Digital India क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई थी?

India या भारत के विषय में तो हम सभी जानते ही हैं क्यूंकि हम खुद ही भारतीय हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं की डिजिटल इंडिया क्या है (What is Digital India in Hindi)? सुनने में तो ये थोडा technical लग सकता है, लेकिन इसके principles और aim (लक्ष्य) को समझना बड़ा ही आसान है और ये बहुत ही उम्दा हैं. यदि आप अभी तक भी हमारे प्रधानमंत्री के द्वारा शुरू किया गया Digital India Innitiative के विषय में नहीं जानते हैं हैं तब आप जरुर ही बहुत ही महत्वपूर्ण programme को miss कर रहे हैं. लेकिन चिंता करने की कोई भी बात नहीं है क्यूँ आज हम इसी डिजिटल इंडिया प्लेटफार्म की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में जानने वाले हैं इस article के द्वारा.

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम एक flagship programme है भारत सरकार का जिसकी एक मात्र vision यह हैं की कैसे पुरे भारतवर्ष को एक digitally empowered society और knowledge economy में परिवर्तित किया जाये. वैसे technology driven programs भारत में नए नहीं हैं क्यूंकि E-governance initiatives भारत में 1990 में बड़ा रूप लिया और इसे बहुत से क्षेत्रों में इस्तमाल में लाया गया जिसमें कुछ major projects भी शामिल थे जैसे की railway computerization, land record computerization इत्यादि. इनका main focus था Information System का development कैसे सुचारू रूप से किया जाये. बाद में कई राज्यों ने अपने ही individual e-governance projects start किये जो की नागरिकों को electronic services प्रदान करते हैं.

भले ही ये e-governance projects ज्यादा citizen-centric थे, लेकिन इनके limited features के होने से इनका ज्यादा impact नहीं हुआ. इन projects में isolated और कम interactive systems होने के कारण वो इसके भीतर स्तिथ gaps को उजागर कर दिए इसलिए इनका successful adoption नहीं हो पाया. जिस कारन ये clearly ये show करता है की एक और भी ज्यादा comprehensive planning और implementation की जरुरत है, जिसके लिए infrastructure की जरुरत हैं, interoperability issues को address करने के लिए. ऐसा करने से एक और भी ज्यादा बेहतर और connected government बनाने की जरुरत हैं.

ऐसे में इस problem को ठीक करने के लिए एक participative, transparent और responsive government बनाया गया, जिसे हमारे प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसकी शुरुवात करी July 1, 2015 में Delhi के Indira Gandhi Indoor Stadium से और इसका नाम रखा गया ‘Digital India’ programme. इसलिए बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के विषय में जानते हैं.

अनुक्रम

डिजिटल इंडिया क्या है (What is Digital India in Hindi)

Digital India Kya Hai Hindi

Digital India एक umbrella programme है जो की technology के ऊपर आधारित हैं जिसके एक ही vision है की कैसे India को एक digitally empowered society और एक knowledgeable economy में परिवर्तित किया जाये. इसके objectives को पूर्ण करने के लिए, इस programme ने एक ऐसा ecosystem establish किया है जो की बहुत सारे Ministries और government departments के मिलने से बना हुआ है.

इसके initiatives coordinated हुए हैं Department of Electronics and Information Technology (DeitY) के द्वारा. नागरिकों तक public services पहुँचाना information technology के इस्तमाल से एक बहुत ही महत्वपूर्ण मकसद है Digital India program का जिससे की citizens तक technology enabled पहुँचाया जा सके. यह Digital India programme को हमारे प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi ने July 1st 2015 में start किया.

यदि सच में इस डिजिटल इंडिया initiative को implement करना है तब इस initiative के लिए कुछ preparatory measures लेने होंगे. जैसे की sufficient physical infrastructure create करना होगा, vital governance services लोगों तक e-mode के माध्यम से पहुँचाना होगा और साथ में लोगों के बिच digital literacy की awareness बढ़नी होगी, मतलब की लोगों को technology से रूबरू कराना होगा जिससे वो आसानी से सभी digital technology को handle कर सकें.

यहाँ कुछ steps और targets दिये गए हैं जो की इन key areas से related हैं इन objectives को पूर्ण करने के लिए.

1.  Digital infrastructure का होना : इसके लिए high-speed internet facility, mobile phone और bank account, common service centre को access होना चाहिए. साथ ही internet identity, sharable private space एक public cloud में और safe, secure cyberspace की जरुरत होती है.

2.  Governance और services on demand available होनी चाहिए real-time में online और mobile platforms के लिए. साथ ही ये seamlessly integrated होनी चाहिए departments और jurisdictions के बीच. सभी citizen documents को cloud platform में available कराना चाहिए जिससे physical documents की requirement को minimize किया जा सके. Cashless electronic transactions और Geographical Information Systems (GIS) को integrate करना होगा इस scheme के लिए.

3.  सभी नागरिकों को, मुख्य रूप से rural citizens को digital literacy से रूबरू कराना होगा इससे वो government के सभी programs का इस्तमाल कर सकें.

भारत डिजिटल इंडिया कैसे बनेगा

Digital technologies हमारे society के करीब सभी aspects पर असर डालती है. इसलिए यह Digital India का program ज्यादा area को cover करता है भारत को एक digitally empowered country बनाने में.
सरकार ने ऐसे नौ pillars को identify किये हैं Digital India के जो की बहुत ही जरुरी हैं.

