इंटरनेट की परिभाषा क्या है?

Internet ने विगत कुछ वर्षों में काफी लोकप्रियता हासिल कर ली है, वहीँ ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण means of communication के रूप में उभरा है. ये शब्द Internet निकला हुआ है दो शब्दों से जो की हैं Interconnection और Networks. लेकिन यहाँ पर समझने वाली बात ये है की क्या आप समझते हैं इन्टरनेट की परिभाषा को. क्यूंकि लोगों को Internet इस्तमाल करना तो आता है लेकिन वो इसका मतलब नहीं समझते हैं. ये तो फिर ऐसी बात हुई की आप खाना तो खाते हैं लेकिन क्या खाते है उनके विषय में आपको कोई जानकारी नहीं है.

वहीँ एक network असल में collection होता है दो या उससे ज्यादा computers का, जो की एक दुसरे के साथ information और resources share करते हैं. अब हम यदि Internet की बात करें तब ये worldwide system of computer networks जिसका मतलब है की Network of networks का होना.

इस Internet के माध्यम से computers और दुसरे communication devices आसानी से information का आदान प्रदान करते हैं information का और एक बड़े global audience के issues को लेकर उन्हें उनकी एक diverse perspective मिलती है उनके issues के लिए. ज्यादातर लोग इन्टरनेट का इस्तमाल emails send और receive करने के लिए इस्तमाल करते हैं या फिर net को browse करने के लिए information retrive करने के लिए.

यही सभी चीज़ों को देखते हुए मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को इंटरनेट का परिचय के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे आपको इन्टरनेट को और भी बेहतर रूप से समझने में आसानी होगी. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

इंटरनेट की सरल परिभाषा (Defination of Internet in Hindi)

Internet ki Paribhasha Hindi
कंप्यूटर की परिभाषा

इन्टरनेट एक ऐसा मायाजाल है Networks का जिससे की दुनियाभर के सभी computers को एक साथ एक ही network में जोड़ा जा सके. इन्टरनेट ऐसा एक जरिया है जिससे की किसी भी computer को हम किसी दुसरे computers के साथ जोड़ सकते हैं, फिर चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में स्तिथ क्यूँ न हो. इसलिए INTERNET को नेटवर्कों का नेटवर्क भी कहा जाता है.

इंटरनेट विश्व स्तर पर ऐसा जुड़ा नेटवर्क सिस्टम है जो की TCP/IP प्रोटोकॉल के उपयोग से एक कंप्यूटर से दूसरे कम्प्युटर के बीच विभिन्न प्रकार के मीडिया के माध्यम से सूचनाएँ, जानकारियाँ या डाटा (Data) का संचार या आदान-प्रदान के लिए उपयोग किया जाता है.“ इस नेटवर्क में कंप्यूटर सर्वर (Server) भी शामिल होते हैं.

इंटरनेट का अर्थ क्या है

आसान भाषा में कहा जाये तब internet एक globally connected network system होता है को की TCP/IP का इस्तमाल करता है data transmit करने के लिए अलग अलग प्रकार के media के माध्यम से. ये internet एक network होता है global exchanges का – जिसमें private, public, business, academic और government networks सभी शामिल हैं – वहीँ ये आपस में connected होते हैं guided, wireless और fiber-optic technologies के माध्यम से.

Internet और World Wide Web, ये दोनों ही शब्दों को अक्सर interchangeably ही इस्तमाल किया जाता है, यकीन असल में ये दोनों समान नहीं है. जहाँ internet refer करता है global communication system को, जिसमें hardware और infrastructure भी शामिल होते हैं, वहीँ web एक प्रकार की services को माना जाता है जिसे की internet के over communicate किया जाता है.

इंटरनेट का परिचय

Internet को define किया जा सकता है एक Information super Highway के तोर पर, जिससे की information access किया जा सकता है over the web. लेकिन इसे और भी बहुत से तरीकों से define किया जा सकता है, चलिए उन्ही के विषय में जानते हैं : –

1. Internet एक world-wide global system है interconnected computer networks का.

2. Internet इस्तमाल करता है standard Internet Protocol (TCP/IP) का.

3. प्रत्येक computer जो की internet पर मेह्जुद हैं उन्हें identify किया जाता है एक unique IP address के माध्यम से.

