Calculator क्या है और कैसे काम करता है?

कैलकुलेटर क्या है? जब भी हमें कोई बड़ा Calculation करना पड़ता है तब हमें Calculator की याद ज्यादा आती है. लेकिन क्या आप लोगों ने ये सोचा की आखिर ये कैलकुलेटर क्या है और कैसे ये इतनी जल्दी सभी mathematical calculation को पूर्ण कर लेता है. क्या Calculator के अलग types भी होते हैं और ये कैसे काम करता है? यदि आपके मन में कभी ये सवाल आये हैं और आपको Calculator क्या होता है और काम कैसे करता है के विषय में ज्यादा कुछ जानकारी आपको को किताब या internet पर नहीं मिली तब चिंता करने की कोई बात ही नहीं है क्यूंकि आप हम इस Calculator के विषय में ही जानेंगे.

हम अक्सर छोटे devices की खासियत को नज़र अंदाज़ करते हैं, मतलब की जो यंत्र हमारे हाथों के हथेलियों के जितनी ही छोटी होती है उन्हें हम ज्यादा महत्व नहीं देते हैं. ठीक वैसे ही होता है हमारे calculating device के साथ. जी हाँ दोस्तों ये दिखने में तो छोटा है लेकिन बहुत ही बड़े बड़े sums को चुटकियों में कर देता है. Calculation की बात करें तब हमारे दिमाग में भी हम बहुत से छोटे मोटे calculation को कर सकते हैं लेकिन इसकी भी एक सीमा है और उसके बाद हमें इसमें तकलीफ होने लगती है. इसलिए हम इन्सान शुरू से ही ऐसे यंत्र बनाते आये हैं जी की हमें calculation में मदद कर सके. अभी के बात करें तो ये Calculators अब अलग devices से चलकर हमारे SmartPhones में एक application के तरह इस्तमाल किये जाते हैं. लेकिन भले ही ये सुनने में थोडा आपको अजीब लगे लेकिन Calculators को बहुत सारे evolutionary steps से गुजरना पड़ता है, कहीं तब जाकर हम इस यंत्र के इस रूप को देख और इस्तमाल कर पा रहे हैं.

कैलकुलेटर क्या है (What is Calculator in Hindi)

Calculator Kya Hai Hindi

Calculator एक electronic hardware device या software होता है जो की बहुत ही mathematical calculations जैसे की addition, multiplication, subtraction, और division करने के capable होता है. Casio Computer Company ने सबसे पहले commercialized electronic Calculator को सन 1957 में launch किया था. तब से लेकर Calculators के sizes, features और functions में काफी बदलाव नज़र आई. ये बदलाव लोगों के जरूरतों के हिसाब से और इस्तमाल के हिसाब से manufacturers ने लाया. उन्होंने तो यहाँ तक की Computer, Smartphones और Tablets के लिए भी उनके operating systems में इसे बनाना चालू किया. बहुत से Operating Systems जैसे की Windows, iOS, Android, Mac के अपने ही inbuild Calculator application मेह्जुद हैं.

कैलकुलेटरr शब्द का जन्म Latin शब्द calculare, से आया है जिसका मतलब है की counting करना stones (पत्थर) के इस्तमाल से.

ये Calculators का इस्तमाल हम इतना करते हैं की ये हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गए हैं. इन Calculators की कीमत उनके features, application और size पर निर्भर करता है. अभी के समय में इसका इस्तमाल सीखना बहुत ही जरुरी हो गया है. ऐसा इसलिए क्यूंकि अभी के समय में समय की ही ज्यादा जरुरत है और हमारे calculation को आसान कर ये हमारे समय की काफी बचत करता है. साथ ही जरुरत के इस्तमाल से अभी Scientific Calculators की भी demand काफी बढ़ी हुई है क्यूँ इसमें ऐसे बहुत सारे functions होते हैं जो की Enginners, architects, Scientists को अपने काम करने के लिए जरुरत होती है.

कैलकुलेटर का इतिहास

एक समय था जब की ये numbers exist ही नहीं करते थे. इंसानों को अपने हाथ और पैरों के उँगलियों का इस्तमाल counting devices के तोर पर करते थे. लेकिन ये काफी नहीं था क्यूंकि जब बात ज्यादा संख्या की आई तब हिसाब करना असंभव होने लगा. फिर हमारी सभ्यता ने abacus का आविस्कर किया, जो की सबसे पुरानी calculating tool है उँगलियों को छोड़कर.

