कंप्यूटर साउंड कार्ड क्या है क्यों यूज़ होता है?

क्या आप जानते हैं की ये Sound Card क्या है? यदि नहीं तब आज का यह article Sound Card क्या होते हैं आपके लिए बहुत ही जानकारी भरा होने वाला है. इसमें आपको Sound Card से सम्बंधित सभी जानकारी मुहया की जाएगी. इससे आपको इसे ठीक रूप से समझने साथ में, ये कैसे काम करता है इत्यादि समझने में आसानी होगी.

वैसे तो इसे sound board या audio card भी कहा जाता है. असल में एक sound card एक expansion card या IC होता है जो की sound पैदा करने में मदद करता है किसी device (computer) में और जिसे आसानी से Speaker या Headphones की मदद से सुना का सकता है.

वैसे बिना sound card के भी एक computer ठीक रूप से function कर सकता है, लेकिन यदि आप एक sound card install करते हैं तब आपकी device की sound quality बहुत हद तक बढ़िया हो जाती है. वहीँ पहले इसे अलग से लगाना पड़ता था वहीँ अभी ये पहले से ही motherboard में या फिर Exapnsion Slot में embedded होकर आता है. इसलिए अब हमें इसे अलग से लगाने की कोई भी जरुरत नहीं है.

वैसे अगर आपको Sound Card के प्रकार और वो कैसे काम करते हैं के विषय में और अधिक जानना है तब आपको यह article साउंड कार्ड क्या होता है ठीक तरीके से पढना चाहिए क्यूंकि यहाँ पर मैंने इस device के पूरी जानकारी बड़ी ही आसान भाषा में समझाने की कोशिश करी है. उम्मीद है आपको ये जरुर पसंद आएगी और साथ में आपके मन के सभी doubts भी दूर हो जाएगी. तो बिना देरी किये चलिए आगे बढ़ते हैं.

साउंड कार्ड क्या है (What is Sound Card in Hindi)

Sound Card Kya Hai Hindi

Sound Card एक component होता है जो की कंप्यूटर के भीतर स्तिथ होता है. यह computer को audio input और output capabilities प्रदान करता है. ज्यादातर sound cards में कम से कम एक analog line input और एक stereo line output connection तो होता ही है. ये connectors typically 3.5 mm minijacks होते हैं, जो की ज्यादातर headphones के size होते हैं जिन्हें हम इस्तमाल करते हैं.

कुछ sound cards digital audio input and output को भी support करते हैं, इसके लिए एक standard TRS (tip-ring-sleeve) connection या via एक optical audio port के करते हैं, जैसे की Toslink connector.

वैसे तो sound cards के बहुत से प्रकार मेह्जुद हैं, वहीँ कोई type जो produce करती हैं एक analog output उनमें एक digital-to-analog converter (DAC) होना बहुत ही जरुरी होती है.

ये convert करती हैं outgoing signal को digital से analog में, जिन्हें की ज्यादातर speaker systems से play किया जा सकता है. Sounds cards जो की support करते हैं analog input उन्हें एक analog-to-digital converter (ADC) की भी जरुरत होती है. ये digitizes करती है incoming analog signal को, जिससे की computer उन्हें process कर सके.

जहाँ कुछ computers में, sound card एक हिस्सा होता है motherboard का वहीँ दुसरे मशीनों में ये असला में एक actual card होता है जो की PCI slot में स्तिथ होता है.

अगर आपको अपने computer में और ज्यादा audio capabilities चाहिए जैसे की additional input और output channels तब आपको इसके लिए एक नया sound card install करना होगा. Professional sound cards ज्यादातर higher sampling rates (जैसे की 44.1 kHz के स्थान पर 192 kHz) को support करते हैं और इनमें ज्यादा inputs और outputs भी होती हैं.

साउंड कार्ड का इतिहास

पहले ज़माने के computers में sound cards नहीं होते थे — क्यूंकि उन्हें ज्यादा important नहीं माना जाता था basic tasks के लिए, जिसके लिए computers को असल में designed किया था. बल्कि उसके स्थान पर पहले के devices में basic internal speakers हुआ करते थे जो की square wave audio produce करते हैं.

जैसे जैसे computers ज्यादा complex होने लगे और consumer market में आने लगे (1980s) में. तब manufacturers को ये मालूम हुआ की उन्हें computers में sound पैदा करने के विषय में सोचना चाहिए, वो भी advanced applications और general entertainment के लिए.

