कोरोना वायरस क्या है और इससे से बचने के उपाय

कोरोना वायरस क्या है? इससे बचने के उपाय क्या है? कोरोना के लक्षण क्या है? ऐसे कई सवालों का सामना आप में अधिकतर लोग कर रहे होंगे. हाल ही में ही Coronavirus का कहर पुरे दुनिया भर में एक खौफ़ का वातावरण बनाये हुए हैं. चीन में शुरू हुआ कोरोना वायरस अब के समय में करीब 15 से भी ज्यादा देशों में व्याप्त हो चूका है. वहीँ चूँकि ये पूरी तरह से एक नया virus है जिसका इलाज अभी तक तैयार नहीं किया गया है.

ऐसे में सावधानी बरतनी ही सबसे मुख्य और एक मात्र तरीका नज़र आ रहा है जो की हमें इस भयानक बीमारी से दूर रख सके. हमारे इस website में आपको Coronavirus in Hindi से सम्बंधित पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी. इस नए virus की outbreak सबसे पहले 31 December 2019 को Wuhan, China में report किया गया था. इस Virus का नाम रहा गया है novel coronavirus (2019-nCoV).

WHO (World Health Organization) पूरी तरह से कार्य कर रही है global experts, governments और दुसरे partners के साथ जिससे की इस नयी Virus के विषय में ज्यादा से जायदा पता किया जा सकें और साथ में इसका इलाज भी जल्द किया जा सके. वहीँ इसके साथ सभी देशों और लोगों को जागरुक करने का काम भी कर रही है जिससे की इस Virus से सही तरीके से फैलने से रोका जा सके. इसलिए मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी प्रदान की जाये जिससे की आगे चलकर आपको किसी दुसरे को इस विषय में पूछने की जरुरत ही नहीं और साथ में आप भी औरों को जागरूक कर सकते हैं.

कोरोना वायरस क्या है – What is Coronavirus in Hindi

Coronavirus Kya Hai Hindi
कोरोना वायरस फोटो

Coronaviruses एक ऐसा परिवार है viruses का जो की mammals (स्थनधारी) और पक्षियों में काफी भयानक रोग फैलाते हैं. वहीँ अब ये इंसानों में भी फैलने लगे हैं वो भी via airborne droplets के जरिये, जिसे की infected इन्सान के द्वारा पैदा किया गया होता है. एक पूरी ही नयी प्रजाति, जिसका नाम है 2019 novel coronavirus ने China से respiratory illness की शुरुवात की हुई है.

कोरोना वायरस प्रभाव लोगो के मन में बहुत डर पैदा कर रहा है. कुछ काफी rare लेकिन notable strains, जिसमें की Wuhan coronavirus (2019-nCoV) शामिल है, उससे ये लोगों में severe acute respiratory syndrome (SARS) और Middle East respiratory syndrome (MERS) जैसे रोग उत्पन्न करने के कारक है. इससे इंसानों की मृत्यु भी हो रही है.

कोरोना वायरस का इतिहास

Coronavirus का इतिहास काफी पुराना है. इसकी शुरुवात सन 1960 से हुई थी. Coronavirus का नाम उसके distinctive corona या ‘crown‘ के तरह दृश्यमान sugary-proteins से मिली है, जो की project करता है एक envelope की तरह surrounding वो भी particle के चारों और. इस virus की make-up की encoding सबसे लम्बी genome है किसी भी RNA-based virus की तुलना में – एक single strand की nucleic acid roughly 26,000 से लेकर 32,000 bases लम्बी होती है. अभीतक कोरोना वायरस भारत में नहीं पाया गया है.

Coronavirus Genuses के प्रकार

इस Coronavirus Genuses की परिवार में मुख्य रूप से चार genuses शामिल हैं. इस Coronavirus Genuses परिवार की बात करें तब इसमें शामिल है Alphacoronavirus, Betacoronavirus, Gammacoronavirus, और Deltacoronavirus.