अभी भले ही इनका इतना ज्यादा इस्तमाल नहीं होता है लेकिन Abacus ही वो यंत्र था जिसने की मानव सभ्यता में Calculating Machine की शुरुवात की थी. फिर धीरे धीरे इस calculating machine में काफी बदलाव आये और आखिर में ये Calculator बना जिसे ही हम हमारे calculation के लिए इस्तमाल करते हैं. लेकिन ये बहुत जल्द नहीं हो गया बल्कि इसे होने में कई साल लग गए, जिसके बारे में हम आगे जानने वाले हैं. आगे आप सबसे महत्वपूर्ण Calculation Machines के बारे में उनके निर्माता और वर्ष के हिसाब से जानेंगे.

1623: FIRST ADDING MACHINE
Device Name: Calculating Clock
Inventor: Wilhelm Schickard

Schickard की ये “Calculating Clock” में multiplying device लगे हुए थे, जैसे की एक mechanism होती थी intermediate results को record करने के लिए, वहीँ एक 6-digit decimal adding device भी थी.

1773: FIRST FUNCTIONAL Calculator
Inventor: Philip Matthäus Hahn

Hahn की भावना थी की वो एक ऐसा machine design करें जो की उन्हें clock के parameters और planetarium को calculate करने में मदद करे.

इसलिए उन्होंने उनकी Calculator को “Stepped Reckoner” calculating machine के ऊपर आधारित किया जिसे की Gottfried Wilhelm Leibniz ने सन 1672 में develop किया था. Hahn की Calculator में एक twelve drums की set होती थी जो की circular arrangement में होती थी और उसे activate करने के लिए एक crank का इस्तमाल होता था जो की drums के axis में मेह्जुद होता था.

1820: पहला COMMERCIALLY PRODUCED MECHANICAL Calculator
Device Name: Arithmometer
Inventor: Charles Xavier Thomas de Colmar

ये arithmometer ऐसा पहला calculating machine था जो की commercially बहुत successful था क्यूंकि ये चारों basic operations — जो की हैं addition, subtraction, multiplication और division को कर सकता था.

1954: FIRST ALL-TRANSISTOR Calculator
Device Name: IBM 608
Inventor: IBM

ये IBM 608 ऐसा पहला calculating machine था जो की solid-state transistors का इस्तमाल किया vacuum tubes के बदले में. इस machine की main memory करीब 40 nine-digit numbers को store कर सकती थी और करीब 4,500 additions per second operate कर सकती थी. इस IBM 608 में 3,000 से भी ज्यादा germanium transistors का इस्तमाल हुआ था.

1961: FIRST ALL-ELECTRONIC DESKTOP Calculator
Device Name: ANITA MK-8
Inventor: Bell Punch

सन 1956 में, Bell Punch Co. जो की Great Britain की एक company थी उन्होंने ticket punches की manufacturing करने के बदले उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा और एक commercial electronic desktop Calculator बनाया, जिसे उन्होंने codenamed रखा ANITA. इस machine में करीब 170 cold cathode vacuum tubes, a Dekatron decade counter tube और Numicator display/indicator tubes का इस्तमाल हुआ था.

1967: FIRST HANDHELD Calculator
Device Name: Cal Tech
Inventor: Texas Instruments (TI)

Texas Instruments website के हिसाब से, “Cal Tech” एक codename था और इसे उस device का नाम रखा गया जिसे उस समय develop किया जा रहा था, और जिसे commercially release किया गया सन 1970 में. इस 45-ounce Calculator में एक small keyboard थी जिसमें 18 keys और एक visual output था जो की 12 decimal digits तक display कर सकता था.

1971: पहला TRULY POCKET-SIZED ELECTRONIC Calculator जो की LED DISPLAY का इस्तमाल किया
Device Name: Busicom LE-120A “HANDY”
Inventor: Busicom

Busicom LE-120A, जिसे की HANDY के नाम से भी जाना जाता था, ये वो पहला handheld Calculator था जो की एक “Calculator on a chip” integrated circuit का इस्तमाल करता था. चूँकि ये Calculator उस समय के हिसाब से काफी expensive था, इसलिए इसमें एक wrist strap attach किया गया इसके base में जिससे इसे कहीं गिरने से बचाया जा सके.