IBM और दुसरे manufacturers इसपर sound device manufacturers के तरफ रुख करने लगे जैसे की Adlib और Creative Labs, जो उस समय में नयी sound card technology पर काम कर रहे थे और जिससे computers में हम music, voices आदि को सुनने में सक्षम होने लगे.

Late 1980s तक, markets में ऐसे computers आने लगे थे जिनमें built-in sound cards हुआ करते थे. शुरुवाती दौर में, ये sound cards ज्यादातर कुछ specific applications में ही focus हुआ करते थे. जो की खासकर music composition, speech synthesis के लिए बनाये गए थे.

वहीँ समय के साथ sound cards धीरे धीरे ज्यादा versatile होने लगे, और उन्हें बहुत से softwares के साथ इस्तमाल में लाया जाने लगा.

सबसे पहला Sound Card कौन सा था, किसने बनाया और कहाँ इस्तमाल किया गया था?

Gooch Synthetic Woodwind को सबसे पहला sound card माना जाता है. इसे PLATO terminals द्वारा इस्तमाल किया गया. वहीँ इसे invent किया था Sherwin Gooch के द्वारा सन 1972 में. यह एक synthesizer था जो की capable था 4-voice music synthesis करने में.

Apple II computer भी capable था plug-in sound cards को इस्तमाल करने में. Apple Music Synthesizer वो पहला plug-in sound card था जिसे की Apple II में इस्तमाल किया गया, इसे ALF Products Inc. ने सन 1978 में develop किया था.

AdLib वो पहला company था जो की IBM PC के लिए sound card manufacture करता था. AdLib ने develop किया Music Synthesizer Card सन 1987 में.

कंप्यूटर साउंड कार्ड कैसे काम करता है?

एक computer में Audio files ऐसे होते हैं जैसे की सभी चीज़ों को code के रूप में store किया गया हो. ये digital information बड़ी ही आसानी से बहुत से sound waveforms को store कर सकती है, लेकिन ये sound नहीं create कर सकती है — इन “analog” waves को air में spread होना पड़ेगा और तभी जाकर ये हमारे कानों में कुछ impact कर सकती है.

ये sound card translate करती है audio को digital code से sound waves में जैसे आपको जरूरत होती है.
ऐसा करने के लिए card इस्तमाल करती है एक DAC, या digital to analog converter. इस converter का काम होता है translate करना audio file code को electrical impulses में, जो की travel करती है via sound card की connections आपके speakers तक.

फिर ये speaker की drivers उन electrical impulse को बदलते हैं physical sound waves, और फिर ये आपके कानों तक आती है आवाज के रूप में. सभी speakers, internal और external, ठीक तरीके से connected होने चाहिए sound card से, नहीं तो ये ठीक तरीके से काम नहीं करेंग.

वहीँ sound cards के एक बहुत ही important function भी होता है. उन्हें इसी समान चीज़ को reverse में करना होता है. अगर आपके computer में एक mic हो, तो ये भी आपके sound card से जुदा हुआ होता है. यहाँ पर cards इस्तमाल करती है एक ADC, या analog to digital converter, जो की translate करती है sound waves को जिन्हें की create किया गया होता है आपके voice के द्वारा code में और वो बन जाती है एक audio file.

Sound cards की additional functions भी होती है, जैसे की एक MIDI interface के तरह serve करना उन लोगों के लिए जो की एक little electronic create करना चाहते हैं. आज के sound cards usually streamlined होते हैं highly integrated भी जिससे ये costs को cut down कर सकें (वहीँ software drivers से इनकी extra features को manage किया जाता है), लेकिन कुछ versions में अभी भी ऐसी built-in capabilities मेह्जुद हैं.

VOICES और CHANNELS क्या हैं?

Sound cards में आपको दोनों मिलेंगी voices और channels, और इन दोनों को समझने में थोडा confusion हो सकता है. तो चलिए इन्हें ठीक तरीके से आसान भाषा में समझते हैं.

Voices

Voices refer करता है की कैसे बहुत से independent sounds जो की different sources से आते हैं एक sound card में, उन्हें manage किया जाता है same time में.

जब आपकी computer एक melody play कर रही होती है लेकिन वहीँ जब एक नया mail आता है तब एक ding का आवाज सुनाई पड़ता है, येही है दो voices का मामला.

