सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं?

सॉफ्टवेयर के कितने प्रकार होते हैं? हर दिन हम बहुत से अलग अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर इस्तिमाल करते है. ये सभी software हमें हमारे कार्यों को सठिक रूप से करने में और साथ ही हमारी efficiency बढ़ाने के लिए काम आती हैं. जब हम अपना कम्प्यूटर शुरू करते हैं तब MS Windows हमारे सामने होता है, वहीं मोबाइल के खोलते ही Android OS सामने दिखायी पड़ता है. ऐसे ही बहुत से अलग अलग सॉफ़्ट्वेर का दैनिक हम उपयोग करते हैं. 

किसी के लिए भी इतने अलग अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर के बारे में समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, ख़ासकर उन लोगों के लिए जिन्हें की टेक्नॉलजी के बारे में उतनी जानकारी नहीं होती. इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम सॉफ्टवेयर के प्रकार को जानेंगे. इससे आपको इन्हें बेहतर रूप से समझने में सुविधा होगी. तो फिर चलिए शुरू करते हैं. 

सॉफ्टवेयर के प्रकार – Types of Software in Hindi

software ke prakar hindi

हमारे कार्य सैली को आसान करने के लिए और कम समय में करने के लिए इनको बनाया गया है. हर रोज उठते ही हम जरुर एक सॉफ्टवेयर का इस्तमाल करते हैं चाहे वो Whatsapp क्यों ना हो. अब ये मेरा लेख भी एक Browser software के माध्यम से ही पढ़ रहे हैं. चलिए अब सॉफ्टवेयर के तीन प्रकार के बारे में जानते हैं.

  • System Software
  • Application Software
  • Utility Software

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर

System Software वो Software होते हैं जो Computer के Background Process को सँभालता हैं. इसको system software इसलिए कहते हैं क्यूंकि ये System मतलब Computer को चलाने में मदद करत हैं. इनकी मदद से Computer दुसरे Components जैसे Hardware को Operate करने में सख्यम होता जाता है.

आप अपने Computer में जितने भी software install करते हैं वो सभी को यही Program चलाता है. ओर एक बात अगर computer में ये सिस्टम software नहीं होता तो आप कोई भी Application Software को चला नहीं सकते हैं.

जब कोई भी नया Computer ख़रीदा जाता है उसमे पहले System Software को install किया जाता है. जैसे Operating System (Windows 7, Windows 8, MAC, Unix, Android), Language Translator. यह Hardware और User application के बिच में Layer जैसे काम करता है. चलिए जानते हैं.

i. Operating System

OS यह एक System Software है, जो की user मतलब आप के और Computer Hardware के बिच में Interface जैसे काम करता है. इसको Computer का दिल भी कहते हैं. यह एक बहुत ही बड़ा प्रोग्राम है. जिसके कुछ उदाहरण है Windows, Linux and MacOS. Android Mobile Operating System है.

Market में कुछ गिने चुने IT Companies हैं जो इस प्रकार के SW Develop करती हैं. जैसे Microsoft, Apple और Google. अलग अलग प्रकार के OS हैं real time, distribute, embedded.

ii. Language Translators

assemblers, compilers और interpreters Language translators के Example हैं. इन Programs को Programming Languages के लिए बनाया गया है. EX- C, c++, java, cobol. Compiler को High Level Programming को Execute करने के लिए बनाया गया है.

यह पुरे Program को एक बार में Translate करता है. लेकिन Interpreter Direct translate करता है. Line by Line Code को Execute करता है.

iii. Common Utility Programs

इन Programs को खास तोर पे Computer Devices और Resources लिए बनाए गए हैं. इस Category में जो Programs होते हैं उनके नाम हैं Communication Tools और Disk Formatter.

ये Programs का जादा इस्तमाल Computer Infrastructure के Operations पे होता है. Virus Scanner Program भी एक Utility software का Example है. Trojan और दुसरे Virus से Protection देता है पुरे System

2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

Application software एक term होता है जिसका इस्तमाल उन softwares के लिए होता है जो की कोई specific काम करने के लिए बने होते हैं.

जैसे की आपको पता है System Software Background Process के उपर ज्यादा ध्यान देते है. किंतु वहीँ  Application software specific Task को Perform करते हैं. इनको Problem Solving Software भी कहते हैं. हमारे रोज मर्रा जिंदगी में होने वाले Problems के Solution Application sw द्वारा मिलते हैं.

ये हमारे Needs को पुरे करते हैं. ये सारे Software Operating System द्वारा चलते हैं. आपके computer के desktop पे जितने भी Software दिख रहे हैं वो सभी इस Category में आते हैं. इनको Apps भी बोला जाता है. इनको बस User अपने काम काज के लिए इस्तमाल करता है. इन सॉफ्टवेर को आपको install करने की आवश्यकता है. चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

i. Word Processors

Documents Creation के लिए इनका इस्तमाल किया जाता है. इस category में आने वाले sw का इस्तमाल ज्यादातर Office के काम काज के लिए किया जाते है. MS WORD इस Category का बहतरीन उदहारण है. जिसके जरिये हम document को Edit, Format, Print जैसे task आसानी से कर सकते हैं.

