Galvanometer क्या है और इसका क्या उपयोग है?

क्या आप जानते है की ये धारामापी या Galvanometer क्या है? यदि नहीं तब आज की ये article आपके बहुत काम आ सकती है. क्या आपने कभी ये सोचा है की कैसे कोई utility company ये पता लगाती है की हमारे घर पर हमने कितने electrical power का. इसका जवाब है एक electric meter के मदद से. ये Galvanometer भी एक प्रकार का electronice instrument होता है जिसका इस्तमाल एक conductor में electric current की presence, direction और strength को पता लगाने के लिए किया जाता है.

जब एक electric current pass करता है किसी conductor के माध्यम से, तब magnetic needle अपने आप ही right angles में turn होने लगती है conductor के जिससे की इसकी direction parallel होती है lines of induction के साथ conductor के around और इसकी north pole point करती है उस direction में जिसमें lines of induction flow करती है. एक galvanometer एक प्रकार का ammeter है. यह एक ऐसा instrument है जिसका इस्तमाल electric current को detect और measure करने के लिए होता है. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को गैल्वेनोमीटर के बारे में और गैल्वेनोमीटर से क्या मापा जाता है के विषय में पूरी जानकरी प्रदान की जाये जिससे आने वाले समय में आपको किसी और को इसी विषय में पूछने की कोई जरुरत नहीं है. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते है और जानते है की आखिर ये Galvanometer (धारामापी) क्या होता है.

गैल्वेनोमीटर क्या है (What is Galvanometer in Hindi)

Galvanometer Kya Hai Hindi

ये Moving coil galvanometer (धारामापी) एक प्रकार का electromagnetic device होता है जो की छोटे values के current को measure कर सकता है. इसमें permanent horseshoe magnets, coil, soft iron core, pivoted spring, non-metallic frame, scale, और pointer जैसे component लगे हुए होते है.

गैल्वेनोमीटर का सिद्धांत

Torque act करता है एक current carrying coil के ऊपर अगर उसे suspend किया जाये एक uniform magnetic field. इसी कारण के वजह से ही, वो coil rotate करने लगता है. इसलिए हम कह सकते है की एक coil का deflection एक moving coil galvanometer में होता है directly proportional उस coil में current flow के समान.

अगर हम दुसरे ढंग से समझें तो एक potentiometer का यह principle है की, जब एक current sustaining coil को एक magnetic field के बीच रखा जाता है तब वो एक torque experience करता है.

गैल्वेनोमीटर का परिभाषा

गैल्वेनोमीटर हिंदी

इसमें एक rectangular coil होता है जिसमें की बहुत सी तादाद में turns मेह्जुद होते है पतले insulated copper wire की जिन्हें की एक light metallic frame में wound किया गया होता है. एक coil को suspend किया जाता है horseshoe के pole pieces के बीच एक fine phosphor – bronze strip के द्वारा एक movable torsion head पर. Coil का lower end को connect किया जाता है एक hairspring से (जो की बना हुआ होता है phosphor bronze से) जिसमें केवल कुछ ही turns होते है.

वहीँ spring का दूसरा सिरा एक binding screw के साथ connected होता है. एक soft iron cylinder को symmetrically उसके भीतर place किया जाता है coil के भीतर. ये hemispherical magnetic poles एक radial magnetic field पैदा करती है जिसमें की coil का plane parallel होता है magnetic field के साथ सभी positions में. एक छोटा सा plane mirror को attach किया जाता है suspension wire के साथ जिसे की एक lamp के साथ इस्तमाल किया जाता है और एक scale arrangement भी जिससे की coil के deflection को measure किया जा सके.

Galvanometer के Main Components क्या है?

अगर आप Galvanometer के main components के विषय में जानना चाहते है तब वो है moving coil, suspension, Torsional Head और एक permanent magnet. चलिए इनके विषय में विस्तार में जानते है.

Moving Coil – ये moving coil Galvanometer का current carrying part होता है. ये या तो rectangular होता है या फिर circular और इसमें बहुत से number of turns होते है fine copper wire के. इसमें coil freely move करता है इसके vertical axis of symmetry के बीच में एक permanent magnet के poles के मध्य में. इसमें ये iron core प्रदान करता है low reluctance flux path और इसलिए प्रदान करता है strong magnetic field coil में उसे अन्दर move करने में.

Suspension – इसमें coil को suspend किया जाता है एक flat ribbon से जो की current को carry करता है coil तक. वहीँ दूसरा current-carrying coil, lower suspension होता है जिसकी torque effect बहुत ही negligible होती है. ये upper suspension coil बना होता है gold या copper wire से जो की एक ribbon के form का होता है. Wire का mechanical strength उतना strong नहीं होता है, और इसलिए galvanometers को carefully handle करना चाहिए बिना कोई jerks के.