Manufacturers हमेशा sound cards को बहुत से voices प्रदान करते हैं उन्हें इस्तमाल के लिए दोनों hardware और software sources से, क्यूंकि एक बहुत ही primary कारण है की Sound Cards का इस्तमाल करने का की इससे electronic music पैदा की जा सकती है.

पहले के sound cards में typically 9 से 18 voices तक ही हुआ करते थे. वहीँ ये numbers बहुत जल्दी बढ़ गयी एक average sound card में जो की करीब 64 voices हैं, जहाँ 32 available होती है software से और 32 available होती है hardware से.

Modern sound cards बहुत ही कम attention देती है hardware sources को और ज्यादा focus उनका software पर ही होता है जो की जितनी चाहे उतनी voices produce कर सकती है, इसलिए आज के से में एक sound card को voices से rate करना बड़ी ही आम बात है.

Channels

कभी कभी लोग इस शब्द “channels” का इस्तमाल करते हैं जो की “voices” का अर्थ ही बयान करती है. Technically, channels को इस्तमाल किया जाना चाहिए traditional sense में, जिसके कारण की बहुत ही audio outputs को sound card handle कर सके.

अब हम एक परिचित स्तिथि में है. Stereo sound की दो channels होती है, 2.1 stereo allow करती है एक subwoofer के लिए, 5.1 channels include करती है surround sound, और 7.1 channels प्रदान करती है best surround sound.

Importantly, आपको ऐसा sound card चाहिए जो की support करता है at least इतनी channels जिससे की audio system उससे pair कर सकें.

Sound card की connections

यहाँ पर आपको मैं कुछ sound card connections के विषय में बताने वाला हूँ. जहाँ पर एक sound card audio ports या audio jacks जो की आपके computer के पीछे में होते हैं, उनसे associated colors, और connector symbols.

Digital Out (white या yellow; words जैसे की : “Digital” या “Digital Out”) – इन्हें इस्तमाल किया जाता है surround sound या loudspeakers के साथ.

Sound in या line in (blue; Arrow point करते हैं waves में) – इन्हें external audio sources के साथ connection किया जाता है (e.g., tape recorder, record player, या CD player.)

Microphone या Mic (pink) – ये connection होता है एक microphone या headphones.

Sound out या line out (green; Arrow point करता है out of waves) – यह एक primary sound connection होता है आपके speakers और headphones के लिए. इस sound card के पास एक second (black) और third (orange) sound out connector होता है.

FireWire – इन्हें इस्तमाल किया जाता है कुछ high-quality sound cards में digital video cameras और दुसरे devices में.

MIDI या joystick (15 pin yellow connector) – इन्हें पहले वाले sound cards में इस्तमाल किया जाता था MIDI keyboard या joystick के साथ.

Sound Card की Description

एक sound card दिखने में एक rectangular piece की hardware होता है जिसमें की बहुत से contacts होते हैं card के निचे में और multiple ports होते हैं इसके side में जिससे की audio devices को connect किया जाता है, जैसे की speakers.

ये sound card install होता है एक PCI या PCIe slot में एक motherboard में.

चूँकि motherboard, case, और peripheral cards को design किया गया होता है एक compatibility को ध्यान में रखते हुआ, इसलिए sound card का side वाला हिस्सा ठीक fit होता है case के back में जब उसे install किया जाता है, जिससे की इसके ports available होते हैं इस्तमाल करने के लिए.

ऐसे भी USB sound cards मेह्जुद हैं जो की आपको allow करते हैं headphones, microphones, और यहाँ तक की दुसरे audio devices को plug करने के लिए आपके computer में एक small adapter के द्वारा जिसे की directly plug किया जाता है एक USB port में.

साउंड कार्ड के प्रकार

वैसे तो Sound Cards के बहुत से प्रकार मेह्जुद हैं लेकिन उनमें से तीन प्रकार सबसे महत्वपूर्ण हैं और उनकी अपनी ही benefits हैं.

Motherboard Sound Chips

जब sound cards को सबसे पहले introduce किया गया, तब ये बहुत ही कीमती add-on cards हुआ करते थे जिनकी कीमत बहुत अधिक थी. लेकिन जैसे की computer sound technology की शुरुवात हुई तब इनकी price भी कम होने लगी.

Miniaturization technology ने computer hardware manufacturers को enable किया इन सभी technology जिससे की sound produce करने में इस्तमाल किया जाता है उन्हें बस एक single chip में तैयार करने के लिए.

