Voice Recognition System क्या है और कैसे काम करता है?

क्या आपको पता है Voice Recognition System क्या है और कैसे काम करता है. इसके साथ साथ आज हम आपको बताएँगे की क्या हैं इस Technology के फायदे और नुकसान. आपको इसके History बारे में भी बताऊंगा. यह सब जानकारी आज हम आपको आपकी भाषा हिंदी में देंगे तो चलिए जानते हैं.

आपको कैसा लगे अगर आपका Computer या Smartphone आपके दोस्त के जैसे बात करे और आपके सारे सवालों के जवाब भी दे. हाँ आपने सही सुना, लेकिन कुछ लोगों को ये मजाक या सपना लग रहा होगा. लेकिन ये सच है. अब Technology इतनी तेजी से तरकी कर रही है की यह भी संभव है. इस Technology में आपको Keyboard की भी जरुरत नहीं पड़ती. जैसे आप बोलोगे Hello तो आपका Phone भी आपको तुरंत आपको जवाब देगा.

यह सब कर पाना एक समय में ना के बराबर था, लेकिन धीरे धीरे जब Computer Scientist और Mathematician इस Concept के उपर रात दिन एक कर काम करने लगे तो एक Technology का Invention हुआ जिसक नाम था Voice Recognition. आज कल यह Technology हर mobile Phone और Computer में उपलभ्द है. तो चलिए दोस्तों इसके बारे में बिस्तार से जानते हैं के Speech Recognition क्या है.

Voice Recognition System क्या है (Speech Recognition in Hindi)

Voice Recognition System Kya Hai

Voice Recognition को Speech Recogntion भी बोला जाता है. यह एक Computer Software Program है, यह एक Hardware Device भी है जिसमे Human Voice को समझने के क़ाबलियत होती है.

Speech Recognition एक Technology है, जो Human द्वारा बोले गए words को Input के जैसे लेता है और उन words को Digital form में convert करता है, समझके उसके उपर Action लेता है.

इस टेक्नोलॉजी का इस्तमाल Mobile Phone Operate करने के लिए, Mobile को Command देने के लिए और Voice के जरिये Search करने के लिए इस्तमाल किया जाता है. इसमें आपको कोई Keyboard, Mouse की इस्तमाल करने की जरुरत नहीं पड़ती है और नाहीं आपको कोई Button दबाने की जरुरत है. इसके लिए एक Program का इस्तमाल किया जाता है जिसका नाम है ASR (Automatic Speech Recognition). इसके लिए आपको ASR PROGRAM को Train (सिखाना) करने की जरुरत है. जिससे यह आपकी Voice को Recognize करके आपके सवालों को जवाब देगा और अगर आप कोई काम करने का Command दिए हो तो वो काम करके दिखाएगा. एक उदाहरन लेलो आप बोलोगे “Open Whats app” तो मोबाइल आपकी दी गई command को समझ के Whats app Open करता है.

इस Technology का सबसे अच्छा उदाहरन है “Google Assistant” जो Google का Application है. SIRI यह भी voice Recognition Technology Software का उदाहरन है. यह Apple का Application है. आपको बहुत सारे software Market में मिल जायेंगे जो Speech Recognition से चलते है. इस Voice Recognition Technology का सबसे ज्यादा इस्तमाल Bio matrices, Office, Medical में होता है. तो चलिए अब जानते हैं यह काम कैसे करता है..

Voice Recognition Technology कैसे काम करता है

कैसे काम करता है यह जानना अति अवश्यक है. जब आप कुछ बोलोगे, आपकी बातों को On-Screen-Text (जो आप बोलोगे वो mobile Screen पे दिखेगा) या फिर यह एक Command में Convert करने के लिए Voice Recogntion को बहुत सारे Complex Steps से गुजरना पड़ता है. जब कभी भी आप कुछ बोलते हैं तब एक एक Vibration पैदा होता है. यह Vibration कुछ और नहीं यह Analog Signal है. Mobile या Computer Analog waves को Digital में Convert करने के लिए ADC Translator का इस्तमाल करता है. यह तो आपको पता ही होगा Computer Digital Signal को ही समझता है.

ADC, Analog को Digital में Convert करने के लिए ये सब Steps को Follow करता है. Sounds को एक Particular Interval में छोटे छोटे Samples में divide कर देता है. उस Sound को Digitize कर देता है. System Digitize Sounds Wave को Filter करके Unwanted Noise को Remove करता है. साथ ही Sound को Normalize करके Volume को Constant Level तक लेके जाता है. Sound के Level को Constant करने की जरुरत इसलिए है क्यूंकि हर कोई एक जैसे Speed में Pronounce नहीं करता है. हालाकि जो Sound System Memory में पहले से मोजूद Sound है उसके साथ Input Sound को आसानी से Match किया जाता हैं.

