Bank क्या है और बैंक के कार्य के बारे में जानकारी

Bank क्या है? जब भी हमारे मन में पैसों की बात आती है तब हमारे सामने Bank का चित्र जरुर आता है. एक ऐसा जगह जहाँ की आपको लाखों करोड़ों में पैसे एक ही स्थान में देखने को मिलेंगे. अब सवाल उठता है की असल में ये Banks क्या होते हैं?

आसान भाषा में कहें तो Bank (बैंक in Hindi) एक ऐसा intermediary होता है saver (बचत करने वाला) और borrower (उधार लेने वाला) के बीच. यहाँ पर लोग या तो पैसा रखने आते हैं या फिर पैसे लेने आते हैं.

एक समय था जब पैसों का कोई भी कार्य हो चाहे पैसे deposit (भर्ती) करना हो या फिर पैसे withdraw (निकलना) करना हो, सभी काम के लिए हमें bank जाना पड़ता था. वहीँ banks में हमें बड़ी लम्बी लम्बी कतारों में खड़ा होकर अपने अवसर का wait करना पड़ता था.

लेकिन अब समय बदल चूका है, अब आपको बहुत से कार्यों के लिए bank जाने की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है. आप घर बैठे ही Internet Banking और Mobile Banking के माध्यम से अपने सभी कार्य आसानी से कर सकते हैं.

इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को बैंक क्या होते हैं, कितने प्रकार के होते हैं और कैसे काम करते हैं के विषय में पूरी जानकारी प्रदान करूँ जिससे की आपको भी Banks के विषय में कोई संका न रहे. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं बैंक के बारे में जानकारी.

अनुक्रम

बैंक क्या है (What is Bank in Hindi)

Bank Kya Hai Hindi

बैंक एक ऐसा financial institution होता है जो की पैसे देने और लेने का कार्य करता है. वहीँ एक bank लोगों के extra पैसों का अपने पास रखता है जिसे की Money Deposit करना कहते हैं. वहीँ इन पैसों के लिए उन्हें bank द्वारा interest या ब्याज प्रदान किया जाता है.

वहीँ जिन लोगों को पैसों की जरुरत होती है उन्हें बैंक पैसे प्रदान करता है लेकिन यहाँ पर उन लोगों को इस पैसों का ब्याज बैंक को प्रदान करना पड़ता है. इसलिए हम कह सकते हैं की Bank एक माध्यम का कार्य निर्वाह करता है Saver (पैसा इक्कठा करने वाला) और Borrower (पैसा लेने वाला) के बीच में.

ये शब्द bank या तो derive हुआ है old Italian word banca से या एक French word banque से, जहाँ पर दोनों का मतलब एक Bench या money exchange table होता है.

Deposit Rate और Lending Rate क्या होते हैं?

बैंक अक्सर public से पैसों की deposit (जब लोग अपना account खोलकर पैसे deposit करते हैं) लेती हैं वो भी बहुत ही कम interest में इसे Deposit Rate कहा जाता है.

वहीँ यही banks इन पैसों को उन लोगों को प्रदान करती है जिन्हें की पैसों की सक्त जरुरत होती है वो भी बहुत ही ज्यादा interest rate में, उसे Lending Rate कहा जाता है.

Net Interest Spread क्या होता है?

इस Deposit Rate और Lending Rate के difference को ‘net interest spreadकहा जाता है, और यही interest spread ही bank के income का मूल आधार होता है.

बैंक की परिभाषा

Oxford Dictionary के अनुसार एक bank होता है “एक ऐसा establishment पैसे प्रदान करने का, जो की अपने consumers को pay करता है जब वो उसके लिए अर्जी करें.

अगर हम Finance का बात करें तब ये किसी भी trade, commerce और industry का आधार होता है. अभी के समय की बात करें तब, किसी भी modern business का backbone होता है ये banking sector.

Essay of Bank in Hindi

हम कह सकते हैं की किसी भी देश का Development उसके banking system के ऊपर पूरी तरह से निर्भर करता है. जितना बढ़िया देश का banking system चल रहा हो उतना ही बढ़िया देश उन्नति भी कर रहा होगा.

भारत में किस बैंक से सबसे पहले ATM introduce किया था?

Hongkong और Shanghai Banking Corporation ने ATM का Concept सबसे पहले introduce किया भारत में सन 1987 में. इस पहला ATM को set up किया गया था Andheri East, Mumbai में.

किस भारतीय बैंक ने अपना सबसे पहले अपना Overseas Bank खोला था और कब?

