SMS क्या है और SMS कैसे भेजे?

अभी के generation की अगर बात करें तब ऐसा कोई आदमी शायद ही हो जिसे की ये न पता हो की ये SMS क्या है और SMS कैसे भेजे. क्यूंकि ये technical term SMS इतना ज्यादा common है की इसे हम अपने रोजमर्रा का जीवन में आम तोर से इस्तमाल करते आ रहे हैं, ऐसा मानो की ये हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गया है. ये हमें और ज्यादा efficient, independent और direct बनने में सहायक होता है. उदाहरण के लिए, जब हम late हो रहे होते हैं, तब आप किसी को text कर उन्हें अपने आने के बार में बता सकते हैं. जब आपको किसी के आने या न आने का इंतजार होता है तब एक yes या no text message के जरिया हमारे मन में उठ रहे सवालों को फट से हल कर देता है.

SMS (short message service) या संदेश भेजने के माध्यम को आजकल हम texting के नाम से ज्यादा जानते हैं. यह एक method होता है communication का जिसमें की text को एक cellphone से दुसरे cellphone तक भेजा जाता है available network के माध्यम से. जैसे की नाम से ही पता चलता है की इसमें short messages का इस्तमाल होता है, जो की concise हो और to the point हो, मतलब की फालतू की बकवास नहीं की जाती है इसमें. बस सीधे मुद्दे की बात की जाती है. आपने SMS के साथ साथ MMS के बारे में भी discussion होते हुए सुना होगा लेकिन क्या आपको दोनों के विषय में पूरी जानकारी है, यदि नहीं तब आज हम इस article के माध्यम से इसके विषय में जानेंगे. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को एसएमएस क्या है के विषय में पूरी जानकरी दी जाये जिससे आपको भी इसके बारे में सही रूप से पता चल सके की आखिर में ये SMS कैसे काम करता है? तो बिना देरी किये चैये शुरू करते हैं और जानते हैं की ये SMS क्या होता है हिंदी में.

एसएमएस क्या है (What is SMS in Hindi)

SMS Kya Hai Hindi

SMS का Full Form होता है Short Message Service, जो की text messaging का formal name होता है. यह एक ऐसा तरीका होता है जिससे की short, text-only messages को एक phone से दुसरे तक भेजा जाता है. इन messages को cellular data network के मदद से भेजा जाता है.

अगर हम character limit की बात करें तब Standard SMS की limit 160 characters per message होती हैं, जिसमें spaces included होते हैं. ये SMS standard को defined किया गया था 1980s में एक GSM (Global System for Mobile Communications) standards के तोर पर, जो की उस समय की cellphone networks के basis पर कार्य करता था बहुत वर्षों के लिए.

SMS का इतिहास

इस SMS की concept को सबसे पहले develop किया गया Franco-German GSM cooperation ने सन 1984 में. इसे develop किया था Friedhelm Hillebrand और Bernard Ghillebaert ने.

सबसे पहला text message को सन 1992 में Neil Papworth के द्वारा भेजा गया था, जो की एक पूर्वतन developer थे Sema Group Telecoms में. Mobile phones में तब कोई keyboards नहीं हुआ करते थे, इसलिए Papworth को message को PC में type करना होता है. Papworth की पहली text थी — “Merry Christmas” — जिसे की उन्होंने Richard Jarvis को successfully send किया था Vodafone में.

ज्यादातर पहले के GSM mobile phone handsets में text messages की सुविधा नहीं होती थी. पहला SMS gateways cellphones के लिए हुआ करते थे network notifications, usually ये voice mail messages के बारे में notification प्रदान करते हैं.

Nokia वो पहली handset manufacturer थी जिन्होंने की total GSM phone line बनाया था 1993 में जो की support करता था SMS text messages को. सन 1997 में, वो पहला manufacturer बना जो की ऐसे mobile phone produce करता था जिसमें की full keyboard की feature होती थी: Nokia 9000i Communicator.

जैसे की सभी नयी technology में होता है, वैसे ही SMS की initial growth भी बहुत slow हुई प्रारंभिक दौर में. वहीँ सन 2000 तक कई mobiles में SMS की बहुत सी नयी features को implement किया गया.

Texting के अलग अलग Types क्या है

वैसे Texting के बहुत से types होते हैं जिनके विषय में अब हम नीचे जानेंगे.

