अगर 1 Rupee = 1 Dollar हुआ तो India में इसका क्या असर होगा?

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1 USD = 1 INR ! ये तो हम सभी को पता है की 1 dollar का value हमारे देश में आज के वक़्त में Rs.69 है. जैसे हमारे भारत में एक रूपए की कीमत होती है ठीक उसी तरह बाहर देश यानि की US में 1 dollar की कीमत उतनी ही होती है. लेकिन फर्क बस इतना होता है की हम भारत में 1 रूपए देकर कुछ भी नहीं खरीद सकते उसका value बिलकुल भी नहीं है मगर 1 dollar की कीमत US में बहुत है उतने पैसे में लोग अपने लिए खाने पिने के चीज खरीद सकते हैं. ऐसे में हमारे देश का हर एक नागरिक चाहेगा की 1 रूपए की कीमत 1 dollar के जितना हो जाये, मगर अगर सच में हो गया तो फिर क्या होगा? इसीके ऊपर आज मै बताने जा रही हूँ की 1 rupee जब 1 dollar होगा तब India में इसका क्या असर होगा?

मान लेते हैं की कभी ऐसा चमत्कार हुआ की 1 रूपए की कीमत 1 dollar जितनी हो गयी तो क्या होगा? ऐसा हुआ तो हमारा देश अमीर हो जायेगा, गरीबी मिट जाएगी, कोई भी इंसान कभी भी भूखा नहीं सोयेगा और किसी के पास भी पैसे की कमी नहीं होगी. ये सुनने में कितना अच्छा लगता है ना? पर क्या वाकई में ऐसा होगा जब 1 रुपार की कीमत 1 dollar जितना हो जायेगा. जैसे हर सिक्के के दो पेहलू होते हैं वैसे ही इस सवाल का जवाब के भी दो पेहलू हैं. अगर 1 रूपए की कीमत 1 dollar जितना हो गया तो हमे इससे फायेदा भी होगा और नुकसान भी. सबसे पहले फायेदे क्या होगा हम ये जान लेते हैं.
one rupee is one dollar

1 Rupee = 1 Dollar होगा तो क्या फायेदा होगा?

1) सबसे पहला जो फायेदा होगा हम सबको वो ये की India में सारा सामान हमें अभी के मुकाबले सस्ते दामों में मिलेगा क्यूंकि हमारे देश में ज्यादा प्रतिशत सामान जो हम अपने रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में इस्तेमाल करते हैं वो बाहार देशों से आते हैं और 1 रूपए की कीमत 1 dollar जितना हो गया तो हम जो भी सामान बाहार देशों से खरीदते हैं उसके लिए भारत सर्कार को कम दाम देने पड़ेंगे. जिसका मतलब यही है की अगर सर्कार उन सामानों को कम दाम में खरीदेंगी तो वो सामान हमे कम दाम में बेचेगी भी. और इससे हमारे देश में मेहेंगाई भी कम हो जाएगी.

2) Branded चीजें भी हम सस्ती दामों में खरीद सकते हैं जैसे की iPhone जो हमारे देश में सबसे ज्यादा दामों में बिकती है वो हम सिर्फ 600 रूपए में खरीद सकेंगे. क्यूंकि US में इसका दाम है 600 dollar और अगर 1 rupee=1 dollar हो गया तो हम सिर्फ 600 रूपए में iPhone ले सकेंगे.

3) जैसे की मैंने पहले ही कहा की भारत में बहुत सी चीजें बाहार देश से खरीदी जाती है उनमे से एक है petrol जो बाहार देश से लायी जाती है. तो अगर 1 rupee =1 dollar हो जाता है तो imports सस्ती हो जाएगी और petrol भी हमें सस्ते दामों में मिलेगी. petrol सस्ता होने के वजह से transportation का खर्च भी कम हो जायेगा. हम जितने चाहे उतने चीज बहार देश से ले सकेंगे और हमारा देश में किसी भी चीज की कमी नहीं रहेगी.

1 rupee = 1 dollar हो जाने के वजह से हमे ये सभी फायेदे होंगे, बस हम सबको यही तो चाहिये- मेहेंगाई कम हो जाये, सारी सुख सुविधा मिले वो भी कम पैसे में. ये सब फायेदे देख कर हर कोई चाहेगा की 1 रूपए की कीमत 1 dollar जितनी हो जाये.

4) अगर ऐसा हो तब import prices बहुत ही सस्ते हो जायेंगे, फलस्वरूप petrol prices भी काफी सस्ती ह जाएगी, जिससे सस्ते transportation हो जाते हैं cost of goods की पुरे देश में.

