IP Address क्या है और कैसे पता करे?

क्या आप जानते हैं की IP Address क्या है और किसीका IP Address कैसे पता करे? इसका आसान सा जवाब होता है Internet Protocol Address. इसे लोग IP number, Internet address के नाम से भी जानते हैं.

आप चाहें इस कुछ भी कह लें, लेकिन आखिर में ये एक ऐसा link होता है जिससे की आपका device internet से connect हो पाता है, दुसरे devices के साथ communicate कर पाता है. जैसे की नाम से ही पता चलता है की यह एक Address होता है. ऐसे में अगर आपको इप एड्रेस क्या है, यदि पता नहीं तब घबराने की कोई भी जरुरत नहीं है. क्यूंकि आपके जैसे करोड़ों लोग है जो की computer का इस्तमाल तो करते हैं लेकिन उन्हें असल में ये नहीं पता है की आईपी एड्रेस से क्या कर सकते है. वैसे इसमें कोई बुराई नहीं है क्यूंकि भले ही आपके system को Internet के साथ connect करने में इसका सबसे बड़ा योगदान है. IP Address को Internet का passport भी कहा जाता है, वैसे एक आम यूजर को इसके बारे में जानना उतना जरुरी नहीं होता है. लेकिन एक smart user होने के लिए आपको इस technology के विषय में कुछ जानकरी तो अवस्य ही रखनी चाहिए.

इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को मेरा IP Address क्या है और कैसे काम करता है के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करूँ जिससे आपको ये तो पता चले की आखिर इस technology का कैसे इस्तमाल होते हैं device को internet के साथ connect करने में, तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की ये आईपी एड्रेस क्या होता है.

आई पी एड्रेस क्या है (What is IP Address in Hindi)

ip address kya hai hindi

IP address का Full Form है Internet Protocol address. यह एक identifying number होता है एक piece of network hardware का. एक IP address के होने से ये एक device को allow करता है दुसरे devices के साथ communicate करने के लिए एक IP-based network में जैसे की internet.

IP address, को simply हम “IP” भी कह सकते हैं. यह एक unique address होता है जिससे की एक device को आसानी से identify किया जा सकता है Internet या एक local network में. यह एक system को allow करता है दुसरे system के द्वारा recognize होने के लिए जो की connected होते हैं via Internet protocol. वैसे देखा जाये तो दो primary types के IP address formats अभी मेह्जुद हैं — IPv4 और IPv6.

IP Address का क्यूँ इस्तमाल किया जाता है?

एक IP address किसी भी एक networked device को एक identity प्रदान करता है. जैसे की एक घर या business office को पहचानने के लिए उनकी एक specific physical location होनी चाहिए एक identifiable address के साथ, ठीक उसी प्रकार ही एक network में अलग अलग devices को differentiate किया जाता है एक दुसरे एक IP Addresses के माध्यम से.

उदाहरण के लिए. अगर मुझे एक package भेजना है अपने दोस्त को जो की एक दुसरे ही देश में रहता है. तब इसके लिए मुझे उसकी exact destination location के विषय में ज्ञात होना आवश्यक है. केवल receiver का नाम ही काफी नहीं होता है, साथ में उसकी एक specific address भी होनी चाहिए, जो की उस package में लिखा जाता है या attach किया जाता है, जिससे वह package उस तक आसानी से पहुँच सकते हैं. Address देखने के लिए आप Phone Book का इस्तमाल कर सकते हैं.

यदि process के मदद से Internet में भी data को भेजा जाता है. वहीँ इसमें एक phone book के बदले में आपका computer DNS servers का इस्तमाल करता है, hostname को look up करने के लिए जिससे की उसका IP address पाया जा सके.