सबसे पहला और बहुत ही common method होता है commercial texting जिसे की “multi-tap” भी कहा जाता है. इसमें प्रत्येक number phone में connected होते हैं तीन या चार letters के साथ. उदाहरण के लिए. “3” key display करता है “D,” “E” and “F.” Multi-tap को समझना बहुत ही आसान होता है, लेकिन ये ज्यादा efficient नहीं होता है.

वहीँ 1990s में, Tegic का Co-founder Cliff Kushler ने invent किया T9 को, जो की short form होता है “Text on 9 keys” का. इसमें multi-tapping के बदले में, predictive text technology का इस्तमाल होता है, जो की words display करता है एक single keypress से ही. जैसे जैसे T9 ज्यादा familiar होने लगे उन words और phrases के साथ जिन्हें की commonly इस्तमाल किया जाता है texter के साथ, ठीक वैसे ही वो ज्यादा correspondent भी बन गए frequency के order में.

Full keyboards को mobile phones में सबसे पहले introduce किया गया सन 1997 में Nokia 9000i Communicator के साथ. ये बहुत ही popular feature बन गया था late 90s में. फिर ज्यादातर models ने adopt कर लिए QWERTY keyboard, एक ऐसा layout जिसे की हम अपने computers में देखते आये हैं.

IBM Simon ने पहला touchscreen सन 1992 में launch किया था — इसे उस समय का पहला “smartphone” भी कहा जाता था, वैसे इस term को उस समय तक coined भी नहीं किया गया था. यह phone अपने समय से 15 वर्ष पहले का था. Smartphones धीरे धीरे advanced होने लगा, वहीँ सन 2007 में, Apple ने अपना पहला iPhone भी introduced कर दिया, जिसमें की कई notable feature थे जैसे की multi-touch interface और Virtual Keyboard.

सन 2011 में, Kushler ने invent किया Swype, एक texting feature खासकर touchscreens के लिए जो की enable करता है users को अपने fingers को drag करने के लिए जिससे वो dots को connect कर सकें letters के बीच एक word में.

फिर आया Virtual keyboards जिसमें की automatic spell check और correction होते हैं, predictive text technology होती हैं, और नए words सीखने की ability भी होती है. अभी के keyboard screensize को अच्छे से adapt कर लेते हैं चाहे वो landscape हो या फिर vertical orientation हो. आज के समय की बात करें तब virtual keyboards सभी smartphones की एक standard feature बन गयी हैं.

Social media sites जैसे की Twitter adopt करती हैं short character format को, जो की text message phenomenon को मदद प्रदान करती हैं — क्यूंकि इसमें users को ये सीखना होता है की कैसे ज्यादा concise और character-conscious होकर message लिखा जाये.

वहीँ Social media, chat, email, Skype और दुसरे form के online communication ने हमारे options को broadened कर दिया है, और ये केवल text messaging तक ही शिमित नहीं है. वहीँ इनमें से सभी options में data की जरुरत होती है. Text messaging एक universal feature बन गयी है phones के लिए, जो की इसे ज्यादा affordable बनाती है एक unlimited package में.

SMS कैसे भेजे

आप सभी को जरुर पता होगा के SMS करने का सही तरीका क्या है? SMS करने के लिए आपको बस एक Phone चाहिए या एक Software Application चाहिए. इसमें जो SMS भेजता है उसे Sender कहते हैं और जिसे भेजा जाता है उसे Receiver कहते हैं. इसमें Sender एक SMS भेजने के लिए अपने SMS को पहले type करता है और उसे Receiver के phone number पर भेज देता है, इसके लिए उसे Send button को press करना होता है. ऐसा करने से receiver को कुछ seconds के भीतर ही वह SMS मिल जाता है.

SMS कैसे काम करता है?

Cell phones में हमेशा information को send किया जाता है और receive किया जाता है signals के माध्यम से जब आपको phone इस्तमाल भी न हो रहा हो, तब भी ऐसा हो रहा होता है. इन signals को send और receive किया जाता है एक cell phone tower या control channel से. Phone calls और messages को ठीक ढंग से काम करने के लिए, control channel को ये पता होना चाहिए की कौन सा phone किस phone number को belong करता है. Cell Phone के location के हिसाब से, ये different towers के साथ communicate करता है, जैसे जैसे user move करता है एक city, state, country में.

