2G Cellular Network क्या है और इसका इतिहास

क्या आप जानते हैं 2G Cellular Network क्या है (What is 2G in Hindi)? कैसे ये काम करता है, इसके महत्वपूर्ण features क्या है? Wireless Technology में 1G के बाद 2G ने mobile communication की पूरी काया ही बदल कर रख दी थी. जहाँ 1G में केवल Voice ही होता था वहीँ 2G में Voice के साथ data service भी प्रदान किया जाता है. 1G और 2G में जो मुख्य अंतर है वो ये की जहाँ 1G में इस्तमाल हो रहे radio signal analog होती हैं वहीँ 2G network के signals digital होती हैं. इससे लोगों को अपने Cell phones को पूरी तरह से सही उपयोग करने का मौका मिला. साथ में उन्हें text encryption, data service जैसे की SMS, picture message और MMS भी साथ में मिलीं.

2G या second generation communication में phone conversation पूरी तरह से digitally encrypted हुआ करता है. इससे communication की security 1G के मुकाबले काफी बढ़ जाती है. 2G technology ने लोगों को अपने cell phone में बातचित के साथ साथ internet का भी इस्तमाल करना सिखा दिया. इससे लोग अपने cell phones को केवल calling device कहना छोड़ दिए और इस एक utility device कहने लगे. इसलिए आज मैंने सोचा की आप लोगों को 2G Network क्या है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान करूँ जिससे आपको Mobile Technology की advancement के बारे में पता चल से सके. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और 2G technology के बारे में जानते हैं.

2G Cellular Network क्या है (What is 2G in Hindi)

2G Cellular Network Kya Hai Hindi

Cell phones को सबसे पहली major upgrade तब मिली जब इसमें इस्तमाल हुआ technology 1G से 2G में upgrade हुआ. यह technology का सबसे पहले इस्तमाल Finland में सन 1991 में हुआ GSM networks में. इससे phones का analogue communication से digital communication में एक बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ.

2G का Full Form है Second Generation. 2G telephone technology में नए features जैसे की call और text encryption, जिसमें data services जैसे की SMS, picture messages, और MMS को सम्मिलित किया गया. माना की 2G ने 1G को replace कर दिया, जैसे की सभी नयी technology के साथ होता आया है. लेकिन 3G के आने के बाद भी अभी भी बहुत से देशों में 2G का इस्तमाल होता है.

वहीँ 2G की maximum speed होती है General Packet Radio Service (GPRS) में 50 Kbps. वहीँ Enhanced Data Rates GSM Evolution (EDGE) में 1Mbps होती है. इस generation का मुख्य उद्देश्य है secure और reliable communication channel प्रदान करना. इसमें दोनों concept CDMA और GSM का implementation हुआ है. 2G capabilities को achieve करने के लिए multiple users को एक single channel allow किया जाता है multiplexing के द्वारा.

2G की max speed General Packet Radio Service ( GPRS ) के साथ होती है 50 Kbps और 1 Mbps होती है Enhanced Data Rates for GSM Evolution ( EDGE ) में. 2G से 3G wireless network में जाने से पहले उस gap को बहुत ही कम जानी पहचानी technology 2.5G और 2.75G के द्वारा पूर्ण किया जाता है.

2G (First Generation) की History

Second generation 2G cellular telecom networks को commercially launch किया गया GSM standard में, वो भी Finland के Radiolinja (जो की अभी एक part है Elisa Oyj का) में सन 1991 में.

2G Technology के Features

चलिए अब 2G Technology के important features के विषय में discuss करते हैं.

  • Second generation communications में phone conversations को digitally encrypt किया जाता है. इससे इसकी security काफी बढ़ जाती है.
  • 2G GSM Technology बहुत सारे अलग अलग frequency bands 900/1800 में काम करता है.
  • इसमें Digital Modulation को सबसे पहली बार introduce किया गया था.
  • इसकी data rate up to 9.6 Kbps होती है.
  • इसमें Voice calls, noise-free होती है digital modulation के कारण.
  • 900 uplink में जो की है mobile से BTS की frequency range 890-915 MHz होती है और downlink में जो की BTS से mobile की frequency range 935-960 MHz होती है.
  • 2G में दो प्रकार के multiple Access का इस्तमाल होता है TDMA Based GSM technology और CDMA based IS 95 technology.
  • GSM में अलग अलग प्रकार के carriers of frequency 200 KHz का इस्तमाल होता है, जहाँ 900 frequency band में 124 carriers का इस्तमाल होता है वहीँ 1800 frequency band में 373 carriers का इस्तमाल होता है.
  • सबसे पहले Data service की शुरुवात SMS के form में हुई और बाद में GPRS को introduce किया गया.
  • CDMA technology में Up to 61 users बड़े ही आराम से simultaneously communicate कर सकते हैं.
  • CDMA की भी 20 MHz की bandwidth होती है 800 bands और 1900 band में.
  • यह technology Multimedia services को support नहीं करता है.
  • इसके उदहारण हैं GSM और CDMA.