1974: FIRST HANDHELD PROGRAMMABLE Calculator
Device Name: HP-65
Inventor: Hewlett-Packard

इसे सबसे पहले Hewlett-Packard ने manufacture किया था एक “Personal Computer,” के तोर पर. ये Calculator users को allow करते थे either programs को खरीदने के लिए pre-programmed cards को या खुद programs लिखने के लिए जो की करीब 100 lines लम्बी होती थी और उन्हें blank cards में record किया जाता था.

ये Calculator की कीमत $795 जब इसे launch किया गया सन 1974 में. वहीँ सन 1975, जब पहला joint U.S.-Soviet space flight अपनी उडान भरी, तब ये वो पहला handheld Calculator बना जिसे की outer space में भेजा गया था.

1985: FIRST GRAPHING Calculator
Device Name: Casio fx-7000G
Inventor: Casio

इस Casio fx-7000G को develop किया गया 422 bytes of memory के साथ और ये करीब 10 programs को store कर सकता था अपने 10 program slots में. अभी के graphing Calculators जैसे की TI-83 में इसी fx-7000G का display format इस्तमाल होता है.

2003: FIRST GRAPHING Calculator WITH TOUCH FUNCTIONALITY
Device Name: Sharp EL-9650
Inventor: Sharp

जब लोगों ने touch devices के बारे में सोचा, और उनके fingers के इस्तमाल के बारे में सोचा, तब लेकिन Sharp का कुछ और ही idea था और जिसमें उन्होंने पहला stylus-based graphing Calculator की शुरुवात की.

The EL-9650 में एक slideshow functionality होती थी जो की teachers को allow करता है pre-programmed lessons और formulas को पढ़ाने के लिए Calculator में.

2010: FIRST COLOR GRAPHING Calculator
Device Name: Casio PRIZM
Inventor: Casio

जब सभी mobile devices quickly full-colour screens में चली गयी early 2000s में, तब लेकिन graphing Calculators को कुछ समय लगा catch up करने के लिए. Casio’s PRIZM Calculator, जो की अपनी advanced, 216×384 resolution, full-colour display के साथ late 2010 में launch किया गया था.

ये PRIZM ने students को allow किया image के ऊपर graphs बनाने के लिए, जिससे उन्हें अपने काम के real-world applications को समझने में सुविधा प्रदान करी. और बेहतर रूप से इस Graphic Calculator का इस्तमाल करने लगे.

कैलकुलेटर के भीतर क्या होता है ?

अगर आपके कोई 19th-century के Calculator को खोला होता, तब आपको बहुत सारे छोटे मोटे parts मिले होते उसके भीतर में: जिसमें precision gears, axles, rods, और levers, जिन्हें की अच्छे से greased किया गया हो, और जो की इधर उधर click कर रहे होते और whirll भी कर रहे होते जब आप कोई number टाइप करें तब. लेकिन modern Calculator की बात ही कुछ अलग होती है क्यूंकि इसमें आपको बहुत से से छोटे छोटे उपकरण देखने को मिलेंगे. चलिए उन्ही के बारे में जानते हैं :

1.  Input: Keyboard: जिसमें की 40 tiny plastic keys होती हैं जिसके निचे एक rubber membrane होता है और एक touch-sensitive circuit होता है.

2.  Processor: एक microchip जो की सभी hard work करता है. ये वो सभी काम करता है जो की पहले की Calculator में वो gears किया करते थे.

3.  Output: एक liquid crystal display (LCD) जो की आपको numbers show करते हैं जब आप कुछ type करते हैं और आपके calculation का result भी show करते हैं .

4.  Power source: एक long-life battery जो की अक्सर एक “button” cell होती है जो की ज्यादा वर्षों तक चलती है. कुछ Calculators में solar cell का भी इस्तमाल होता है जो की daylight में free power प्रदान करता है.

क्या होता है जब आप कोई key को Press करते हैं ?