4. IP Address एक unique set of numbers (जैसे की 110.22.33.114) होता है जो की एक computer location को identify करता है.

5. एक special computer DNS (Domain Name Server) का इस्तमाल किया जाता है IP Address को नाम प्रदान करने के लिए, जिससे की एक user एक computer को उसके नाम से locate कर सके.

6. उदाहरण के लिए, एक DNS server resolve करती है एक website का नाम https://hindime.net को एक particular IP address में जिससे की ये पता चल सके की उस website को किस computer में host किया गया
है.

7. Internet की सुविधा दुनिभर के सभी users को accessible होती है.

इंटरनेट का उपयोग

Internet का concept सन 1969 से originate हो चूका है और इसमें बहुत से technological और Infrastructural changes भी किये जा चुके हैं, जिनके विषय में नीचे बताया गया है :

1. Internet का शुरुवात एक concept से हुई है जिसे की Advanced Research Project Agency Network (ARPANET) कहा जाता है.

2. ARPANET को develop United States Department के Defense के लिए किया गया था. जिसके लिए government ने एक special department की संरचना की थी.

3. वहीँ ARPANET का मुख्य काम था की Government के अलग अलग विभागों के बीच में communication प्रदान करना.

4. शुरुवाती दौर में, केवल चार ही nodes थे, जिसे की Hosts कहा जाता है.

5. वहीँ सन 1972 में, ARPANET धीरे धीरे पुरे दुनिया भर में फैल गया, जिससे अब करीब 23 nodes मेह्जुद हैं अलग अलग देशों में और उन्हें अब Internet के नाम से जाना जाता है.

6. बाद में नयी technologies के आ जाने से जैसे की TCP/IP protocols, DNS, WWW, browsers, scripting languages इत्यादि अब Internet के medium प्रदान कर रहा है creators के लिए content publish करने के लिए वहीँ viewers के उस content के information को access करने के लिए over the web.

इन्टरनेट के बारे में कुछ अनोखी बातें

जिस internet को आज हम देख रहे हैं जो इतनी तेजी से expand हो रही है की आप सोच भी नहीं सकते हैं. Internet की शुरुवात से ही, websites के number बहुत से तेजी से बढ़ गए हैं और साथ में web में stored data की मात्रा भी.

अभी हाल में ही Google के द्वारा किये गए survey से जो estimates और data सामने आई है वो सच में चौकाने वाली है Internet के विषय में.

चलिए कुछ ऐसे ही बातों के विषय में जानते हैं जिससे Internet की उत्पत्ति और अभी के परिस्तिथि के विषय में पता चले

1. Google के पूर्व report के अनुसार, internet में करीब 5 Million Terabytes की Data मेह्जुद थी सन 2010 में.
इसमें सबसे रोचक बात ये है की Google ने खुद कहा है की उन्होंने केवल 0.004% की data को ही index किया हुआ है सभी content जो की internet में present हैं उनमें से.

वहीँ October 14th, 2018, करीब 4.46 billion pages exist करते हैं internet में. जो की सच में बहुत ही बड़ी मात्रा है !

2. वहीँ October 2018 तक, Internet पर 1.9 billion websites से भी ज्यादा मेह्जुद हैं.
इस data के numbers को बढ़ाते हुए, 14th October 2018 तक, करीब 441 million Tumblr blogs मेह्जुद हैं web में. वहीँ 75.8 million blogs और business sites भी exist करते हैं WordPress में.

करीब 5 million blog posts से भी ज्यादा articles publish किये जाते हैं प्रत्येक single day में.

3. 95 million photos को प्रतिदिन upload किया जाता है Instagram में.
इसमें सबसे दुखद बात ये है की 70% से भी ज्यादा Instagram posts को कोई भी नहीं देखता है.

4. Internet users ने करीब 1 zettabyte bandwidth को अकेले 2016 में ही consume कर लिया था.
One Zettabyte का मतलब होता है एक हज़ार Exabytes, एक billion Terabytes, या एक trillion Gigabytes. अब आप सोच सकते हैं.

वहीँ Cisco के एक report के अनुसार साल 2021 तक, 82% की IP traffic केवल video ही होगी.