इसमें पहले दो केवल infect करते हैं mammals, जिनमें शामिल हैं चमकादड, सूअर, बिल्ली और इन्सान भी. Gammacoronavirus मुख्य रूप से infect करता है पक्ष्यों को जैसे की poultry, वहीँ Deltacoronavirus infect करता है दोनों पक्ष्यों को और mammals को भी.

2019 Novel Coronavirus के फैलने का कारण क्या है?

वैसे तो इस virus के फैलने का कोई ठोश जानकारी उपलभ्द नहीं है, लेकिन कुछ सूत्रों से बात सामने आई है की 2019 novel coronavirus, जिसे की 2019-nCoV भी कहा जाता है, ये एक इन्सान से दुसरे को फैला है. वहीँ इस बारे में पुख्ता जानकारी अभी भी मेह्जुद नहीं है.

Jan. 30 2020 को, World Health Organization ने पूरी दुनिभर में ये ऐलान कर दिया है की 2019 novel coronavirus की outbreak एक public health emergency है सभी इंसानों के लिए.

कोरोना वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस के लक्षण

Coronaviruses के symptoms के बारे में जानना बहुत ही जरुरी है क्यूंकि इससे ही आप सही रोग पता लगा सकते हैं. वहीँ इस बीमारी के symptoms हम इंसानों में और जानवरों में अलग अलग होती है.

इंसानों की बात करें तब, 2019 novel coronavirus मुख्य रूप से viral pneumonia पैदा करता है, जिसके symptoms के बारे में नीचे लिखा गया है :

  • Cough या कफ
  • Fever या बुखार होना
  • साँस लेने में तकलीफ
  • कुछ rare cases में, इसमें मरीज को severe respiratory problems (सांस लेने के तकलीफ), kidney failure या मौत भी हो सकती है.

अगर आपने खुद में या किसी दुसरे इन्सान में ये symptoms देखें हैं जो की हाल फिलहाल Wuhan, China होकर आया हुआ है पिछले 14 दिनों के भीतर, तब ऐसे में आपको अपने निकटवर्ती health care provider से जरुर संपर्क कर लेनी चाहिए.

Wuhan Coronavirus (2019-nCoV) क्या है और कब पाया गया?

Wuhan coronavirus को सबसे पहले identify किया गया था Chinese city Wuhan में वो भी सन 2019 में. वहीँ इस virus से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती ही जा रही है. सापों को इस virus के फैलने का मुख्य कारण माना जाता है.

Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS-CoV) क्या है और कब पाया गया?

SARS को सबसे पहले recognize किया गया था एक distinct strain के तोर पर coronavirus की सन 2003 में. इस virus का source आज तक भी clear नहीं हो पाया, वहीँ इस virus से पीड़ित पहला human infection को trace back किया गया Chinese province Guangdong में सन 2002 में.

यह virus ने काफी खौफ पैदा किया था, आंकड़े के हिसाब से इसने करीब 8,000 लोगों को infect किया था. वहीँ इससे 26 देशों में करीब 800 मौत के cases सामने आये.

Middle East Respiratory Syndrome (MERS-CoV) क्या है और कब पाया गया?

MERS को सबसे पहले identify किया गया था Saudi Arabia में सन 2012 में, जिसमें की लोगों में कुछ ऐसे symptoms दिखाई पड़े जैसे fever, cough, shortness of breath और कई cases में gastrointestinal problems जैसे की diarrhea भी. इस virus का असली source आज तक भी खोजा जा नहीं पाया है. इस virus से करीब 2500 case पूरी दुनिभर में पाए गए, जिसमें 860 लोगों की मृत्यु सामने आई.

2019 नोबेल कोरोना वायरस की ऊष्मायन अवधि कितनी होती है?

इस virus से पीड़ित लोगों में symptoms करीब 14 दिनों के भीतर ही दिखाई पड़ जाती है जब उनका शरीर इस virus के exposure में आता है.

2019 नोबेल कोरोना वायरस के पीड़ितों को कैसे निदान किया जाता है?

