4G क्या है, इस Technology के Features और Limitation

क्या आप जानते हैं ये 4G क्या है (What is 4G in Hindi) इसके features क्या है? अभी के समय की बात करूँ तब इसी 4G technology का इस्तमाल हम अब अपने mobiles में कर रहे हैं. High speed internet का इस्तमाल तो हम अपने घरों में, office में कर ही रहे हैं लेकिन जब हम roads में आते हैं तब ये high speed अक्सर कम हो जाती है. वहीँ 4G technology में ऐसा कुछ नहीं होता है क्यूंकि इसमें चाहे आप अपने घर में बैठ कर internet इस्तमाल कर रहे हो या फिर घर के बहार bus में या car में यात्रा कर रहे हो, आपको सभी जगहों में speed internet की सुविधा प्राप्त होगी. जो की पहले दुसरे सभी technologies (1G, 2G, 3G) में संभव नहीं होता था.

4G के speed को देखकर इसे mobile broadband भी कहा जाता है. 4G का full form है fourth generation mobile network का. ये एक ऐसी mobile communication है जो की IP-based voice, data. gaming service, high quality streamed multimedia को portable device में support करती हैं. जहाँ पहले ही 3G में video call, online streaming जैसे सुविधाएँ मेह्जुद थी वहीँ 4G में भी ये मेह्जुद हैं लेकिन ज्यादा data और speed के होने से आप इसमें Video call HD quality में कर सकते हैं, वहीँ Live streaming भी कर सकते हैं. ज्यादा users के होने से जहाँ पहले speed में थोड़ी कमी आती थी वहीँ अब ये असुविधा 4G technology में नहीं आती हैं. ऐसे बहुत सारे features 4G Mobile technology में प्रदान किये जाते हैं जिनके विषय में हम आगे इस article 4G Mobile Technology क्या है में जानेंगे. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और 4G क्या होता है in Hindi के विषय में जानते हैं.

4G क्या है (What is 4G in Hindi)

4G Kya Hai Hindi

4G का Full Form होता है Fourth Generation Technology. यह एक बहुत ही different technology होती है 3G के compare में और इसे practically इसलिए possible किया जा सका है क्यूंकि technology की advancement विगत 10 वर्षों में काफी हुई है. इसका मुख्य उद्देश्य है बेहतर और high speed, high quality और high capacity की network users तक पहुँचाना. साथ में Security को भी बढ़ाना जिससे data breach होने की संभावनाएं कम हो सके. इसके अलावा voice और data services की कीमतों में कमी लाना. जिससे users सभी नयी technologies का भरपूर फ़ायदा ले सकें.

Current applications जिसमें mobile web access, IP telephony, gaming services, high-definition mobile TV, video conferencing, 3D television, और cloud computing प्रमुख हैं. इन सभी में 4G का बहुत ही बड़ा हाथ रहा है. इस technology को ठीक ढंग से करने के लिए MIMO (Multiple Input Multiple Output) और OFDM (Orthogonal Frequency Division Multiplexing) का इस्तमाल किया जाता है.

4G के मुख्य Standards:

अगर हम 4G के मुख्य standards की बात करें तब वो हैं WiMAX और LTE. चलिए इन दोनों standards के बारे में और अधिक जानते हैं.

WiMaX: WiMAX का Full form होता है Worldwide Interoperability for Microwave Access. यह एक wireless industry coalition होता है जो की पूरी तरह से IEEE 802.16 standard की advancement की और dedicated होता है, BWA (broadband wireless access) networks के लिए. ये WiMAX mobile, nomadic और fixed wireless applications को support करता है. इसका मुख्य उद्देश्य ज्यादा device को इसे इस्तमाल के लिए compatible और interoperable बनाना है. WiMAX अपने competitor LTE के साथ compete कर रहा है.

LTE: LTE का Full form होता है Long Term Evolution. यह 4G Wireless broadband का एक standard होता है जो की increased network capacity और speed, mobile device users को प्रदान करता है. LTE ने बहुत सारे technologies को introduce किया है जब इसे दुसरे previous cellular systems से तुलना करें. इससे LTE को आसानी से operate होने में मदद मिलती है. ये technologies हैं – OFDM (Orthogonal Frequency Division Multiplex), MIMO (Multiple Input Multiple Output), SAE (System Architecture Evolution).

