3G क्या है, इस Technology के Features और Limitation

शायद आप लोग 3G क्या है (What is 3G in Hindi) इसके विषय में जानते होंगे. क्यूंकि 2G के बाद इस 3G ने wireless technology को पूरी तरह से बदल के रख दिया है. इसे सन 2000 के करीब introduce किया गया था. इस नयी technology में data transmission की speed को 144kbps से बढाकर 2Mbps तक पहुंचा दिया गया था. जिसके चलते जहाँ 2G network में लोग data का इस्तमाल videos देखने के लिए नहीं कर पाते थे क्यूंकि videos buffering होकर चला करती थी, वहीँ 3G के आ जाने से इसने video streaming की परिभाषा ही बदल कर रख दी. अब ज्यादा fast internet के होने से users को videos देखने के लिए ज्यादा सोचना नहीं पड़ता है. इसके अलावा video calling की सुविधा लोगों को प्राप्त होने लगी जो की पहले सिर्फ एक सपना हुआ करती थी.

3G के आने से Manufactures ने भी basic phones को upgrade कर smartphones की और रुख करने लगे. जहाँ पहले बेहतर network के न होने से नए features को implement कानर मुस्किल हुआ करता था वहीँ अब 3G networks उन्हें वो platform प्रदान करती है जहाँ पर वो नए सारे features को test का implement कर सके. 3G technology को मुख्य रूप से multimedia communication के लिए ही design किया गया है. ये ऐसे service प्रदान करता है जिसमें की higher data transfer rate की जरुरत होती है. इसका मुख्य इस्तमाल seamless global roaming के लिए भी होता है, जिससे users वही समान number और handset का इस्तमाल कर एक स्थान से दुसरे स्थान में जा सकते हैं और इसमें उन्हें कोई तकलीफ भी नहीं होगी. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को 3G Mobile technology क्या है के विषय में जानकारी प्रदान करें जिससे आप लोगों को इसके विषय में कुछ पता चले. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते है और 3G क्या होता है in Hindi.

3G क्या है (What is 3G in Hindi)

3G Kya Hai Hindi

3G का Full Form है Third Generation Mobile Technology. 3G networks का इस्तमाल मुख्य रूप से faster data-transmission speeds में किया गया, जैसे की cell phones का इस्तमाल ज्यादा data-demanding के तरीके जैसे की video calling और mobile internet access. वहीँ 3G cellular technology को “mobile broadband” के नाम से भी term किया गया. 2G के तरह ही 3G भी evolve होकर faster 3.5G और 3.75G network बना जिसमें की बहुत से attractive features हुआ करते थे, ये सभी चीजें 4G होने के पहले हुआ करता था.

Maximum Speed की बात करूँ तब non-moving devices के लिए यह 2Mbps के करीब वहीँ Moving vehicles के लिए 384 Kbps होता है. जो की उस समय एक बहुत ही बड़ी बात हुआ करती थी. 3G network के इतनी fast speed के होने से users अपने 3G enabled smartphones से बहुत से कार्य कर सकते थे जैसे की faster communication, large emails और texts को send/receive करना, fast web browsing प्रदान करना, video streaming और ज्यादा security प्रदान करना बाकि मेह्जुदा technology के तुलना में.

3G की technology मुख्य रूप से UMTS (Universal Mobile Telecommunications System) पर आधारित होती है. यह network 2G के features को कुछ नयी technology और protocols के साथ मिलकर एक बहुत ही faster data rate प्रदान करती है. यह generation wireless technology के लिए एक standard set किया था. Web browsing, email, video downloading, picture sharing और दुसरे Smartphone technology को सबसे पहली बार third generation में ही introduce किया गया.

3G में Multimedia services support होता है streaming के साथ जो की इसे ज्यादा popular बनाते हैं. 3G में, Universal access और अलग अलग devices के across portability जैसे की (Telephones, PDA’s, etc.) इसे दूसरों से बिलकुल ही अलग करती हैं. 3G ने frequency spectrum की efficiency को काफी हद तक बढ़ा दी थी, ऐसा करने के लिए इसमें audio को call के दोरान compressed किया था जिससे समान frequency range में ज्यादा simultaneous calls कर पाना संभव हो पाता है. UN’s International Telecommunications Union IMT-2000 standard के हिसाब से stationary speeds में 2Mbps और mobile speeds में 384kbps होने पर ही उस network को “true” 3G कहा जा सकता है. वहीँ HSPA+ की theoretical max speed है 21.6 Mbps.

एक 3G phone को 4G network में operate होने में problem होनी चाहिए, लेकिन newer generations के phones को कुछ ऐसे design किया गया होता है जिससे की ये backward compatible होते हैं, इसलिए एक 4G phone 3G और यहाँ तक की 2G network में भी communicate कर सकती हैं.

3G (First Generation) की History?

Smart Phones में high-speed के demand के होने से, बाध्य होकर 2G से आगे 3G के और रुख होना पड़ा. सबसे पहले NTT DoCoMo ने सन 2001 में japan में इसे launch करी. इसे FOMA (Freedom of Mobile Multimedia Access) के नाम से ज्यादा परिचित किया गया, और ये W-CDMA technology पर आधारित था. उसके पश्चात south Korean company ने दुसरे 3G network को launch किया जो की CDMA 1xEV-DO technology पर आधारित था. उसके बाद Europe में Telenor ने इसे launch किया जो की UMTS technology पर आधारित होता है.

3G Technology के Features?

चलिए 3G technology के features के बारे में और अधिक जानते हैं.