Bank Of India ने सबसे पहला overseas branch खोला था London में सन 1946 में.

किस Commercial Bank को भारतीयों ने सबसे पहले खुद own किया और manage किया?

वो पहला भारतीय commercial bank जिसे की भारतियों ने खुद own किया और manage किया था वो है Central Bank of India.

भारत का सबसे पुराना Public Sector Bank कौन सा है?

भारत का सबसे पुराना Public Sector Bank है Allahabad Bank.

भारत का वो कौन सा bank है जिसे की सबसे पहला ISO Certification प्राप्त हुआ था?

Canara Bank को सबसे पहले ISO Certification प्राप्त हुआ था.

किस भारतीय बैंक ने सबसे पहले मोबाइल ATM लांच की थी?

ICICI Bank ने सबसे पहले Mobile ATM की शुरुवात की थी.

भारत में सबसे बड़ा Bank कौन सा है?

भारत का सबसे बड़ा बैंक है State Bank of India. State Bank of India भारत का सबसे बड़ा commercial bank है अभी के समय में. इसे Government Of India द्वारा own किया है. वहीँ इसकी headquarter Mumbai में स्तिथ है, और सैट में six regional offices पूरी दुनियाभर में स्तिथ है.

ये सबसे बड़ा commercial bank है देश में जिसकी asset value करीब US$881.95 billion के करीब है सन 2018 financial year में. वहीँ bank की करीब 14,000 branches हैं जहाँ की 190 international branches है करीब 36 countries में.

SBI की शुरुवात Bank of Calcutta से हुई थी सन 1806 से, वहीँ ये सबसे पुरानी बैंक है Asia-Pacific के अंतर्गत. ये बहुत से banking products और financial services प्रदान करती है अपने network के माध्यम से.

बैंकिंग क्या होता है?

Indian Banking Regulation Act के हिसाब से ‘Public से पैसे लेना deposit के आधार में जिसे की उन्हें repay भी करना होता है अगर demand हुई तो, साथ में इन पैसों को किसी ऐसे जगह में लगाना जिससे की उन्हें लाभ प्राप्त हो.”

आसान शब्दों में कहें तब इसमें bank अपने consumers के द्वारा deposit किये गया पैसों को ऐसे जगहों में invest करता है जहाँ से उन्हें profit हो, वहीँ वो consumers को interest भी प्रदान करती है.

बैंक की विशेषताएँ

चलिए अब Bank के कुछ characteristics के विषय में जानते हैं.

  • ये या तो Individual या फिर Firm या कोई Company हो सकती है.
  • यह एक profit और service oriented institution होता है.
  • यह एक connecting link के तोर पर काम करता है borrowers और lenders के बीच में.
  • ये पैसों का कारबार करता है.
  • यह public से deposit accept करता है.
  • यह Customers को Advances/Loans/Credit प्रदान करता है.
  • यह Payment और Withdrawal facilities भी प्रदान करता है.
  • साथ में ये Agency और Utility Services भी प्रदान करता है.

बैंक की वर्गीकरण

प्रत्येक देश में कई प्रकार के banks होते हैं. वहीँ हर प्रकार का बैंक कुछ certain functions करते हैं. Banks को classify किया जाता है उनके functions के हिसाब से.

Banks को मुख्य रूप से classify किया जाता है scheduled और non-scheduled banks के रूप में.

Scheduled banks को फिर classify किया जाता है commercial banks और cooperative banks के रूप में.

वहीँ Commercial Banks को फिर classify किया जाता है public sector banks, private sector banks, foreign banks और Regional Rural Banks (RRB) के रूप में.

वहीँ cooperative banks को classify किया जाता है urban और rural में. वहीँ इसे छोड़कर भी अभी Payments Bank का concept बड़ा ही popular हो रहा है अभी के समय में.

बैंक के प्रकार (Types of Banks in Hindi)

बैंक बहुत प्रकार के होते है. बिभिन्न कामो के लिए अलग अलग बैंक बनाया गया है. चलिए सभी बैंक के बारे में जानते है.

Scheduled Banks

Schedules banks को cover किया गया है Reserve Bank of India Act, 1934 के 2nd Schedule के अंतर्गत. एक ऐसा bank जिसके पास paid-up capital करीब 5 Lakh या उससे अधिक का होता है. ऐसे bank ही Schedule Bank Category के अंतर्गत आने के लिए qualify होते हैं. ये banks eligible होते हैं loan लेने के लिए RBI से वो भी bank rate में.