2G में इस्तमाल हुए Technologies

वास्तव में 1G technology बोलकर कोई network नहीं होती है, कहने का मतलब है की 2G के आने के बाद से ही communication technology में बढ़ोतरी हुई है. इसमें ऐसे बहुत सारे features को include किया गया जो की 1G में आप नहीं पा सकते थे. 2G network एक बहुत ही successful network रहा है जो की सन 1980 से 2003 तक काफी लोकप्रिय रहा. 2G में ऐसे कुछ advancements हुई इसकी spectrum में जो की इसे बहुत ही लोकप्रिय बनायीं. उसमें GSM, GPRS और EDGE प्रमुख हैं.

1.  GSM: इसका full form होता है Global Systems for Mobile Communication. इसमें data transfer भी enabled होता है voice communication के साथ. इसकी speed 30-35 kbps होती है. यह mobile technology के evolution में एक बहुत ही critical role अदा किया है.

2.  GPRS: इसका full form होता है General Packet Radio Service. यह भी similar 2G technology जैसे की GSM के तरह ही काम करता है लेकिन इसमें कुछ refinements के होने से इसकी data speeds (110 kbps) बढ़ जाती है.

3.  EDGE: इसका full form होता है Enhanced Data rates for GSM Evolution. इसे 2003 में introduce किया गया और इसे 2.9G या 3G में इस्तमाल किया गया. यह दोनों GPRS और GSM से काफी उन्नत technology है. साथ ही ये high speeds जो की 135 kbps तक प्रदान करता है और बहुत सारे देशों में अभी तक भी mobile networks में इस्तमाल होता.

2G की Limitation क्या थी?

अगर में 2G की limitation की बात करूँ तब ये इसके next technology 3G की तुलना में थोडा कम उपयोगी है. चलिए इसके विषय में जानते हैं.

  • 2G को ठीक तरीके से operate होने के लिए strong digital signals की जरुरत होती है. और अगर network coverage ठीक नहीं होगी तब 2G का इस्तमाल करना संभव नहीं होता है.
  • इसमें dedicated channel को ongoing voice call में alloted किया जाता है.
  • Network के कम होने से इसमें call drop जैसे असुविधाएं उत्पन्न होती है.
  • ये network complex data जैसे की videos को handle करने में असमर्थ होता है.
  • इसके signals आसानी से interfere हो जाते हैं कुछ electronics gadgets से जैसे की audio amplifier.
  • 2G आजकल के smartphones functions से ज्यादा compatible नहीं होता है.
  • 2G network की upload और download speed बहुत ही कम होती है 3G network के मुकाबले.
  • ये Data और Vidoe communication को handle नहीं कर सकता है.

2.5G और 2.75G की Technology:

2G से 3G में जाने से पहले उस gap को पूर्ण करने के लिए बहुत ही कम जानी पहचानी technology 2.5G और 2.75G जैसे interim standards का इस्तमाल हुआ जो की data transmission के इस gap को पूर्ण कर सके.
2.5G में एक नयी packet-switching technique को introduce किया गया जो की 2G technology के मुकाबले ज्यादा efficient था. वहीँ उसके कुछ सालों बाद 2.75G को लाया गया, जो की एक theoretical threefold speed increase प्रदान करी. AT&T वो पहला GSM network रहा जिसने की 2.75G को EDGE के साथ approve किया U.S में.

2.5G और 2.75G को formally wireless standards के हिसाब से माना नहीं जाता है. वो mostly एक marketing tools के हिसाब से promote किया गया नए cell phone के features में public के सामने जिससे आम जनता इससे ज्यादा आकर्षित हो.