आज के से में आपको शायद ऐसा computer ही न मिले जिसमें की motherboard sound chip न हो. Motherboard sound chips ने मदद की sound cards को ज्यादा affordable होने में सभी computer owners के लिए. अगर आपके computer में audio jacks है motherboard backplane में दुसरे expansion ports के साथ जैसे की USB ports, तब आपके computer में एक motherboard sound chip मेह्जुद है.

Standard Sound Cards

एक standard sound card एक expansion card होता है जो की connect होता है एक slots के साथ computer के भीतर में.

Sound Card का एक बहुत ही बड़ा benefit motherboard sound chip के तुलना में ये हैं की इन sound cards की अपनी ही processor chips होती है, वहीँ एक motherboard sound chip को computer processor के ऊपर निर्भर होना पड़ता है कोई भी function को perform करने के लिए.

एक standard sound card बहुत ही कम load पैदा करती है main processor के ऊपर, जिसके कारण की game खेलते वक़्त आपको improved performance प्राप्त होती है.

वहीँ कुछ standard sound cards के पास ऐसे features होते हैं जो की motherboard sound chips में आपको कभी नहीं मिलेंगे, जैसे की 24-bit recording या multiple channel surround sound.

External Sound Adapters

एक external sound adapter छोटा box होता है जो की एक standard sound card का सभी features धारण करता है, लेकिन इसे computer के साथ connect किया जाता है via एक USB या FireWire port, न की एक internal expansion slot के द्वारा.

External sound adapters में ऐसे features भी होते हैं जो की एक standard sound cards में नहीं होते हैं, जैसे की extra inputs और outputs और physical volume control knobs.

एक external sound adapter को बड़ी ही आसानी से एक computer से दुसरे तक ले जाया जा सकता है एक standard sound card की तुलना में.

बेहतर Sound Cards कैसे खरीदें?

जब कभी भी आप अगर कोई Sound Card खरीदने को जाएँ तब आपको कुल मिलकर चार primary specifications पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जिससे आप एक sound card को दुसरे के साथ सही तरीके से compare कर सकें. तो चलिए इन specs के विषय में जाते हैं:-

Audio channels
Audio channels correspond करती है की कितने number के speakers हैं और कितने multi- और omni-directional headphones हैं. जितनी ज्यादा audio channels होंगी, उतने ज्यादा directions से sound आ सकेंगी और परिणाम स्वरुप उतनी ज्यादा ये accurate होंगी.

इसलिए दो audio channels बहुत ही suffcient हैं एक normal user के लिए, वहीँ इससे ज्यादा केवल professionals को ही जरूरत होती है जिनके पास advanced speaker systems/high-end headphones मेह्जुद हों.

Bit depth
Bit depth range करती है 8 to 16 to 24. इस specification को आप सभी ने जरुर ही देखा होगा लेकिन शायद आपको ये समझ में न आया हो.

Basically, bit depth manage करता है उस range को जिसे आप सुनते हैं, 24-bit depth in audio सबसे perfectly accurate होती है. High bit-depth के होने से ये आपको benefit प्रदान करती है जब low-quality audio भी हो, इसमें ये noise floor और ceiling को lower करती है.

Basically, आपकी bi depth जितनी lower होगी, उतनी ही कठिन होगी इसे अलग करने में loud से. 16 सबसे minimum है, और 24 सबसे high end.

SNR
SNR का full form होता है Sound-to-noise ratio. क्या आपने कभी अपने speakers को plugged in किया और उन्हें turned on किया तब आपको एक buzzing sound सुनने को मिल सकती है. यही buzzing sound ही वो noise होता है SNR में. SNR जितनी higher होगी, तब background noise उतनी शांत होगी.

Sample Rate
Sample rate को measure किया जाता है KHz में और range करता है 44.1 से लेकर 192 तक. कुछ audiophiles का मानना है की high numbers बेहतर होते हैं, लेकिन अगर आपके पास world-class hearing equipment नहीं है, तब आपको इनके अंतर का आभास नहीं होगा ज्यादातर cases में.

44/48 KHz एक standard number है, लेकिन अगर आप एक high-end audio hardware का इस्तमाल कर रहे हैं तब आप sample rate को बढ़ा भी सकते हैं.

Sound Cards की Common Problems क्या हैं? कैसे इन्हें solve करें?