Commercial Banks

Commercial Banks को regulate किया जाता है Banking Regulation Act, 1949 के अंतर्गत. वहीँ इनका business model ही design किया गया होता है profit बनाने के लिए.

इनका primary function होता है deposits को accept करना और general public को loans प्रदान करना, corporates और government.

वहीँ Commercial banks को divide किया जाता है –

  • Public sector banks
  • Private sector banks
  • Foreign banks
  • Regional Rural Banks (RRB)

Public Sector Banks

ये असल में nationalised banks होते हैं और हमारे देश के करीब 75% से भी ज्यादा banking business के लिए उत्तरदायी होते हैं.

इन banks में Majority of stakes सरकार द्वारा ही साझा किया जाता है. Volumes के terms में, SBI भारत का सबसे बड़ा public sector bank है. ये तब हुआ जब इसमें इसकी 5 associate banks शामिल हुई. वहीँ पुरे विस्व में भी इसकी position top 50 banks के अंतर्गत आता है.

भारत में total 21 nationalised banks स्तिथ हैं पुरे देश भर में.

Private Sector Banks

इनके अंतर्गत ऐसे banks आते हैं जिनमें major stake या equity धारण करते हैं private shareholders. सभी banking rules और regulations जो की RBI द्वारा तय किये जाते हैं वो सभी applicable होते हैं इन private sector banks में भी.

Foreign Banks

एक foreign bank उसे कहते हैं जिसकी headquarters दूर विदेश में स्तिथ होता है लेकिन ये भारत में एक private entity के तोर पर operate हो रहा होता है.

इन banks को दोनों ही देशों के rules को पालन करना होता है एक जहाँ से operate कर रहे हैं और दूसरा जहाँ इनकी headquartes स्तिथ होती है.

उदाहरण के लिए Citi Bank, Standard Chartered Bank और HSBC भारत के कुछ leading foreign banks हैं.

Regional Rural Banks

ये भी scheduled commercial banks ही होते हैं लेकिन इन्हें establish किया गया होता है ये main objective लेकर की Society के कमजोर वर्ग को ये लोन प्रदान करें जैसे की किसान, श्रमिक और छोटे enterprises इत्यादि को.

ये operate होते हैं regional levels में अलग अलग राज्यों में भारत के. वहीँ इनकी ज्यादातर branches को selected urban areas में रखा गया होता है.

दुसरे महत्वपूर्ण functions जिन्हें की RRBs द्वारा किया जाता है

  1. Rural और Semi-urban areas में banking और financial services प्रदान करना.
  2. Government की operations जैसे की MGNREGA श्रमिकों को वेतन प्रदान करना, employees को pension प्रदान करना.
  3. Para-Banking facilities जैसे की debit cards, credit cards और locker facilities.

Small Finance Banks

यह एक niche banking segment होती है देश में. वहीँ इसका मुख्य लक्ष्य होता है समाज की ऐसे वर्ग को financial inclusion प्रदान करना जिन्हें की banks serve नहीं करती है.

इन small finance banks के मैं customers होते हैं micro industries, small और marginal farmers, unorganized sector entities और small business units. इन्हें license किया गया है under Section 22 Banking Regulation Act, 1949 के और इन्हें govern किया जाता है RBI Act, 1934 और FEMA के अंतर्गत.

Co-operative Banks

Co-operative banks को register किया गया होता है Cooperative Societies Act, 1912 के अंतर्गत. वहीँ इसे चलाया जाता है चुने हुए managing committee के द्वारा.

ये काम करते हैं no-profit no-loss basis पर और मुख्यरूप से serve करते हैं entrepreneurs, small businesses, industries और self-employment को urban areas में.

वहीँ rural areas में, ये mainly finance करते हैं agriculture-based activities जैसे की कृषि, livestock और hatcheries को.

Payments Bank

पेमेंट्स बैंक एक बहुत ही नया model है bank का Indian Banking industry में. इसे conceptualized किया गया है RBI के द्वारा और ये allow करता है एक restricted deposit को accept करना.

वहीँ इसकी amount को currently limit किया गया है Rs. 1 Lakh per customer तक ही. वहीँ ये offer करता है services जैसे की ATM cards, debit cards, net-banking और mobile-banking.

Commercial Banks

Commercial banks ऐसे banks होते हैं जो की पैसे accept करते हैं deposits के तोर पर public से और loans एवं advances प्रदान करते हैं इनके customers को साथ में charge करते हैं interest भी.

