Programing क्या है और इसके प्रकार

क्या आप जानते हैं कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्या है (What is Programming in Hindi)? यह एक ऐसा procedure होता है जिससे की computer को instruction प्रदान किया जाता है कोई task करने के लिए. यदि आपको इसके विषय में कोई भी जानकारी नहीं है तब में कहूँगा की आपने बिलकुल सही स्थान में आयें है क्यूँकी आज में इस article Programming क्या है के माध्यम से आपको programming से सम्बंधित सभी जानकारी प्रदान करने वाला हूँ. इसलिए मेरी आपसे गुजारिस है की इस लेख को पूरी तरह से पढ़ें जिससे आपके सभी concepts clear हो जायेंगे.

इसे ठीक से समझने के लिए हमें पहले programming languages को समझना होगा क्यूंकि प्रोग्रामिंग का मूल ही ये languages होती हैं. हम इन languages का इस्तमाल कर उन्हें कुछ specific tasks करने के लिए कहते हैं. देखा जाये तो Computer या कोई machines की सभी कार्यों के लिए हम programming languages का इस्तमाल करते हैं. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है और इसके प्रकार? के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे आपको इस topic को समझने में आसानी हो. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की प्रोग्रामिंग क्या होती है हिंदी में.

अनुक्रम

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्या है (What is Programming in Hindi)

Computer Programming Kya Hai Hindi

Computer programming languages हमें (users) को allow करती हैं computer को instructions देने के लिए किसी ऐसे language में जिसे की computer समझता हो. जैसे की हम इंसानों के बीच इतने variety की human-based languages मेह्जुद हैं, ठीक वैसे ही Computer programming languages की भी बहुत सारे प्रकार हैं जिससे की वो computer के साथ communicate करते हैं. ये बात शायद आप भी जानते हो की language की जिस हिस्से को computer समझता है उसे “binary” कहते हैं. Programming language को binary में जो convert किया जाता है उसे ही “compiling” कहते हैं. सभी language, चाहे वो C Language या Python, सभी की अपनी ही distinct features होती हैं, वैसे इसके साथ इनमें बहुत से commonalities भी होती हैं.

ये languages computers को allow करते हैं quickly और efficiently बड़े process और complex information को handle करने के लिए.

Programming Languages की Classification

इसलिए ये बहुत ही जरुरी है की आप Basic Programming languages के classification को समझे.

Programming languages को broadly तीन Categories में classify किया जाता है:

1. MACHINE LANGUAGES

ये language Computer Hardware के सबसे निकट होते हैं. प्रत्येक unique computer की एक unique machine language होती है. एक machine language program बनी होती है series of binary patterns (e.g., 010011100) से जो की represent करती है simple operations जिन्हें की computer आसानी से accomplish कर सकता है (उदाहरण के लिए, दो operands को add करना, data को एक memory location में move करना इत्यादि).

Machine language programs executable होते हैं, जिसका मतलब है की उन्हें आसानी से directly run किया जा सकता है. Machine Language में अगर program लिखना चाहता है तब ऐसा कर सकता है लेकिन इसके लिए programmer को बहुत से binary codes को memorize करना होगा जो की एक इन्सान के पक्ष में बहुत ही ज्यादा कठिन होता है.

2. ASSEMBLY LANGUAGES

इसे लाने का एक ही मकसद था की कैसे इंसानों के लिए programming आसान बनायीं जाये. इसमें machine language instructions को replaced कर दिया गया simple pneumonic abbreviations (जैसे की, ADD, MOV) के इस्तमाल से. इसलिए assembly languages भी unique होते हैं एक specific computer (machine) के लिए.

इसमें execution के पूर्व, एक assembly language program में translation की जरुरत होती है machine language में. इस translation को पूर्ण किया जाता है एक computer program के द्वारा जिसे की Assembler कहते हैं. Assemblers सभी unique machine language के लिए लिखा जाता है.

3. HIGH-LEVEL LANGUAGES

High-level languages, जैसे की C, C++, JAVA इत्यादि, ये सभी English-जैसे जान पड़ते हैं, इसलिए ये programmers के लिए आसान हो जाते हैं programming language के हिसाब से “सोचने” के लिए. High-level languages में ही translation की जरुरत होती है machine language में execution के पूर्व. ये translation accomplish किया जाता है ये तो एक compiler या फिर एक interpreter के द्वारा. Compilers translate करते हैं पूरा source code program execution के पहले. (Eg: C++, Java)

Interpreters translate करते हैं source code programs को एक line एक समय में. (Eg: Python) देखा जाये तो Interpreters ज्यादा interactive होते हैं compilers की तुलना में.