Word Processor Program, Office के काम काज को आसान से आसान और सरल बना दिए है. Documents को Digital Format में Store करने के साथ साथ किसीको भी भेजा भी जा सकते हैं.

ii. Database Software

इस Category के Software से Database को Create करने के लिए और Manage करने के लिए इस्तमाल किया जाता हैं. इनके जरिये Data और Information को हम आसानी से Manage कर सकते हैं. कभी ये software DBMS नाम से भी जाने जाते हैं. इनके कुछ Example हैं -MS Access, Foxpro, Qbase, Oracle and Sysbase.

iii. Multimedia software

इस Category के Software को अलग अलग Media के लिए इस्तमाल किया जाता है. Multimedia मतलब Audio, Video को play करने के लिए जो software होते हैं उन्हें Multimedia Software कहते हैं. Example- VLC, KM Player, Windows Player. Presentation के लिए MS-PowerPoint.

iv. Education and Reference Software

इस category में आने वाले Software को कुछ चीजों को effective तरीके से सिखाने के लिए students के लिए बनाए गए हैं. इनमे कुछ Tutorials Software भी हैं. इनको Academic Software भी कहते हैं. इनके कुछ Example हैं- Forever Growing Garden, ClueFinders titles, Delta Drawing,Fun School.Ultimate Math’s Invaders, My Amazing, 3D Indiana, Bodywork Voyager – Mission in Anatomy, Primal Pictures

v. Graphic software

इनको Graphics के लिए इस्तमाल किया जाता है. इसीलिए इनका नाम Graphics SW है. इन SW का इस्तमाल Visual Images को Edit करने के लिए किया जाता है. ख़ास कर Photo Editing में.

सबसे अच्छा Example है Adobe Photoshop, camtasia, ms paint, Corel. Computers में इनके लिए अलग से Graphics कार्ड की आवश्यकता होती है. इस sw की size भी ज्यादा होती है.

vi. Web Browser

Internet access करने के लिए जिन software’s का इस्तमाल होता है उन्हें Web Browser कहते हैं. WORLD WIDE WEB से files और Resources को access करने के लिए इस्तमाल होते हैं. अलग website से Web Pages को खोलने के लिए इनका इस्तमाल होता है.

यह एक लोक प्रिय Application Software है. Google CHROME, Internet explorer, Mozilla Firefox ये सभी सॉफ्टवेर इस category के sw में आते हैं.

कुछ ओर application SW के Example हैं Enterprise software, spreadsheet software, Information worker software, Simulation software, games.

3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

Utility software ऐसे softwares को कहा जाता है जो की आपको मदद करें आपके computer को manage, maintain और control करने में. वैसे Operating systems typically ऐसे बहुत से necessary tools पहले से ही pre-installed रखती है, लेकिन separate utility programs के मदद से ये आपको improved functionality प्रदान करती है.

Utility software अक्सर थोड़े technical होते हैं इसलिए इनका इस्तमाल केवल वही ठीक ढंग से कर सकते हैं जिन्हें की सही technical knowledge हो.

अगर आप अपने computer का इस्तमाल केवल e-mail करने के लिए, कुछ Internet browsing या कोई report type करने के लिए करते हैं तब शायद आपको इन utilities की ज्यादा जरुरत न पड़े.

वहीँ अगर आप एक avid computer user हो, तब इन utilities के इस्तमाल से आप अपने system को हमेशा top shape में रख सकते हैं. इसके अलावा ये आपकी समय और space दोनों की बचत कर सकता है.

सॉफ्टवेयर कैसे बनाएं

एक Computer Programmer या बहुत सारे कंप्यूटर Programmer मिलके Programming Language से Program लिख के software बनांते हैं. इन Software को बनाने के लिए आपको Programming Language के साथ साथ Algorithms, Software Enginnering का ख़ास ज्ञान होना चाहिए.

सॉफ्टवेयर के कितने भाग होते हैं?

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के तीन भाग होते हैं.
1) सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
2) अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर (Application Software)
3) प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर (Utility Software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाने के लिए प्रोग्राम को क्या जानना जरूरी होता है?

सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाने के लिए programming का ज्ञान होना जरूरी होता है. ऐसा इसलिए क्यूँकि सिस्टम सॉफ़्ट्वेर हो या दूसरा कोई सॉफ़्ट्वेर सभी का base प्रोग्रैमिंग ही होता है. ऐसे में यदि आपको थोड़ा बहुत प्रोग्रैमिंग मालूम है या आप इसे समझते हैं तब इससे आपको कोडिंग लिखने में आसानी होती है. 

फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का दूसरा नाम क्या है?

फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का दूसरा नाम Freeware होता है. इन फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का इस्तमाल आप बिलकुल ही मुफ़्त में कर सकते हैं.

आज आपने क्या सीखा?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख सॉफ्टवेयर के प्रकार जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को सॉफ्टवेयर कैसे बनाते है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह लेख सॉफ्टवेयर के मुख्य प्रकार में से सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

Previous articleiFun Screen Recorder से कंप्यूटर में स्क्रीन रिकॉर्डिंग कैसे करे?
Next articleफ्रिज का आविष्कार किसने किया?
नमस्कार दोस्तों, मैं Prabhanjan, HindiMe(हिन्दीमे) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Enginnering Graduate हूँ. मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे. :) #We HindiMe Team Support DIGITAL INDIA

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here