ये mobilize करते हैं small savings को और promote करते हैं growth को trade और commerce के. Generally, commercial banks पैसे प्रदान करते हैं बहुत ही कम समय के लिए. वहीँ ये केवल प्रदान करते हैं working capital organizations को ही. लेकिन अभी के समय में commercial banks प्रदान कर रहे हैं long-term capital दुसरे organizations को भी.

Exchange Banks

ये banks का मुख्य काम होता है Foreign currencies की Buying और selling करना और साथ में foreign bills of exchange भी accept करना.

Non-Banking Financial Company (NBFC) क्या हैं?

RBI के हिसाब से यह एक financial institution जो की एक company है और एक non-banking institution भी है, जिसकी principal business है की deposits receive करना अलग अलग schemes के अंतर्गत और arrangement या lending करना किसी दुसरे माईने में.

इसे classify किया जाता है: Merchant Banks, Commercial Banks, Indigenous Banks में.

Banks के Features क्या होते हैं?

चलिए अब Banks के features के विषय में जानते हैं.

1. पैसों के साथ deal करना

Bank एक ऐसा financial institution होता है जो की दुसरे लोगों के पैसों के साथ ही deal करता है i.e. Depositors के पैसे.

2. या तो Individual / Firm / Company होना

एक bank या तो person, firm या एक company भी हो सकता है. एक banking company का मतलब है एक ऐसा company जो की banking business में कार्यरत है.

3. Deposit को Accept करना

एक bank लोगों से पैसे accept करता है deposits के form में जिन्हें की अक्सर repay किया जाता है demand करने पर या उसके fixed period के expiry हो जाने के बाद (Fixed Deposit के case में). यह customers को उनके deposits के ऊपर safety प्रदान करती है. वहीँ यह एक custodian की role अदा करती है अपने customers के funds की.

4. आपको Loans प्रदान करती है

एक bank आपको पैसे प्रदान करता है loans के आकार में जिन्हें की आप अपने जरुरत के जगह में इस्तमाल कर सकें.

5. Payment और Withdrawal

एक bank easy payment और withdrawal facility प्रदान करता है अपने customers को cheques और drafts के रूप में. वहीँ ये bank money को circulation में ले भी आता है. ये पैसे होती है cheques, drafts के form में.

6. Agency और Utility Services

एक bank प्रदान करता है बहुत सी प्रकार की banking facilities अपने customers को. इसके अंतर्गत आते हैं general utility services और agency services.

7. Profit और Service Orientation

Bank एक profit कमाने वाला institution होता है जो की service oriented approach से काम करता है.

8. इसकी Functions हमेशा बढ़ते ही रहते हैं

Banking एक evolutionary concept है. इसका मतलब की इसकी हमेशा से continuous expansion और diversification होती रहती है, इसके functions, services और activities के तोर पर.

9. Connecting Link का होना

एक bank काम करता है एक connecting link बनकर borrowers और lenders of money के बीच में. Banks उन लोगों से पैसे लेता है deposit के आधार पर जिनके पास बहुत्सरा surplus पैसा होता है और वहीँ जरुरत मन लोगों को लोन के आकार में पैसे प्रदान करता है interest के साथ.

10. Banking Business का होना

एक bank का main activity होना चाहिए banking business करना जो की किसी दुसरे business का subsidiary न हो.

11. अपने Identity को नामित करना

एक bank अपने नाम के साथ हमेशा “bank” शब्द का इस्तमाल करना चाहिए जिससे सभी लोगों को ये पता चल सके की यह एक bank है जो की पैसों का dealing करता है.

बैंक के कार्य

वैसे तो Banks कई सारे Functions या बैंक के कार्य हैं लेकिन उनमें से कुछ बहुत ही प्रमुख हैं. इन्ही Functions को दो वर्गों में बांटा गया होता है.

  1. Bank के Primary Functions
  2. Bank के Secondary Functions

Primary Functions of a Bank in Hindi

अब इन primary functions को भी दो हिस्सों में बांटा गया होता है :

1. जमा करना (Saving/ Fixed/ Current Deposit)

Deposits वो पैसों का amount होते हैं जिसे की एक customer बैंक को hands over करता है. इसे deposit करना भी कहा जाता है.

Deposits के भी कुछ प्रकार होते हैं

  • Saving Deposit
  • Fixed Deposit
  • Current Deposit
  • Recurrent Deposit.

वहीँ अलग अलग प्रकार का deposit schemes आधारित होते हैं Deposit के type और depositing frequency के ऊपर.

उदाहरण के लिए, एक fixed deposit में एक definite sum को bank को प्रदान किया जाता है कुछ वर्षों के लिए. ये interest केवल तभी compounded होता है जब deposit term पूरी तरह से पूर्ण हो.