5. 7 Billion लोगों में से 4 Billion लोग दुनिया में पहले से ही Online मेह्जुद हैं.
InternetLiveStats (ILS) monitor करती है internet के active state को, और October 2018 में, करीब 4,045,421,895 users web में online active हैं. ये number आने वाले समय में और भी grow करने वाला है 2020 तक.

6. करीब 85,000+ websites प्रतिदिन hacked होते हैं.
WordPress और Joomla सबसे affected CMS (content management systems) हैं पुरे Internet में.

7. 5000 domain names से भी ज्यादा को प्रति घंटे register किया जाता है.
यदि हम इसे calculate करें तब करीबन 120,000 Domains को एक दिन में और 43 million domain names को साल भर में register किया जाता है. इसमें सबसे बड़ी जो अचंभित करने वाली बात ये है की इसमें से 75% से भी ज्यादा Domains को parked या not resolving के condition में रखा जाता है, यही कारण है की आपको अपने पसंद का .com domain name इतनी आसानी से नहीं प्राप्त होता है.

8. Facebook में सबसे ज्यादा करीब 2.234 Billion users मेह्जुद हैं.
Approximately 30% से भी ज्यादा दुनिया की आबादी Facebook पर हैं. ये social networking site में करीब 1.74 billion mobile active users थे Q3 2018 में.

Statistics के अनुसार 50% से भी ज्यादा Internet users 2020 तक Facebook इस्तमाल कर रहे होंगे.

9. सबसे पहला email भेजा गया था सन 1971 में.
यह email को भेजा था Ray Tomlinson (US programmer) जिसने की email system को invent किया था. यहाँ पर ये “@” symbol को इसलिए इस्तमाल किया जाता है ये signify करने के लिए की email को एक इन्सान के पास भेजा गया है और न की एक dumb machine (computer) के पास.

इसमें दुःख की बात ये है की उन्हें ये बिलकुल याद भी नहीं की उन्होंने क्या message exactly भेजा था.

10. 250 Billion emails को प्रतिदिन भेजा जाता है.
नहीं, ये shocking numbers इंसानों के द्वारा भेजा नहीं जाता है. बल्कि इसमें 81% से भी ज्यादा emails spam होते हैं जिन्हें की automated means के द्वारा भेजा जाता है. जिससे 200 billion spam emails प्रतिदिन भेजा जाता है.

सबसे पहला spam email को सन 1978 में भेजा गया था, यह एक advertisement था Digital Equipment Corporation के द्वारा DEC System 2020 के लिए. ये email 600 recipients को मिली थी, और उनमें से कोई भी इस पाकर खुस नहीं था.

11. दुनिया का सबसे पहला website अभी तक active और online है.
सबसे पहला website का नाम है info.cern.ch, और ये अभी तक online भी है. यह एक basic HTML site है, और इसके page में कुछ lines text के हैं. यह page को लिखा गया है first version of HTML के मदद से.

12. Garfield का cartoon एक समय में अपनी ही Email service offer करता था.
जी हाँ, Garfield, जो की एक cartoon character है वो एक समय में email service जिसका नाम है GMail.com offer करता था. बाद में Google ने इस service को acquire कर लिया और उन्होंने इसका नाम rename कर दिया Google Mail (GMail.com) जिसे की हम आज इस्तमाल करते हैं.

13. 400 Hours की video contents को प्रति minute में upload किया जाता है YouTube में.
जब तक आप इस paragraph को पूरा पढ़ लें तब तक शायद 1600+ hours की video content YouTube में upload हो चुकी होगी.

यदि हम user engagement की बात करें तो, यह massive video sharing site serves करती है करीब 1 Billion people से भी ज्यादा प्रति महीने. और एक average internet user करीब 10 hours प्रति महीने अपना समय YouTube के videos देखने में व्यतीत करता है.

14. करीब 7 Million apps मेह्जुस है Google Play और Apple App Store को अगर combine किया जाये तब.

सन 2016 में, Google Play Store ने करीब 75 Billion Downloads से ज्यादा receive किया था, वहीँ app store ने record किया था करीब 25 Billion downloads.

15. Internet पर करीब 80% से भी ज्यादा images नंगी लड़कियों और औरोतों का है.
पूरी internet ज्यादा नग्नता के ऊपर based है. कुछ research से ये बात सामने आई है.