उदाहरण के लिए, जब कोई user कोई website enter करता है जैसे की like www.hindime.net किसी browser में, तब एक request भेजी जाती है उस page को load करने के लिए DNS servers को, जिससे वो DND Server उस hostname (hindime.net) को ढूंडता है उसके corresponding IP address (158.111.75.021) को पाने के लिए. बिना किसी IP address attach किये, user का computer ये सोच भी नहीं सकता है की वो आखिर किस चीज़ के पीछे है और वो क्या ढूंडना चाहता है.

IP Address के प्रकार

अगर आपने पहले कभी IP Addresses के विषय में सुना होगा तब आपको ये जरुर से ज्ञात होगा की IP Addresses के भी बहुत से Types होते हैं. जहाँ सभी IP Addresses बने होते हैं numbers और letters के, वहीँ सभी addresses के काम समान नहीं होते हैं.

तो चलिए IP Addresses के types के विषय में जानते हैं.

  • Private IP Addresses
  • Public IP Addresses
  • Static IP Addresses
  • Dynamic IP Addresses

बात इतने में ख़त्म नहीं हो जाती है, बल्कि प्रत्येक IP Address के भी दो प्रकार होते हैं IPv4 address और एक IPv6 address.

Private IP Address

इन्हें एक network के “inside” में इस्तमाल किया जाता है, जैसे की एक को आप probably अपने घर में run करते हो. इस प्रकार की IP Addresses का इस्तमाल आपके devices को router और दुसरे devices के साथ communicate करने के लिए किया जाता है एक private network में. Private IP Addresses को manually set किया जाता है या आपके router के द्वारा automatically ही assign किया जा सकता है.

Public IP Address

इस प्रकार के IP Addresses का इस्तमाल Network के “outside” में किया जाता है, जिन्हें की ISP द्वारा assign किया गया हो. ये वही main address होता है जिसे की आपके home या business network में इस्तमाल किया जाता है दुनिया भरके networked devices के साथ communicate करने के लिए (जो की है internet). ये एक रास्ता प्रदान करता है आपके devices को ISP तक पहुँचने के लिए जिससे आप दुनियाभर के websites और दुसरे devices के साथ directly communicate कर सकते हैं अपने ही personal computer से.

दोनों private IP Addresses और public IP Addresses या तो dynamic हो सकते हैं या static भी हो सकते हैं, इसका मतलब की या तो वो change हो सकते हैं या नहीं.

Dynamic IP Address

एक IP address जिसे की assigned किया जाता है एक DHCP server के द्वारा उसे एक dynamic IP address कहते हैं.

Static IP Address

वहीँ अगर एक device में DHCP enabled नहीं होती है या उसे support नहीं करती है तब IP address को manually assigned किया जाता है, इसी case में IP address को एक static IP address कहा जाता है.

IP Address कैसे पता करे

ip address kaise pata kare

अलग अलग devices और operating systems को unique steps की जरुरत होती है IP address को ढूंडने के लिए. वैसे इसे (Public IP Address और Private IP Address) पाने के लिए अलग अलग steps होते हैं, जिन्हें हम आगे जानेंगे.

Public IP Address

आपके Router के IP Address को ढूंडना बहुत ही आसान होता है, जिसके लिए आप कोई भी sites जैसे की WhatsMyIP.org, या WhatIsMyIPAddress.com का इस्तमाल कर सकते हैं. ये sites सभी network-connected device के साथ काम कर सकते हैं जो की एक web browser को support करती है, जैसे smartphone, iPod, laptop, desktop, tablet, इत्यादि.

Private IP Address

वैसे किसी specific device की private IP address को जानना इतना आसान नहीं होता है.

Windows में, आप अपने device की IP address का पता via Command Prompt कर सकते हैं, जिसके लिए आपको बस ipconfig command का ही इस्तमाल करना पड़ेगा.

Linux users को इसके लिए अपने system में एक terminal window को launch करना होता है और enter करें command hostname – I(जिसमें capital “i” का इस्तमाल होता है) ifconfig, या ip addr show.