जब कोई key को press down किया जाता है तब आपके Calculator में बहुत सारे चीज़ें होती हैं, चलिए उन्ही के विषय में जानते हैं.

1.  जैसे ही आप hard plastic को press करते हैं, तब आप उस rubber membrane को भी निचे press करते हैं.

2.  ये rubber button निचे push करता है जिससे एक electrical contact बनता है दो layers के बिच keyboard sensor में और इस चीज़ को keyboard circuit भी detect करती है.

3.  ये processor chip से figure out करती है कोन सी key को press किया गया है.

4.  एक circuit इस processor chip में activate करती है appropriate segments को display में जो की numbers के corresponding होता है जिन्हें आप press करते हैं.

5.  अगर आपने ज्यादा numbers press किये हों, तब भी processor chip उन्हें show करेगा display में — और ये तब तक ऐसा करेगा जब तक की आप कोई operations keys (जैसे की +, −, ×, ÷) को press न कर देते जिससे कोई दूसरा operation हो. अगर आपने + keypress किया है, तब Calculator उस number को store कर देगा एक small memory में जिसे की एक register कहा जाता है. अब ये display को wipe कर देगा और आपका इंतजार करेगा की आप कब दूसरा number enter करने वाले हो. जैसे ही आप दूसरा number enter करते हो, तब processor chip इसे digit-by-digit display करेगा और उसे और एक register में store कर देगा. Finally, जब आप = key press करते हैं, तब Calculator दोनों contents को add करता है और result में display करता है. ये थी basic working किसी Calculator की.

कैलकुलेटर के प्रकार

अगर आप internet में या market में देखोगे तब आपको Calculators के कई प्रकार देखने में मिल जायेंगे. ये सभी Calculators का अलग अलग काम होता है और इन्हें अलग अलग आयु के लोग इस्तमाल करते हैं. तो चलिए इन Calculators के अलग अलग प्रकार के बारे में जानते हैं.

Basic Calculator

ये क्या कर सकता है ?

  • Add
  • Subtract
  • Multiply
  • Divide
  • Percentages
  • Square roots
  • Simple memory function

Suitable किनके लिए :

  • Primary school age children
  • इनका General इस्तमाल किया जाता है घरों में

Scientific Calculator

ये क्या कर सकता है ?

  • Combinations
  • Coordinate conversion
  • Degrees
  • Degrees/minutes/seconds
  • Exponential regression
  • Exponents
  • Expression editing
  • Factorials
  • FIX/SCI/NORM
  • Fractions
  • Gradians
  • Hyperbolics
  • Inverse regression
  • Linear regression
  • Logarithm
  • Logarithmic regression
  • Negative Indicator
  • Permutations
  • Power regression
  • Quadratic regression
  • Radians
  • Random numbers
  • Reciprocals
  • Roots & powers
  • Standard deviation
  • Table of a function
  • Trigonometric (SIN/COS/TAN)
  • Multi-replay

ये किन के लिए उपयुक्त है :

  • Secondary school के students के लिए

Graphic Calculator

ये क्या कर सकता है ?

  • Angle measurements(DEG/RAD/GRA)
  • Bar chart
  • Combinations (nCr) & permutations (nPr)
  • Complex numbers
  • Confidence intervals (Z & T)
  • DEC/HEX/BIN/OCT conversions
  • Distribution Tests (Z, t, chi, ANOVA)
  • Distributions (NORM/T/CHI/Fbinomial/poisson)
  • Dynamic graphing
  • FIX/SCI/NORM
  • Fractions
  • Graphing
  • Hyperbolic / Inverse Hyperbolic
  • Inequality
  • Logic Operations
  • No. of Regression Types 10
  • Numeric Equation Solver
  • Parametric
  • Parenthesis levels 26
  • Pie chart
  • Polar
  • Random numbers
  • Rectangular
  • Roots & powers
  • Single और double variable
  • Statistical calculations
  • TVM – Financial Calculations

ये किनके लिए Suitable होता है :

  • Graphics Students के लिए
  • Architects के लिए

Financial Calculator

ये क्या कर सकता है ?