अगर phone किसी tower के साथ communicate करने में असक्षम रही तब यह कोई भी signal प्राप्त नहीं करेगी और इन्हें इस्तमाल भी नहीं किया जा सकता है. इसमें control channel SMS या text messages के path को map करती है. जब एक message को send किया जाता है, तब ये पहले nearby tower को जाती है और उसके बाद ये SMS center (SMSC) को जाती है. ये The SMSC उस message को receive करती है और उसे फिर से send करती है appropriate tower को जो की उस receiver के cell phone के सबसे निकट स्तिथ हो और फिर आखिर में destination को.

अब सवाल उठता है की इस पूरी प्रक्रिया में SMS की job क्या होती है? इसका जवाब यह है की SMS format करता है message को ऐसे तरीके से ही जिससे ये travel कर सके town के चारों और और आखिर में receiver के cell phone तक पहुँच भी जाये. SMS actual message के साथ साथ लुच additional data भी send करता है जैसे की message का length, destination, format और time stamp.

Instant Messaging क्या है

Instant messaging (IM) की technology एक ऐसे type की online chat होती है जो की offer करती है real-time text transmission Internet के ऊपर से. एक LAN messenger भी समान ढंग से operate करता है एक local area network के ऊपर. Short messages को typically transmit किया जाता है दो parties के बीच, जब प्रत्येक user choose करता है अपने विचार को पूर्ण करने के लिए और “send” करना select करते हैं. कुछ IM applications इस्तमाल करते हैं push technology का real-time text प्रदान करने के लिए, जिसमें की messages को character by character transmit किया जाता है, जैसे जैसे वो composed होते हैं. अभी तो ज्यादा advanced instant messaging में user message के साथ साथ file transfer, clickable hyperlinks, Voice over IP, और video chat भी add कर सकते हैं.

SMS और MMS में क्या अंतर है?

SMS: SMS का Full Form होता है Short Message Service और इसे अक्सर “text message” भी कहा जाता है. एक SMS में आप एक message को जिसमें की 160 characters तक ही characters रह सकती हैं उसे किसी दुसरे device तक भेज सकती हैं. यहाँ पर लम्बे messages automatically ही छोटे messages में split up हो जाते हैं. ज्यादातर cell phones इस प्रकार की text messaging को support करते हैं.
MMS:

MMS: MMS का Full Form होता है Multimedia Messaging Service. इस प्रकार की text messaging एक evolution होती है SMS की. यहाँ एक MMS में, आप एक message में pictures, video, और audio content किसी दूसरी device को भेज सकते हैं. सभी नए cell phones की multimedia capabilities MMS को support करती हैं.

SMS के Advantages

देखा जाये तो ऐसे बहुत से कारण है जिसके चलते users text messaging को ज्यादा prefer करते हैं दुसरे forms of communications के मुकाबले. उसमें से एक कारण यह है की वो बहुत ही discreet होते हैं phone call की तुलना में, ऐसा इसलिए क्यूंकि इसमें किसी दुसरे के द्वारा सुने जाने का खतरा बिलकुल भी नहीं होता है.

वहीँ एक text message को भेजना बहुत ही जल्दी में किया जा सकता है किसी telephone call में phone मिलाने के मुकाबले. SMS प्रदान करती है portability जिसे की email या instant messaging एक computer में नहीं प्रदान करती हैं. SMS messages को तब भी deliver किया जा सकता है जब phone switch off हो या फिर out of range हो. क्यूंकि जैसे ही regular service चालू होता है phone का सभी waiting messages अपने आप ही आना चालू कर देते हैं.

SMS के Disadvantages

जैसे सिक्के के दो पहलु होते हैं ठीक वैसे ही text messaging के भी disadvantages होते हैं. ये SMS technology ज्यादा secure नहीं होते हैं जिसके चलते इन्हें आसानी से attack किया जा सकता है. एक बड़ी मात्रा की text messages को यदि एक साथ send किया जाये तब ये control channels को overpower कर सकता है और लोगों को अपने phone में calls आने से रोक सकता है. Text Messages को भेजने में ज्यादा cost पड़ता है. साथ में बहुत बार text messages को receive होने में समय लग जाता है.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख एसएमएस क्या है (What is SMS in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को मैसेज क्या होता है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्धर्व में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. यदि आपको यह post SMS क्या होता है हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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