  • 12% से भी ज्यादा existing websites online में NSFW के हैं.
  • प्रति तीन में से 1 download NSFW का ही होता है.
  • Sunday या कोई छुट्टी दिन में सबसे ज्यादा इन्हें देखा जाता है.
  • Online adult industry करीब 3000$ बनती है एक second में.

16. 51% से ज्यादा internet की traffic Fake है.
जहाँ हम इन्सान 49% ही entire traffic के लिए जिम्मेदार है; वहीँ बाकि की traffic बहुत से bots और spamming software से trigger होता है.

इससे एक बात तो सामने आता है की अगर इन bots और spamming software नहीं होते तब हमें आसानीसे faster connectivity जरुर से प्राप्त होती क्यूंकि ये ही अधिकतर bandwidth खा लेते हैं.

17. Internet को बस 4 years ही लगे अपना पहला 50 Million Users बनने में.
वहीँ Television को करीब 13 years लग गए. वहीँ radio को करीब 38 years लग गए उसी numbers of users तक पहुँचने के लिए. इससे आप Internet की popularity को देख सकते हैं.

18. 7 लोग ही हैं जो की पुरे Internet को control करते हैं.
जी आपने बिलकुल सही सुना है. ऐसे सात लोग है जिन्हें की assign किया गया है Internet Corporation for Assigned Names and Numbers (ICANN) जो की सात different keys hold करते हैं.
यदि कभी कुछ अनहोनी हो जाता है, तब ये सात लोग आपस में meet का Internet को पूरी तरह से restore कर सकते हैं.

वहीँ original key की seven copies होते हैं, in case यदि कोई कोई key misplace हो जाता है या कोई अनहोनी हो जाता है तब.

इन्टरनेट जानकारी हिंदी में (Internet Terms in Hindi )

यहाँ पर हम Internet से जुड़ी हुई कुछ technical terms के विषय में जानेंगे. जो की competitive exams में अक्सर पूछे जाते हैं.

WORLD WIDE WEB (WWW) क्या है?

यह एक ऐसा system है Internet Servers का जो की support करता है hypertext और multimedia को जिससे की बहुत से Internet Protocols को access किया जा सके एक single interface के द्वारा.

WWW का Full Form होता है World Wide Web. ये एक तरीका होता है information exchange करने का computers और Internet के बीच. ये कोशिश करता है की कैसे interactive multimedia resources के vast collection को एक ही जगह में tie किया जा सके. वहीँ ये केवल एक छोटा सा ही हिस्सा है Internet का लेकिन ये सबसे तेजी से grow करने वाला हिस्सा है Internet का.

WEB PAGE क्या है?

World Wide Web का backbone बना हुआ होता है file या documents से जिन्हें की pages या web pages कहा जाता है. इनमें सभी प्रकार की information और links होते है resources की दोनों text और multimedia की.

इसे बनाया गया होता है HTML (Hyper Text Markup Language) के इस्तमाल से. देखा जाये तो Web एक collection होता है बहुत से computer documents और web pages का जिन्हें की store किया गया होता है computers में पुरे दुनिया भर में और जिन्हें connect किया जाता है एक दुसरे के साथ hyperlinks के मदद से.

WEBSITE क्या है?

Web Pages का एक ऐसा group जो को समान theme को follow करते हैं और उन्हें एक दुसरे के साथ connect किया जाता है hyperlinks के मदद से, इन्हें ही Website कहा जाता है.

दूसरी भाषा में कहा जाये तब, एक website असल में एक collection होता है digital documents का primarily HTML files जो की एक दुसरे के साथ linked होते हैं और web में exist करते हैं एक समान domain के under.
एक website display करती है related information एक specific topic पर ही. प्रत्येक website को access किया जाता है उसकी अपनी ही address से जिसे की URL (Uniform Resource Locator) कहा जाता है.
उदहारण के लिए, https://hindime.net एक Website है, वहीँ https://hindime.net/category/internet एक Web page है.

Home Page क्या है?

Website के main या first page को Home Page कहा जाता है.

Web Portal क्या है?

यह एक Web page होता है जो की combine करता है useful information और links को.

WEB BROWSER क्या है?

यह एक ऐसा software application होता है जिसका इस्तमाल Internet में content को locate, retrieve और display करने के लिए इस्तमाल किया जाता है जैसे की web pages.

