ROM क्या है और कैसे काम करता है?

आप में से जो लोग smartphone या computer इस्तिमाल करते है वो सोचते होंगे के ROM क्या है (What is ROM in Hindi)? यहाँ पे ROM का मतलब कुछ और मत समझ लेना जैसे आप समझ ते हो. लेकिन जब भी आप Mobile खरीद ते हो तब ये सब्द जरुर आता है ROM और Computer में भी होता है. तो आप ये तो जरुर जानना चाहोगे की इसका Size Mobile में कम होना चाहिए या फिर ज्यादा होना चाहिए. जब आप Mobile खरीद ते हो तब आप देखे होगे की Internal Memory 32GB होता है लेकिन दिखता 29 GB या फिर इससे से भी कम होता है, तो एसा होता क्यूँ है इसका भी जवाब आपको इस लेख में मिल जायेगा. ROM एक तरह के नहीं होते ये दिन प्रतिदिन बदलते रहते है Technology के हिसाब से. तो चलिए कुछ नया सीखते है के ROM क्या होता है और कितने प्रकार के होता है.

ROM क्या है (What is ROM in Hindi)

rom kya hai hindiROM एक तरह की Memory है, जिसके बारे मै आपको पिछले Article में बताया था ये Computer का Primary Memory का ही हिस्सा है. तो थोडा और याद दिलादेता हु Computer में दो तरह की Memory होते है Primary और Secondary, Primary Memory दो प्रकार के होते है एक RAM और दूसरा ROM. इसका पूरा नाम है Read Only Memory इसके नाम से ही आपको पता चल रहा होगा की इस Memory को हम बस Read कर सकते है. इसमें fixed Program रहता है (या फिर Permanent Memory बोल सकता है) ,इस Program को हम आसानी से बदल नहीं सकते, जैसे इसका सही जवाब है जब आप Computer को खरीद ते हो  उसमे में BIOS program पहले से ही रहता है. ये System को on करने में मदद करता है और इसके साथ ये BOIS Computer और Operating System को Link करता है.

तो ये BIOS नए Computer में पहले से ही रहता है और ये जिस Memory में रहता है उसी का नाम है ROM और एक उदाहरण है FIRMWARE Software program है जो की Hardware के साथ Attach रहता है. और Firmware में जो program है वो भी एक Rom Chip में रहता है. इस Memory को Non-Volatile Memory भी बोला ज्याता है. इस Memory को तभी बनाया ज्याता जब Computer बनते है. ROM को बस Computer या फिर Mobile में इस्तेमाल नहीं होते इसे हम कुछ और Electronic Device में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जैसे WASHING Machine, Microwave Oven, TV, AC, Lift वगेरा में. तो बदलते Technology की वजह से ROM के भी अलग अलग Type होते हैं. इसके बारे में हम आगे बात करेंगे Types Of ROM in Hindi.

ROM कितने प्रकार के हैं (Types Of ROM in Hindi)

इस लेख में कुछ सब्द हैं जैसे Data, Instruction, Program सबका मतलब एक ही है Confuse मत होना और एक Term “Programmed” है इसका मतलब यह है की ये बोहत सारे Command होते हैं जो की एक Task करते है, जैसे एक Software करता है वैसे ही यहाँ पे Computer On करने का काम एक Software program करता है, जिसका नाम है Firmware जो की ROM में रहता है. वैसे तो ROM 4 Types के हैं जो की निचे दिए गए हैं और उनकी जानकारी भी है.

  1. MROM (Masked Read Only Memory)
  2. PROM (Programmable Read Only Memory)
  3. EPROM (Erasable and Programmable Read Only Memory)
  4. EEPROM (Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory)

1.Masked Read Only Memory

ये सबसे पहला वाला ROM है, ये आज कल की दुनिया में इसका इस्तेमाल बिलकुल ही नहीं होता. ये Read Only Memory Hard Wired Devices है. जिसमे पहले से Pre-Programmed Data और Instruction Store किया ज्याता था. इस तरह के Memory काफी महंगे हुआ करते थे. उस ज़माने में, अभी MROM कंही भी नहीं मिलेगा.

2.Programmable Read Only Memory

ये एक ऐसा Read Only Memory है जिसको हम बस एक बार ही बदल सकते हैं. यहाँ पे बदलना मतलब PROM में कुछ नया Program डालना और  एक इसको update भी बोला ज्याता है. एक बार Update करने के बाद कोई भी इसको दोबारा Update नहीं कर सकता. User Blank PROM खरीद ता है और उसके बाद उसमे जो Instruction डालना चाहता है वो दाल सकता है (Instruction मतलब कुछ command होते है जो कुछ काम करते हैं). इस Memory में छोटे छोटे fuse होते हैं, जिनके अंदर programming के जरिये Instruction डाला ज्याता है. इसको एक बार programmed करने के बाद दोबारा Erase नहीं कर सकते.