VoLTE: VoLTE का Full form होता है Voice-Over-LTE. यह एक नयी technology है जिसमें की users phone call को LTE network के ऊपर place किया जाता है, data packets के हिसाब से typical phone calls के बदले में. इसलिए इसे packet voice कहते हैं और packet को आसानी से network में share किया जाता है. VoLTE बहुत सारे callers को एक साथ support करता है और bandwidth को reallocate कर सकता है जरुरत पढने पर. Packet voice user को ये सुविधा प्रदान करते हैं जिससे उन्हें ये पता चल सके की जिस इन्सान को वो phone कर रहे हैं वो busy है या नहीं.

ज्यादातर current cell phone models दोनों 4G और 3G technologies को support करती हैं.

4G standard कुछ requirements set करती है mobile networks के लिए जिसमें की Internet Protocol (IP) इस्तमाल करना data traffic के लिए और minimum data rates का 100 Mbps होना अनिवार्य होता है. 4G technology को बेहतर describe करने के लिए उसे MAGIC के नाम से भी जाना जाता है. जहाँ पर MAGIC का full form कुछ इसप्रकार है:

  • M – Mobile multimedia
  • A – Anytime Anywhere
  • G – Global mobility support
  • I – Integrated wireless solution
  • C – Customized personal service

LTE का मतलब है Long Term Evolution और इसे हम एक technology नहीं भी कह सकते हैं क्यूंकि ये 4G speeds को पाने के लिए लगी पड़ी है. यह एक complete redesign और simplification है 3G network architecture की, जिससे ये परिणाम होता है की transfer latency में significant reduction होती है और इससे network की efficiency और speeds दोनों बढती है.

4G (First Generation) की History

ये fourth generation of networking 4G का सबसे पहले release सन 2009 में Sweden में हुआ था. उसके बाद ही इसे और ज्यादा develop किया गया और पुरे विस्व में deploy किया गया. 4G Technology के features के बारे में चलिए जानते हैं.

1.  4G technology काम करती हैं 1800 MHz, 2600 MHz band और 800 MHz band में.

2.  LTE और WiMAX technologies 4G में इस्तमाल हुए सबसे महत्वपूर्ण technologies हैं.

3.  इसके साथ 4G अलग technologies जैसे की OFDM, MIMO, S-FDMA technologies को भी इस्तमाल करता है उसके services के लिए.

4.  ये Moving vehicles के लिए जो की 350 mph में travel कर रहे हों, उनके high data rates को ये support करता है. ITU-R के अनुसार moving system जैसे की cars, bus या train में यह 100 Mbps तक आसानी से support कर सकता है, वहीँ stationary users या low mobility users जैसे की pedestrians में ये 1000 Mbps/1 Gbps तक support कर सकता है.

5.  यह एक single carrier में 200 voice call को simultaneously support कर सकता है.

4G की Limitation क्या थी?

चलिए अब 4G technology के limitations के विषय में जानते हैं.

1.  इसमें Battery use को implement करना बहुत ही कठिन होता है जिसके लिए काफी expensive और complicated hardware की जरुरत होती है, next-generation network को implement करने के लिए.

2.  इसे operate होने के लिए expensive infrastructure की जरुरत होती है. जिसे की eNodeB’s (Access Points) और mainly EPC’s (Gateways और Routers) में embodied किया जाता है.

3.  4G की data rate optimal होती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की ये सभी voice services के लिए best हो. कुछ services केवल Wi-Fi या 3G/GSM cellular technologies के लिए ही होते हैं आपके phone में.

4.  ये ज्यादा expensive होती हैं implement करने के लिए.

5.  इसमें कई किस्म के complex hardware का इस्तमाल होता है.

6.  इसमें ज्यादा power usage होती है.