वहीँ macOS, में आप command ifconfig का उपयोग कर सकते हैं आपकी local IP address को पाने के लिए.

iPhone, iPad, और iPod touch devices में आप private IP address को देख सकते हैं Wi-Fi Menu में Settings app के द्वारा. इसे देखने के लिए, आपको tap करना होगा small “i” button को जो की network जिससे आप connected हों उसके next में होता है.

Android Devices में आप अपना local IP address देखने के लिए
Settings > Wi-Fi, या Settings > Wireless Controls > Wi-Fi settings का steps पालन करना होगा. आपको पर उस network के ऊपर tap करना होता है जिसपर आप होते हैं, जिससे आपको network की सभी information दिखाई पड़ जाती है जिसमें private IP address भी होता है.

IP के Versions (IPv4 vs IPv6)

IP की Versions के बारे में बताएं तब ये दो ही होते हैं. तो चलिए जानते है IPv4 vs IPv6 के बारे में.

  • IPv4
  • IPv6

इसमें IPv4 पुराना version हैं वहीँ IPv6 उसका upgraded IP version होता है. सबसे बड़ा कारण क्यूँ IPv6 को लाया गया IPv4 के स्थान पर, वो ये की IPv6 ज्यादा number की IP Addresses प्रदान करती है IPv4 की तुलना में. जहाँ अभी devices की तादाद इतनी ज्यादा है और वो constantly ही connected होते हैं internet के साथ, तब ऐसे में उन सभी की एक unique address available होना बहुत ही जरुरी होता है.

अगर हम IPv4 addresses की बात करें तब हमें केवल 4 billion unique IP Addresses (232) ही प्रदान कर सकता है. माना की ये भी बहुत ज्यादा नंबर की addresses है, लेकिन आज के modern world के लिए ये काफी नहीं है क्यूँ आज प्रत्येक user के पास एक से ज्यादा अलग अलग devices मेह्जुद है जो की internet का इस्तमाल करते हैं.

अगर हम practically सोचें तब दुनियाभर में 7 billion people से ज्यादा लोग मेह्जुद हैं. अगर प्रत्येक लोग एक भी device का इस्तमाल करें तब भी IPv4 उन्हें sufficient IP address प्रदान करने में सक्षम नहीं है.

वहीँ दूसरी तरफ IPv6, support करता है करीब 340 trillion, trillion, trillion addresses (2128) को. जो की होता है 340 और उसके साथ 12 zeroes! इसका मतलब की अगर पृथ्वी का प्रत्येक इन्सान भी लाखों devices को internet के साथ connect कर सकता है. तब भी IP Addresses की कोई कमी नहीं होगी.

ज्यादा IP Addresses को supply करने के साथ साथ IPv6 और भी बहुत ही benefit प्रदान करते हैं जैसे की

  • अभी और IP address collisions नहीं होंगे जो की private addresses, auto-configuration से होते हैं. साथ में Network Address Translation (NAT) करने की भी जरुरत नहीं है
  • ये efficient routing प्रदान करती है
  • साथ में easier administration भी प्रदान करती है
  • ये built-in privacy भी प्रदान करती है.

जहाँ IPv4 display करती है addresses एक 32-bit numerical number में जो की एक decimal format में लिखे हुए होते हैं, जैसे की 203.278.148.81 या 192.138.0.1. वहीँ IPv6 में trillions की तादाद में addresses होती है, इसलिए उन्हें hexadecimal के format में display किया जाता है, जैसे की 3fge:1800:4545:3:100:l8ff:ee21:97cf.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख आई पी एड्रेस क्या है (What is IP Address in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को IP Address कैसे पता करे के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. यदि आपको यह post आईपी एड्रेस क्या होता है हिंदी में से सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

1 COMMENT

  1. आपने ip address के बारे में बहुत ही विस्तार से समझाया है। मुझे पूरी अच्छी तरह से समझ में आ गया।

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