जैसे की हम सभी जानते हैं की प्रत्येक 10 वर्षों में एक बार नयी mobile technology का जन्म होता है जो की इससे पहले वाले technology का upgraded version हुआ करता है. ऐसे में 2G के 10 वर्षों बाद 3G का जन्म हुआ, और जिसके बारे में हम दुसरे article में जानेंगे.

Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1Q – 2G Scam क्या है और इसका क्या असर हुआ हमारे Economy पर?

A – 2G घोटाला एक प्रकार का scam है जिसमें कुछ government officials ने अपने powers का गलत फायेदा उठाया और 2G licences को बहुत ही कम दामों में बेच दिया उनके ही कुछ जाने पहचाने लोगों को. इसका ये असर हुआ की भारत को करीब 1.5 lakh करोड़ रुपयों का घटा सहना पड़ा. बाद में उन officials को जेल की हवा खानी पड़ी. इसके मुख्य आरोपी हैं A.Raja, M.K.Kanimozhi, Siddhartha Behura, RK Chandolia.

2Q – क्या हम airtel 2G SIM से SMS भेज सकते हैं अगर हमारे Phone में ज्यादा Balance हो?

A – यदि आपके airtel 2G SIM में ज्यादा बैलेंस हो तब भी आप SMS भेज सकते हैं.

3Q – Does iPhone 4s Support 2G Network?

A – iPhone 4s, 2G aur 3G network को support करता है.

4Q – 2g phone कैसे connect होता है jio router से?

A – यदि आप अपने पुराने 2G या 3G phone में Jio 4G की सुविधा प्राप्त करना चाहते हैं तब इसके लिए आपको बस एक JioFi device खरीदनी होगी जिसमें की free में एक JIO sim उपलब्ध करवाया जायेगा. यह JioFi device की कीमत Rs.1999/- रखी गयी है. यदि आप इस JioFi के router के साथ अपने 2G फ़ोन को connect करना चाहते हैं तब बस आपको यह device चालू करना होगा और साथ में अपने phone का wifi भी चालू करना होगा, कहीं तभी जाकर ये दोनों wifi के मदद से connect हो सकते हैं. और आप Jio internet का मज़ा उठा सकते हैं.

5Q – Jio 2g speed में बिना रुके youtube कैसे चलाये?

A – यदि आप Jio 2G speed में youtube को बिना रुके चलाना चाहते हैं तब आपको बताये गए steps का पालन करना होगा. तो चलिए उनके बारे में जानते हैं.
1.  सबसे पहले Youtube videos का resolution कम करें.
2.  यदि Chrome का इस्तमाल कर रहे हैं तब Data Saver Mode का इस्तमाल करें.
3.  Background में चल रहे Apps के data usage को restrict करें.
4.  Whatsapp के media download option को disable करें.
5.  Youtube का Offline में इस्तमाल करें.
6.  Apps केवल Wi-Fi में ही update करें.
7.  Internet Boosting Apps का इस्तमाल करें.
8.  सही browser का चुनाव करें.

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को 2G Cellular Network क्या है (What is 2G in Hindi)? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को 2G Mobile Network क्या है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह article 2G Network क्या होता है in Hindi अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

14 COMMENTS

  1. Mera ek confusion hai seo ke related..

    Ek blog ke liya Home page ke upr konsa backlinks jyda powerful hote hai.
    Naked links ya fir Anchor text links.

    Yeh question manna bahut se bloggers se kiya hai, kuch anchor text ko powerful mante hai or kuch naked links ko.
    So, Sir what is your opinion about this

    • I prefer 80:20 backlinks. Related keywords:Naked
      Par me backlinks se jyada content pe dhyan deta hun.
      Ye matter nahi karta ke kis tarah ka backlinks hai, ye matter hai ke kitna organic hai aur source kitna high authority hai.

      • Yeh tu dekh hi rha hai k aap content pe focus kr rha hai.

        Actually me apko website ko 3 month se study kr rha ho. Apke Kuch ranking factors ko apne blog mai bhi implement kr rha ho.

        By the way this thing is helping me

        • Thanks. आज से आप लोगों को प्रतिदिन एक नया Hindi article पढने को मिलेगा. ये वाकई आपके Knowledge को बढ़ाने में मददगार साबित होगा. Article पढने के लिए धन्यवाद् और अच्छा लगे तो share जरुर करें.

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