इन programs का इस्तमाल Internet को explore करने के लिए होता है. यह एक ऐसा interface होता है जो की एक computer user की मदद करता है Internet में स्तिथ contents के ऊपर access पाने के लिए.
हम अपने System में एक से ज्यादा Web Browser install कर सकते हैं.

WEB SERVER क्या है?

यह एक ऐसा computer program होता है जो की serve करता है requested HTML pages या files को Web Client से.

एक Web client असल में requesting program जो की users के साथ associated होता है. Web browser एक client होता है जो की request करता है HTML files Web Servers से.

प्रत्येक Web server जो की Internet से connected होता है वो एक unique address से associated होता है.

WEB ADDRESS AND URL क्या है?

Web एक collection होता है documents (web pages) का जिन्हें की store किया गया होता है दुनियाभर के computers में. वहीँ प्रत्येक web page की एक address होती है जो की ये describe करती है की कहाँ उस web page को पाया जा सकता है. यही address को Web Address या domain name कहा जाता है.

एक Web Address identify करता है एक specific web page का location internet में जैसे की https://hindime.net

वहीँ Web में, Web addresses को URLs कहा जाता है. ये Web address होता है एक Website या एक web page का. यहाँ पर URL specify करता है internet address एक file का जो की store हुआ होता है एक host computer में जो की internet के साथ connected होते हैं.

DOMAIN NAME क्या है?

यह एक text name होता है जो की एक numeric IP address एक computer का इन्टरनेट में, के स्थान में इस्तमाल होता है.

Internet Users आपके website को access करते हैं इसी domain name का इस्तमाल कर. यह एक तरीका होता है computers को identify और locate करने के लिए जो की Internet के साथ connected होते हैं. वहीँ ये जरुर से unique होना चाहिए.

Domain name में हमेशा दो या उससे ज्यादा हिस्से होते हैं, जिन्हें की अलग किया गया होता है dots के मदद से.
e.g: google.com, yahoo.com etc.

E-MAIL ADDRESS क्या है?

E-mail का full form होता है ‘Electronic Mail’. यह एक paperless तरीका होता है messages, notes, pictures यहाँ तक की video और sound files को भेजना का, वो भी Internet को एक माध्यम बनाकर.
यह एक individual name होता है, जिसका इस्तमाल email को send और receive करने के लिए होता है Internet में. इसका इस्तमाल एक email message का source और destination specify करने के लिए भी होता है.

E-mail Address का format होता है [email protected]

BLOGS क्या है?

एक blog असल में एक website या फिर एक web page ही होता है, जिसमें की एक individual article लिखकर publish करते हैं regular basis में.

Blog के contents को frequently लिखा जाता है और उन्हें एक chronological order में add भी किया जाता है जिससे की viewers को migrate करने में आसानी हो. इन्हें online ही लिखा जाता है जिससे की ये सभी को visible हो सके.

एक typical blog में text, images, videos, यहाँ तक की दुसरे blogs या websites के links भी उपस्तिथ होते हैं. वहीँ ऐसे media data जो की उस article से सम्बंधित हो.

Education में blogs को instructional resources के हिसाब से इस्तमाल किया जाता है. इन blogs को edublogs कहा जाता है. वहीँ आप किसी भी niche (category) में blog बना या पढ़ सकते हैं. अक्सर लोग blog ज्यादा पढना follow करते हैं Textbooks के स्थान पर. Blogs के entries को posts कहा जाता है.

NEWSGROUP क्या है?

Internet में आपको ऐसे में कुछ जगह मिलेंगे जो की पूरी तरह से devoted होते हैं discussion करने के लिए किसी एक specific topic पर उन्हें ही newsgroup कहा जाता है.

Newsgroup एक प्रकार का online discussion group होता है जो की allow करता है interaction electronic bulletin board system के माध्यम से और chat sessions में.

Internet को कौन Control करता है?

Internet को कोई एक organization govern नहीं करता है. बल्कि कुछ volunteer groups को बनाया गया है जिससे की वो help करे और coordinate करने में Internet के development के.
ये organizations कुछ इसप्रकार के हैं :

Internet Architecture Board (IAB)

यह एक technical advisory group है Internet Society की जिसका की काम ही होता है Internet की architecture की oversight प्रदान करना, वहीँ इसकी protocols और resources को manage करना.

Internet Engineering Task Force (IETF)

ये develop और maintain करता है Internet की Communication Protocols को.