  • Amortization
  • Cash flow (Investment Appraisal)
  • Compound Interest Calculations
  • Conversions
  • Cost sell margin और day calculations
  • Exponential regression
  • Full scientific functions
  • Linear regression
  • Logarithmic regression
  • Multi-replay
  • Quadratic regression
  • Simple and compound interest
  • Time-Value-Money calculations

किनके लिए ये Suitable होता है :

  • कोई भी जो की financial management से सम्बन्ध रखता हो

Calculators का सही इस्तमाल

Calculators को सिर्फ खरीद लेना ही सबकुछ नहीं होता है. इसका अगर सही इस्तमाल नहीं किया जाता है तब इसे इस्तमाल न करना ही ज्यादा अच्छा माना जाता है. Calculators को इसलिए ही बनाया गया था ताकि ये हमारे complexity को कम कर सके और हमें ज्यादा efficient बना सके. इसलिए Calculators का Efficient इस्तमाल करने से ये न केवल हमारे समय की बचत करता है बल्कि ये हमें ज्यादा accurate results भी प्रदान करता है.

कुछ जानने योग्य बातें

1.  Calculator के सभी symbols के बारे में जानना बहुत ही जरुरी होता है.

2.  Brackets के इस्तमाल से ये Calculator को ये बताता है की कोन सा calculation पहले करना है.

3.  एक ही बार में calculation करने से आपकी समय की ज्यादा बचत होती है और इससे गलती होने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं.

4.  अगर आपको सभी buttons के बारे में पता नहीं है तब आपको Calculator के user manual को एक बार जरुर पढ़ना चाहिए.

Calculator के Uses क्या हैं?

एक Calculator के इस्तमाल से हम बहुत सारे tasks जैसे की adding, multiplying, dividing और subtracting numbers आसानी से कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, Calculators का इस्तमाल maths के homework, income और expense को calculate करने के लिए जैसे बहुत सरे कार्यों में इस्तमाल किया जाता है.

Physicists और engineers scientific Calculators का इस्तमाल करते हैं, जो की ज्यादा advanced होता है standard Calculators की तुलना में. इस Calculators में और भी ज्यादा functions होते हैं जो की scientific calculation के लिए जरुरत होती है.

Accountants और दुसरे finance professionals specialized Calculators का इस्तमाल करते हैं, जिन्हें की financial Calculators कहा जाता है, जो की आसानी से loans और savings में interest को calculate कर सकती है और साथ में currency conversions भी कर सकती हैं.

बहुत से virtual Calculators भी online में उपलब्ध होते हैं. Generally, एक online Calculator के कुछ specific purpose होते हैं, जैसे की calculate करना number of calories burned exercise के दौरान, किसी pregnant lady की due date को पता करना , किसी student की estimated grade point average पता करना. जब हम इन online Calculator का इस्तमाल करते हैं, तब users को कुछ information input fields में type करने होते हैं और finally Calculate press करना होता है result देखने के लिए.

Calculator के Advantages:

वैसे तो Calculator के ज्यादा advantages हैं disadvantages के तुलना में. Mathematical problems के complexity को कम करने के लिए और subjects को ठीक और जल्द समझने के लिए Calculators को allow किया जाता है schools और colleges में. Accurate counting और समय के बचत करने के लिए इनकी भूमिका सबसे ज्यादा है.

ज्यादा number के problems को आसानी से solve किया जा सकता है repeatedly बिना किसी difficulty के. अभी तो प्राय सभी electronic application devices में Calculator का option मेह्जुद होता है. Scientific Calculator में तो एक wide range of conversion data का option मेह्जुद होता है. साथ में online Calculators के तो बहुत ही ज्यादा इस्तमाल होने लगे हैं सभी users के द्वारा.

Calculator के Disadvantages:

ज्यादा Calculators के इस्तमाल से लोगों को छोटे से छोटा calculation करने के लिए भी Calculators का इस्तमाल करना पड़ता है.

इससे छोटे बच्चों में भी कुछ maths के calculation करने की इच्छा कम हो जाती है और उन्हें Calculators ज्यादा अच्छा विकल्प नज़र आता है.

Basic calculation skills को न सीखने के पीछे Calculator का बहुत ही बड़ा हाथ रहा है.
माना की बड़े calculations के लिए Calculators का काफी इस्तमाल किया जाता है और ये उचित भी है लेकिन easy calculation के लिए अपने दिमाग का इस्तमाल करना चाहिए इससे दिमाग ज्यादा sharp होती है और साथ में problem solving capacity भी बढ़ जाती है.