Mirror – ये suspension एक छोटा सा mirror carry करती है जो की cast करता है beam of light. ये beam of light को place किया जाता है scale में जिसमें की deflection को measure किया जाता है.

Torsion Head – ये torsion head का इस्तमाल होता है coil की position को control करने के लिए और zero setting को adjust करने के लिए.

Moving Coil Galvanometer की Sensitivity क्या है?

एक Moving Coil Galvanometer की sensitivity को defined किया जाता है दो चीज़ की ratio को लेकर, पहला होता है galvanometer की deflection की change और दूसरा होता है current की change में. इसलिए हम लिख सकते है, Sensitivity = dθ/di.

अगर एक galvanometer एक बड़ा deflection पैदा करता है एक छोटे मात्रा की current के लिए, तब इसे sensitive कहा जाता है.

Moving Coil galvanometer की current को कहा जाता है : I = (C/nBA) × θ
इसलिए, θ = (nBA/C) × I.

अगर हम दोनों sides में I के द्वारा Differentiate करें तब, हमारे पास होता है : dθ/di = (nBA/C).
Moving Coil Galvanometer की sensitivity तब increase करती है, जब :

  • No. of turns और area of the coil को increase किया जाता है.
  • जब magnetic induction को increase किया जाता है.
  • जब एक suspension fibre की couple per unit twist को decrease किया जाता है.

Galvanometer के प्रकार

चलिए galvanometer के अलग अलग प्रकार के विषय में जानते है : –

  • Moving coil
  • Suspended coil
  • Tangent galvanometer
  • Sine galvanometer

गैल्वेनोमीटर से क्या मापा जाता है

चलिए galvanometer के applications के विषय में जानने की कोशिश करते है.

  • इनका इस्तमाल किसी circuit में current flow के direction को पता करने के लिए किया जाता है.
  • इसका इस्तमाल किसी circuit का null point determine करने के लिए भी किया जाता है. Null point एक ऐसे situation को कहते है जिसमें की कोई भी current flows किसी circuit के माध्यम से flow न करें.
  • इसका इस्तमाल Current को measure करने के लिए भी होता है.
  • Circuit में दो points के बीच का voltage जानने के लिए भी Galvanometer का इस्तमाल किया जाता है.

Galvanometer के Advantages

  • Sensitivity increase होती है जैसे जैसे आप n, B, A की value को increase करते है और साथ में k की value decrease होती है.
  • जो eddy currents इस frame में पैदा होता है, वो coil को जल्द ही rest करा देता है, क्यूंकि metallic frame के ऊपर coil wound over होता है.

Galvanometer के Disadvantages

  • इसकी sensitivity को अपने मुताबिक बदला नहीं जा सकता है.
  • Overloading के होने से ये कोई भी प्रकार का galvanometer को नुकशान पहुंचा सकता है.

Galvanometer और Ammeter में क्या अंतर है?

चलिए Galvanometer और Ammeter के बीच के अंतर के विषय में जानते है : –

1.  Galvanometer एक ऐसा mechanical devices होता है जिसका इस्तमाल current का magnitude और direction पता करने के लिए होता है, वहीँ ammeter एक ऐसा electric devices होता है ईसका इस्तमाल current के magnitude को measure करने के लिए होता है.

2.  ये galvanometer का इस्तमाल current के direction को पता करने के लिए होता है वहीँ ammeter का इस्तमाल current के magnitude को मापने के लिए होता है.

3.  Magnetic Field का इस्तमाल Galvanometer के working के लिए होता है वहीँ Ammeter के working के लिए magnetic field की कोई जरुरत नहीं होती है.

4.  Galvanometer की accuracy कम होती है ammeter की तुलना में.

5.  Galvanometer का इस्तमाल केवल direct current को measure करने के लिए होता है, वहीँ ammeter का इस्तमाल दोनों direct और alternating current को measure करने के लिए होता है,

6.  Galvanometer की sensitivity ज्यादा होती है Ammeter की comparison में.

7.  Galvanometer का इस्तमाल ज्यादातर bridge और potentiometer में होता है zero current का पता लगाने के लिए

वहीँ ammeter को directly connect किया जाता है series में एक circuit में जिसकी magnitude को measure किया जाने वाला होता है.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख गैल्वेनोमीटर क्या है (What is Galvanometer in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को गैल्वेनोमीटर का सिद्धांत के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts है या आप चाहते है की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते है. यदि आपको यह post गैल्वेनोमीटर का क्या उपयोग है हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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