इसके बाद इन Sounds को छोटे छोटे हिसों में divide किया जाता है और छोटे हिसा मतलब 1 Second का सोवां हिसा या हजारवां हिसा. जिनसे इन कुछ letters को आसानी से Identify किया जा सके जैसे P, B, T क्यूंकि इनको समझ पाना हमारे लिए तो आसान है लेकिन अगर Computer और Smartphone के खेत्र में यह बड़ा ही मुश्किल काम है. इसलिए इतने छोटे छोटे हिसों में devide किया जाता है.

अब आखिरी स्टेप बचा है, इन sounds के छोटे छोटे हिसों को System में stored digital signal के साथ मैच किया जाता है. जसे जो ‘G’ signal के साथ मैच हुआ वो है G, O के साथ O, D के साथ D. इन तीनों को मिला देंगे तो बन जाएगा “God”. अगर Google Assistant की बात करें तो उसमे God word बोलोने से God का Meaning दिखाता है. तो अब कुछ Voice Recognition Software के Example की बात करते हैं. .

Voice Recognition Software के Example

इसमें हम बात करेंगे 1 खास application की जो Application “Voice Recognition Technology” से चलते हैं.

Google Assistant

यह एक लोगों का पसंदीदा application है. यह Assistant Google द्वारा विकसित किया गया है. इसका announcement May 2016 में Google I/O सम्मलेन में किया गया था. इसमें आप 2 way Conversion कर सकते हो मतलब आप जैसे अपने दोस्त के साथ बता कर सकते हो वैसे ही आप बात कर सकते हैं. और अपने मोबाइल को बिना Touch किए भी Operate कर सकते हो.

अभी आपके मन में एक सवाल आया होगा की यह Application क्या क्या कर सकता है. तो निचे कुछ Commands हैं उनका इस्तमाल आप Google Assistant में कर सकते हैं. तुरंत आपको इसका जवाब भी मिलो जाएगा. याद रहे सबसे पहले Mobile में Home Button को दबाके, निचे दिए गए सब Command का इस्तमाल करें. या फिर OK Google बोलके इस्तमाल करें.

Google Assistant Commands

whats The Temperature: इस कमांड से आपको दिन भर का तापमान और मौसम की जानकारी मिलती है

Show me the direction to Chandni Chowk: यह command आपको आपके Location से चांदनी चौक तक का सबसे छोटा रास्ता Google Map में show करेगा. आप चाहो तो Chandni Chowk की जगह कोई दूसरा नाम भी ले सकते हो.

Wake up me at 4 am या Wake up me After 1 Hour: यह Command Alrarm set करता है और आपको सुबह 4.00 बजे का अलार्म सेट कर देता है. आपको और कुछ करने की अवास्त्कता नहीं है.

Play Music:आप गाना सुनना तो पसंद करते ही होंगे इसी लिए. जी हाँ यह command आपके लिए ही है. “Play Music” बोलते ही Mobile में गाना Play होने लगे गा. आप चाहो तो Play Music के बाद गाने का नाम भी ले सकते हैं. paly Music kolawari d बोलेंगे तो यही गाना Google Music player में play होगा.

Send a Text Message to Rahul: इस Command के जरिये आप कुछ भी TEXT Message Rahul के पास भेज सकते हो. आपको Message लखने की कोई जरुरत ही नहीं है, आप जो बोलोगे वही Message Rahul नाम Contact Number पे चला जाएगा. यहाँ Rahul उदाहरन पे तोर पे लिया गया है.

Whats The Square Root of ___: यह Mathematical command है. यह command बोलने के बाद कोई number बोलेंगे तो उस number का Square Root Result निकलेगा.आप चाहो तो दुसरे Command का भी इस्तमाल कर सकते हैं.

Open WhatsApp: यह एक बहतरीन Command है जिसके जरिए आप बोलके कोई भी App को Open कर सकते हो आप. Open Map, Open Facebook भी बोल सकते हैं आप.

Make a Reminder: सायद आप बहुत कुछ भूल जाते होंगे आपको कुछ याद भी नहीं रहता होगा. तो आप इस Command से आप कुछ भी Reminder Save कर सकते हैं. Show me My Reminder के जरिए आप Reminder देख सकते हो.

Good Morning/ Good Evening: Google Assistant की यह एक बहतरीन command है. जब आप Good Morning बोलेंगे तो आपको reply में दिनभर की पूरी Details आपको मिल जाएगी.

Show me my Emails: Gmail में जो email आयें हैं. उनको Show करता है. इन सब Commands को जब आप अपने Mobile में Use करोगे तो आप समझ जाएंगे की Voice Recognition काम कैसे काम करता है.

एसे ही Apple का Siri application काम करता है. चलिए अब जानते हैं, क्या क्या Application है.