सभी प्रोग्रामिंग भाषा की एक List

Different languages के अलग अलग purpose होते हैं, इसलिए सभी अलग अलग languages के विषय में जानना बहुत ही जरुरी होता है, चलिए कुछ types के विषय में जानते हैं: –

1.  Machine languages, ये directly interpret किये जाते हैं hardware के द्वारा.

2.  Assembly languages, ये वो thin wrappers होते हैं एक corresponding machine language के ऊपर.

3.  High-level languages, ये सभी machine-independent होते हैं.

4.  System languages, इन्हें design किया गया है low-level tasks को लिखने के लिए, जैसे की memory और process management.

5.  Scripting languages, ये generally extremely high-level और powerful होते हैं.

6.  Domain-specific languages, इनका इस्तमाल highly special-purpose areas only में ही किया जाता है

7.  Visual languages, ये non-text based languages होते हैं.

8.  Esoteric languages, ये इस्तमाल के लिए नहीं होते हैं लेकिन ये बहुत ही interesting, funny, और educational होते हैं कुछ दिशाओं में.

ये types mutually exclusive नहीं होते हैं: Perl दोनों high-level और scripting होती है; C को दोनों high-level और system consider किया जाता है.

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार

यदि आप को एक basic ढंग से overally में देखना है तब programming language के दो प्रकार होते हैं:-

1. Low level
2. High level

Low level उसे कहते हैं जिसे की केवल machine समझता है, ये minor, easy और fast conversions होते हैं, क्यूंकि computer इन भाषा (0 और 1) को समझता है. Assembly Language जो की low level होती है, उसे आसानी से machine language में convert किया जा सकता है assembler की मदद से.

वहीँ High level उसे कहते हैं जिसे की इंसानों द्वारा समझा जाता है और इसे english language में लिखा जाता है, और machine को इसे अपने language में convert करना होता है. ( C Language एक high level language होता है और इसे compilers की जरुरत होती है conversions के लिए)

वैसे computer को कुछ functions की जरुरत होती है high level language को low level language में convert करने के लिए, जैसे की compiler, interpreter इत्यादि.

Programming Language की Characteristics क्या है

चलिए programming languages की कुछ characteristics के विषय में जानते हैं जो की एक बेहतर programming language में होने चाहिए.

1.  एक programming language बहुत ही simple, सीखने में आसान और इस्तमाल करने में भी, साथ में इसकी अच्छी readability और इंसानों द्वारा आसानी से recognizable होनी चाहिए.

2.  Abstraction एक अनिवार्य Characteristics होनी चाहिए किसी भी programming language की, जिसमें आसानी से complex structure को define कर पाने की ability होनी चाहिए और साथ में इसकी degree of usability भी सहज होनी चाहिए.

3.  एक portable programming language को हमेशा सभी के द्वारा prefer किया जाता है.

4.  Programming language की efficiency बहुत ही high होनी चाहिए जिससे इसे आसानी से एक machine code में convert किया जा सकता है और executed भी. साथ में ये कम space की खपत करता है memory में.

5.  एक programming language को हमेशा well structured और documented होना चाहिए जिससे की ज्यादा suitable हो application development में.

6.  जरुरत के सभी necessary tools चाहे वो development के लिए, debugging, testing, या फिर program के maintenance के लिए सभी को एक programming language के द्वारा ही प्रदान करना चाहिए.

7.  एक programming language single environment जिसे की Integrated Development Environment(IDE) कहा जाता है प्रदान करना चाहिए.

8.  एक programming language बहुत ही consistent होनी चाहिए in terms of syntax और semantics.

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के विषय में पूरी जानकारी

वैसे तो अभी इस्तमाल किये जाने वाली programming languages की list बहुत ही लम्बी है. लेकिन मैंने सभी महत्वपूर्ण programming languages के संपर्क में नीचे कुछ जानकारी देने की कोशिश करी है जिससे आपको पहले ये तो पता चल सके की आखिर में ये programming languages क्या है, इसकी उपयोगिता कहाँ पर होती है और इन्हें आपको सीखना चाहिए या नहीं.