3.Erasable and Programmable Read Only Memory

इस ROM का और एक Type है, इसकी खासियत यह है की इसको हम Erase भी कर सकते हैं और फिर से programmed भी कर सकते हैं. इस memory को erase करने का तरीका काफी अलग है जिसमे आपको इस Memory को 40 Minute तक Ultra Violet Light से pass किया जाता  है तब जाके ये Memory खाली होती है. थोडा और विस्तार में जानते हैं इस काम को हासिल करने के लिए “EPROM Eraser” का भी इस्तेमाल होता है. Programming करते वक्त, (Programming करने का मतलब वही है Update करना या फिर कुछ नया Program डालना) इसके अंदर Charge को डाला ज्याता है, जो की करीबन 10 सालो से भी जादा तक रखा जाता है क्यूंकि Charge को बहार निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं होता इसलिए वो उस Memory के अंदर रह जाता  है. तो इसी Charge (instruction) को Erase करने के लिए Ultra Violet Light को Quartz Crystal Window (lid) के जरिये Pass किया ज्याता है. इस Light के प्रभाव से ही सब Charge Erase हो ज्याता है. ये थी कुछ जानकारी Erasable and Programmable ROM के बारे में.

4.Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory

Technology के बदलाव से Read Only Memory को भी बार बार बदलने की जरुरत पड़ी, इसी वजह से इस Memory का इस्तेमाल हुआ. इसकी खासियत यह है की इसको हम 10 हजार बार Erase कर सकते हैं और Programmed कर सकते हो और बस 4 से 10 Millisecond के अंदर हम इसको Erase और Programmed भी कर सकते हैं. हम इसमें Memory के कोई भी Location को Select कर सकते हैं और उसी को हम Erase और Programmed कर सकते हैं. हम को पुरे Chip को खाली करने की कोई जरुरत ही नहीं पड़ती. इस Advantage की वजह से ये EEPROM आसन है पर धीरे है. तो अबतक आप जान ही गए ROM क्या है (What is ROM in Hindi) और Types of ROM in Hindi अब उसके लाभ के बारे में जानते हैं.

Advantages Of ROM in Hindi

तो अब जानते हैं, ROM के क्या क्या फायदे हैं तो उमीद करता उपर की सारी जानकारी समझ आगई होगी.

  • इसकी प्रकृति Non-Volatile है, जो की program स्थाई रूप से रखता है.
  • इसके data अपने आप नहीं बदलते है, बदलने से ही data बदलता है.
  • ये RAM से सस्ता होता है.
  • RAM से ज्यादा भरोसेमंद हैं. क्यूंकि RAM में Data तब तक रहता है जब तक Power Supply रहता है.
  • ये स्थिर है  और जिसको बार बार Refresh करने की कोई जरुरत नहीं.
  • इसमें data को बोहत सोच समझ के डाला ज्याता है जिसको हम बार बार बदल नहीं सकते.

ये तो कुछ जानकारी थी Advantages Of ROM in Hindi

मेरी अंतिम निर्णय

तो दोस्तों आज की जानकारी थी ROM क्या है (What is ROM in Hindi) आपको काफी अछि लगी होगी, उमीद करता हूँ आपको ये जानकारी आपके काम आये. वैसे अगर आप Student हैं तो ये जानकारी आपके ज्यादा  काम अये गी. अगर आपको RAM के बारे में जानना है तो आप मेरा दूसरा Article भी पढ़ा सकते हो. इसमें कुछ Term ऐसे हैं, जिनको समझना मुस्किल हुआ होगा अगर आप Non Technical हैं तो, लेकिन फिर भी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और हमारे Blog को जरुर Subscribe करें क्यूंकि हम सरल भाषा Hindi में ज्ञान देते हैं, India को Digital बनाना है, जय हिंद, धन्यबाद.

27 COMMENTS

    • दीपक जी
      सुक्रिया, आपको Computer संभंदी कोई और जानकारी चाहिए तो जरुर बताएं.

  1. Bhut badhiya v puri jankari dene ke liye dhanyvaad
    Mene bhi ek hindi blog shuru smy nikalkar junior ko kuch salah de

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