Internet Research Task Force (IRTF)

इसका काम ही होता है की long-term research problems के तरफ ध्यान देना की आने वाले पांच से दस वर्षों में जो ज्यादा critical होने वाला है उसके ऊपर नज़र रखना.

Internet Network Information Center (InterNIC)

ये प्रदान करता है बहुत से registry services जो की Internet को चाहिए होता है effectively operate करने के लिए. .

World Wide Web Consortium (W3C)

ये develop करता है standards web के evolution के लिए.

Internet Society (ISOC)

ये ज्यादा concern होता है Internet के growth और evolution के लिए और किस तरह से Internet का बेहतर इस्तमाल हो सकता है.

Internet Connection के प्रकार

वैसे तो Internet Connection के बहुत से प्रकार होते हैं, लेकिन यहाँ तीन महत्वपूर्ण internet connection के प्रकार के विषय में जानेंगे.

1. Dial-up Connection

यह एक temporary connection होता है जिसे की आपके computer और ISP server के बीच में set-up किया जाता है.

Dial-up connection में telephone line (Public Switched Telephone Network- PSTN) और Modem का इस्तमाल होता है Internet के साथ connect होने के लिए.
इसमें modem connect होती है computer के साथ standard phone lines के माध्यम से जो की data transfer medium का काम करते हैं.

जब एक user initiate करता है एक dial-up connection तब user को password भी enter करना होता है और साथ में एक username भी specify करना होता है और Modem dial करता है एक phone number किसी एक Internet Service Provider (ISP) का जिसे की designate किया गया होता है dial-up calls receive करने के लिए .

फिर ISP connection को establish करती है जिसमें करीब 10 sec का समय लग जाता ही है और साथ में beeping और buzzing sounds भी होती है.

2. Broadband Connection

Broadband का मतलब होता है high-speed internet access जो की हमेशा ON होता है और बहुत ही faster होता है traditional dial-up access की तुलना में.

ये short form होता है broadband width का जो की इस्तमाल करता है एक telephone line का internet के साथ connect होने के लिए. वहीँ broadband connection की speed को Mbps (Megabits per second) में measure किया जाता है.

Broadband access allow करता है Users को Internet के साथ connect होने में वो भी greater speed में standard 256 Kbps (Kilobits per second) modem या dial-up access की तुलना में. वहीँ broadband access पाने के लिए आपको broadband modem की जरुरत होती है.

Broadband में ऐसे बहुत से high-speed transmission technologies भी included होते हैं जैसे की : –

Digital Subscriber Line (DSL)

ये एक popular broadband connection होता है जो की internet access प्रदान करता है digital data को local telephone network में transmit कर. ये मेह्जुदा copper telephone lines का इस्तमाल करता है Internet access के लिए.

एक special modem की जरुरत होती है एक DSL service को standard phoneline के over इस्तमाल करने के लिए.

DSL के Faster Forms जो की typically available होते हैं businesses के लिए : –

High Data Rate Digital Subscriber Line (HDSL)
Very High Data Rate Digital Subscriber Line (VHDSL)
Asymmetrical Digital Subscriber Line (ADSL)
Symmetrical Digital Subscriber Line (SDSL)

Cable Modem

ये serive enable करती है cable operators को broadband प्रदान करने के लिए वही समान co-axial cables का इस्तमाल कर जो की आपके टीवी set में picture और sound deliver करती है.

एक cable model को add किया जा सकता है या integrate भी किया जा सकता है एक set-top box में जो की प्रदान करता है आपके TV set में इस्तमाल होता है उसे Internet access के लिए. ये प्रदान करते हैं transmission speed 1.5 Mbps या उससे ज्यादा.

Broadband over Power Line (BPL)

इसमें broadband की delivery मेह्जुदा low और medium voltage electric power distribution network में की जाती है. इसकी speed comparable होती है DSL और Cable Medium के speed के साथ.
BPL को बड़ी ही आसानी से प्रदान की जाती है घरों को मेह्जुदा electrical connection और outlets के इस्तमाल से.

इसे Power Band भी कहा जाता है. BPL उन जगहों के लिए बहुत बढ़िया है जहाँ की broadband connection मेह्जुद नहीं होती है लेकिन power infrastructure होती है. उदाहरण के लिए rural इलाकों में.