Python की पूरी जानकारी

Python एक advanced programming language है जिसे की interpreted, object-oriented और built किया गया एक flexible और robust semantics में.

Python का इस्तमाल कौन करता है?

1.  Professions और Industries:

  • Python developers, software engineers, back-end developers, Python programmers
  • इसे दुसरे employers के द्वारा भी इस्तमाल किया जाता है जैसे की information technology, engineering, professional services और design.

2.  Major Organizations जहाँ Python का इस्तमाल होता है: Google, Pinterest, Instagram, YouTube, DropBox, NASA, ESRI

3.  Specializations और Industries जो की Python का पूर्ण इस्तमाल करते हैं: Web और Internet development (frameworks, micro-frameworks और advanced content management systems) में, scientific और numeric computing; desktop graphical user interfaces (GUIs) इत्यादि में.

Python सीखना इतना जरुरी क्यूँ होता है?

Python आपको मदद करता है बहुत ही quickly काम करने के लिए Systems को integrate करने के लिए एक scripting या glue language के हिसाब से. साथ में ये बहुत ही उपयोगी होता है Rapid Application Develop (RAD) में.

  • •  बहुत से Games की पूरी inner logic इसी के ऊपर आधारित होती है, साथ में इसके साथ AI को भी implement किया जाता है.
  • •  NASA भी Python का इस्तमाल अपने Integrated Planning System में करता है एक standard scripting language के हिसाब से.

Python के Features

1.  ये बहुत ही Simple होता है learn करने के लिए और read करने के लिए भी.

2.  इसमें Associated web frameworks होते हैं जिससे बहुत से web-based applications को develop किया जा सकता है.

3.  Free interpreter और standard library available होते हैं source या binary में major platforms के लिए.

Python की शुरुवात कब और कहाँ से हुई?

Python को developed किया गया late 1980s में CWI, Netherlands में और साथ में इसे first release किया गया public में सन 1991 में.

JAVA की पूरी जानकारी

Java एक general-purpose, object-oriented, high-level programming language होता है जिसमें बहुत से ऐसी features भी होती हैं जो की ideal बनाती है web-based development के लिए.

JAVA का इस्तमाल कौन करता है?

•  Professions और Industries:
o  Software engineers, Java developers
o  इसे ज्यादातर employers के द्वारा इस्तमाल किया जाता है जो की अलग अलग field से होते हैं जैसे की communications, education, finance, health sciences, hospitality, retail और utilities.

• Java इस्तमाल करने वाले major organizations: V2COM, Eclipse Information Technologies, eBay, Eurotech

• इनका ज्यादा कहाँ पर इस्तमाल किया जाता है: इन्हें ज्यादा इस्तमाल Specializations और Industries में किया जाता है, साथ में Internet of Things (IoT), Enterprise Architecture, Cloud Computing इत्यादि में इनके बहुत ज्यादा applications हैं.

Programmers को JAVA क्यूँ सीखनी जरुरी होती है

Java का इस्तमाल मुख्य रूप से enterprise-level applications develop करने के लिए किया जाता है, साथ में video games और mobile apps, और JSP (Java Server Pages) से web-based applications को create करने के लिए किया जाता है. जब इसका इस्तमाल online में किया जाता है, तब Java allow करता है applets को download करने में और उन्हें एक browser के माध्यम से इस्तमाल करने के लिए, जिससे एक function को perform किया जा सकता है जो की normally available नहीं होता है.

•  Programs जिन्हें की Java में लिखा गया है या इस्तमाल किया जाता है उनमें ये मुख्य हैं: – Adobe Creative Suite, Eclipse, Lotus Notes, Minecraft और OpenOffice.

•  Java एक core foundation होती है Android Apps को develop करने के लिए.

Java की Features क्या है

  • Application portability होती है
  • Robust और interpreted language होती है
  • इसकी बहुत ही extensive network library होती है.

JAVA की शुरुवात कहाँ से हुई थी?