Applications of Speech Recognition

Technology के क्षेत्रों में यह काफी लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है , चलिए जानते हैं और कहाँ इसका Application है.
Device Control करने में काफी योगदान है. जैसे Ok Google बोलके आप अपने Mobile को पूरी तरह Voice के जरिए Control कर सकते हैं और कुछ भी Command दे सकते हो.

  • कुछ इस तरह आप अपने Mobile को Bluetooth के जरिए Car के साथ Connect करके Call Receive, Music और Map को Voice Command के जरिए Control कर सकते हो. आपको Mobile को बिलकुल Touch करने की आवस्यकता ही नहीं है.
  • Voice Typing- आप को तो पता ही होगा Google Voice Typing के बारे में जिसमे आप बोलके कुछ भी लिख सकते हो. बहुत कम समय में आप बहुत कुछ लिख सकते हो. Voice Typing बहुत Speed भी है और बिना spelling Mistake के भी आप लिख सकते हो.
  • Call Center- जब कभी आप कोई CUSTOMER Care number पे call करते हैं तो वहां पे बोलता है Voice Command के जरिए अपना message दें. यह भी इसी Technology से संभव है.
  • Bio matrics- का नाम तो आप सुने ही होंगे जहाँ पे इस Technology का ज्यादा इस्तमाल किया जाता है. बड़े बड़े software Company में Id verification लिए Voice का इस्तमाल किया जाता है. समय अगया है इस Technology का इतिहास का जानने का. तो चलिए जानते हैं.

History Of Voice Recognition Technology in Hindi

1. 1950s से 1960s

यह वो दौर था जब Voice Recognition Technology छोटा बच्चा था मतलब सुरुवात का समय था. उस समय Voice Recogntion केवल Number और Digit के उपर ही काम करता था. 1952, ‘में Audrey’ नाम के एक Scientist ने Bells Laboratory में इसका अविष्कार किया था. लेकिन यह भी केवल Number को ही समझ सकती थी.

2. 1960s से 1970s

इसके बाद 1962 में Shoebox नाम की एक Company ने इसका पुनः Develop किया गया इस बार बात कुछ और थी Number की वजह अब ये Technology अब English Words को भी समझने लगी थी. कुछ समय बाद समय के साथ साथ 9 consonant और Vowel को समझने की काबिलियत भी आ गई थी.

3. 1970s

U. S Defense department ने अपनी सोच बदली और Speech Recognition Technology में अपना योगदान बढ़ाते हुए 1971 से 1976 के बिच में उन्हने एक Research Program का प्रारंभ किया जिसका नाम था DARPA SUR (Speech Understanding Research). इस Program का नतीजा काफी अच्छा था Carnegie Mellon ने Harpy को विकसित किया. जिसमे 1011 Words को समझने की अहसियत थी. उन्होंने एक एसे System का इजात किया जो Logical Sentence को समझ सकती थी.
Bells Laboratory में Advancement की वजह से 1970s में इसको इतना उन्नत बनाया गया की दो व्यक्तियों की भाषा को आसानी से समझ सके.

4. 1980s

ये Markov model का दौर था, यह कुछ अलग था जिसमे अज्ञात sound को निर्धारित करने के लिए आंकडे का इस्तमाल करता था. जिसमे Speech Pattern या Fixed Template का कोई योगदान ही नहीं था. Business Industries और Business Application में इस टेक्नोलॉजी का अच्छा योगदान था.

इस Technology की मदद से 1987 में बचों के लिए एक Doll को बनाया गया. जिसका नाम था Julie इस Doll को कुछ इस तरह अभ्यास करवाया गया था की वो बचों के बातों का जवाब दे सके. 80s के समय में सरे Voice recognition में एक परेशानी यह थी की आपको कुछ बोलने के बाद Break लेना पड़ता था.

5. 1990s

1990s तो Microprocessor का दौर था. और लोगों के सामने Speech Recognition Software भी नजर आने लगे. एक Company थी जिसका नाम था Dragon जिसने. एक Software को Release किया जिसका नाम था ‘Dragon Dictate’ यह दुनिया का पहला Voice Recognition Software था. इस Software को आम लोग भी इस्तमाल कर सकते थे.

1997 में इसमें सुधार करते हुए एक ओर Software को Develop किया गया जिसका नाम था “Dragon Naturally Speaking” Software. जिसमे 100 सब्दों को समझने की अहसियत थी. BellSouth ने Voice Activated Portal (VAL) की सुरुवात की और इसमें बहुत सारी गलतियाँ थी.

6. 2000s

2001 तक Voice Recognition technique के सिखर पर था तभी Google ने Entry मारी. Google ने iPHONE के लिए Google Voice Search Application का अविष्कार किया. जो की Data Center का इस्तमाल करते हुए मानव द्वारा बोली गई बातों को Data Center जो डाटा है उसके साथ Match करते हुए Users के सवालों का जवाब दिया करता था.