Calculators का भविष्य

Calculators के designs और technology में समय के साथ काफी changes किये गए हैं. जैसे जैसे लोगों को जरुरत बढ़ी ठीक उसी तरह ही manufacturers न भी इन्हें आकार में परिवर्तन कर उन्हें लोगों के इस्तमाल के लिए बनाया. जब कुछ वर्षों पहले Smartphones का invention हुआ तब इन Calculators को एक application का रूप प्रदान कर उन्हें उस device में ही सम्मिलित कर दिया गया. इसलिए Market में अपनी relevancy बनाये रखने के लिए ज्यादा sophisticated Calculator design किये गए जिससे लोगों का इनके प्रति आसक्ति बने रहे. ऐसे में आगे Calculators का भविस्य मुझे बहुत ही उज्जवल नज़र आ रहा है पर इसके लिए उनके smartphone के Calculators से बेहतर दिखना होगा, बेहतर perform करना होगा, और लोगों के complexity को ज्यादा बेहतर रूप से ठीक करना होगा.

Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1Smart Hide Calculator में Photos कैसे चिपकाये ?

इसके लिए आपको पहले Google Playstore से Smart Hide Calculator को install करना होगा. इसके बाद आपको उस app को खोलकर आपको एक password set करना होगा. इसके बाद आप चाहें तो कोई photos को उसमें add कर सकते हैं. जिससे ये photos को केवल password enter करने के बाद ही उन्हें खोला जा सकता है.

2कैलकुलेटर के अंग के नाम क्या हैं?

Calculator के मुख्य अंग होते हैं Keyboard, Microchip, LCD, Battery.

3Fx 991 का Calculator कैसे off होता है?

Fx 991 के Calculator को off करने के लिए आपको कुछ steps का पालन करना होगा.
Calculator को on करने के बाद उसे Shift click करें और उसके बाद AC click करें.

4Calculator कैसे बनाया जाता है?

इसके विषय में ऊपर article में लिखा गया है.

5Haryana में Account में Paper में Calculator Use कर सकते हैं?

कुछ exams में Calculator का इस्तमाल करना allow होता है. ख़ासकर CA का exam में Calculator का इस्तमाल करना allow किया जाता है.

6Windows में कैलकुलेटर को ओपन करने के स्टेप्स लिखिए?

Windows में Calculator को open करने के लिए आपको पहले Start button को click करना होता है और उसके बाद search button में Calculator टाइप करना होगा. इससे आप Calculator खोल सकते हैं.

7वैज्ञानिक कैलकुलेटर मे आने वाली प्रॉब्लम?

Scientific Calculator में बहुत ही complex operation किया जा सकता है. इमें decimal error जैसे बहुत से problems दिखयी पड़ता है.

8Home Calculator condenser metal detector?

Home Calculator का इस्तमाल हम metal detector बनाने के लिए कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक AM radio, small tape और एक Calculator का इस्तमाल करना होगा.

9Calculator का इस्तमाल कैसे करे?

Calculator का इस्तमाल आप आसानी से कर सकते हैं इसके लिए आपको Calculator का user manual को ठीक से पढना होगा.

10Calculator की पुरानी memory delete करने का method?

यदि आप scientific Calculator के पुराने memory को delete करना चाहते हैं तब आपको कुछ steps follow करना होगा.
Press Shift+Mode, उसके बाद आपको ये तिन चीज़ दिखेंगे
MCL (press 1) Mode(press 2) All(press3)
To clear memory: Press 1 it shows Mem clear now press = to clear memory
To clear mode: Press 2 it shows Mode clear now press = to clear mode
To clear all: Press 3 it shows Reset all now press == to reset all

11Calculator कैसे Open करे?

Calculator को open करने के लिए आपको Start button को press करना होगा. इसके बाद search tab में Calculator type करना होगा इससे आप Calculator को open कर सकते हैं.

Resolution

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को कैलकुलेटर क्या है (What is Calculator in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Calculator के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह post Calculator क्या है हिंदी में अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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