Originally इसे Oak कहा जाता है, Java को सबसे पहले develop सन 1990 में Sun Microsystems के द्वारा किया गया था, जिसका मूल उद्देश्य था C++ language में कुछ capabilites को add किया जा सके. Java को develop एक basic principle को ध्यान में रखकर किया गया था जो की है WORA (Write Once Run Anywhere) मतलब की एक बार लिखो और कहीं भी इस्तमाल करो. इस language को public के सामने सन 1995 में introduced किया गया और इसे अब Oracle own करता है.

HTML (HyperText Markup Language) की पूरी जानकारी

HTML एक standard markup language होता है किसे की Web Pages create करने के लिए इस्तमाल किया जाता है; ये ensure करता है proper formatting text और images (tags के इस्तमाल से) जिससे की Internet browsers उन्हें display करें जैसे की वो चाहते हैं उन्हें दिखना.

HTML का इस्तमाल कौन करता है?

• Professions और Industries:

  • Web developers, technical editors, email designers, software engineers
  • इन्हें इस्तमाल किया जाता है employers के द्वारा Information Technology, Engineering, Design, Professional Services, Management, Marketing, Customer Services और Sales में.

• Major Organizations जहाँ इन्हें इस्तमाल किया जाता है: Apple, CyberCoders, Apex Systems, CareerBuilder

• Specializations और Industries जहाँ HTML का सबसे ज्यादा इस्तमाल होता है: Web Development, Email Programming

HTML सिखना इतना जरुरी क्यूँ होता है?

HTML का इस्तमाल electronic documents (pages) को create करना और Online display करना. आप चाहें तो कोई भी page देख सकते हैं और आप HTML को action में देख सकते हैं.
अभी के sites की बात करें तब इनकी diversity और complexity की structure और appearance को HTML के द्वारा मुमकिन किया जा सकता है.

Features क्या हैं

  • o इसे सीखना बहुत ही आसान होता है.
  • o ये Free और accessible होता है.
  • o ये Multiple versions में available भी होता है.

HTML की शुरुवात कब और कहाँ से हुई?

HTML को create किया गया physicist Tim Berners-Lee के द्वारा सन 1990 में जो की scientists को allow करता है online documents share करने के लिए. इससे पहले सभी communication को भेजा जाता था plain text में ही. HTML ने “rich” text को होना possible किया (i.e. text formatting और visual images).

JavaScript की पूरी जानकारी

JavaScript एक client-side programming language होती है जो की एक client browser के भीतर run करती है और process करती है commands एक computer में न की एक server में. इसे commonly place किया जाता है एक HTML या ASP file में. इसके नाम में भले ही Java हो लेकिन ये किसी भी तरह से JAVA से related नहीं है.

JavaScript का इस्तमाल कौन करता है?

•  Professions और Industries:
o JavaScript developers, Web developers, software engineers
o इसे employers इस्तमाल करते हैं Information Technology, Engineering, Design, Marketing, Finance और Healthcare industries में.

•  Major Organizations जहाँ से इस्तमाल होता है: WordPress, Soundcloud, Khan Academy, Linkedin, Groupon, Yahoo और कई ऐसे.

•  Specializations और Industries जहाँ की JavaScript का सबसे ज्यादा इस्तमाल होता है: Front End Website Development, Gaming Development इत्यादि में.

JavaScript सिखना इतना जरुरी क्यूँ होता है?

JavaScript का इस्तमाल मुख्यरूप से Web development में होता है various pages elements को manipulate करने के लिए और उन्हें ज्यादा dynamic बनाने के लिए, इसमें scrolling abilities को include करने के लिए, time और date को print करने के लिए, एक Calender को create करने के लिए और दुसरे ऐसे tasks जो की plain HTML के द्वारा possible नहीं होते हैं. इसका इस्तमाल games और APIs को create करने के लिए भी होता है.

•  JavaScript की Features क्या हैं:
o  इसके Basic features को सीखना बहुत ही आसान होता है.
o  Multiple frameworks होते हैं.
o  Users बड़ी आसानी से reference ले सकते हैं JQuery की, जो की एक comprehensive Javascript library होती है.

JavaScript की शुरुवात कम और किसने की थी?

JavaScript को designed किया था Netscape ने और इसका original नाम था LiveScript, जो की बाद में JavaScript बना सन 1995 में.