  • 3G technology 2100 MHz band में काम करती हैं.
  • इसकी transmission speed 2G के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है, इसलिए आप आसानी से कोई data internet से download या upload कर सकते हैं.
  • 3G बहुत सारे Multimedia services जैसे की video calling, internet services, music on demand, और videos on demand को support करती हैं.
  • 3G network stationary users के लिए 2 Mbps, वहीँ mobile users के लिए 384 kbps support करता है.
  • 3G जिन technologies को support करती हैं वो हैं CDMA 2000, EVDO, UMTS, HSPA, HSDPA और WCDMA.
  • यह मेह्जुदा 2G infrastructure को support नहीं करती हैं, साथ में इनकी cell size बहुत ही छोटे होते हैं 2G के comparison में, इसलिए ज्यादा towers की जरुरत होती है बेहतर coverage और performance प्रदान करने के लिए.
  • इसमें Power consumption बहुत ही ज्यादा होता है.
  • उदहारण के लिए WCDMA, CDMA 2000, और UMTS (Universal Mobile Telecomm Standard).

3G की Limitation क्या थी?

चलिए 3G की कुछ limitation के बारे में जानते हैं.

  • इसमें 3G Licence services बहुत ही expensive होती हैं.
  • साथ में इसमें 3G technology के लिए infrastructure बनाना बहुत ही बड़ा challenge होता है.
  • इसमें 3G को operate होने के लिए High Bandwidth की requirement होती है.
  • इसके अलावा 3G Enabled Phones बहुत ही ज्यादा expensive होते हैं normal basic phones की तुलना में.
  • Operate होने के लिए इसमें बहुत सारा power consumption होता है.

जैसे की हम सभी जानते हैं की प्रत्येक 10 वर्षों में एक बार नयी mobile technology का जन्म होता है जो की इससे पहले वाले technology का upgraded version हुआ करता है. ऐसे में 3G के 10 वर्षों बाद 4G का जन्म हुआ, और जिसके बारे में हम दुसरे article में जानेंगे.

Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1Q- 3G Connection चलाने का Basic Settings क्या है? Phone में क्या Setting Change करे?

A – अपने Android Mobile में 3G Connection को चलाने के लिए आपको बताई गयी निर्देशों का पालन करना होगा. जो की कुछ इसप्रकार हैं.

  1. सबसे पहले Settings में जाएँ.
  2. उसके बाद Select करें Wireless and Networks
  3. निचे Scroll करें और Mobile Network को touch करें
  4. उसके बाद Dual SIM / SIM Settings को tap करें
  5. फिर Select करें “Network Mode
  6. इसके बाद आपके सामने कई networks का options दिखाई पड़ेगा जैसे की 3G, 2G, LTE (4G).
  7. इसमें आपको अपने लिए सही network का चुनाव करना होगा.

2Q – Intex Aqua 3G Pro Mobile Phone में Pattern lock को कैसे खोलें और Hard reset कैसे करे?

A – इसे करने के लिए आपके पास दो तरीके हैं इसे करने के लिए. लेकिन ध्यान दें की आप इससे पहले अपने phone के data का backup ले चुके हों.

Method 1 :

  • अपने phone Intex Aqua 3G Pro को पहले Switch of कर लें और उसके बाद back panel को remove कर लें और battery निकाल लें. फिर उसे फिर दे दाल दें अगर आपकी phone hang हो गयी हो या lock हो गयी हो.
  • उसके बाद Volume down buttonऔर Power button को एकसाथ press करके रखें तब तक जब तक की आपको system recovery screen दिखाई न पड़ जाये Android robot logo के साथ background में.
  • इसके बाद Volume buttonका इस्तमाल कर navigate करें options and highlight ‘Clear Data / Formatting’ के बिच.
  • Power key को press कर ‘Clear Data / Formatting’ को confirm करें.
  • उसके बाद ‘Yes – Delete all Data’ को select करें Volume down key के मदद से.
  • फिर Power key को press का ‘Yes – Delete all Data’ confirm करें.
  • इससे phone अपने आप ही data को formatting करना चालू कर देगा और उसके बाद उसे एक बार reboot जरुर कर लें.

Method 2 :

  • अपने mobile Intex Aqua 3G Pro को on करें और फिर Settings में navigate करें.
  • उसके बाद Backup & reset option को ढूंढे और उसे select कर लें.
  • उसके बाद Factory Reset option को tap करें.
  • फिर Select करें Reset Device.
  • उसके पश्चात Select करें ‘Erase Everything’ और फिर wait करें जब तक की आपका phone reboot हो जाये fresh set of data के साथ.

3Q – Airtel SIM 3G से 4G में convert किया, but फिर भी 3G क्यों show कर रहा है?

A – इसका बहुत सरल सा answer है. 4G चलने के लिए आपका SIM और आपका smartphone, दोनों 4G को support करना चाहिए. पहले ये देखिये के आपका फ़ोन 4G को support करता है के नहीं. अगर करता है तो, अपने phone के Settings में जा कर Network mode को Auto कर दीजिये. एक बार restart करेंगे तो 4G network आ जायेगा.

4Q – क्यूँ Airtel sim को 4g में upgrade करने के बाद भी 3g क्यों show हो रहा है?

A – पता चलता है की आपने 3G से 4G में convert कर लिया है लेकिन 3G होने से आप नहीं समझ पा रहे हैं. इसका कारण ये हो सकता है की आपके area में अभी तक 4G network enabled न हुआ हो, जिसके चलते वो केवल 3G network ही show कर रहा है. यदि ऐसा नहीं है तब आप Airtel के customer care से संपर्क कर सकते हैं लेकिन इससे पहले IMEI number, phone model number, और phone manufacturer details को अपने पास ही रखें. इससे आपको उन्हें अपने problem को बताने में आसानी होगी.

Conclusion

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को 3G क्या है (What is 3G in Hindi)? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को 3G Mobile technology क्या है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post 3G क्या होता है हिंदी में अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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