3. Wireless Connection

Wireless broadband connect करती है एक घर या business को Internet के साथ radio link के माध्यम से customer’s location और service provider’s facility को एक दुसरे के साथ.
Wireless broadband या तो mobile हो सकती है या फिर fixed. DSL और Cable के विपरीत इन्हें न हो modem और न ही cables की जरुरत होती है.

Devices जो की एक दुसरे के साथ wireless internet connection से जुड़े हुए होते हैं उनकी Internet connection को distance का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है, न ही उनकी rate of transfer में कोई गिरावट दिखाई पड़ती है.

कुछ तरीकें जिससे की Internet को wirelessly connect किया जा सके : –

Wireless Fidelity (Wi-Fi)

यह एक universal wireless networking technology होती है जो की radio frequencies का इस्तमाल करती है data transfer करने के लिए.
Wi-Fi allows करती है high-speed Internet connections बिना किसी cable या wires का इस्तमाल हुए ही.

Wi-Fi networks को design किया जा सकता है private access के लिए सिर्फ अपने घर या business के लिए.
वहीँ इनका इस्तमाल Public Internet Access के तोर पर भी किया जा सकता है. जैसे की Hot Spots जो की offer करते हैं wi-fi access जिनका इस्तमाल होता है resturants, coffe shops, hotels इत्यादि में.

Worldwide Interoperability for Microwave Access (WiMAX)

अभी के समय में ये एक बहुत ही hottest broadband wireless technology मानी जाती है.

ये Broadband Wireless Access (BWA) आसानी से करीब 31 miles (45 Km) तक Internet प्रदान कर सकती है fixed station के लिए, वहीँ mobile station के लिए करीब 5 से 15 km तक.

WiMAX, ये operate करती है Wi-Fi के जैसे ही लेकिन इसमें काफी higher speed और ज्यादा distance cover करने की क्ष्य्मता होती है. इसका इस्तमाल ऐसे जगहों में हो सकता है जहाँ की wired infrastructure का होना बहुत ही कठिन है. वहीं ये traditional wired infrastructure की physical limitation को दूर करने में सक्षम होती है.

Mobile Wireless Broadband Services

ये services धीरे धीरे mobile telephone service providers और दूसरों से भी available हो रहा है. ये services generally ज्यादा appropriate होते हैं उन mobile customers के लिए जिनके पास एक special PC card होती है जिसमें की buil-in antenna होती है जिसे की आप user के laptop computer में plug कर सकते हैं.

Generally, ये बहुती ही कम speed प्रदान करता है जिसकी range कुछ 100 Kbps में होती हैं.

इन Connection Types की Advantages और disadvantages

अलग अलग Connection types

Dial-up Internet Connection

Advantages
(a) ये Easily available होते हैं.
(b) ये बहुत ही कम cost में Available होते हैं.
(c) इनका इस्तमाल fixed या cellular phone में किया जा सकता है.

Disadvantages
(a) ये Slower होते हैं broadband की तुलना में.
(b) इसमें expensive set-up की जरुरत होती है.
(c) Phone ज्यादातर busy होता है.

Broadband Internet Connection

Advantages
(a) Telephone का इस्तमाल Internet connection के साथ किया जा सकता है.
(b) ये Faster होते हैं एक dial-up connection की तुलना में.
(c) ये हमेशा on type का connection होता है.

Disadvantages
(a) ये Dial-Up के तुलना में Expensive होता है.
(b) ये सभी जगहों में available नहीं हो सकता है.
(c) इसे भी expensive set-up की जरुरत होती है.

Wireless Internet Connection

Advantages
(a) इसमें कोई भी phone line की जरुरत ही नहीं होती है.
(b) Easy और inexpensive होता है set-up करना.
(c) इसकी कोई भी limitation नहीं होती है location की.
(d) इसमें Connectivity कभी भी एक problem नहीं होती.

Disadvantages
(a) Vulnerable होती है.
(b) ज्यादा secured नहीं होती है.
(c) इसमें Limited security mechanisms होती है.
(d) इसकी एक Medical disadvantage यह है की ये आपको cancer करा सकती है.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख इंटरनेट की परिभाषा (Defination of Internet in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को इंटरनेट का परिचय के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह post Internet की परिभाषा क्या होता है हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

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