मगर रुकिए ! ये तो सिर्फ मैंने फायेदे के बारे में बताया है नुकसान के बारे में जानना तो अभी बाकि है. तो चलिए इससे होने वाले नुक्सान के बारे में जान लेते हैं.

1 Rupee = 1 Dollar होगा तो क्या नुकसान होगा?

1) जिस तरह हम कुछ चीजें बाहार देश से खरीदते हैं उसी तरह हमरे देश से भी कुछ चीजें बाहार देश को बेचीं जाती है. अगर 1 rupee = 1 US dollar हो जाता है तो वोही चीजें जो हम बाहार देश को बेचते हैं वो उनके लिए मेहेंगा साबित होगा. तो कोई भी बाहार का देश हमारे देश से सामान ज्यादा पैसे दे कर क्यूँ खरीदेगा? वो वोही चीजें दुसरे देश से लेना चाहेगा जहाँ वो चीजें हमारे देश से कम दामों में मिल सकती है. इस कारण से हमारे देश में exporting होना बंद हो जायेगा.

ऐसे स्तिथि में बहुत लोग सोचते हैं की हमे दुसरे देशों से सामान खरीदने की क्या जरुरत है? हम स्वदेशी चीजों का इस्तेमाल करेंगे जो हमारे देश मी ही बनती है. ऐसा करने से भी हमें कोई फायेदा नहीं होगा क्यूंकि अगर हम बाहार के देशों से सामान नहीं खरीदेंगे तो बाहार के देश भी हमसे सामान नहीं खरीदेंगे जिससे हमारे देश की उन्नति कभी नहीं होगी. हम जहाँ हैं वहीँ रह जायेंगे.

2) हमारे देश में foreign investment होना बंद हो जायेगा. Foreign country हमारे देश में investment करते हैं उसका भी एक मुख्य कारण है की यहा उन्हें labour cost ज्यादा नहीं देना पड़ता है और कम पैसों में उन्हें काम करने वाले employee मिलते हैं. लेकिन अगर 1 INR = 1 USD होता है तो foreign countries हमारे देश में invest करना बंद कर देंगे क्यूंकि labour cost ज्यादा हो जायेगा और वो दुसरे देशों में invest करने का फैसला लेना बेहतर समझेंगे.

Foreign investment ज्यादातर हमारे देश के IT और service sector में की जाती है और हमारे देश की 60% GDP का योगदान इन्ही sector से होती है और हमारे देश की आबादी के 27 % लोगों को employment भी इन्ही sector से मिलती है, जो की पूरी तरह से बंद हो जाएगी क्यूंकि foreign country हमारे country में invest करना बंद कर देंगे. जैसे की मान लीजिये एक अच्छे भारतीय engineer को काम करने की salary एक महीने में Rs 75000 मिल रही हैं और उसी के जितना होनहार engineer लड़के को foreign country में वही काम करने की salary $3000 एक महीने में मिल रही हैं. तो 1 USD = 1 INR के हिसाब से भारतीय engineer के एक महीने की तनख्वा 75000 dollar हो जाएगी तो कोई भी foreign country हमारे देश के engineer को उतने पैसे क्यूँ देगी जब की वो सिर्फ 3000 dollar देकर अपने ही country के engineer को अपने कंपनी के लिए रखेगी.

3) हमारे देश में लोग घर के कामों के लिए बाई(maid) रखने के बजाये मशीने रखने लगेंगे क्यूंकि हम काम करने के जितने पैसे एक बाई को देते हैं जैसे की मान लीजिये 4000 रुपये देते हैं जो उस वक़्त ये रक़म 4000 dollar के समान हो जायेगा, तो उससे कम दाम में हम मशीने खरीद सकते हैं जो सिर्फ 1000 dollar में हमें मिल जाएगी.

इन सभी कारणों से लोगों को job मिलना बंद हो जायेगा और हमारे देश में बेरोज़गारी बहुत बढ़ जाएगी.

4) Tourism में Reduction होना :-
अगर Dollar की value ज्यादा हो जाएगी तब tourist भी याना आना कम कर देंगे. क्यूंकि जहाँ पहले उन्हें India सस्ता लगता था लेकिन अब costly लगने लगेगी.

5) TAXES में कमी होगी :-
क्यूंकि Foreign companies अपने setup को यहाँ से बाहर ला जाएँगी. वो अपने investment भी वापिस लेने लगेंगे, जिससे हमारे सरकार के tax पर बुरा असर पड़ने वाला है. ऐसा इसलिए क्यूंकि यदि कोई production नहीं होगा तब tax भी नहीं आएगा जिससे government के पास पैसा भी नहीं आएगा.