आप ये तो जानते ही होंगे की Google काफी समजदार है. 2010 में Google ने एक Personalized Recognition application को Android के लिए जरी किया गया. जिसके जरिये एक अच्छा Speech Model बनाने के लिए Google ने Voice Quries को Record करना सुरु कर दिया. इसके चलते 230 Billion Words का एक Database बन गया. अभी उस Application का नाम है Google Assistant जिसके बारे में मैं पहले से आपको जानकारी दे चूका हूँ.

यह Personal Assistant काफी बुद्धिमान तो है इसके साथ ही मजाकिया है क्यूंकि आप Voice के जरिये इसके साथ मजाक भरी बात भी कर सकते हो. apple ने भी देरी नहीं करते हुए अपना Pearsonal Assistant का अविष्कार करता है जिसका नाम है Siri. उमीद है आपको History की जानकारी अछि लगी होगी अब जानते हैं इसके फायदे और नुकसान के बारे में.

Voice Recognition के क्या हैं फायदे और नुकसान

जैसे हर Technology के फायदे और नुकसान होते हैं वैसे ही इस Voice Recognition Technology के भी हैं. मै जनता हूँ आप ये जानने के ब्याकुल हैं तो सुरु करते हैं अच्छाई से.

फायदे

  1. आसानी से और कम समय में अपना काम करवा सकते है.
  2. आपको बहुत कम समय या ना के बराबर ही आपको पाने Mobile को Touch करने की आवस्यकता है. बस बोलके सारे Task कर सकते हो Voice के जरिए.
  3. जो व्यक्ति शारीरिक रूप से अख्यम है उसके लिए यह बहुत उपकारी और साथी बनके उसके सारे काम कर सकता है. ना उसको कोई Mouse पकड़ने की जरुरत है और नाही कोई Keyboard. अगर कुछ Text भी लिखना हो तो Voice Command के जरिये यह संभव है.
  4. जिन व्यक्ति के बिलकुल हाथ ही ना हो उनके लिए उपयोगी है.
  5. आपको Gramatical Error और Spelling की बिलकुल परवा करने की आवस्यकता नहीं है.
  6. अगर हम Speed की बात करें तो यह काफी तेज है. जिसके बारे में तो आप सोच ही नहीं सकते आप बोलते रहोगे और यह लिखता रहेगा.
  7. Students के लिए तो यह एक फरिस्ता है, न उनको कुछ Type करने की आवस्यकता है बस जो सवाल पूछेंगे तुरंत उनको जवाब भी मिल जाएगा.

नुकसान

  1. जैसे की आपको बताया गया है, Google आपकी आवाज को record करता है. यह भी हो सकता है आपकी आवाज को गलत काम में लगाया जाए.
  2. सुरुवाती वक्त में Voice को समझना थोडा मुस्किल होता है.
  3. Pronunciation गलत होने के कारण word का इनपुट भी गलत ले सकता है और जिसका Output भी गलत हो सकता है.
  4. जब Background धवनी होती है तो data कम Accurate और उल्टा पुल्टा लिखने लगता है.
  5. शांत जगह पे आपको जोर से चिलाके बोलना पड़ेगा, जिससे असान्ति फ़ैल सकती है.
  6. अगर आपकी Tone में बदलाव आता है तो भी Speech को समझपाना पाना भी थोडा मुस्किल होता है.

मेरी अंतिम राय इस लेख पे

हमेसा यही कोसिस रही आपको पूरी जानकारी दूँ. यह जानकारी काफी महत्वपूर्ण है. यह तो आप समझ गए होंगे Voice Recognition क्या है (What is Voice Recognition System in Hindi) और कैसे काम करता है.

मेरी राय यही है, आगे चलके यह Technology आपकी जिंदगी बदलने वाली है. आप अपने घर में जितने भी Electronics Device का इस्तमाल करते हैं वो सभी आप अपने Voice से Control कर सकते हैं. जो व्यक्ति शारीरिक रूप से अख्यम है उन सभी की जिंदगी Future में और मजेदार होगी. आप भी अपने Mobile और Laptop में Voice Search का जरुर इस्तमाल करें. EX-Android-Google Assistant, Apple में Siri और Microsoft में Cotrana.

उमीद है ये लेख आपको पसंद आया होगा, कैसा लगा आप जरुर निचे comment कर के बताइए. अगर अभी बी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे. और कोई सुझाव देना चाहते हो तो जरुर दीजिये. हमारे Blog को अभी तक अगर आप Subscribe नहीं किये हैं तो जरुर Subscribe करें. चलो बनायें Digital India जय हिंद, जय भारत, धन्यबाद.

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