जैसे की हम सभी जानते हैं की प्रत्येक 10 वर्षों में एक बार नयी mobile technology का जन्म होता है जो की इससे पहले वाले technology का upgraded version हुआ करता है. ऐसे में 4G के 10 वर्षों बाद 5G का जन्म हुआ, और जिसके बारे में हम दुसरे article में जानेंगे.

Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1Q – 4G Phone India कब आया?

A – April-May 2012 में Huawei ने अपना पहला 4G Smartphone निकला था. उसी टाइम Airtel ही एकलोता 4G network था.

2Q – हमे अपना iPhone 4S को 4G में बदलना है, सही सुझाव

A – पहली बात यह है के iPhone 4S एक 3G smartphone है. आप उसे 4G में नहीं बदल सकते. उसके लिए आपको कमसे कम iPhone 5 खरीदना पड़ेगा.

3Q – Airtel 4G data card का cost क्या है?

A – आप Amazon और Flipkart से Airtel 4G data card खरीद सकते है. इसका cost Rs. 999 से सुरु होता है और Rs. 2000 तक पड़ता है.

4Q – Best 4G Mobile जो की under Rs.10,000 हो कोन से हैं?

A – वैसे तो बहुत से brands के कई mobiles बहुत है अच्छे हैं. लेकिन मैंने कुछ को यहाँ पर select कर आपके सामने रखा हुआ है.

  1. RealMe 1
  2. Redmi Note 5
  3. Redmi 5
  4. Redmi Y2
  5. Honor 7C
  6. Honor 9 Lite
  7. Moto G5 Plus
  8. Redmi Y1

5Q – iPhone 5s 4G है या नही?

A – iPhone 5s 4G network support करता है.

6Q – Free में 4G Data कैसे मिलेगा?

A – बहुत बार companies कुछ occasions में अपने plans को promote करें के लिए Free में 4G Data का ऐलान करते हैं. साथ में वो कुछ नए mobile brands के साथ मिलकर भी Free 4G data customers को देते हैं. इसके लिए आपको हमारे blog में निरंतर आना होगा latest ऐसे offers के लिए.

7Q – BSNL की 4G सेवा कब से शुरू होने वाली है?

A – BSNL की 4G सेवा 2018 के आखिर तक शुरू होने वाली है और बहुत जल्द ही इससे आप हम जैसे users को बहुत फायेदा होने वाला है.

8Q – Airtel SIM को 4G में upgrade या update कैसे करे?

A –  यदि आप अपना Airtel SIM card 4G में upgrade करना चाहते हैं तब आप ये दो तरीकों से कर सकते हैं.

पहला तरीका :

  • अपने निकटवर्ती Airtel retailer shop पर जाएँ.
  • उससे नया Aitel 4G SIM खरीद लें.
  • इसमें आपको SIM number मिल जायेगा.
  • SIM <space> SIM number type कर 121 में send कर दें.
  • इसके बाद SIM को 4G में upgrade करने के लिए confirm message आएगा.
  • 1 type का उसे send करें.
  • ऐसा करते हैं आपको request accepted का notification मिल जायेगा. और कुछ घंटों के पश्चात ही आपका SIM 4G में upgrade ही जायेगा.

दूसरा तरीका :

    • अगर आप घर बैठे ही ये काम करना चाहते हैं तब भी ये आप कर सकते हैं.
    • इसके लिए आपको Airtel के official website पर जाना होगा और SIM SWAP में जाकर आपको एक form भरना होगा.
    • इसे भरते ही आपके दिए गए address में कुछ दिनों के भीतर के SIM पहुँच जायेगा.
    • उसके बाद आपको पहले तरीके का पालन करना होगा.
    • इस तरीके में थोडा ज्यादा समय लग सकता है.

9Q – Modern 4G Dongle के prices क्या हैं?

A – ज्यादातर modern 4G dongles के prices Rs.1000 से लेकर Rs.1500 तक ही सिमित हैं.

10Conclusion :-

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को 4G क्या है (What is 4G in Hindi)? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को 4G VoLTE क्या है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post 4G Technology क्या होता है in Hindi अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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