Service sector हमारे GDP में करीब 60% तक योगदान प्रदान करती है और 27% तक employment प्रदान करती है भारत में. ऐसे में अगर 1 Dollar समान हो जाये 1 INR के साथ तब जो Investment IT Sector और Service Sector में होता था वो एकदम से बंद हो जायेगा. अब जब की 1USD= 1INR है तब क्यूँ एक company किसी employee को USD 75,000 या Rs.75,000 per month pay करेगी जब वो एक employee उसी काम के लिए USD 3000 या Rs.3000 pay कर सकते हैं. इससे Eventually लोग अपना job loose करेंगे और unemployment में बढ़ोतरी होगी.

जब पैसे हमारे देश में आयेंगे ही नहीं तब इससे इससे हमारे देश में economic slowdown दिखाई पड़ेगी. Job की Outsourcing भारत में पूरी तरफ बंद हो जाएगी.

Companies जो की अभी India में हैं वो फिर भारत से बाहर जाने लगेंगे क्यूंकि ये उनके लिए profitable नहीं होंगे. ऐसे ही एक situation हुआ था India में सन 2007-08 जब dollar करीब Rs.40 के आसपास था , लेकिन तब imports बहुत ही बढ़िया थे. लेकिन वहीँ BPO और IT Sectors को बहुत ही नुकशान हुआ.

1 Rupees = 1 Dollar को लेकर लोगों में क्या अंधविश्वास होता है ?

अक्सर लोग ये सोचते हैं की यदि 1$ = Rs.75 हो तब US economy हमसे 75 × stronger (गुना) होती है, लेकिन ये असल में सही नहीं है.

एक बात समझ लें की किसी देश की currency का यदि value high है तब इसका ये मतलब नहीं होता है की उस country का economy भी उतना ही ज्यादा strong हो. उदाहरण के तोर पर हम अपने पडोशी देश Bangladesh की ही बात कर लेते हैं, उनकी 1 BDT का मूल्य होता है = 1.4 Yen के बराबर. तब तो Bangladesh का economy Japan की तुलना में ज्यादा strong होना चाहिए. लेकिन असल में तो ठीक उल्टा होता है.

वैसे RBI इतनी ज्यादा चिंतित नहीं होती है dollar और rupees को लेकर इसकी ऊपर निचे होना जायज सी बात है. वैसे बहुत ज्यादा fluctuation अच्छी बात नहीं किसी भी economy के लिए.

सन 1947 में 1 Dollar= 1 ruppes था इसका मतलब है की उस समय हमारा productivity कम था US की तुलना में और साथ में inflation भी बहुत ज्यादा था.

Indian currency एक रात में तो बदल नहीं सकती है बल्कि इसके लिए हमें अपने productivity और production को भी बढ़ाना होगा.

एक बात तो हम सभी को मानना होगा की 1 Rupee = 1 USD किसी भी developing या growing country के लिए affordable नहीं है.

Conclusion

तो दोस्तों हमने यहाँ होने वाले फायेदे और नुकसान के बारे में जाना जिससे हमे यही पता चलता है की अगर 1 rupee 1 dollar के समान हो गया तो हमारे देश की उन्नति कभी नहीं होगी और इसमें फायेदे से ज्यादा हमें नुक्सान ही होगा. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को 1 Dollar= 1 ruppes समान होगा तब क्या होगा के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. यदि आपको यह post अगर 1 Rupee = 1 Dollar हुआ तो India में इसका क्या असर होगा? पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

62 COMMENTS

  1. Baat ye nahi hai jaisa aap bol rahi hai agar dollar rupees ke barabar ho jaata hai toh india me sabhi ke paas wo facility hogi jo kuch logo ke paas hai actual me hamare paas hai hi kya jo hum export kare wahi chote mote product. Main jo expensive products hai wo hai electronic and security products jise bharat puri tarah se bahar se import karta hai jis par kisi desh ki economic power depends karti hai jiske liye america puri tarah se saksham hai. Agar india me kuch aisa hoga tab koi nuksaan nahi kyu ki iske liye bahut paisa lagta hai aur kisi desh ke paas agar ye nahi hai toh use har haal me import karna hoga yahi india ki kami hai. Agar india ke pass ye sab hai toh har desh import karega chahe uski kimat kitni bhi ho. Aur yahi har desh ki taraki ka formula hai. Aur jab maal bikega toh foreign exchange apne aap daud kar aayega. Isliye isme india ka keval fayda hai nuksaan ka toh sawal hi nahi utha…

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