C Language की पूरी जानकारी

C Language एक structure-oriented, middle-level programming language होता है जिसे की mostly low-level applications develop करने के लिए इस्तमाल किया जाता है.

इसका इस्तमाल कौन करता है?

•  Professions और Industries:
o इसे प्रायतः Software developers, computer engineers, business and systems analysts, IT और Web content administrators, embedded software engineers इस्तमाल करते हैं.
o इसे दुसरे domain के employers बी इस्तमाल करते हैं जैसे की Information Technology, Engineering, Management, Healthcare और Professional Services

•  Major Organizations जो इसका इस्तमाल करते हैं: Microsoft, Apple, Oracle, Cisco, Raytheon

•  Specializations और Industries जहाँ C Language को ज्यादा इस्तमाल किया जाता है: Embedded Systems, Systems Programming, Artificial Intelligence, Industrial Automation, Computer Graphics, Space Research, Image Processing और Game Programming में.

C Language को सीखना क्यूँ जरुरी होता है?

C Language का इस्तमाल systems applications को develop करने के लिए होता है, जिन्हें की दुसरे operating system के साथ integrate करने के लिए किया जाता है जैसे की Windows, UNIX और Linux, साथ ही embedded softwares भी. Applications में graphics packages, word processors, spreadsheets, operating system development, database systems, compilers, assemblers, network drivers और interpreters का इस्तमाल होता है.

•  Facebook की TAO systems को पूरी तरीके से C language से ही program किया गया है.

•  ज्यादातर device drivers को develop करने के लिए C Language का इस्तमाल किया जाता है.

•  C language की Features:

  • इसे सीखना बहुत ही Simple होती है ; क्यूंकि इसमें केवल 32 keywords ही होते हैं master करने के लिए.
  • इसका इस्तमाल करके systems programs लिखने बहुत ही आसान होता है जैसे की compilers और interpreters
  • ये एक Foundational language होता है beginners के लिए.

C Language को कब और कहाँ शुरू किया था?

C Language को developed किया गया सन 1972 में Bell Labs में. इसे मुख्य रूप से UNIX System में implement करने के लिए ही बनाया गया था. बाद में ये eventually बहुत ही advanced programming languages, जैसे की C++, Java C#, JavaScript और Pearl को जन्म दिया.

C++ की पूरी जानकारी

C++ एक general purpose, object-oriented, middle-level programming language होती है और ये एक extension होती है C language की, इसलिए इस language को C Style में code करना possible होता है. कुछ situations में, coding को किसी format में किया जा सकता है, जिससे ये C++ को एक hybrid language बनाता है.

C++ का इस्तमाल कौन करता है?

•  Professions और Industries:
o C++ software engineers, C++ software developers, embedded engineers, programmer analysts के द्वारा इस्तमाल किया जाता है.
o इसे बहुत से अलग अलग field के employers के द्वारा इस्तमाल किया जाता है जैसे की Information Technology, Engineering, Professional Services, Design, Quality Control और Management

•  Major Company और Organization Users: बहुत से Orgainization जैसे की Google, Mozilla, Firefox, Winamp, Adobe Software, Amazon, Lockheed Martin में इनका ज्यादा इस्तमाल होता है.

•  Specializations: इनका इस्तमाल System/Application Software, Drivers, Client-Server Applications, Embedded Firmware में भी होता है.

C++ को सीखना क्यूँ जरुरी होता है?

C++ language को इस्तमाल किया जाता है computer programs को create करने के लिए और packaged software को, जैसे की games, office applications, graphics, video editors और operating systems.

•  Blackberry OS को पूरी तरह से C++ का इस्तमाल कर develop किया गया है.

•  साथ में नया Microsoft Office suite को भी C++ से ही develop किया गया है.

•  C++ के Features क्या हैं:
o यही वो पहला programming language होता है जिसे की college level में पढाया जाता है.
o Quick processing और compilation mechanism होती है.
o इसकी Robust standard library (STL) होती है.

C++ को कब और कहाँ शुरू किया था?

इसे सन 1983 में release किया गया और इसे अक्सर एक object-oriented version माना जाता है C language का, C++ को created किया जाता है lean, efficient code को compile करने के लिए किया जाता है वहीँ ये high-level abstractions प्रदान करता है बेहतर रूप से large development projects को manage करने के लिए.