इस बीमारी की diagnosis थोड़ी difficult हो सकती है, वहीँ इसके लिए केवल एक physical exam करना पड़ता है. क्यूंकि इस नए coronavirus की mild cases में ज्यादा कुछ पता नहीं चलता है, वहीँ ये बस एक flu या शर्दी खासी के तरह ही प्रतीत होता है. एक laboratory test से ही इसकी diagnosis को confirm किया जाता है.

2019 नोबेल कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की इलाज कैसे की जाती है?

अभी के समय में इस नए coronavirus से पीड़ित लोगों की कोई specific treatment उपलब्ध नहीं है. पीड़ितों को supportive measures के साथ treatment किया जाता है : जिनमें की इस प्रकार के symptoms दिखाई पड़ते हैं.

क्या 2019 नोबेल कोरोना वायरस से जान जा सकती है?

अभी तक के समय में यानि की Feb 04, 2020 तक, करीब 180 deaths के cases सामने आ चुकी की जो की इस virus से पीड़ित थे.

कोरोना वायरस से बचने के उपाय

वैसे तो अभी के समय में ऐसी कोई vaccine उपलब्ध नहीं है जिससे की आप खुको 2019-nCoV infection से बचा सकते हैं. ऐसे में बेहतर इसी में है की आप खुदको इस बीमारी से दूर रखो और इस virus के संपर्क में आने से दूर रहो.

CDC (Centers for Disease Control and Prevention) ने कुछ ऐसी तरीकों के बारे में बताया हुआ है जिससे की आप खुदको इस virus के संपर्क से दूर रख सकते हैं. चलिए कोरोना वायरस से बचाव के विषय में चर्चा करते हैं.

  1. अपने हाथों को अच्छे से साबुन और पानी से धोएं करीब 20 seconds तक .वहीँ आपको ऐसे alcohol-based hand sanitizer का इस्तमाल करना चाहिए जिसमें की at least 60% alcohol मेह्जुद हो अगर आपके पास soap और पानी उपलब्ध न हो तब.
  2. अपने आँखों, नाक और मुहं को बिना धुले हुए हाथों से न छुएँ.
  3. पीड़ितों के close contact में आने से खुद को रोकें.
  4. यदि आप बीमार हैं तब ऐसे में घर पर ही रहें.
  5. अपने cough या छींक को एक tissue या रुमाल से ढकें, वहीँ tissue को कूड़ेदान में ही फेकें.
  6. अक्सर छुए जाने वाले चीज़ों को साफ़ रखें.

ये कुछ ऐसी आदतें है जो की आपको इस virus के फैलने से रोकने में मदद करती है.

कोरोना वायरस का इलाज

वैसे तो इस 2019-nCoV infection का कोई specific इलाज उपलभ्द नहीं है अभी के समय में. वहीँ जो भी लोग इस virus से पीड़ित हैं उन्हें सही hospitals में भरती कर देनी चाहिए.

वहीँ जिन लोगों को लगता है की वो इस virus के संपर्क में आ चुके हैं उन्हें जल्द से जल्द अपने निकटवर्ती healthcare provider से संपर्क करनी चहिये.

कोरोना प्रभाव क्या है?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख कोरोना वायरस क्या है (What is Coronavirus in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को कोरोना वायरस लक्षण के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह post कोरोना वायरस का इलाज पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये.

7 COMMENTS

  1. Thank you for this post! Coronavirus Bahut Hi Teezi Se India Me Bhi Fail Raha Hai Jiska Asar Sabse Jada Baccho Pe Ho Raha Hai. Par Agar Hum Kuch Savdhani Barte To Hum Sab Bach Sakte Hai. Mai Dekh Rahi Thi Ki Isse Kaise Apne Aap Ko Bachaya Jaye. TO Mujhe Ye Ek Video Mila Jo Ki Baccho Ke Liye Bhi Bahut Hi Zaroori Hai Aur Bacche Darenge Bhi Nahi Is Virus Se.

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