो की क्वालिटी उसके सेंसर पर Depend करती है. फोटो के मामले में DSLR कैमरा बहुत ही जबरदस्त है. DSLR में Focus बहुत ही शानदार तरीके से किया जा सकता है Mobile Camera के तुलना में. इसके अलवा DSLR की battery life भी बहुत ज्यादा होती है Mobile Camera की तुलना में.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख DSLR कैमरा क्या है (What is DSLR in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को DSLR Camera कैसे यूज़ करे के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. यदि आपको यह post DSLR क्या होता है हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

6 COMMENTS

  1. आपने कहा कि प्राइम लेंस कम प्रचलन में है क्योंकि फोटोग्राफर्स को अधिक फोकल लेंथ चाहिए । में इससे सहमत नही हूँ । ये प्राइम लेंस ही है जिससे कम दाम में बढ़िया पोट्रेट लिया जा सकता है वो भी बढ़िया bokeh के साथ जैसे 50mm f1.8, या 85mm 1.4 आदि । दूसरा ऐसा कोई ज़रूरी नही कि फोटोग्राफर्स को अधिक फोकल लेंथ ही चाहिए । अधिक फोकल लेंथ जैसे 300mm या 500mm का प्रयोग वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में होता है । इसके अलावा कम फोकल लेंथ जैसे 12mm का उपयोग आर्किटेक्चरल या लैंडस्केप फोटोग्राफी में होता है । प्राइम लेंस का उपयोग बहुत ही आवश्यक है जब shallow depth ऑफ फील्ड की आवश्यकता हो ।

    आपने कहा कि मोबाइल कैमेरा वीडियो के लिए dslr से अच्छा है । आजकल dslr 4k रिकॉर्ड कर सकते है और उनके ऑटोफोकस भी phase डिटेक्ट से कंट्रास्ट डिटेक्ट में नही बदलते जैसे किसी मोबाइल में होता है । इस दशा में तो मोबाइल वीडियो कहीं कहीं पीछे रहेंगे । सोनी a6500, सोनी a7 lll, पैनासोनिक gh5 जैसे कुछ कैमरों के आगे तो कोई मोबाइल वीडियो कहीं नही टिकते हैं खासकर low लाइट मे ।

    • आपकी बातें सुनकर लगता है की आप इस field में एक बड़े expert हो. वैसे हमने basic सी जानकारी प्रदान की है. इसे एक expert level की article नहीं कहा जा सकता है, वैसे हम field में expert नहीं है. मुझे खुशी हुई की आपने अपनी मत हमारे साथ साझा किया. इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद्.

  2. सर मेरे पास अभी dslr कैमरा नही है खरीदेगे तो आपके बताए अनुसार इस्तेमाल जरूर करेगे।।।

    अच्छी जानकारी शेयर दिये हो भाई

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