PHP (Hypertext Preprocessor) की पूरी जानकारी

PHP एक open-source scripting language है जिसे की design किया गया dynamic web pages को create करने के लिए जो की effectively work कर सकें databases के साथ. It is also used as a general-purpose programming language.

PHP का इस्तमाल कौन करता है?

•  Professions और Industries:
o PHP developers, PHP software engineers
o इसे दुसरे industries में भी इस्तमाल किया जाता है जैसे की Information Technology, Engineering, Design, Professional Services, Healthcare, Management और Finance

•  Major Organizations जो इसका इस्तमाल करते हैं: Facebook, Yahoo, CyberCoders, NextGen

•  Specializations जहाँ PHP को सबसे ज्यादा इस्तमाल किया जाता है: Web Application Development, Server-Side Scripting, Command Line Scripting

PHP को सीखना इतना ज्यादा जरुरी क्यूँ होता है?

PHP को primarily dynamic data-heavy websites के साथ इस्तमाल किया जाता है form data को collect करने के लिए. इसे app development में भी इस्तमाल किया जाता है dynamic page content generate करने के लिए.

•  PHP एक हिस्सा है LAMP platform का जिसका इस्तमाल Facebook और Yahoo में होता है.

•  Platforms जैसे की Joomla, WordPress और Drupal में PHP language का इस्तमाल होता है.

•  PHP की Features क्या हैं:
o इसे सीखना बहुत ही आसान होता है (इतना simple की बस कुछ codes HTML में embedded किया जाता है )
o Free और opensource होता है.
o इसे सभी major operating systems और web servers में उपयोग किया जा सकता है.

PHP की शुरुवात कब और किसने किया?

PHP को release सन 1995 में एक server-side scripting language के तोर पर किया गया, जिसे की processed किया गया server में जिससे वो एक website बन सके plain HTML में.

SQL (Structured Query Language) की पूरी जानकारी

SQL एक database query language (यह एक development language नहीं होता है) होता है जो की allow करता है Content को database में adding करना, accessing करना और उन्हें ठीक ढंग से manage करना. यह एक ऐसा language होता है जो की allow करता है programmers को एक common acronym CRUD (Create; Read; Update; Delete) perform करने के लिए एक database में.

SQL का कौन इस्तमाल करता है?

•  Professions और Industries:
o  SQL server developers, database testers, software developers, database administrators
o  इसे बहुत से अलग industries में भी इस्तमाल किया जाता है जैसे की Information Technology, Engineering, Design, Management, Professional Servers, Business और Finance

•  Major Organizations जहाँ इनका इस्तमाल किया जाता है: SQL का इस्तमाल बहुत से companies और organizations के द्वारा data को gather करने के लिए किया जाता है. इसमें कई शामिल हैं जैसे की Robert Half Technology, Nigel Frank, CyberCoders और UnitedHealthcare इत्यादि.

•  Specializations जहाँ की SQL का सबसे ज्यादा इस्तमाल होता है: Data Analysis और Big Data Mining में.

SQL सीखना क्यूँ ज्यादा जरुरी होता है?

SQL interact करता है backend database के साथ web application में. इसे “de facto standard” database language भी कहा जाता है, जिसे की एक conjunction के हिसाब से दुसरे programming language के साथ इस्तमाल किया जाता है. SQL programs को implement किया जाता है एक तरीके से businesses और organizations में जिससे databases में stored information को access और manipulate किया जा सकता है.

•  Relational database management systems जिसमें SQL का इस्तमाल होता है उसमें MySQL (by Oracle), Sybase, Microsoft SQL Server और दुसरे भी होते हैं.

•  SQL के Features क्या हैं:
o इसकी Syntax बहुत ही Simple होते हैं.
o ये Free होता है और आसानी से accessible होते हैं.

SQL की शुरुवात कब और किसने की थी?

SQL को develop किया गया IBM Research Center में सब 1974 में और इसका original नाम था SEQUEL. इसका सबसे पहला commercial version ORACLE के द्वारा introduced किया गया सन 1979 में.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्या है (What is Programming in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को प्रोग्रामिंग क्या है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. यदि आपको यह post प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.

3 COMMENTS

  1. Ye to aapne bahut acchi jankari provide ki wo bhi hindi language me kyoki aamtaur par hame content english me dekhne ko milta hai

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