इस प्रकार की deposit services प्रदान करना एक बहुत ही primary function होता है किसी एक bank का.
तो क्या होता है अगर आपको पैसों की जरुरत होती है? ऐसे में क्या कोई दूसरी primary function नहीं होनी चाहिए bank की? चलिए आगे जानते हैं.

एक saving deposit में, amount और rate of interest काफी low होते हैं. यहाँ पर Withdrawals करना allowed है लेकिन वो भी एक limited number में. यह account सबसे ज्यादा उपयुक्त होता है उन लोगों के लिए जो की कहीं पर काम कर रहे होते हैं और उनकी income salary से आती है.

वहीँ, fixed deposit एक fixed sum होती है जो की consumer bank को प्रदान करता है एक fixed time के लिए. इसमें withdrawals करना allowed नहीं हैं उस fixed time से पहले करना.

वहीँ दुसरे शब्दों में, current account या deposit में, कोई भी interest प्रदान नहीं किया जाता है, और इसमें customer जितनी बार चाहे उतनी बार पैसे निकाल सकता है और deposit भी कर सकता है.
अब चलिए दुसरे function के तरफ नज़र डालते हैं :

2. ऋण और अग्रिम की मंजूरी प्रदान करना

इसमें bank दुसरे लोगों को पैसे देता है एक time-interest basis पर. यहाँ पर प्रत्येक loan amount को pass किया जाता है bank के द्वारा बहुत कुछ consideration करने के बाद और साथ में bank की profit को secure करने के उपरांत ही.

वहीँ bank अपने customers को advances भी प्रदान करता है. ये सभी बैंक्स के primary functions हो होते हैं. वहीँ bank प्रदान करते हैं services जैसे की overdraft, cash credits, loans, और discounting करना bill of exchange पर.

वहीँ चलिए अब banks के secondary functions के ऊपर गौर करते हैं.

Secondary Functions of a bank in Hindi

अगर हम बैंक के secondary functions की बात करें तब ये होते है पब्लिक को gold coins sell करना या उन्हें insurance products, mutual fund products इत्यादि बेचना.

चलिए अब थोड़ी बहुत जानकारी प्राप्त करते हैं की बैंक के महत्वपूर्ण secondary functions क्या हैं :

1. एजेंसी के कार्य

Bank एक प्रकार से agent होते हैं अपने customers के लिए जहाँ की ये अपने customer के behalf से पैसे invest करते हैं. एक agent के तोर पर काम करने से ये customer के बहुत से काम करते हैं जैसे की transfer करना funds, cheques की collection करना, periodic payments भरना, portfolio management करना, periodic collections करना, और दुसरे agency functions.
ये सभी functions बैंक के secondary functions होते हैं.

2. सामान्य उपयोगिता कार्य

Bank बहुत से utility functions भी करते हैं. कुछ सबसे महत्वपूर्ण utility functions हैं, drafts को issue करना, letter of credits, locker की facility प्रदान करना, underwriting करना shares की, foreign exchange से deal करना, project reports, social welfare programs चलाना, और दुसरे utility functions.

Banks दुसरे services जैसे की safe deposit locker facilities, safe custody facilities और demat accounts भी प्रदान करती है.

Demat account के खोलने से account holder आसानी से trade कर सकता है stock exchange में या money market में directly. वहीँ customer जिनके पास demat account है वो directly ही share market से shares को buy या sell कर सकते हैं.

General Utility Functions को Social development functions भी कहा जाता है. कुछ areas में, banks आपकी काफी मदद करता है सभी प्रकार के transactions में जिन्हें ही आपको करने पड़ते आगे चलकर.

उदाहरण के लिए, आपको अपने phone, electricity और दुसरे utility bills भरने पड़ते एक ऐसा centre से जो की banks के द्वारा run किया जा रहा हो. ये थी बैंक्स की कुछ महत्वपूर्ण functions.

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख बैंक क्या है (What is Bank in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को बैंक के कार्य के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह post बैंक के प्रकार पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

2 COMMENTS

  1. are bhai hindime to pure technical site hai fir aap bank ke bare me kyun likh rahe hain. Jhuth bol ke logon ka sutiya kaat rahe ho tum.

    • Naresh ji, Aapse kisne keh diya hai ki Hindi me pure technical website hain, han ismein technology ke articles jyada jarur hain. aapko jyada jankari ke liye hamare about section ko padh sakte hain. https://hindime.net/about/ isse aapka doubt jarur se clear ho sakta hai.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here