मेरे Computer में Sound नहीं आ रहा है

ये condition शायद हम लोगों में सभी के साथ एक न एक बार तो जरुर हुआ होगा. इसमें हो सकता है की sound card या speakers/headphones disconnected हो गए हों उनके ports/power से और वो एक दुसरे के साथ अब और communicate न हो रहे हों, या फिर ये software से सम्बंधित भी हो सकता है जो की sound को play होने से रोक रहा है.

इसमें सबसे पहले आपको ये देखना होगा की video, sound, movie का sound mute तो नहीं हो गया है, या फिर आपके System का sound तो mute नहीं हो गया है. क्यूंकि ऐसा होना बहुत ही लाजमी है.

साथ में ये भी हो सकता है की device manager में sound card खुद भी disable हो गया हो. इसलिए इन चीज़ों को थोडा ध्यान देना होगा.

एक और कारण है sound न आने का वो है की आपका device driver ही corrupt हो गया हो. ऐसे में आपको सभी sound card driver को internet से download कर install कर लेना चाहिए.

अगर ऊपर बताये गए चीज़ों को check करने के बाद भी आपका sound नहीं आ रहा है तब आपने शायद proper software installed न हो media playback करने के लिए.

इन सभी चीज़ों में आपको अपने problem का solution जरुर से मिल जायेगा.

क्या SOUND CARDS को UPGRADE किया जा सकता है?

एक sound card को बड़ी है आसानी से बेहतर quality वाले sound card से replace किया जा सकता है. इसलिए यदि आप अपने sound card को upgrade करना चाहें तब आप ऐसा जरुर से कर सकते हैं.

वहीँ Sound hardware जो की integrated होते हैं एक motherboard में उन्हें replace नहीं किया जा सकता है, लेकिन उन्हें disable किया जा सकता है, जिससे की आप एक बेहतर PCI sound card में switch हो सकें.

Advanced sound cards से आप audio को improve कर सकते हैं, वहीँ digital sound में ज्यादा clarity दाल सकते हैं, या उनके processing power का इस्तमाल कर CPU load को कम कर सकते हैं.

वहीँ ऐसे भी outboard sound cards भी मेह्जुद हैं जिन्हें की connect किया जाता है via एक USB port, ज्यादा active sound management करने के लिए. आप चाहें तो दोनों internal sound cards और peripheral versions खरीद सकते हैं, जब तक की वो आपके computer से compatible हो.

यदि बूम इन sound cards की कीमत की बात करें तब ये बहुत ही expensive होते हैं, वहीँ इनकी basic models बहुत ही sufficient होती है ज्यादातर लोगों के लिए. बाकि आप अपने budget के हिसाब से इन्हें खरीद सकते हैं.

Sound Card के benefits क्या हैं?

Sound की quality को boost करने के अलावा भी Sound Card के बहुत से अलग benefits भी होते हैं. चलिए उनके विषय में आगे पड़ते हैं.

1. ज्यादा audio channels को Support करते हैं. 5.1 और 7.1 channel audio offer करते हैं ज्यादा ports बेहतर surround sound speaker systems और directional audio को headphones में.

2. ये system में ज्यादा audio ports उपलब्ध करवाते हैं. जो की पहले system में नहीं हुआ करते थे.

3. कुछ older systems/CPUs में, sound cards भी CPU का कुछ load अपने ऊपर ले जाते थे, जिसमें वो sound processing को handle करने के लिए CPU पर load नहीं डालते और खुद ही ये कर देते. वहीँ आजकल के modern hardware में ये अंतर को सच में notice करना भी कठिन है.

4. ये Shield करते हैं कोई electric interference से.
बहुत से high end sound cards सच में एक shield प्रदान करता है जिससे की दुसरे components से होने वाले electrical interference को रोका जा सकता है.

5. ज्यादा Accurate bass, sounds और directional audio प्रदान करता है.
अगर आप एक low-end onboard sound chip का इस्तमाल कर रहे हों, और फिर आप एक sound card का इस्तमाल करने लगे तब आपको इन दोनों का अंतर बखूबी दिखने लगेगी. क्यूंकि sound card में आपको ज्यादा clear audio, bass और sound सुनने को मिलेगा.

कंप्यूटर साउंड कार्ड हिंदी में

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख साउंड कार्ड क्या है (What is Sound Card in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को साउंड कार्ड क्यों यूज़ होता है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

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14 COMMENTS

  1. सर आपकी वेबसाइट बहुत अच्छी है और आपके आर्टिकल भी बहुत अच्छे होते है

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