1. Broadband Highways: सरकार ने पुरे 2.5 lakh ग्राम पंचायत में national optical fibre network बिछाने का सोचा हुआ है. इस project के लिए Department of Telecommunications (DoT) ही nodal Department है. 2020 तक सभी पंचायत में ये broadband की सुविधा पहुंचा देने की deadline प्रदान करी गयी है.

National Information Infrastructure (NII) का इस्तमाल कर network और cloud infrastructure को integrate किया जा सकता है जिससे की पुरे country में high-speed connectivity और cloud platform की सुविधा प्रदान की जा सकती है. ये सुविधा government departments से panchayat level तक हर जगह में पहुँचाया जा सकता है. Broadband networks में जो infrastructure components का इस्तमाल किया जाता है वो हैं : State Wide Area Network (SWAN), National Knowledge Network (NKN), National Optical Fibre Network (NOFN), Government User Network (GUN) और MeghRaj Cloud. DeitY इस project में इसकी nodal Department होती है.

2. Phones को Universal Access प्रदान करना : Mobile phone coverage को देश में बाकि बचे 55,619 villages को प्रदान करना है. इसमें Department of Telecommunications एक nodal department बन सकता है और इस project की cost है around Rs 16,000 Cr वो भी वर्ष 2014-18 के बीच.

3. Public Internet Access Programme की शुरुवात: Common Services Centres (CSCs) को strengthened किया जा सके और उनकी number को भी बढाया जाये जिससे प्रत्येक Panchayat को एक CSC (जिससे total 250000 CSCs) मिल सके. CSCs को कुछ इस प्रकार से बनाना है जिससे की वो ज्यादा बेहतर रूप से multi-functional end-points बन सके government और business services को प्रदान करने के लिए. DeitY इसमें भी nodal department होती है इस scheme को implement करने के लिए.

4. e-Governance – Technology के मदद से Govt को Reform करना : Digital technology का इस्तमाल government services की better delivery के लिए किया जाता है. सरकार का लक्ष्य होता है कैसे वो अपने processes और delivery of services को improve करे. उदाहरण के लिए e-Governance UIDAI के इस्तमाल से, payment gateway, EDI और mobile platforms. अब तो School certificates, voter ID cards को Online ही प्रदान किया जाता है. (Ex -digi-locker). यहाँ पर databases और information को electronic form में रखा जाता है न की manual form में.

5. e-Kranti -Electronic Delivery की Services: e-Kranti एक advanced e-governance programme जो की governance services प्रदान करता है electronic mode के माध्यम से. इसमें करीब 44 mission projects शामिल हैं. यह programme integrate करती है previous National E-Governance Plan को. वहीँ Public services जो की सम्बंधित होते हैं health, education, farmers, justice, security और financial inclusion इत्यादि से उन सभी को electronically ही administered किया जाता है e-Kranti के under.

6. Information to all: सभी information जो की related होती हैं governance और public services से नागरिकों के लिए, उन्हें बड़ी ही आसानी से digital platforms के मदद से सभी तक पहुँचाया जाता है.

7. Electronics, Manufacturing जिसमें target Net Zero Imports हो : Digital India के इस pillar का aim होता है digital technology devices के manufacturing को promote करना, जो की ख़ास तोर से electronics होता है हमारे देश में. भारत में Electronics की Manufacturing को इतनी ज्यादा promote करना की जिससे एक target बन जाये net zero import का वर्ष 2020 तक. इसके तहत कई steps उठाये जा रहे हैं National Electronic Policy के under. जिसमें Taxation incentives, eliminating cost disadvantages, promoting incubators, clusters, skill development इत्यादि शामिल हैं.

8. IT का इस्तमाल Jobs के लिए : ये pillar focus करता है skill और training प्रदान करने के लिए youth को जिससे वो IT/ITES sector में employment opportunities हासिल कर सकें. इसके तहत आठ components शामिल है जिनकी कुछ specific scope of activities हैं : जैस एकी focusing करना disadvantaged regions में – rural areas और North East में, 1 करोड़ students को IT/ITES Sector में training प्रदान करना, इसके अलावा तीन लाख service delivery agents को training प्रदान करना शामिल हैं.

9. Early Harvest Programmes : इस Pillar के अंतर्गत, सरकार Wi-Fi facilities set up करेंगी सभी universities और public spaces में पुरे देशभर में, eBooks की सुविधा Schools में प्रदान की जाएगी, email को primary mode of communication बनाया जायेगा, Aadhar Enabled Biometric Attendance System को सभी central government offices में deploy किया जायेगा इत्यादि.

डिजिटल इंडिया की शुरुआत कब हुई थी

बहुत लोग ये जानना चाहते है के डिजिटल इंडिया कब शुरू हुआ? इसकी शुरुवात 1 July 2015 में हमारे प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi के द्वारा की गयी थी. इसका मुख्य उद्देश्य है की ऐसे rural areas को high-speed Internet networks से connect किया जाये और digital literacy को improve किया जाये.

Conclusion

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को डिजिटल इंडिया क्या है (What is Digital India in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को डिजिटल इंडिया प्लेटफार्म के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post डिजिटल इंडिया योजना हिन्स्दी में अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

5.0
01

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.